मानचित्र कार्य कैसे करें (और पूरे 5 अंक पाएँ)
प्रश्न में एक रेखा-मानचित्र (आउटलाइन मैप) मिलता है। उस पर नाम नहीं होते। आपको जगह पर बिंदु या चिह्न लगाना है और पास में नाम लिखना है। कुछ भागों में अक्षर (A, B, C) से दिखाई जगहों को पहचानना होता है।
- सहारा लीजिए। सहारा यानी कोई चीज़ जो आप पहले से जानते हैं, जैसे नदी या तट। दिल्ली यमुना पर है। कोलकाता हुगली के मुहाने के पास है।
- पड़ोसी देखिए। आगरा दिल्ली के दक्षिण में है। फ़तेहपुर सीकरी आगरा के ठीक पश्चिम में है।
- युग के हिसाब से बाँटिए। एक बार में एक विषय सीखिए, जैसे 3D के चरण।
- साफ़ लिखिए। छोटा बिंदु, साफ़ नाम, और जो चिह्न माँगा गया हो वह।
ध्यान दें: दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को बोर्ड लिखित प्रश्न देता है। अपने वर्ष की आधिकारिक मानचित्र सूची ही पढ़िए।
हड़प्पा स्थल
हड़प्पा (सिंधु घाटी) के नगर लगभग 4,500 साल पहले बसे। इनमें से ज़्यादातर सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर, घग्गर-हाकरा की सूखी धारा पर और गुजरात के तट पर हैं।
| स्थल | कहाँ देखें | क्यों ख़ास |
|---|---|---|
| हड़प्पा | रावी नदी पर, पश्चिमी पंजाब | पहला खोदा गया स्थल; संस्कृति का नाम इसी से |
| मोहनजोदड़ो | सिंधु पर, सिंध | विशाल स्नानागार, योजनाबद्ध गलियाँ और नालियाँ |
| कालीबंगा | घग्गर पर, उत्तरी राजस्थान | जुता हुआ खेत, अग्नि वेदियाँ |
| बनावली, राखीगढ़ी | हरियाणा | राखीगढ़ी सबसे बड़े स्थलों में से एक |
| लोथल | खंभात की खाड़ी के पास, गुजरात | गोदी जैसा टैंक, मनके बनाना |
| धोलावीरा | कच्छ के रण में एक टापू | जल टैंक, बड़ा सूचना-पट |
| चन्हूदड़ो, बालाकोट, नागेश्वर | सिंध, मकरान तट, कच्छ | शिल्प केंद्र: मनके और सीप का काम |
| शोर्तुघई | सुदूर उत्तर, ऑक्सस क्षेत्र | लाजवर्द का व्यापार केंद्र |
महाजनपद और उनकी राजधानियाँ
महाजनपद का अर्थ है 'बड़ा राज्य'। लगभग 2,600 साल पहले ऐसे 16 राज्य थे। बौद्ध और जैन ग्रंथों में इनकी सूची मिलती है। ज़्यादातर गंगा घाटी में थे।
| महाजनपद | राजधानी |
|---|---|
| मगध | राजगृह (राजगीर), बाद में पाटलिपुत्र |
| कोसल | श्रावस्ती |
| वज्जि | वैशाली |
| काशी | वाराणसी |
| अंग | चंपा |
| मल्ल | कुशीनारा |
| वत्स | कौशाम्बी |
| चेदि | शुक्तिमती |
| अवन्ति | उज्जयिनी |
| कुरु | इंद्रप्रस्थ |
| पांचाल | अहिच्छत्र |
| मत्स्य | विराटनगर |
| शूरसेन | मथुरा |
| अस्सक | पोतन (गोदावरी पर, दक्षिण में अकेला) |
| गांधार | तक्षशिला |
| कम्बोज | राजपुर |
वज्जि और मल्ल गण थे (एक समूह शासन करता था), राजा नहीं।
अशोक के अभिलेख
सम्राट अशोक (लगभग 268–232 ई.पू.) ने धम्म के संदेश चट्टानों और स्तंभों पर खुदवाए। ज़्यादातर प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं; उत्तर-पश्चिम में खरोष्ठी, और कंधार में यूनानी व अरामाइक।
