Spain 3º ESO Music
अध्याय: 3
1. Listening and perception
Sound, silence and active listening · Analysing musical and dance works · Voices and instruments · Composers and performers · Concerts and live music · Gender roles in music · Digital tools for listening · Finding reliable music information · Audience etiquette
- संगीत रसास्वादन: संगीत को कैसे सुनें और समझें – संगीत रसास्वादन (music appreciation) का मतलब है ध्यान से सुनना, संगीत में क्या हो रहा है यह पहचानना, और उसके बारे में बात कर पाना। हर रचना कुछ तत्वों से बनती है: पिच और धुन, लय और गति (टेम्पो), गतिकी (धीमा-तेज़), ध्वनि-रंग (टिम्बर), बनावट (कितनी परतें) और रूप (रचना की योजना)। ये शब्द जानकर तुम किसी भी संस्कृति का संगीत – सिम्फनी, राग या फ़िल्मी गाना – आपस में तुलना कर सकते हो और बता सकते हो कि तुम्हें वह क्यों पसंद है।
- वाद्य यंत्र (Musical Instruments) – हर वाद्य किसी चीज़ में कंपन कराता है: तार, हवा का स्तंभ, तनी खाल, ठोस वस्तु या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और स्पीकर। हम वाद्यों को इसी से बाँटते हैं कि क्या काँपता है: तत (तार), सुषिर (हवा), अवनद्ध (खाल), घन (ठोस) और इलेक्ट्रॉनिक। छोटा, कसा या पतला हिस्सा ऊँचा स्वर देता है। हर वाद्य का अपना टिम्बर (स्वर का रंग) होता है क्योंकि वह हार्मोनिक्स का अपना मिश्रण जोड़ता है। ऑर्केस्ट्रा या बैंड में वाद्य मिलकर समृद्ध रंग बनाते हैं।
- संगीत का इतिहास: चैंट से पॉप तक – संगीत लेखन से भी पुराना है। हर संस्कृति ने अपना संगीत बनाया, अक्सर सुनकर सीखा गया, जैसे भारतीय राग, अफ़्रीकी ढोल और गमेलन। पाश्चात्य परंपरा के मुख्य युग हैं: मध्यकाल (चैंट, लगभग 500–1400), पुनर्जागरण (पॉलीफ़ोनी, 1400–1600), बारोक (1600–1750), क्लासिकल (1750–1820), रोमांटिक (1820–1910) और 20वीं सदी से आज (जैज़, रिकॉर्डिंग, फ़िल्म, पॉप, इलेक्ट्रॉनिक)। हर युग ने टेक्सचर (एक साथ कितनी रेखाएँ), समूह का आकार और समाज में संगीत की जगह बदली।
- संगीत और राजनीति: गीत संदेश कैसे ले जाते हैं – गीत राजनीतिक संदेश ले जा सकते हैं क्योंकि उनमें धुन, शब्द और ताल मिलते हैं, और उन्हें फैलाना और साथ गाना आसान होता है। 1800 के दशक में राष्ट्रगानों और मज़दूर गीतों ने देश और आंदोलन बनाने में मदद की। 20वीं सदी में लोक, रेगे, अफ़्रोबीट और रैप विरोध की आवाज़ बने। सरकारें भी अपनी तारीफ़ के लिए गीत इस्तेमाल करती हैं (प्रचार) और नापसंद गीतों पर रोक लगाती हैं (सेंसरशिप)। दोहराता कोरस, बुलावा-जवाब, मार्च की ताल और सीधे शब्द भीड़ को जोड़ते हैं। संगीत में रूढ़ियाँ भी हैं, जैसे कौन-सा वाद्य कौन बजाए, और इन पर सवाल उठाया जा सकता है।
- संगीत प्रौद्योगिकी: आवाज़ से डिजिटल संगीत तक – संगीत प्रौद्योगिकी आवाज़ को संकेतों और संख्याओं में बदलती है, जिन्हें हम रिकॉर्ड, संपादित और साझा कर सकते हैं। माइक हवा के कंपन को वोल्टेज में बदलता है; ऑडियो इंटरफ़ेस उसे हर सेकंड हज़ारों बार नापता है (सैंपल रेट) और हर नाप को संख्या में रखता है (बिट डेप्थ)। DAW में ऑडियो और MIDI ट्रैक सजते हैं, और मिक्सिंग में हर ट्रैक का वॉल्यूम, पैन और इफ़ेक्ट तय होता है।
