स्थानीय रैखिकता और रैखिकीकरण
अगर फलन x = a पर अवकलनीय है, तो a के पास उसका ग्राफ लगभग सीधा दिखता है। वह सीधी रेखा स्पर्श रेखा है।
रैखिकीकरण: L(x) = f(a) + f′(a)(x − a)।
इसे a के पास वाले x के लिए इस्तेमाल करो, जहाँ f(a) और f′(a) आसान हों। जैसे √4.1 ≈ 2 + (1/4)(0.1) = 2.025।
ज़्यादा या कम?
अगर वक्र नीचे की ओर मुड़ा है (f″ < 0, अवतल नीचे) तो स्पर्श रेखा वक्र के ऊपर रहती है — अनुमान ज़्यादा आता है। f″ > 0 हो तो अनुमान कम आता है। √x के लिए f″ < 0, इसलिए 2.025 थोड़ा ज़्यादा है।
x, a से जितना दूर, गलती उतनी बड़ी।
अस्पष्ट संबंधों का व्यवहार
अस्पष्ट संबंध (implicit relation) में x और y मिले होते हैं, जैसे x² + y² = 25। हम y अलग नहीं करते। दोनों तरफ x के सापेक्ष अवकलन करते हैं और y को x का फलन मानते हैं (श्रृंखला नियम: y² का अवकलज 2y·dy/dx)।
वृत्त के लिए: 2x + 2y·dy/dx = 0, तो dy/dx = −x/y।
क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर स्पर्श रेखाएँ
- क्षैतिज: dy/dx = 0, यानी अंश 0 (यहाँ x = 0, बिंदु (0, ±5))।
- ऊर्ध्वाधर: हर 0 (यहाँ y = 0, बिंदु (±5, 0))।
दोबारा अवकलन करके d²y/dx² भी निकाल सकते हैं, जिससे वक्र की अवतलता पता चलती है।
सदिश-मान फलन और उनके अवकलज
सदिश-मान फलन हर समय t के लिए एक स्थिति देता है: r(t) = ⟨x(t), y(t)⟩ — जैसे ड्रोन की स्थिति।
हर घटक का अलग अवकलन करो:
- वेग: v(t) = r′(t) = ⟨x′(t), y′(t)⟩ — पथ की दिशा में।
- चाल: |v(t)| = √(x′(t)² + y′(t)²)।
- त्वरण: a(t) = r″(t)।
- पथ की ढाल: dy/dx = y′(t)/x′(t), जब x′(t) ≠ 0।
r(t) = ⟨3cos t, 2sin t⟩ के लिए v(t) = ⟨−3sin t, 2cos t⟩। t = 0 पर v = ⟨0, 2⟩ — सीधा ऊपर, चाल 2।
nवें पद का अपसरण परीक्षण
श्रेणी a₁ + a₂ + a₃ + … में अनंत पद जुड़ते हैं। अगर पद खुद 0 तक नहीं घटते, तो योग बढ़ता (या झूलता) रहता है और किसी मान पर नहीं रुकता।
परीक्षण: अगर lim aₙ ≠ 0 (या सीमा मौजूद नहीं), तो श्रेणी अपसारी है।
ध्यान दो: lim aₙ = 0 हो तो यह परीक्षण कुछ नहीं बताता। 1 + 1/2 + 1/3 + … के पद 0 की ओर जाते हैं, फिर भी यह अपसारी है। उदाहरण: Σ n/(2n + 1) के पद 1/2 की ओर जाते हैं, इसलिए अपसारी।
करके देखो: पैमाने से वर्गमूल का अनुमान
ग्राफ पेपर पर x = 0 से 9 तक y = √x ध्यान से बनाओ। पैमाना (ruler) ऐसे रखो कि वह (4, 2) पर वक्र को बस छुए। x = 5 पर पैमाने की ऊँचाई पढ़ो। इसे 2 + 1/4 = 2.25 और कैलकुलेटर के √5 = 2.236 से मिलाओ। अब x = 4.2 पर करो — अनुमान कहीं ज़्यादा पास आएगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- L(x) = f(a) + f′(a)(x − a)
- Δy ≈ f′(a)·Δx
- अस्पष्ट: दोनों तरफ अवकलन, dy/dx वाले पद एक तरफ
- r′(t) = ⟨x′(t), y′(t)⟩
- चाल = √(x′(t)² + y′(t)²)
- dy/dx = y′(t)/x′(t)
- lim aₙ ≠ 0 ⇒ Σaₙ अपसारी
हल किए गए उदाहरण
1. x = 4 पर स्पर्श रेखा से √4.1 का अनुमान लगाओ।
f(x) = √x, f(4) = 2, f′(x) = 1/(2√x), तो f′(4) = 1/4। L(4.1) = 2 + 0.025 = 2.025।
2. उदाहरण 1 का अनुमान ज़्यादा है या कम?
f″(x) = −1/(4x^(3/2)) < 0, वक्र अवतल नीचे है और स्पर्श रेखा के नीचे रहता है। इसलिए 2.025 थोड़ा ज़्यादा है (असली 2.0248)।
3. x = 1 पर रैखिकीकरण से (1.02)^5 का अनुमान लगाओ।
f(x) = x⁵, f(1) = 1, f′(1) = 5। L(1.02) = 1 + 5(0.02) = 1.10 (असली ≈ 1.104)।
4. x² + xy + y² = 7 के लिए dy/dx और (1, 2) पर ढाल निकालो।
2x + (y + x·dy/dx) + 2y·dy/dx = 0, तो dy/dx = −(2x + y)/(x + 2y)। (1, 2) पर: −4/5।
5. x² + y² = 25 पर ऊर्ध्वाधर स्पर्श रेखाएँ कहाँ हैं?
dy/dx = −x/y। हर y = 0 पर ऊर्ध्वाधर: x² = 25, यानी (5, 0) और (−5, 0)।
6. r(t) = ⟨t², t³ − 3t⟩। t = 2 पर वेग, चाल और dy/dx निकालो।
v(t) = ⟨2t, 3t² − 3⟩। t = 2 पर v = ⟨4, 9⟩। चाल = √97 ≈ 9.85। dy/dx = 9/4 = 2.25।
7. क्या Σ (3n² + 1)/(n² + 5) अभिसारी है?
aₙ → 3। सीमा 0 नहीं है, इसलिए nवें पद के परीक्षण से श्रेणी अपसारी है।
आम गलतियाँ
- a से बहुत दूर रैखिकीकरण लगाना। स्पर्श रेखा सिर्फ़ पास में अच्छी है।
- y वाले पदों के अवकलन में dy/dx भूल जाना: y² का अवकलज 2y·dy/dx है, सिर्फ़ 2y नहीं।
- मान लेना कि lim aₙ = 0 से श्रेणी अभिसारी है। यह परीक्षण सिर्फ़ अपसरण साबित करता है।
- चाल और वेग में गड़बड़: वेग सदिश ⟨x′, y′⟩ है; चाल उसकी लंबाई, एक संख्या।