मुख्य शिलालेख
गिरनार (गुजरात), कालसी (उत्तराखंड), सोपारा (मुंबई के पास), धौली और जौगड़ (ओडिशा, कलिंग के पास), शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा (उत्तर-पश्चिम), येर्रागुडी (आंध्र), कंधार (सुदूर पश्चिम)। ये साम्राज्य के किनारों पर, व्यापार मार्गों पर हैं।
स्तंभ लेख
टोपरा और मेरठ (दोनों बाद में दिल्ली लाए गए), कौशाम्बी (अब इलाहाबाद में), लौरिया नंदनगढ़, रामपुरवा, सारनाथ, साँची, लुम्बिनी (रुम्मिनदेई)। ये साम्राज्य के दिल, गंगा के मैदान में हैं।
लघु शिलालेख
मास्की, ब्रह्मगिरि (कर्नाटक), रूपनाथ, बैराट, सासाराम, गुर्जरा। मास्की के लेख में राजा का नाम 'अशोक' लिखा है।
बौद्ध स्थल
बुद्ध के जीवन के चार स्थान
- लुम्बिनी: जहाँ जन्म हुआ।
- बोधगया: जहाँ ज्ञान (गहरी समझ) मिला।
- सारनाथ: जहाँ पहला उपदेश दिया।
- कुशीनगर: जहाँ निधन हुआ।
अन्य मुख्य स्थल
स्तूप (अवशेष रखने वाले गुंबद जैसे टीले): साँची, भरहुत, अमरावती, नागार्जुनकोंडा। चट्टान काटकर बनी गुफाएँ: अजंता, नासिक, कार्ले। जिन नगरों में बुद्ध गए: श्रावस्ती, वैशाली, राजगृह। उत्तर-पश्चिम में तक्षशिला शिक्षा का केंद्र था।
दक्कन और मुग़ल स्थान
दक्कन
विजयनगर (हम्पी) 1336 से तुंगभद्रा नदी पर था। इसके उत्तर में बहमनी राज्य था (गुलबर्गा, फिर बीदर)। बाद में यह दक्कन सल्तनतों में बँट गया: बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर, बीदर और बरार। इन्होंने 1565 में तालीकोटा (राक्षसी-तंगड़ी) में विजयनगर को हराया।
मुग़ल स्थान
- राजधानियाँ: आगरा, फ़तेहपुर सीकरी (अकबर ने बनवाई), दिल्ली (शाहजहानाबाद), लाहौर।
- युद्ध: पानीपत (1526), जिससे मुग़ल शासन शुरू हुआ।
- अन्य नगर: अजमेर (सूफ़ी दरगाह), बुरहानपुर (दक्कन का द्वार), अहमदाबाद और सूरत (व्यापार और बंदरगाह), पटना, ढाका (बंगाल), काबुल।
1857 और राष्ट्रीय आंदोलन के केंद्र
1857 का विद्रोह
यह 10 मई 1857 को मेरठ से शुरू हुआ। सिपाही दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह ज़फ़र को अपना नेता माना। अन्य बड़े केंद्र: लखनऊ और फ़ैज़ाबाद (अवध), कानपुर (नाना साहब), झाँसी और ग्वालियर (रानी लक्ष्मीबाई), बरेली, इलाहाबाद, बनारस, आरा (कुँवर सिंह)। इससे पहले कलकत्ता के पास बैरकपुर में असंतोष हुआ था।
राष्ट्रीय आंदोलन
| स्थान | वर्ष | घटना |
|---|---|---|
| चंपारण | 1917 | नील किसानों के लिए गांधीजी का सत्याग्रह |
| खेड़ा, अहमदाबाद | 1918 | किसानों की कर-माफ़ी; मिल मज़दूरों की हड़ताल |
| अमृतसर | 1919 | जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड |
| चौरी चौरा | 1922 | हिंसा; असहयोग आंदोलन वापस |