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
2. Performance, improvisation and stage creation
Reading scores · Basic music theory · Heritage music and stage genres · Performance repertoire · Performance techniques · Improvisation · Music and audiovisual projects · Intellectual property in music · Digital music creation tools · Behaviour in music activities
- संगीत स्वरलिपि: संगीत पढ़ना और लिखना – स्वरलिपि संगीत को लिखती है ताकि दूसरे उसे बजा सकें। स्टाफ़ स्वरलिपि में पाँच रेखाएँ हैं: स्वर जितना ऊपर, उतना ऊँचा सुर; क्लेफ़ रेखाओं के नाम बताता है। स्वर का आकार बताता है वह कितनी देर चलेगा (पूर्ण = 4 बीट, अर्ध = 2, चौथाई = 1, आठवाँ = ½)। 4/4 जैसा ताल चिह्न हर बार की बीट बताता है। शार्प और फ़्लैट सुर ऊँचा-नीचा करते हैं, और सप्तक (स्केल), अंतराल और कॉर्ड इन्हीं स्वरों से बनते हैं। भारतीय सरगम, टैब और कोरियाई जियोंगगानबो भी यही बातें अलग ढंग से लिखते हैं।
- संगीत सिद्धांत की मूल बातें: संगीत की भाषा – संगीत सिद्धांत बताता है कि संगीत कैसे बनता है। तारत्व (पिच) बताता है कि स्वर कितना ऊँचा या नीचा है; सात स्वरों के नाम हर सप्तक में दोहराते हैं, जहाँ आवृत्ति दोगुनी हो जाती है। लय बताती है कि स्थिर बीट पर आवाज़ें समय में कैसे रखी जाती हैं; लंबाई बीट में गिनी जाती है और टाइम सिग्नेचर उन्हें बार में बाँटता है। स्केल क़दमों के क्रम पर चलते हैं (मेजर: T T S T T T S), और कॉर्ड पहला, तीसरा, पाँचवाँ जैसे स्वर साथ रखते हैं। गतिकी, टेम्पो, ध्वनि-रंग, बुनावट और रूप संगीत के बाक़ी तत्व हैं।
- संगीत का इतिहास: चैंट से पॉप तक – संगीत लेखन से भी पुराना है। हर संस्कृति ने अपना संगीत बनाया, अक्सर सुनकर सीखा गया, जैसे भारतीय राग, अफ़्रीकी ढोल और गमेलन। पाश्चात्य परंपरा के मुख्य युग हैं: मध्यकाल (चैंट, लगभग 500–1400), पुनर्जागरण (पॉलीफ़ोनी, 1400–1600), बारोक (1600–1750), क्लासिकल (1750–1820), रोमांटिक (1820–1910) और 20वीं सदी से आज (जैज़, रिकॉर्डिंग, फ़िल्म, पॉप, इलेक्ट्रॉनिक)। हर युग ने टेक्सचर (एक साथ कितनी रेखाएँ), समूह का आकार और समाज में संगीत की जगह बदली।
- संगीत प्रस्तुति (Music Performance): एकल और समूह में – संगीत प्रस्तुति यानी श्रोताओं के सामने कोई रचना बजाना या गाना। अच्छी प्रस्तुति में शुद्धता (सही सुर, सही लय), एक-सी ताल (टेम्पो), भाव दिखाने के लिए डायनेमिक्स और फ़्रेज़िंग, और शैली के अनुसार वादन होता है। समूह में कलाकार एक-दूसरे को सुनते हैं, आवाज़ का संतुलन रखते हैं और इशारों पर चलते हैं। अच्छी तैयारी = धीमा, सही रियाज़, छोटे टुकड़ों में, फिर गति बढ़ाना और दूसरों को सुनाना।
- संगीत रचना: छोटे-से विचार से पूरी धुन कैसे बने – रचना (composing) मतलब छोटे विचारों से संगीत बनाना। एक मोटिफ़ (कुछ स्वर) से शुरू करो। उसे दोहराव, सीक्वेंस (वही आकार ऊपर या नीचे) और बदलाव (लय बदलो, उल्टा करो) से बढ़ाओ। नीचे सुरसंगति रखो: I, IV, V, I जैसे कॉर्ड, और अंत में कैडेंस। बनावट चुनो (अकेली धुन, कॉर्ड के साथ धुन, या कई धुनें एक साथ)। पूरे टुकड़े को A B A या मुखड़ा-अंतरा जैसे रूप में ढालो। तात्कालिक रचना (improvisation) मौके पर रचना है। ब्रीफ़ बताता है मक़सद, लंबाई और वाद्य।
