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संविधान का निर्माण

भारत का संविधान दिसंबर 1946 से नवंबर 1949 के बीच संविधान सभा ने बनाया, ऐसे समय में जब उम्मीद भी थी और हिंसा भी। सभा के सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं ने चुने थे। 11 सत्रों में 165 दिन बैठकें हुईं और बहसें छपती थीं, ताकि जनता भी पढ़ सके। नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा, डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष। बड़ी बहसें तीन थीं: अल्पसंख्यकों की रक्षा कैसे हो (पृथक निर्वाचिका ठुकराई गई, पर दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटें रखी गईं), केंद्र और राज्यों को कितनी ताक़त मिले (तीन सूचियों के साथ मज़बूत केंद्र), और देश की भाषा क्या हो (देवनागरी में हिंदी राजभाषा, अंग्रेज़ी 15 साल और)। संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. देखो हॉल की सीटें नीली होकर भर रही हैं। यह संविधान सभा है। इसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं ने चुने। 11 सत्रों में 165 दिन बैठकें हुईं और काम 26 नवंबर 1949 को पूरा हुआ।
  2. तीन बड़े चेहरे खड़े होते हैं। नेहरू उद्देश्य प्रस्ताव पढ़ते हैं: भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य होगा जो सबको न्याय और बराबरी देगा। आंबेडकर प्रारूप समिति चलाते हैं। राजेंद्र प्रसाद बैठकों की अध्यक्षता करते हैं।
  3. एक तराज़ू। बायाँ पलड़ा: पृथक निर्वाचिका, यानी अल्पसंख्यक सदस्य सिर्फ़ अल्पसंख्यक वोटर चुनें। दायाँ पलड़ा: संयुक्त निर्वाचिका, यानी सब साथ वोट दें। देखो तराज़ू दाईं ओर झुकता है। दलितों और आदिवासियों के लिए सीटें फिर भी आरक्षित रहती हैं।
  4. तीन खंभे: संघ सूची (97 विषय), राज्य सूची (66) और समवर्ती सूची (47)। सबसे ऊँचा खंभा केंद्र का है। बँटवारे की हिंसा के बाद ज़्यादातर सदस्य देश को जोड़े रखने के लिए मज़बूत केंद्र चाहते थे।
  5. भाषा के तीन डिब्बे: हिंदी, हिंदुस्तानी और क्षेत्रीय भाषाएँ। एक सुनहरा पुल इन्हें जोड़ता है: देवनागरी में हिंदी राजभाषा बनेगी, अंग्रेज़ी 15 साल और चलेगी, और राज्य अपनी भाषा चुन सकेंगे।
  6. अब तुम्हारी बारी। सूची से कोई बहस चुनो। तराज़ू झुककर दिखाएगा कि सभा ने क्या तय किया और क्यों।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या संविधान सभा जनता ने चुनी थी?

अप्रत्यक्ष रूप से। 1946 में चुनी गई प्रांतीय विधानसभाओं ने सदस्य चुने। पहले चरण में हॉल भरता दिखता है।

संविधान असल में किसने लिखा?

आंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने बी.एन. राऊ की सलाह से मसौदा बनाया; पूरी सभा ने उस पर बहस करके पास किया। दूसरा चरण तीन मुख्य चेहरे दिखाता है।

पृथक निर्वाचिका नहीं रही, तो कमज़ोर वर्गों की रक्षा कैसे हुई?

SC और ST के लिए आरक्षित सीटों, छुआछूत ख़त्म करने और मौलिक अधिकारों से। तीसरे चरण में तराज़ू आरक्षित सीटों वाली संयुक्त निर्वाचिका की ओर झुकता है।

संघ सूची सबसे बड़ी क्यों है?

बँटवारे के बाद सदस्य मज़बूत केंद्र चाहते थे। चौथा चरण तीनों खंभे दिखाता है।

हिंदी को तुरंत अकेली भाषा क्यों नहीं बनाया?

ग़ैर-हिंदी भाषियों को पीछे छूटने का डर था, इसलिए बदलाव धीरे, अंग्रेज़ी के साथ 15 साल रखा गया। पाँचवाँ चरण समझौते का पुल दिखाता है।

क्या सभा हर बात पर एकमत थी?

नहीं, बहुत बहस हुई और बीच के रास्ते निकाले गए। छठे चरण में हर बहस चुनकर फ़ैसला देखो।

संविधान सभा: उथल-पुथल का समय

उम्मीद और डर के साल

संविधान 1946 से 1949 के बीच लिखा गया। भारत आज़ाद हो रहा था, पर बँटवारे से दंगे हुए और करोड़ों लोग उजड़े। रियासतों को भी भारत में मिलाना था। इसलिए सदस्य ऐसा संविधान चाहते थे जो देश को जोड़े रखे और सबको न्याय दे।

इसे किसने बनाया

सभा को सभी लोगों ने सीधे नहीं चुना था। इसके सदस्य 1946 में चुनी गई प्रांतीय विधानसभाओं ने चुने। ज़्यादातर सीटें कांग्रेस की थीं, पर सदस्यों के विचार बहुत अलग-अलग थे, समाजवादी से लेकर परंपरावादी तक। बँटवारे के बाद लगभग 300 सदस्यों ने भाग लिया।

