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आँकड़ों का संग्रह: प्राथमिक और द्वितीयक स्रोत, प्रतिचयन, भारत की जनगणना और NSSO

आँकड़े प्राथमिक (खुद पहली बार इकट्ठे) या द्वितीयक (किसी और के इकट्ठे) होते हैं। प्राथमिक आँकड़े साक्षात्कार, डाक प्रश्नावली या फ़ोन से मिलते हैं। हम सबका अध्ययन कर सकते हैं (जनगणना) या कुछ का (प्रतिदर्श)। प्रतिदर्श यादृच्छिक या अयादृच्छिक होता है। नतीजों में प्रतिचयन और अप्रतिचयन त्रुटियाँ हो सकती हैं। भारत में जनगणना हर 10 साल सबकी गिनती करती है और NSSO (अब NSO) प्रतिदर्श सर्वे करता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. जाँचकर्ता हर घर जाकर सवाल पूछता है: ये प्राथमिक आँकड़े हैं। किसी छपी रिपोर्ट से आँकड़ा उठाना: ये द्वितीयक आँकड़े हैं।
  2. पूछने के तीन तरीके हैं: आमने-सामने, डाक से प्रश्नावली, या फ़ोन पर। हर तरीके में समय और ख़र्च अलग है।
  3. जनगणना यानी सभी 40 लोगों से पूछना। प्रतिदर्श यानी कुछ ही से, जैसे 8 से। भारत की जनगणना सबको गिनती है; NSSO प्रतिदर्श सर्वे करता है।
  4. यादृच्छिक प्रतिदर्श में लॉटरी सबको बराबर मौका देती है। अयादृच्छिक में जाँचकर्ता अपनी पसंद से चुनता है, जिससे पक्षपात आ सकता है।
  5. आगे वाली पंक्ति का औसत असली औसत से दूर है। यह अंतर प्रतिचयन त्रुटि है। ग़लत माप या जवाब न मिलना अप्रतिचयन त्रुटियाँ हैं।
  6. अब खुद करो: प्रतिदर्श का आकार बदलो और फिर से चुनो। देखो, प्रतिदर्श बड़ा होने पर त्रुटि घटती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जनगणना के आँकड़े प्राथमिक हैं या द्वितीयक?

जनगणना कार्यालय के लिए प्राथमिक। तुम रिपोर्ट से पढ़ो तो तुम्हारे लिए द्वितीयक।

जो ग्रामीण पढ़ नहीं सकते, उनके लिए कौन-सी विधि ठीक है?

व्यक्तिगत साक्षात्कार, क्योंकि डाक प्रश्नावली के लिए पढ़ना-लिखना ज़रूरी है।

हमेशा जनगणना क्यों नहीं करते?

यह महँगी और धीमी है। अच्छा प्रतिदर्श बहुत कम ख़र्च में लगभग वही जवाब देता है।

प्रतिदर्श यादृच्छिक कब होता है?

जब हर इकाई के चुने जाने का बराबर मौका हो, जैसे लॉटरी से नाम निकालना।

क्या प्रतिचयन त्रुटि पूरी तरह हटा सकते हैं?

सिर्फ़ सबका अध्ययन (जनगणना) करके। बड़ा यादृच्छिक प्रतिदर्श इसे छोटा कर देता है।

प्रतिचयन और अप्रतिचयन त्रुटि में क्या फ़र्क है?

प्रतिचयन त्रुटि सिर्फ़ हिस्से के अध्ययन से आती है। अप्रतिचयन त्रुटियाँ पूछने, मापने, लिखने की ग़लती या जवाब न मिलने से आती हैं।

आँकड़े क्यों इकट्ठे करें?

