South 고등학교 3학년 Marine Culture and Technology
अध्याय: 5
1. The sea and culture
History of ocean exploration · Maritime culture · Korea as a maritime nation
- खोज का युग (लगभग 1400–1600) – लगभग 1400 से 1600 के बीच पुर्तगाल और स्पेन के नाविकों ने, और बाद में दूसरे यूरोपीय देशों ने, दुनिया के महासागरों में नए समुद्री रास्ते खोले। वे बिचौलियों के बिना मसाले और सोना चाहते थे, ईसाई धर्म फैलाना चाहते थे और नाम कमाना चाहते थे। कैरवेल जहाज़, कुतुबनुमा, एस्ट्रोलैब और बेहतर नक्शों ने लंबी यात्राएँ मुमकिन कीं। डियास अफ़्रीका के दक्षिणी सिरे तक पहुँचा (1488), कोलंबस अमेरिका पहुँचा (1492), वास्को द गामा भारत पहुँचा (1498) और मैगलन के बेड़े ने दुनिया का चक्कर लगाया (1519–22)। इससे पहले चीन के झेंग हे के बड़े बेड़े अफ़्रीका तक गए थे (1405–33)। इन यात्राओं ने पहली बार पूरी दुनिया को जोड़ा। यूरोप को व्यापार, नई फ़सलें और धन मिला, पर दूसरों को जीत लिया जाना, जानलेवा बीमारियाँ और अटलांटिक दास व्यापार झेलना पड़ा।
- सांस्कृतिक भूगोल: जगह संस्कृति को और संस्कृति जगह को कैसे गढ़ती है – सांस्कृतिक भूगोल यह पढ़ता है कि अलग-अलग जगहों पर संस्कृति कैसे अलग है और कैसे फैलती है. संस्कृति किसी समूह के जीने का साझा तरीका है: भाषा, धर्म, भोजन, पहनावा, भवन, कला और त्योहार. लोग अपनी संस्कृति के हिसाब से ज़मीन बदलते हैं, जिससे सांस्कृतिक भूदृश्य बनता है. प्राकृतिक पर्यावरण, ख़ासकर जलवायु और समुद्र की नज़दीकी, घर, भोजन और कपड़ों पर असर डालते हैं, पर लोग तकनीक और अपनी पसंद से भी चुनते हैं. मिलते-जुलते गुणों वाले इलाक़े सांस्कृतिक प्रदेश बनाते हैं. संस्कृति किसी केंद्र (हर्थ) से शुरू होकर प्रसार से फैलती है: स्थानांतरण (लोग जाते हैं) या विस्तार (विचार जाता है), जो संक्रामक, पदानुक्रमिक या उद्दीपन प्रकार का होता है. प्रसार से संस्कृति-ग्रहण, आत्मसात्करण, समन्वय और आज वैश्वीकरण होता है.
- समुद्र और महासागर वैश्वीकरण में: जहाज़, बंदरगाह, केबल और समुद्री कानून – महासागर पृथ्वी के लगभग 71% हिस्से को ढकते हैं और मात्रा के हिसाब से विश्व व्यापार का लगभग 80% ढोते हैं। कंटेनर जहाज़ बड़े बंदरगाहों के बीच मार्गों पर चलते हैं और जलसंधियों व नहरों से निकलते हैं। समुद्र-तल के केबल महाद्वीपों के बीच लगभग सारा डेटा ले जाते हैं। समुद्री कानून में तटीय देश का 12 समुद्री मील पर प्रादेशिक सागर और 200 समुद्री मील तक का विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) होता है, जबकि खुले समुद्र में सभी देशों के जहाज़ चल सकते हैं। समुद्र जलवायु नियंत्रित करते हैं, भोजन देते हैं और उन्हें बचाने की ज़रूरत है।
2. Understanding the ocean
Ocean basins and seafloor · Seawater and its motion · Marine ecosystems
- जल (महासागर): जलीय चक्र, महासागरीय तल, तापमान और लवणता – धरती का पानी महासागर, हवा, स्थल और जीवों के बीच लगातार घूमता है — यह जलीय चक्र है; लगभग 97% पानी महासागरों में है। महासागरीय तल के मुख्य भाग हैं — महाद्वीपीय मग्नतट, महाद्वीपीय ढाल, गहरे समुद्री मैदान और महासागरीय गर्त (खाइयाँ) — और छोटे रूप जैसे मध्य-महासागरीय कटक, समुद्री टीला, निमग्न द्वीप (गुयॉट), अंतःसागरीय कैनियन, एटॉल और बैंक। सतह का पानी विषुवत के पास सबसे गरम और ध्रुवों की ओर ठंडा होता है; गहराई में ताप प्रवणता परत (थर्मोक्लाइन) में तेज़ी से ठंडा होता है और नीचे 0–4 °C के पास रहता है। लवणता समुद्री पानी में नमक है, लगभग 35 ग्राम प्रति 1,000 ग्राम (35‰)। वाष्पीकरण से बढ़ती और बारिश, नदियों व पिघलती बर्फ़ से घटती है, इसलिए उपोष्ण क्षेत्रों और बंद गरम समुद्रों में ज़्यादा और विषुवत, ध्रुवों व नदी मुहानों के पास कम है।
