पर्यटन और पर्यटन भूगोल क्या है?
पर्यटक वह है जो अपने सामान्य निवास क्षेत्र से बाहर कम से कम एक रात और एक वर्ष से कम के लिए घूमने, व्यापार, इलाज, शैक्षिक यात्रा या परिवार से मिलने जाता है। अवकाश (leisure) आराम और मनोरंजन का ख़ाली समय है; पर्यटन वह अवकाश है जिसमें यात्रा हो।
पर्यटन भूगोल अध्ययन करता है कि पर्यटक कहाँ जाते हैं, क्यों, कैसे यात्रा करते हैं और उन जगहों में क्या बदलते हैं। पर्यटन दुनिया के सबसे बड़े उद्योगों में है: 2020 से पहले हर साल लगभग 1.4 अरब अंतरराष्ट्रीय आगमन होते थे।
पर्यटन ख़ास पर्यटन स्थल बनाता है: तटीय रिसॉर्ट, पुराने नगर केंद्र, राष्ट्रीय उद्यान, बर्फ़ के खेल क्षेत्र, तीर्थ नगर और थीम पार्क।
पर्यटन संसाधन और लोग क्यों घूमते हैं
पर्यटन संसाधन
- प्राकृतिक: जलवायु, पर्वत, तट, वन, वन्यजीव, झरने, मरुस्थल।
- सांस्कृतिक (मानवीय): स्मारक, संग्रहालय, धार्मिक स्थल, उत्सव, भोजन, शिल्प, संगीत, आधुनिक शहर।
- आधारभूत ढाँचा: हवाई अड्डे, सड़कें, होटल, इंटरनेट, सुरक्षा। इनके बिना सुंदर जगह पर भी कम लोग आते हैं।
धक्का और खिंचाव कारक
धक्का कारक (घर पर): तनाव, भीड़ भरे शहर, ठंडा या गर्म मौसम, बदलाव की चाह। खिंचाव कारक (गंतव्य पर): अच्छा मौसम, दर्शनीय स्थल, संस्कृति, कम ख़र्च, सुरक्षा, आसान वीज़ा।
पर्यटन क्यों बढ़ा
ज़्यादा सवेतन छुट्टियाँ, बढ़ी आय, सस्ती उड़ानें, इंटरनेट और सोशल मीडिया, और बेहतर सड़कों ने करोड़ों लोगों के लिए यात्रा आसान की। यह सामान्यीकृत गतिशीलता का हिस्सा है: लोग पहले से कहीं ज़्यादा और दूर आते-जाते हैं।
पर्यटन के प्रकार
- घरेलू: अपने ही देश में। भारत में घरेलू यात्राएँ विदेशी आगमन से कहीं ज़्यादा हैं।
- अंतरराष्ट्रीय: सीमा पार करना; विदेशी मुद्रा लाता है।
- इको-पर्यटन: छोटे पैमाने का, प्रकृति-आधारित, स्थानीय लोगों को लाभ और पर्यावरण की रक्षा।
- साहसिक: ट्रेकिंग, राफ़्टिंग, गोताख़ोरी, पैराग्लाइडिंग।
- सांस्कृतिक और धरोहर: स्मारक, संग्रहालय, उत्सव।
- धार्मिक (तीर्थ): वाराणसी, मक्का, वेटिकन, बोधगया।
- चिकित्सा और स्वास्थ्य: इलाज, योग या स्पा के लिए यात्रा।
- समुद्री और तटीय अवकाश: क्रूज़, नौकायन, स्नॉर्कलिंग, तट की छुट्टियाँ, व्हेल देखना।
- जन-पर्यटन बनाम विशिष्ट पर्यटन: पैकेज टूर पर बहुत लोग बनाम ख़ास रुचि वाले छोटे समूह।
पर्यटन क्षेत्र का जीवन-चक्र
एक भूगोलवेत्ता का मॉडल (बटलर, 1980) कहता है कि रिसॉर्ट इन चरणों से गुज़रता है:
- खोज: कुछ साहसी पर्यटक, कोई सुविधा नहीं।
- भागीदारी: स्थानीय लोग अतिथि-गृह खोलते हैं।
- विकास: बड़ी कंपनियाँ होटल बनाती हैं; संख्या तेज़ी से बढ़ती है।
- सुदृढ़ीकरण: वृद्धि धीमी; पर्यटन मुख्य धंधा।