आँकड़े यानी संख्याओं में तथ्य, जो किसी सवाल का जवाब देने में मदद करें। जैसे: "हमारे कस्बे के परिवार महीने में कितना चावल खाते हैं?" जवाब के लिए पहले आँकड़े इकट्ठे करने होंगे। इकट्ठा करने वाला अन्वेषक (जाँचकर्ता) है। जवाब देने वाला उत्तरदाता है। जिन लोगों या चीज़ों का अध्ययन हो, वे मिलकर समष्टि (जनसंख्या) कहलाते हैं।

प्राथमिक और द्वितीयक स्रोत

द्वितीयक आँकड़ों के स्रोत

सरकारी रिपोर्टें (भारत की जनगणना, NSSO रिपोर्ट, आर्थिक सर्वेक्षण), भारतीय रिज़र्व बैंक की रिपोर्टें, अख़बार, शोध-पत्र और सरकारी संस्थाओं की वेबसाइटें।

प्राथमिक आँकड़े इकट्ठे करने की विधियाँ

1. व्यक्तिगत साक्षात्कार

अन्वेषक उत्तरदाता से आमने-सामने मिलता है। जवाब पूरे मिलते हैं, शंका वहीं दूर होती है। पर बड़े क्षेत्र में महँगा और धीमा है, और अन्वेषक जवाबों को प्रभावित कर सकता है।

2. डाक द्वारा प्रश्नावली

छपी या ऑनलाइन प्रश्नावली भेजी जाती है; लोग भरकर लौटाते हैं। सस्ती है और दूर तक पहुँचती है। पर कई लोग जवाब नहीं भेजते, और यह सिर्फ़ पढ़े-लिखे लोगों के लिए है।

3. टेलीफ़ोन साक्षात्कार

फ़ोन पर सवाल पूछे जाते हैं। तेज़ और सस्ता, पर जिनके पास फ़ोन नहीं वे छूट जाते हैं और चेहरे के भाव नहीं दिखते।

अच्छी प्रश्नावली कैसे बनाएँ

पायलट सर्वेक्षण

मुख्य सर्वे से पहले छोटा परीक्षण सर्वे। इससे कमज़ोर सवाल, लगने वाला समय और ख़र्च पता चलते हैं।

जनगणना विधि और प्रतिदर्श विधि

यादृच्छिक और अयादृच्छिक प्रतिचयन

यादृच्छिक प्रतिचयन

हर इकाई के चुने जाने का बराबर मौका। तरीके: लॉटरी (पर्चियाँ डिब्बे में) या यादृच्छिक संख्या तालिका (आजकल कंप्यूटर)।

अयादृच्छिक प्रतिचयन

सबको बराबर मौका नहीं। अन्वेषक सुविधा (जो पास हों), निर्णय (जिन्हें वह ठीक समझे) या कोटा (हर समूह से तय संख्या) से चुनता है। आसान है, पर पक्षपात हो सकता है।

प्रतिचयन और अप्रतिचयन त्रुटियाँ

प्रतिचयन त्रुटि = प्रतिदर्श से मिला मान − समष्टि का असली मान। यह इसलिए होती है क्योंकि हमने सिर्फ़ एक हिस्सा देखा। बड़ा और अच्छा चुना प्रतिदर्श इसे घटाता है।

अप्रतिचयन त्रुटियाँ जनगणना में भी हो सकती हैं:

भारत की जनगणना और NSSO

भारत की जनगणना

यह हर 10 साल में भारत के हर व्यक्ति की गिनती करती है। पहली नियमित पूरी जनगणना 1881 में और आज़ादी के बाद पहली 1951 में हुई। इसमें जनसंख्या, उम्र, लिंग, साक्षरता, व्यवसाय, आवास और प्रवास के आँकड़े जुटते हैं। इसे महापंजीयक और जनगणना आयुक्त का कार्यालय चलाता है।

NSSO (राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय)

1950 में बना, पूरे देश में बड़े प्रतिदर्श सर्वे करने के लिए। 2019 में इसे केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के साथ मिलाकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) बना दिया गया। इसके सर्वे-दौर घरेलू ख़र्च, रोज़गार-बेरोज़गारी, साक्षरता, स्वास्थ्य और ज़मीन जोत पर होते हैं। नतीजे रिपोर्टों और पत्रिका सर्वेक्षण में छपते हैं।

