ध्रुवण क्या है?
प्रकाश एक विद्युतचुंबकीय तरंग है। इसका विद्युत क्षेत्र E चलने की दिशा के लंबवत हिलता है, इसलिए प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है।
अध्रुवित प्रकाश (सूरज, बल्ब, मोमबत्ती) में कंपन की दिशा बेतरतीब बदलती रहती है। समतल ध्रुवित प्रकाश में कंपन केवल एक तल में होता है। अध्रुवित को ध्रुवित प्रकाश में बदलना ध्रुवण कहलाता है।
केवल अनुप्रस्थ तरंगें ही ध्रुवित हो सकती हैं। हवा में ध्वनि अनुदैर्ध्य है, इसलिए उसका ध्रुवण नहीं होता।
पोलेरॉइड और मैलस का नियम
पोलेरॉइड एक पतली प्लास्टिक शीट है जिसमें लंबे अणु एक दिशा में सजे होते हैं। यह अपनी पारगमन अक्ष वाला भाग जाने देती है, बाकी सोख लेती है।
- अध्रुवित प्रकाश I₀ एक पोलेरॉइड से → I₀/2।
- ध्रुवित प्रकाश I₁ दूसरे पोलेरॉइड (विश्लेषक) से कोण θ पर → I = I₁ cos²θ (मैलस का नियम)।
वर्ग क्यों? निकलने वाला आयाम E cosθ है और तीव्रता आयाम के वर्ग पर निर्भर करती है।
क्रॉस पोलेरॉइड
θ = 90° पर cos 90° = 0, इसलिए कोई प्रकाश नहीं निकलता। विश्लेषक को एक पूरा चक्कर घुमाने पर दो बार चमक और दो बार अंधेरा मिलता है।
परावर्तन और प्रकीर्णन से ध्रुवण
काँच या पानी से परावर्तित प्रकाश आंशिक रूप से ध्रुवित होता है। एक खास कोण, ब्रूस्टर कोण θB, पर यह पूरा ध्रुवित होता है और परावर्तित व अपवर्तित किरणें आपस में 90° पर होती हैं। ब्रूस्टर का नियम: tan θB = n। काँच (n = 1.5) के लिए θB ≈ 56°, पानी (n = 1.33) के लिए लगभग 53°।
हवा के अणुओं से बिखरा सूर्य का प्रकाश भी आंशिक ध्रुवित होता है। मधुमक्खियाँ इससे दिशा पहचानती हैं।
ध्रुवण के उपयोग
- ध्रुवित धूप के चश्मे और कैमरा फ़िल्टर चकाचौंध कम करते हैं।
- मोबाइल, कैलकुलेटर और घड़ी की LCD स्क्रीन में दो पोलेराइज़र होते हैं।
- 3D फ़िल्म के चश्मे हर आँख को अलग ध्रुवित चित्र भेजते हैं।
- इंजीनियर क्रॉस पोलेरॉइड के बीच प्लास्टिक मॉडल रखकर तनाव को रंगीन पट्टियों में देखते हैं।
- चीनी के घोल की सांद्रता ध्रुवण तल के घूमने से मापी जाती है।
घर पर करके देखें
ध्रुवित धूप के चश्मे से मोबाइल स्क्रीन देखिए और चश्मा धीरे-धीरे घुमाइए। जिस कोण पर स्क्रीन सबसे काली दिखे, वहाँ दोनों अक्षों के बीच 90° है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अध्रुवित I₀ एक पोलेरॉइड से: I = I₀ / 2
- मैलस का नियम: I = I₁ cos²θ
- क्रॉस पोलेरॉइड (θ = 90°): I = 0
- ब्रूस्टर का नियम: tan θ_B = n; θ_B + r = 90°
हल किए गए उदाहरण
1. 80 W m⁻² का अध्रुवित प्रकाश एक पोलेरॉइड पर पड़ता है। कितना निकलेगा?
एक पोलेरॉइड आधा जाने देता है: I = 80/2 = 40 W m⁻²।
2. 40 W m⁻² ध्रुवित प्रकाश 60° पर रखे विश्लेषक से गुजरता है। तीव्रता ज्ञात कीजिए।
cos 60° = 0.5, cos²60° = 0.25। I = 40 × 0.25 = 10 W m⁻²।
3. अध्रुवित I₀ दो पोलेरॉइड से गुजरता है जो 45° पर हैं। कितना भाग निकलेगा?
पहले के बाद I₀/2, दूसरे के बाद (I₀/2) × ½ = I₀/4।
4. पानी (n = 1.33) का ब्रूस्टर कोण ज्ञात कीजिए।
tan θ_B = 1.33 → θ_B ≈ 53°।
5. तीन पोलेरॉइड: पहला और तीसरा क्रॉस, बीच वाला दोनों से 45° पर। अध्रुवित I₀ आता है। निर्गत?
I₀/2 → × ½ = I₀/4 → × ½ = I₀/8। पहला और तीसरा क्रॉस होने पर भी प्रकाश निकलता है!
6. विश्लेषक किस कोण पर रखें कि तीव्रता 75% रह जाए?
cos²θ = 0.75 → cosθ = 0.866 → θ = 30°।
आम गलतियाँ
- मैलस के नियम में cos²θ की जगह cosθ लगाना।
- भूल जाना कि पहला पोलेरॉइड अध्रुवित प्रकाश को आधा करता है।
- सोचना कि ध्वनि का भी ध्रुवण होता है।
- सोचना कि क्रॉस पोलेरॉइड के बीच तीसरा रखने पर भी अंधेरा ही रहेगा।