राजनीति में संगीत इतना ताकतवर क्यों है
राजनीति यानी ताकत और समाज कैसे चले, इसके फ़ैसले। संगीत इन पर विचार ले जा सकता है।
- याद रहता है। धुन से शब्द दिमाग़ में बैठ जाते हैं।
- मिलकर गाया जाता है। साथ गाने से समूह एक लगता है।
- भावनाएँ जगाता है। गर्व, ग़ुस्सा, उम्मीद या दुख जल्दी आते हैं।
- फैलता है। गीत ज़ुबान, रेडियो और अब इंटरनेट से फैलता है।
19वीं सदी के राजनीतिक गीत
1800 के दशक में कई लोग अपना देश या बेहतर अधिकार चाहते थे। गीतों ने मदद की।
- राष्ट्रगान: फ़्रांस का ला मार्सेयेज़ (1792 में लिखा) 1800 के दशक में यूरोप की कई क्रांतियों में गाया गया। कई देशों ने इसी सदी में अपने राष्ट्रगान चुने।
- मज़दूर गीत: 'द इंटरनेशनल' (शब्द 1871, धुन 1888) दुनिया भर के मज़दूर आंदोलनों का गीत बना।
- आज़ादी के गीत: भारत में बंकिम चंद्र का वंदे मातरम् (1870 का दशक) स्वतंत्रता आंदोलन की पुकार बना; दक्षिण अफ़्रीका का 'न्कोसी सिकेलेल इआफ़्रिका' (1897) बाद में रंगभेद-विरोधी संघर्ष का गीत बना।
- संगीतकारों ने लोक-धुनों से राष्ट्रीय गर्व वाला संगीत भी लिखा (जैसे इटली में वेर्दी, बोहेमिया में स्मेताना)।
लोक, रेगे और रैप में विरोध गीत
विरोध गीत किसी अन्याय की आलोचना करता है और बदलाव माँगता है।
- लोक (1960 का दशक): गिटार, आसान धुन, कहानी कहते कई अंतरे। अमेरिका के नागरिक अधिकार आंदोलन में We Shall Overcome गाया गया। चिली में 'नुएवा कांसियोन' के गायकों ने ग़रीब मज़दूरों पर गाया।
- रेगे और अफ़्रोबीट (1970 का दशक): जमैका के रेगे की ऑफ़-बीट ताल ने आज़ादी और अधिकारों के गीत दिए (बॉब मार्ली का Get Up, Stand Up)। नाइजीरिया में फ़ेला कुटी के अफ़्रोबीट ने भ्रष्टाचार की तीखी आलोचना की।
- रैप (1980 के बाद): बीट पर बोली गई तुकबंदी, पहले अमेरिकी शहरों से। Fight the Power जैसे गीतों ने नस्लवाद पर बात की। आज भारत समेत कई देशों में रैपर रोज़गार, जाति, लिंग और शहर की ज़िंदगी पर रैप करते हैं।
शासकों की तारीफ़ या आलोचना करने वाले गीत; सेंसरशिप
संगीत की एक ही ताकत दो दिशाओं में जा सकती है।
- प्रचार (propaganda): सरकार के कहने या बढ़ावा देने से बने गीत जो नेता या पार्टी की तारीफ़ करें। 20वीं सदी की तानाशाहियों ने रैलियों और रेडियो पर मार्च और समूह-गीत इस्तेमाल किए।
- विरोध (protest): शासकों या क़ानूनों की आलोचना करने वाले गीत।
- सेंसरशिप: गीतों पर रोक, रेडियो पर बजने से रोकना या संगीतकारों को सज़ा। कुछ संगीतकार जेल गए या देश छोड़ने पर मजबूर हुए।
राजनीतिक गीत को परखने के लिए पूछो: किसने बनाया? किसके लिए? सुनने वाले क्या महसूस करें और क्या करें? फ़ायदा किसका?
