सहसंबंध का अर्थ
सहसंबंध यह अध्ययन करता है कि दो चर साथ-साथ कैसे बदलते हैं। यह संबंध की दिशा (एक ही या उल्टी) और ताक़त (कितना पास) बताता है।
- धनात्मक: दोनों एक ही दिशा में। आय ↑, ख़र्च ↑।
- ऋणात्मक: उल्टी दिशा में। दाम ↑, माँग ↓।
- शून्य: कोई रैखिक पैटर्न नहीं।
सहसंबंध कारण नहीं है। दो चीज़ें संयोग से या किसी तीसरे कारण से साथ बदल सकती हैं। गर्मी में आइसक्रीम की बिक्री और धूप से जलना दोनों बढ़ते हैं; एक दूसरे का कारण नहीं।
प्रकीर्ण आरेख
हर जोड़ी (x, y) को एक बिंदु के रूप में लगाओ। पैटर्न से सहसंबंध का प्रकार पता चलता है:
- बाएँ से दाएँ चढ़ते बिंदु → धनात्मक।
- उतरते बिंदु → ऋणात्मक।
- सब एक चढ़ती रेखा पर → पूर्ण धनात्मक (r = +1); उतरती रेखा पर → पूर्ण ऋणात्मक (r = −1)।
- बिंदु रेखा के पास → उच्च सहसंबंध; दूर-दूर फैले → निम्न।
- कोई पैटर्न नहीं → सहसंबंध नहीं।
यह जल्दी और आँखों से दिखने वाला तरीका है, पर सटीक संख्या नहीं देता।
कार्ल पियर्सन का सहसंबंध गुणांक (अवर्गीकृत आँकड़े)
r = Σdxdy ÷ √(Σdx² × Σdy²), जहाँ dx = x − x̄ और dy = y − ȳ (वास्तविक माध्य विधि)।
दूसरे रूप:
- प्रत्यक्ष (असली मान): r = [nΣxy − ΣxΣy] ÷ √{[nΣx² − (Σx)²][nΣy² − (Σy)²]}।
- कल्पित माध्य / पद-विचलन: dx = x − A, dy = y − B (या किसी सामान्य गुणनखंड से भाग)। r = [nΣdxdy − ΣdxΣdy] ÷ √{[nΣdx² − (Σdx)²][nΣdy² − (Σdy)²]}।
यह क्यों काम करता है: जब दोनों विचलनों का चिह्न एक हो, dx·dy धनात्मक (हरे आयत)। उल्टे चिह्न हों तो ऋणात्मक (लाल)। इनका जोड़ r का चिह्न तय करता है।
r के गुण
- r, −1 और +1 के बीच होता है।
- r की कोई इकाई नहीं।
- मूल बदलने (कोई संख्या जोड़ना-घटाना) या पैमाना बदलने (धनात्मक संख्या से गुणा-भाग) से r नहीं बदलता।
- r = 0 का मतलब कोई रैखिक संबंध नहीं; वक्र संबंध फिर भी हो सकता है।
- r सिर्फ़ रैखिक संबंध नापता है; कारण-परिणाम नहीं बताता।
- x का y से सहसंबंध = y का x से सहसंबंध।
स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध
तब इस्तेमाल होता है जब आँकड़े रैंक हों, या ऐसे गुण हों जो मापे न जा सकें (सुंदरता, ईमानदारी), या बहुत बड़े-छोटे मान हों।
असमान (न दोहराई) कोटियाँ
R = 1 − 6ΣD² ÷ (n³ − n); D = किसी मद की दोनों कोटियों का अंतर, n = जोड़ियों की संख्या। कदम: कोटि दो (न दी हो तो सबसे बड़े = 1), D निकालो, वर्ग करो, जोड़ो, सूत्र में रखो। जाँच: ΣD = 0।
दोहराई (समान) कोटियाँ
जब मान बराबर हों, हर एक को उन कोटियों का औसत दो जो वे लेते। तीसरे और चौथे स्थान पर दो मद हों तो दोनों को 3.5। फिर हर समान समूह (आकार m) के लिए सुधार जोड़ो:
R = 1 − 6[ΣD² + Σ(m³ − m) ÷ 12] ÷ (n³ − n)।
R भी −1 और +1 के बीच होता है।
खुद करके देखो: क्या लंबाई और जूते का नाप जुड़े हैं?
