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केंद्रीय प्रवृत्ति के माप: माध्य, माध्यिका और बहुलक, आर्थिक अर्थ के साथ

औसत एक ऐसी संख्या है जो पूरे समूह का प्रतिनिधित्व करे। समांतर माध्य = जोड़ ÷ गिनती; इसे प्रत्यक्ष, कल्पित माध्य या पद-विचलन विधि से निकालते हैं। भारित माध्य कुछ मदों को ज़्यादा महत्व देता है। माध्यिका क्रम में सजाने पर बीच का मान है; बहुत बड़े मान इसे नहीं खींचते। बहुलक सबसे ज़्यादा बार आने वाला मान है। अर्थशास्त्र में माध्य प्रति व्यक्ति आय बताता है, माध्यिका आम परिवार की आय, और बहुलक सबसे लोकप्रिय साइज़ या दाम।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पाँच परिवारों की आय एक पटरे पर रखी है: 2, 4, 6, 8 और 20 हज़ार रुपये। पटरा 8 पर संतुलित होता है। यही संतुलन बिंदु माध्य है: 40 ÷ 5 = 8।
  2. विविक्त (खंडित) श्रेणी में हर मान की एक बारंबारता है। हर x पर f घन रखो। माध्य = Σfx ÷ N = 70 ÷ 25 = 2.8 बच्चे।
  3. लोगों को आय के क्रम में खड़ा करो। बीच वाला व्यक्ति माध्यिका देता है, 6। सबसे अमीर की आय 50 कर दो: माध्य 14 हो जाता है, पर माध्यिका 6 ही रहती है।
  4. वर्गीकृत आँकड़ों में N/2 = 20 निकालो। 20वाँ व्यक्ति 20–30 वर्ग में है। सूत्र से माध्यिका लगभग 25.8 आती है।
  5. सबसे ऊँचा स्तंभ बहुलक वर्ग है, 20–30। बहुलक का सूत्र चोटी को लगभग 26.7 पर रखता है।
  6. अब खुद करो: स्लाइडर से पाँच आय तय करो। देखो, लाल माध्य रेखा और हरा माध्यिका स्तंभ अलग-अलग तरह से बदलते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

माध्य को संतुलन बिंदु क्यों कहते हैं?

माध्य के बाएँ और दाएँ विचलनों का जोड़ शून्य होता है, इसलिए पटरा वहीं संतुलित होता है।

Σx ÷ n की जगह Σfx ÷ N कब लें?

जब मान दोहराए जाएँ और बारंबारताएँ दी हों (खंडित या सतत श्रेणी)।

सबसे अमीर और अमीर हो जाए तो माध्यिका क्यों नहीं बदलती?

माध्यिका सिर्फ़ बीच की स्थिति पर निर्भर है, किनारे के मान कितने बड़े हैं इस पर नहीं।

माध्यिका सूत्र में पिछले वर्ग की c.f. क्यों?

यह बताती है कि माध्यिका वर्ग से पहले कितने लोग हैं; फिर वर्ग के अंदर N/2 तक बढ़ते हैं।

क्या आँकड़ों के दो बहुलक हो सकते हैं?

हाँ, अगर दो मानों की सबसे ज़्यादा बारंबारता बराबर हो। इसे द्विबहुलकी कहते हैं।

आय के लिए कौन-सा औसत सबसे अच्छा है?

आमतौर पर माध्यिका, क्योंकि कुछ बहुत ऊँची आय माध्य को ऊपर खींच लेती हैं। आख़िरी कदम में करके देखो।

औसत क्या है?

केंद्रीय प्रवृत्ति का माप (औसत) एक अकेला मान है जो पूरे आँकड़ों का प्रतिनिधित्व करे। ज़्यादातर मान इसके आस-पास जमा रहते हैं। तीन मुख्य माप हैं: समांतर माध्य, माध्यिका और बहुलक।

चिह्न: n या N = मदों की संख्या, Σ (सिग्मा) = "सबका जोड़", x̄ = माध्य, f = बारंबारता।

समांतर माध्य

व्यक्तिगत श्रेणी

खंडित (विविक्त) श्रेणी

सतत श्रेणी

वर्ग-चिह्न (मध्य-मान) m को x मानो।

दो गुण

भारित समांतर माध्य

जब सब मद बराबर महत्व के न हों, हर मद को भार w दो: x̄w = Σwx ÷ Σw। जैसे मूल्य सूचकांक में चावल (ज़्यादा ख़रीदा जाता है) को नमक से ज़्यादा भार।

गुण: आसान, हर मान का इस्तेमाल, आगे के गणित में उपयोगी। दोष: बहुत बड़े-छोटे मानों से बहुत प्रभावित; खुले सिरे वाले वर्गों में बिना अनुमान के नहीं निकलता।

माध्यिका

माध्यिका आँकड़ों को क्रम में सजाने पर बीच का मान है। आधे मद इससे नीचे और आधे ऊपर। यह स्थिति-संबंधी औसत है।

व्यक्तिगत श्रेणी

क्रम में सजाओ। माध्यिका = (n + 1) ÷ 2वें मद का मान। n सम हो तो बीच के दो मदों का औसत।

खंडित श्रेणी

संचयी बारंबारता (cf) निकालो। (N + 1) ÷ 2 निकालो। जिस x की cf पहली बार इसके बराबर या ज़्यादा हो, वही माध्यिका।

सतत श्रेणी

N ÷ 2 निकालो। जिस वर्ग में cf पहली बार N ÷ 2 तक पहुँचे, वह माध्यिका वर्ग।

माध्यिका = l + ((N/2 − c.f.) ÷ f) × h; l = माध्यिका वर्ग की निचली सीमा, c.f. = उससे पहले वर्ग की संचयी बारंबारता, f = माध्यिका वर्ग की बारंबारता, h = वर्ग चौड़ाई।