खुद करके देखो: घर पर छोटा सर्वे

3 छोटे, साफ़ सवाल लिखो, जैसे "आपका परिवार हफ़्ते में कितने लीटर दूध लेता है?" 10 पड़ोसियों से पूछो (प्राथमिक आँकड़े)। अब पर्चियों से लॉटरी निकालकर उनमें से 3 चुनो (यादृच्छिक प्रतिदर्श)। 3 के औसत की तुलना सभी 10 के औसत से करो। अंतर तुम्हारी प्रतिचयन त्रुटि है। फिर 3D के आख़िरी कदम में आकार 4, 10 और 30 करके देखो।

बोर्ड परीक्षा का पैटर्न

अक्सर पूछे जाते हैं: प्राथमिक और द्वितीयक आँकड़ों में अंतर (3 अंक), जनगणना बनाम प्रतिदर्श (3 अंक), अच्छी प्रश्नावली के गुण (4 अंक), प्रतिचयन व अप्रतिचयन त्रुटियाँ, और भारत की जनगणना व NSSO पर टिप्पणी।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक छात्रा 50 दुकानदारों से उनकी रोज़ की बिक्री पूछती है। ये प्राथमिक आँकड़े हैं या द्वितीयक?

प्राथमिक। उसने अपने अध्ययन के लिए खुद पहली बार इकट्ठे किए।

2. 5 किसानों की आय ₹5,000, ₹6,000, ₹7,000, ₹8,000 और ₹9,000 है। प्रतिदर्श में दूसरा और पाँचवाँ किसान चुना गया। माध्य की प्रतिचयन त्रुटि निकालो।

समष्टि माध्य = 35,000 ÷ 5 = ₹7,000। प्रतिदर्श माध्य = (6,000 + 9,000) ÷ 2 = ₹7,500। त्रुटि = 7,500 − 7,000 = ₹500।

3. इस सवाल में क्या ग़लत है: "क्या आप नहीं मानते कि हमारी कैंटीन बहुत महँगी है?"

यह दिशा देने वाला सवाल है, "हाँ" की ओर धकेलता है। बेहतर: "कैंटीन के दाम आपको कैसे लगते हैं? (कम / ठीक / ज़्यादा)"।

4. सरकार भारत के हर गाँव की साक्षरता दर जानना चाहती है। जनगणना करे या प्रतिदर्श? क्यों?

जनगणना। हर गाँव का आँकड़ा चाहिए, इसलिए हर इकाई गिननी होगी। प्रतिदर्श कई गाँव छोड़ देगा।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. अन्वेषक द्वारा पहली बार इकट्ठे आँकड़े कहलाते हैं:
2. यादृच्छिक प्रतिदर्श में हर इकाई को मिलता है:
3. भारत की जनगणना होती है हर:
4. मुख्य सर्वे से पहले छोटा परीक्षण सर्वे है:
5. अप्रतिचयन त्रुटि कौन-सी है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्राथमिक और द्वितीयक आँकड़ों में क्या अंतर है?

प्राथमिक आँकड़े अपने उद्देश्य के लिए पहली बार इकट्ठे होते हैं; द्वितीयक आँकड़े किसी और के इकट्ठे किए होते हैं जिन्हें दोबारा इस्तेमाल करते हैं।

NSSO क्या है?

राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय, 1950 में बना, ख़र्च, रोज़गार, स्वास्थ्य आदि पर देशव्यापी प्रतिदर्श सर्वे करता है। 2019 से यह NSO का हिस्सा है।

प्रतिचयन त्रुटि क्या है?

प्रतिदर्श से मिले मान और पूरी समष्टि के असली मान के बीच का अंतर।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12C. Organization of Data for Analysis
स्पेन2º ESOScientific project
स्पेन3º ESOScientific project
स्पेन4º ESOScientific project
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11आँकड़ों का संग्रह, संगठन और प्रस्तुतीकरण
इंग्लैंडYear 101. The collection of data

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