- ठहराव: क्षमता पूरी; जगह भीड़ भरी और पुरानी लगती है।
- पतन या पुनर्जीवन: पर्यटक घटते हैं, या नए आकर्षण और बेहतर देखभाल से जगह फिर खिलती है।
नियोजक इस मॉडल से ठहराव से पहले ही क़दम उठाते हैं।
प्रभाव और टिकाऊ पर्यटन
| सकारात्मक | नकारात्मक | |
|---|---|---|
| आर्थिक | रोज़गार, आय, विदेशी मुद्रा, नई सड़कें और हवाई अड्डे | मौसमी नौकरियाँ, विदेशी कंपनियों को मुनाफ़ा (रिसाव), बढ़ती क़ीमतें |
| सामाजिक/सांस्कृतिक | संस्कृति पर गर्व, शिल्प फिर जीवित | भीड़, परंपराओं का ह्रास, शोर |
| पर्यावरणीय | उद्यानों और संरक्षण के लिए पैसा | कचरा, पानी की कमी, प्रवाल और टीलों को नुक़सान, उड़ानों से कार्बन |
वहन क्षमता वह अधिकतम पर्यटक संख्या है जिसे जगह बिना नुक़सान झेल सके। इससे ज़्यादा होने पर अति-पर्यटन होता है।
टिकाऊ पर्यटन आज के पर्यटकों और स्थानीय लोगों की ज़रूरतें भविष्य को नुक़सान पहुँचाए बिना पूरी करता है: संख्या की सीमा, स्थानीय गाइड और मालिक, इको-लॉज, सार्वजनिक परिवहन, कचरा योजना और स्थानीय संस्कृति का सम्मान।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पर्यटक = घर से दूर ≥ 1 रात और < 1 वर्ष
- धक्का कारक (घर) + खिंचाव कारक (गंतव्य) → यात्रा
- रिसॉर्ट जीवन-चक्र: खोज → भागीदारी → विकास → सुदृढ़ीकरण → ठहराव → पतन/पुनर्जीवन
- वहन क्षमता = बिना नुक़सान अधिकतम पर्यटक
- पर्यटक ÷ स्थानीय निवासी = पर्यटन तीव्रता
- टिकाऊ पर्यटन = पर्यटकों, स्थानीय लोगों और प्रकृति के लिए अच्छा, अभी और आगे भी
हल किए गए उदाहरण
1. एक तट प्रतिदिन 2,000 पर्यटक झेल सकता है। छुट्टी के दिन 3,200 आते हैं। क्षमता कितने % पार हुई?
अतिरिक्त = 3,200 − 2,000 = 1,200। 1,200 ÷ 2,000 × 100 = 60% ज़्यादा।
2. एक द्वीप पर 5,000 निवासी हैं और एक महीने में 40,000 पर्यटक आते हैं। पर्यटन तीव्रता क्या है?
40,000 ÷ 5,000 = उस महीने प्रति निवासी 8 पर्यटक, जो बहुत ज़्यादा है।
3. एक शांत मछुआरा गाँव जहाँ अब कुछ बैकपैकर स्थानीय घरों में रुकते हैं। यह जीवन-चक्र का कौन-सा चरण है?
भागीदारी: स्थानीय लोग पहले पर्यटकों को कमरे और खाना देने लगते हैं।
आम गलतियाँ
- सख़्त अर्थ में एक दिन की सैर को पर्यटन मानना। पर्यटक कम से कम एक रात रुकता है; उसी दिन लौटने वाला भ्रमणकर्ता (excursionist) है।
- धक्का और खिंचाव को उलझाना। धक्का घर पर है; खिंचाव गंतव्य पर।
- यह सोचना कि पर्यटन सिर्फ़ पैसा लाता है। बिना प्रबंधन के यह प्रकृति और संस्कृति को नुक़सान भी पहुँचाता है।
- यह सोचना कि इको-पर्यटन = सिर्फ़ प्रकृति घूमना। इसमें प्रकृति की रक्षा और स्थानीय लोगों का लाभ भी ज़रूरी है।