गुण: बहुत बड़े मानों से प्रभावित नहीं, इसलिए आय और संपत्ति के आँकड़ों के लिए अच्छी। दोष: बाकी मानों के आकार को नहीं देखती।

बहुलक

बहुलक वह मान है जो सबसे ज़्यादा बार आता है।

आँकड़ों में एक बहुलक (एकबहुलकी), दो (द्विबहुलकी) या ज़्यादा हो सकते हैं। आयतचित्र से भी बहुलक निकलता है।

माध्य, माध्यिका और बहुलक का संबंध

सममित वितरण में माध्य = माध्यिका = बहुलक। थोड़े असममित वितरण में लगभग संबंध है बहुलक ≈ 3 माध्यिका − 2 माध्य। जब कुछ बहुत बड़े मान हों (जैसे आय में), तो माध्य > माध्यिका > बहुलक।

आर्थिक अर्थ: कौन-सा औसत कब?

उदाहरण: आय 2, 4, 6, 8, 20। माध्य = 8, पर पाँच में से चार परिवार 8 से कम कमाते हैं। माध्यिका 6 आम परिवार को बेहतर दिखाती है।

खुद करके देखो: जेब-ख़र्च के औसत

7 दोस्तों से उनका हफ़्ते का जेब-ख़र्च पूछो। माध्य, माध्यिका और बहुलक निकालो। अब मान लो एक दोस्त को ₹1,000 मिलते हैं। फिर से निकालो। कौन-सा औसत सबसे ज़्यादा बदला? फिर यही 3D के आख़िरी कदम के स्लाइडर से करके देखो।

बोर्ड परीक्षा का पैटर्न

यह इकाई (सहसंबंध और सूचकांक के साथ) लगभग 25 अंक की है। पद-विचलन से माध्य या सतत श्रेणी की माध्यिका/बहुलक पर 6 अंक का प्रश्न आता है, और किस स्थिति में कौन-सा औसत ठीक है, इस पर छोटे प्रश्न। हमेशा सूत्र लिखो, तालिका (x, f, cf, d′, fd′) दिखाओ और इकाई के साथ उत्तर दो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 12, 15, 18, 21, 24 का माध्य कल्पित माध्य विधि (A = 18) से निकालो।

d = x − 18: −6, −3, 0, 3, 6। Σd = 0। माध्य = 18 + 0 ÷ 5 = 18।

2. x: 1, 2, 3, 4, 5 (प्रति परिवार बच्चे), f: 4, 6, 8, 5, 2। माध्य निकालो।

fx: 4, 12, 24, 20, 10; Σfx = 70; N = 25। माध्य = 70 ÷ 25 = 2.8 बच्चे।

3. वर्ग 0–10, 10–20, 20–30, 30–40, 40–50 और f = 5, 8, 12, 10, 5। पद-विचलन से माध्य (A = 25, c = 10)।

m: 5, 15, 25, 35, 45; d′: −2, −1, 0, 1, 2; fd′: −10, −8, 0, 10, 10; Σfd′ = 2; N = 40। माध्य = 25 + (2 ÷ 40) × 10 = 25.5।

4. 7, 3, 9, 12, 5, 10 की माध्यिका निकालो।

क्रम: 3, 5, 7, 9, 10, 12। n = 6, तो तीसरे और चौथे का औसत: (7 + 9) ÷ 2 = 8।

5. ऊपर वाली तालिका (f = 5, 8, 12, 10, 5) की माध्यिका निकालो।

cf: 5, 13, 25, 35, 40। N/2 = 20 → माध्यिका वर्ग 20–30। l = 20, c.f. = 13, f = 12, h = 10। माध्यिका = 20 + (7 ÷ 12) × 10 = 25.83।

6. उसी तालिका का बहुलक निकालो।

बहुलक वर्ग 20–30: f1 = 12, f0 = 8, f2 = 10। बहुलक = 20 + (4 ÷ (24 − 18)) × 10 = 20 + 6.67 = 26.67।

7. एक मज़दूर 4 दिन ₹300 रोज़ और 1 दिन ₹500 कमाता है। उसकी भारित औसत दैनिक मज़दूरी?

Σwx = 300 × 4 + 500 × 1 = 1,700; Σw = 5। भारित माध्य = ₹340।

8. माध्य = 40, माध्यिका = 38। बहुलक का अनुमान लगाओ।

बहुलक ≈ 3 × 38 − 2 × 40 = 114 − 80 = 34।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. बहुत बड़े-छोटे मानों से सबसे कम प्रभावित औसत:
2. समांतर माध्य से विचलनों का जोड़ होता है:
3. सबसे ज़्यादा बार आने वाला मान है:
4. प्रति व्यक्ति आय किसका उदाहरण है?
5. सममित वितरण में:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्थशास्त्र में केंद्रीय प्रवृत्ति के माप क्या हैं?

ऐसे औसत जो पूरे आँकड़ों को एक मान से दिखाएँ: समांतर माध्य, माध्यिका और बहुलक।

माध्य का पद-विचलन सूत्र क्या है?

x̄ = A + (Σfd′ ÷ N) × c, जहाँ d′ = (m − A) ÷ c और c वर्ग चौड़ाई है।

सतत श्रेणी में बहुलक का सूत्र क्या है?

बहुलक = l + ((f1 − f0) ÷ (2f1 − f0 − f2)) × h।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11सांख्यिकीय उपकरण और निर्वचन

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