| बारदोली | 1928 | कर न देने का आंदोलन |
| लाहौर | 1929 | कांग्रेस की पूर्ण स्वराज की माँग |
| दांडी | 1930 | नमक यात्रा |
| कराची | 1931 | मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव |
| बम्बई | 1942 | भारत छोड़ो प्रस्ताव |
परीक्षा वर्ष की आधिकारिक CBSE सूची वाली जगहें ही अंकित करें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हड़प्पा स्थल: सिंधु + घग्गर-हाकरा + गुजरात तट
- 16 महाजनपद: ज़्यादातर गंगा घाटी में; विंध्य के दक्षिण में केवल अस्सक
- शिलालेख किनारों पर, स्तंभ लेख बीच में (गंगा का मैदान)
- बुद्ध का जीवन: लुम्बिनी → बोधगया → सारनाथ → कुशीनगर
- विजयनगर तुंगभद्रा पर; सल्तनतें इसके उत्तर में
- 1857: मेरठ (शुरुआत) → दिल्ली (केंद्र); अवध, कानपुर, झाँसी, आरा
- राष्ट्रीय आंदोलन: चंपारण 1917 → दांडी 1930 → बम्बई 1942
हल किए गए उदाहरण
1. आपको लोथल अंकित करना है। बिना नाम वाले मानचित्र पर कैसे खोजेंगे?
गुजरात तट पर खंभात की खाड़ी खोजिए (सौराष्ट्र और मुख्य गुजरात के बीच गहरा कटाव)। लोथल इसके ऊपरी सिरे के पास, लगभग 22.5° उ., 72° पू. पर है। वहाँ बिंदु लगाइए और 'लोथल' लिखिए।
2. मगध, कोसल और अवन्ति की राजधानियाँ बताइए। सबसे पश्चिम में कौन है?
मगध: राजगृह; कोसल: श्रावस्ती; अवन्ति: उज्जयिनी। उज्जयिनी (लगभग 75.8° पू.) सबसे पश्चिम में है; राजगृह (लगभग 85.4° पू.) सबसे पूरब में।
3. मानचित्र पर ओडिशा तट पर A अंकित है, वहाँ एक शिलालेख है। पहचानिए।
ओडिशा तट + शिलालेख = धौली (भुवनेश्वर के पास) या जौगड़। आम तौर पर उत्तर धौली है। दोनों कलिंग के पास हैं, जिसे अशोक ने जीता था।
4. उत्तर से दक्षिण क्रम में लगाइए: विजयनगर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीजापुर।
अहमदनगर (लगभग 19° उ.) → गोलकुंडा (17.4° उ.) → बीजापुर (16.8° उ.) → विजयनगर (15.3° उ.)।
5. 1857 के केंद्रों में मेरठ पहले क्यों अंकित होता है?
विद्रोह वहीं 10 मई 1857 को शुरू हुआ, जब सिपाहियों ने जेल में बंद साथियों को छुड़ाया। फिर वे लगभग 70 किमी दक्षिण-पश्चिम में दिल्ली गए। इसलिए मेरठ शुरुआत है और दिल्ली केंद्र।
6. 1920 से पहले गांधीजी से जुड़े तीन स्थान और 1929 के बाद का एक स्थान बताइए।
1920 से पहले: चंपारण (1917), खेड़ा (1918), अहमदाबाद (1918)। 1929 के बाद: दांडी (नमक यात्रा, 1930)।
आम गलतियाँ
- हड़प्पा स्थलों को गंगा घाटी में लगाना। ज़्यादातर सिंधु, घग्गर-हाकरा और गुजरात में हैं।
- साँची (मध्य भारत का स्तूप) और सारनाथ (पहला उपदेश, वाराणसी के पास) को मिला देना।
- विजयनगर को बीजापुर के उत्तर में लगाना। विजयनगर (हम्पी) दक्षिण में, तुंगभद्रा पर है।
- सूची से बाहर की जगहें अंकित करना या सीमाएँ खींचना। केवल बिंदु और साफ़ नाम लिखिए।