काम कैसे हुआ

पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। सभा ने 11 सत्रों में 165 दिन काम किया। बहसें अख़बारों में छपती थीं और जनता सुझाव भेजती थी। संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।

मुख्य आवाज़ें

बहस 1: जनता की इच्छा और अल्पसंख्यकों के अधिकार

पृथक निर्वाचिका

पृथक निर्वाचिका का मतलब है कि किसी समुदाय के प्रतिनिधि केवल उसी समुदाय के वोटर चुनें। बी. पोकर बहादुर जैसे कुछ सदस्यों ने मुसलमानों की रक्षा के लिए इसकी माँग की। गोविंद बल्लभ पंत जैसे ज़्यादातर सदस्यों ने कहा कि इसने लोगों को बाँटा और बँटवारे तक पहुँचाया। सभा ने संयुक्त निर्वाचिका चुनी: सब साथ वोट देंगे।

कमज़ोरों के लिए दूसरी आवाज़ें

फ़ैसला: छुआछूत ख़त्म की गई, मंदिर सबके लिए खुले, और अनुसूचित जातियों व जनजातियों को आरक्षित सीटें और नौकरियाँ मिलीं।

बहस 2: केंद्र और राज्यों की शक्तियाँ

मसौदे में विषयों की तीन सूचियाँ थीं:

मद्रास के के. संथानम ने कहा कि राज्यों को भी पर्याप्त पैसा और अधिकार चाहिए, वरना वे नाकाम होंगे। पर बँटवारे की हिंसा के बाद आंबेडकर समेत ज़्यादातर सदस्य शांति बनाए रखने और अर्थव्यवस्था की योजना के लिए मज़बूत केंद्र चाहते थे। आपातकालीन शक्तियों से संकट में केंद्र सब सँभाल सकता था।

बहस 3: राष्ट्र की भाषा

गांधीजी हिंदुस्तानी चाहते थे, जो हिंदी और उर्दू का मेल है और आम लोग बोलते थे। बँटवारे के बाद आर.वी. धुलेकर जैसे कुछ सदस्यों ने ज़ोर देकर हिंदी की माँग की। दक्षिण की श्रीमती जी. दुर्गाबाई जैसी सदस्यों को डर था कि हिंदी उन पर थोपी जाएगी। कुछ ने समय और सब भाषाओं के सम्मान की बात की।

समझौता: देवनागरी लिपि में हिंदी राजभाषा होगी, पर बदलाव धीरे होगा। सरकारी काम में अंग्रेज़ी 15 साल और चलेगी। हर राज्य अपने काम के लिए अपनी भाषा चुन सकता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ज़्यादातर सदस्यों ने पृथक निर्वाचिका क्यों ठुकराई?

उन्हें लगता था कि पृथक निर्वाचिका ने भारतीयों को धर्म के आधार पर बाँटा और बँटवारे की ओर धकेला। वे चाहते थे कि नागरिक एक राष्ट्र के रूप में साथ वोट दें, और कमज़ोर वर्गों की रक्षा आरक्षित सीटों से हो।

2. सभा ने मज़बूत केंद्र क्यों चुना?

बँटवारे से दंगे हुए और देश टूटने का डर था। मज़बूत केंद्र व्यवस्था बनाए रख सकता था, रियासतों को मिला सकता था और आर्थिक विकास की योजना बना सकता था। इसलिए संघ सूची सबसे बड़ी बनाई गई।

3. भाषा का समझौता क्या था?

देवनागरी में हिंदी राजभाषा बनी, पर धीरे-धीरे। सरकारी काम में अंग्रेज़ी 15 साल और चली, और राज्य अपनी भाषा चुन सकते थे। इससे राष्ट्रभाषा की इच्छा और ग़ैर-हिंदी भाषियों के डर, दोनों का सम्मान हुआ।

4. सभा की बहसें सार्वजनिक क्यों की गईं?

ताकि लोग पढ़ें, चर्चा करें और सुझाव भेजें। इससे संविधान को जनता का समर्थन मिलता और वह लोगों का अपना दस्तावेज़ लगता।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
2. उद्देश्य प्रस्ताव किसने रखा?
3. प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
4. किस सूची पर केंद्र और राज्य दोनों क़ानून बना सकते हैं?
5. अंग्रेज़ी को कितने साल और राजकाज की भाषा रहना था?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संविधान का निर्माण अध्याय किस बारे में है?

संविधान सभा ने 1946–49 में भारत का संविधान कैसे बनाया, इसके मुख्य सदस्य कौन थे, और अल्पसंख्यकों, केंद्र–राज्य शक्तियों और भाषा पर बड़ी बहसें क्या थीं।

संविधान कब लागू हुआ?

26 जनवरी 1950 को, जिसे अब गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था।

पृथक और संयुक्त निर्वाचिका में क्या अंतर है?

पृथक निर्वाचिका में केवल एक समुदाय के वोटर उसके प्रतिनिधि चुनते हैं। संयुक्त निर्वाचिका में इलाक़े के सभी वोटर साथ वोट देते हैं, आरक्षित सीटों के लिए भी।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग-3

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