संदेश ले जाने वाले संगीत के औज़ार
- दोहराता कोरस: छोटी पंक्ति जो बार-बार लौटे ताकि सब जुड़ सकें।
- बुलावा-जवाब (call and response): एक गाता है, भीड़ जवाब देती है।
- मार्च की ताल: 2 या 4 की सधी धड़कन, साथ चलने के लिए अच्छी।
- सीधे शब्द और नारे: समझने और पुकारने में आसान।
- मेजर स्केल, ऊपर जाती धुन अक्सर उम्मीद भरी लगती है; माइनर स्केल, धीमी लय उदास या गंभीर लग सकती है।
- उधार की धुन: जानी-पहचानी धुन पर नए शब्द।
राजनीतिक गीत गाना
कक्षा में गाओ तो: पहले उसका संदर्भ जानो, शब्द साफ़ बोलो, ताल सधी रखो, और बात करो कि गीत का मतलब क्या है और तुम सहमत हो या नहीं।
संगीत और नृत्य में मिथक और रूढ़ियाँ
रूढ़ि (stereotype) किसी समूह के बारे में बँधा हुआ, बहुत सरल विचार है। संगीत में कई हैं:
- "ड्रम और इलेक्ट्रिक गिटार लड़कों के लिए; बाँसुरी और हार्प लड़कियों के लिए।"
- "लड़के नहीं नाचते।" "औरतें बड़ी संगीतकार या कंडक्टर नहीं बन सकतीं।"
- "सिर्फ़ कुछ देश गंभीर संगीत बनाते हैं।"
ये बातें सच नहीं। सदियों तक कई महिला संगीतकारों को छपने या मंच पर आने ही नहीं दिया गया; आज महिलाएँ ऑर्केस्ट्रा चलाती हैं और हर वाद्य बजाती हैं, और पुरुष बड़े नर्तक हैं। गीतों के बोल और वीडियो भी रूढ़ियाँ दोहरा सकते हैं, इसलिए ध्यान से सुनो।
खुद करो: 3D में और घर पर
3D के आख़िरी स्टेप में पहले एक औज़ार चालू करो, फिर दो, फिर चारों। कौन-सा औज़ार सबसे ज़्यादा लोग जोड़ता है? घर पर कोई संदेश वाला गीत चुनो। लिखो: किसने बनाया, कब, क्या माँगता है, और कौन-से औज़ार इस्तेमाल करता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राजनीतिक गीत: ताकत, अधिकार या समाज चलाने के बारे में गीत
- विरोध गीत: अन्याय की आलोचना करके बदलाव माँगता है
- प्रचार (propaganda): शासक अपनी तारीफ़ और समर्थन के लिए संगीत इस्तेमाल करें
- सेंसरशिप: गीतों और संगीतकारों पर रोक या नियंत्रण
- राष्ट्रगान/गान (anthem): देश या आंदोलन का प्रतीक गीत
- बुलावा-जवाब: एक गाए, समूह जवाब दे
- रूढ़ि (stereotype): किसी समूह के बारे में बँधा, बहुत सरल विचार
हल किए गए उदाहरण
1. कई विरोध गीतों में छोटा दोहराता कोरस क्यों होता है?
दोहराता कोरस आसानी से याद हो जाता है, इसलिए जिसने गीत पहले नहीं सुना वह भी एक-दो बार में जुड़ जाता है। इससे समूह एक महसूस करता है।
2. पहचानो: शासक के जन्मदिन की रैली के लिए लिखा मार्च, जो रोज़ सरकारी रेडियो पर बजता है।
प्रचार: यह शासक की तारीफ़ करता है और सरकार उसे बढ़ावा देती है।
3. रेडियो स्टेशन से कहा गया कि मज़दूरों की बुरी हालत पर बना गीत न बजाए। इसे क्या कहते हैं और शासक ऐसा क्यों कर सकते हैं?
सेंसरशिप। शासकों को डर हो सकता है कि गीत आलोचना फैलाएगा और लोगों को उनके ख़िलाफ़ जोड़ देगा।
4. लोक, रेगे और रैप विरोध गीतों में एक-एक औज़ार बताओ।
लोक: आसान धुन पर कहानी कहते कई अंतरे। रेगे: ऑफ़-बीट गिटार ताल। रैप: तेज़ बीट पर बोली गई तुकबंदी।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि हर राजनीतिक गीत विरोध गीत है: कई गीत शासकों या देश की तारीफ़ करते हैं।
- सिर्फ़ धुन से गीत को परखना: शब्द और संदर्भ (किसने, कब, क्यों) ज़रूर देखो।
- यह मानना कि सिर्फ़ शब्द संदेश ले जाते हैं: ताल, स्केल और वाद्य भी अर्थ देते हैं।
- रूढ़ियों को सच मानना, जैसे 'लड़कियाँ ड्रम नहीं बजा सकतीं'।