- डेटा सुरक्षा और बौद्धिक संपदा अधिकार – बौद्धिक संपदा (IP) मन की रचना है, जैसे कहानी, गीत, प्रोग्राम, आविष्कार या लोगो। बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) निर्माता को उसके उपयोग पर नियंत्रण देते हैं। कॉपीराइट रचनात्मक कार्य (लेख, संगीत, कला, सॉफ़्टवेयर कोड) को बनते ही अपने-आप बचाता है; पेटेंट नए, उपयोगी आविष्कार को लगभग 20 साल बचाता है और इसके लिए आवेदन करना पड़ता है; ट्रेडमार्क ब्रांड नाम, लोगो और नारे बचाता है। साहित्यिक चोरी दूसरे का काम बिना श्रेय अपना बताना है। उल्लंघन सुरक्षित IP को बिना अनुमति इस्तेमाल करना है। सार्वजनिक लाइसेंस से निर्माता अपनी शर्तों पर साझा करते हैं: रचनात्मक कार्यों के लिए क्रिएटिव कॉमन्स (BY, SA, NC, ND), और सॉफ़्टवेयर के लिए GPL (कॉपीलेफ़्ट: बदला संस्करण खुला रहे) और Apache (उदार: नोटिस रखकर बंद उत्पाद में भी)।
- संगीत प्रौद्योगिकी: आवाज़ से डिजिटल संगीत तक – संगीत प्रौद्योगिकी आवाज़ को संकेतों और संख्याओं में बदलती है, जिन्हें हम रिकॉर्ड, संपादित और साझा कर सकते हैं। माइक हवा के कंपन को वोल्टेज में बदलता है; ऑडियो इंटरफ़ेस उसे हर सेकंड हज़ारों बार नापता है (सैंपल रेट) और हर नाप को संख्या में रखता है (बिट डेप्थ)। DAW में ऑडियो और MIDI ट्रैक सजते हैं, और मिक्सिंग में हर ट्रैक का वॉल्यूम, पैन और इफ़ेक्ट तय होता है।
3. Contexts and cultures
History of Western music and dance · Traditional music of Spain · World music traditions · Popular and urban music · Music in media
- पश्चिमी शास्त्रीय संगीत (1650–1910): बारोक, क्लासिकल और रोमांटिक – 1650 से 1910 तक पश्चिमी कला-संगीत तीन युगों से गुज़रा। बारोक (1650–1750) में छोटा तार-वाद्य समूह, हार्पसीकॉर्ड का कंटिन्यूओ, अचानक बदलती आवाज़ और कॉन्चेर्टो व फ़्यूग जैसे रूप थे। क्लासिकल (1750–1820) में बड़ा ऑर्केस्ट्रा, संतुलित वाक्य, धीरे-धीरे बढ़ती आवाज़ और सोनाटा रूप आया। रोमांटिक (1820–1910) में विशाल ऑर्केस्ट्रा, बहुत चौड़े डायनामिक्स, रुबातो और गहरी निजी या राष्ट्रीय भावना आई, और पियानो सितारा बन गया।
- लोकप्रिय संगीत: पॉप, रॉक और अर्बन गाने कैसे बनते हैं – लोकप्रिय संगीत बहुत सारे लोगों के लिए बना संगीत है, जो रेडियो, रिकॉर्ड, टीवी और इंटरनेट से फैलता है। बैंड परतों में बजता है: ड्रम और बेस रिदम सेक्शन बनाते हैं, गिटार और कीबोर्ड कॉर्ड बजाते हैं, आवाज़ धुन गाती है। ज़्यादातर गाने 4/4 ताल में होते हैं, 2 और 4 पर बैकबीट, वर्स-कोरस ढाँचा और एक याद रहने वाला हुक या रिफ़। शैलियाँ एक-दूसरे से बनीं: ब्लूज़-जैज़, रॉक एंड रोल, रॉक-पॉप, डिस्को-पंक, हिप-हॉप और इलेक्ट्रॉनिक डांस संगीत, साथ में रेगे, के-पॉप और बॉलीवुड।
- फ़िल्म संगीत और मीडिया के लिए संगीत – मीडिया का संगीत फ़िल्म, टीवी, विज्ञापन और वीडियो गेम में तस्वीरों और कहानी का साथ देने के लिए बनता है। यह डाइजेटिक (पात्र सुन सकें) या नॉन-डाइजेटिक (सिर्फ़ दर्शक सुनें) हो सकता है। संगीतकार पात्रों के लिए लाइटमोटिफ़, हरकत पर हिट पॉइंट, और टेम्पो, सुर, स्वर-संगति, वाद्य और आवाज़ से मूड बनाते हैं। गेम संगीत अक्सर अनुकूल (adaptive) होता है।