घर के 6 लोगों की लंबाई और जूते का नाप नापो। ग्राफ़ पेपर पर बिंदु लगाओ। क्या बिंदु चढ़ते हैं? फिर 6 लोगों को लंबाई और जूते के नाप से रैंक दो और स्पीयरमैन का R निकालो। आख़िर में 3D के आख़िरी कदम में स्लाइडर तब तक चलाओ जब तक बिंदु तुम्हारे जैसे न दिखें, और r पढ़ो।
बोर्ड परीक्षा का पैटर्न
कार्ल पियर्सन के r पर 4 या 6 अंक का प्रश्न (अक्सर वास्तविक माध्य या पद-विचलन विधि), समान कोटियों वाला स्पीयरमैन R (3–4 अंक), और गुणों व प्रकीर्ण आरेख पर छोटे प्रश्न। पूरी तालिका दिखाओ: x, y, dx, dy, dx², dy², dxdy।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- r = Σdxdy ÷ √(Σdx² × Σdy²), dx = x − x̄, dy = y − ȳ
- r = [nΣxy − ΣxΣy] ÷ √{[nΣx² − (Σx)²][nΣy² − (Σy)²]}
- −1 ≤ r ≤ +1
- स्पीयरमैन: R = 1 − 6ΣD² ÷ (n³ − n)
- समान कोटियाँ: R = 1 − 6[ΣD² + Σ(m³ − m)/12] ÷ (n³ − n)
- ΣD = 0 (जाँच)
हल किए गए उदाहरण
1. x: 1, 2, 3, 4, 5 और y: 2, 4, 5, 4, 5। कार्ल पियर्सन का r निकालो।
x̄ = 3, ȳ = 4। dx: −2, −1, 0, 1, 2; dy: −2, 0, 1, 0, 1। Σdxdy = 4 + 0 + 0 + 0 + 2 = 6। Σdx² = 10, Σdy² = 6। r = 6 ÷ √60 = 6 ÷ 7.746 ≈ 0.77।
2. x: 2, 4, 6, 8 और y: 9, 7, 5, 3। r निकालो।
x̄ = 5, ȳ = 6। dx: −3, −1, 1, 3; dy: 3, 1, −1, −3। Σdxdy = −9 − 1 − 1 − 9 = −20। Σdx² = 20, Σdy² = 20। r = −20 ÷ 20 = −1 (पूर्ण ऋणात्मक)।
3. x: 10, 20, 30 और y: 5, 15, 10। प्रत्यक्ष सूत्र से r निकालो।
n = 3, Σx = 60, Σy = 30, Σxy = 50 + 300 + 300 = 650, Σx² = 1400, Σy² = 350। r = (3 × 650 − 60 × 30) ÷ √[(4200 − 3600)(1050 − 900)] = 150 ÷ √(600 × 150) = 150 ÷ 300 = 0.5।
4. दो जज 5 नर्तकों को रैंक देते हैं: A: 1, 2, 3, 4, 5; B: 2, 1, 4, 3, 5। R निकालो।
D: −1, 1, −1, 1, 0; ΣD² = 4। R = 1 − 6 × 4 ÷ (125 − 5) = 1 − 24 ÷ 120 = 0.8।
5. अर्थशास्त्र में अंक: 50, 60, 60, 70 और गणित में: 30, 45, 40, 50। स्पीयरमैन का R निकालो।
अर्थशास्त्र कोटि (सबसे बड़ा = 1): 70 → 1, दोनों 60 → 2 और 3 का औसत 2.5, 50 → 4। यानी 4, 2.5, 2.5, 1। गणित: 50 → 1, 45 → 2, 40 → 3, 30 → 4, यानी 4, 2, 3, 1। D: 0, 0.5, −0.5, 0; ΣD² = 0.5। एक समान समूह m = 2: (8 − 2) ÷ 12 = 0.5। R = 1 − 6(0.5 + 0.5) ÷ (64 − 4) = 1 − 6 ÷ 60 = 0.9।
6. x और y का r = 0.6 है। हर x को 10 से गुणा करें और हर y में 5 जोड़ें तो r?
फिर भी 0.6। मूल बदलने या (धनात्मक) पैमाना बदलने से r नहीं बदलता।
आम गलतियाँ
- r को 1 से बड़ा पाना। ऐसा हो तो तालिका दोबारा जाँचो; r कभी ±1 से बाहर नहीं जाता।
- मान लेना कि सहसंबंध कारण साबित करता है। यह सिर्फ़ साथ बदलना दिखाता है।
- समान कोटियों में (m³ − m)/12 का सुधार भूल जाना।
- स्पीयरमैन सूत्र में n³ − n की जगह n² लिखना।