- महासागर: समुद्र तल, चलता पानी और जीवन – महासागर पृथ्वी का लगभग 71% भाग ढकते हैं। उनके तल पर उथला महाद्वीपीय शेल्फ़, खड़ी ढलान, गहरा मैदान, पानी के नीचे कटक और बहुत गहरी खाइयाँ हैं। पानी तीन तरह चलता है: लहरें (हवा से), ज्वार-भाटा (चंद्रमा के खिंचाव से) और धाराएँ (समुद्र की नदियाँ, गरम और ठंडी)। महासागर मछली, नमक, तेल-गैस और व्यापार मार्ग देते हैं और करोड़ों लोगों की रोज़ी हैं। चक्रवात और सुनामी समुद्री आपदाएँ हैं; पहले की चेतावनी जान बचाती है। अंतरराष्ट्रीय नियम (UNCLOS) तय करते हैं कि देश के समुद्री अधिकार कहाँ तक हैं: 12 समुद्री मील प्रादेशिक सागर और 200 मील का अनन्य आर्थिक क्षेत्र।
- समुद्री जीव विज्ञान: समुद्र में जीवन – समुद्री जीव विज्ञान समुद्र के जीवन का अध्ययन है। समुद्री जीवों को उनके जीने के ढंग से बाँटते हैं: प्लवक बहते हैं, तरणक तैरते हैं और नितलक तल पर रहते हैं। गहराई के साथ प्रकाश घटता है, इसलिए भोजन बनाने वाले पादप प्लवक सतह के पास रहते हैं और लगभग हर समुद्री खाद्य शृंखला को भोजन देते हैं। प्रवाल भित्ति, मैंग्रोव, खुला समुद्र और गहरा समुद्र मुख्य पारितंत्र हैं। समुद्र भोजन, दवाएँ और विलवणीकरण से मीठा पानी देता है, पर उसे अति-मत्स्यन, प्रदूषण और गर्मी से ख़तरा है।
3. Marine industries
Ocean energy and minerals · Desalination and bio-resources · Fisheries and aquaculture · Shipping · Marine leisure
- प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) – प्राकृतिक संसाधन वे उपयोगी चीज़ें हैं जो हम प्रकृति से लेते हैं: धूप, पवन, पानी, मिट्टी, वन, खनिज, तेल, गैस और कोयला। नवीकरणीय संसाधन इंसान के जीवनकाल में फिर बन जाते हैं; अनवीकरणीय बनने में करोड़ों साल लगे और उपयोग से ख़त्म होते हैं। संसाधन असमान रूप से बँटे हैं क्योंकि वे वहीं बने जहाँ अतीत में ख़ास भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएँ हुईं (पुराने समुद्र, ज्वालामुखी, पर्वत बनना)। इनके उपयोग से ऊर्जा, रोज़गार और सामग्री जैसे लाभ हैं, पर प्रदूषण, आवास का नुकसान और ख़तरे जैसी लागत भी, इसलिए समाज दोनों को तौलकर सतत उपयोग की कोशिश करता है।
- समुद्री जीव विज्ञान: समुद्र में जीवन – समुद्री जीव विज्ञान समुद्र के जीवन का अध्ययन है। समुद्री जीवों को उनके जीने के ढंग से बाँटते हैं: प्लवक बहते हैं, तरणक तैरते हैं और नितलक तल पर रहते हैं। गहराई के साथ प्रकाश घटता है, इसलिए भोजन बनाने वाले पादप प्लवक सतह के पास रहते हैं और लगभग हर समुद्री खाद्य शृंखला को भोजन देते हैं। प्रवाल भित्ति, मैंग्रोव, खुला समुद्र और गहरा समुद्र मुख्य पारितंत्र हैं। समुद्र भोजन, दवाएँ और विलवणीकरण से मीठा पानी देता है, पर उसे अति-मत्स्यन, प्रदूषण और गर्मी से ख़तरा है।
- मत्स्य पालन और जल-कृषि: समुद्र से थाली तक – मत्स्यन (fisheries) का अर्थ है जंगली मछली और जलीय जीवों को पकड़ना (पकड़ मत्स्यन), जबकि जल-कृषि (aquaculture) का अर्थ है मछली, झींगा, सीप या शैवाल को पालना। ज़्यादातर जंगली मछली उथले महाद्वीपीय मग्नतट और उत्प्रवाह (upwelling) वाले क्षेत्रों में पकड़ी जाती है, जहाँ पोषक तत्व प्लवक को भोजन देते हैं। फिर मछली एक शृंखला से गुज़रती है: बंदरगाह और बर्फ़, प्रसंस्करण (साफ़ करना, जमाना, सुखाना, डिब्बाबंदी), शीत भंडार और बाज़ार या निर्यात। जब पकड़ प्राकृतिक बढ़त से ज़्यादा हो, तो स्टॉक गिर जाता है: अति-मत्स्यन। अच्छे प्रबंधन में पकड़ की सीमा, बंद मौसम, जाल के छेद के नियम, संरक्षित क्षेत्र और ज़िम्मेदार जल-कृषि आते हैं।
- समुद्र और महासागर वैश्वीकरण में: जहाज़, बंदरगाह, केबल और समुद्री कानून – महासागर पृथ्वी के लगभग 71% हिस्से को ढकते हैं और मात्रा के हिसाब से विश्व व्यापार का लगभग 80% ढोते हैं। कंटेनर जहाज़ बड़े बंदरगाहों के बीच मार्गों पर चलते हैं और जलसंधियों व नहरों से निकलते हैं। समुद्र-तल के केबल महाद्वीपों के बीच लगभग सारा डेटा ले जाते हैं। समुद्री कानून में तटीय देश का 12 समुद्री मील पर प्रादेशिक सागर और 200 समुद्री मील तक का विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) होता है, जबकि खुले समुद्र में सभी देशों के जहाज़ चल सकते हैं। समुद्र जलवायु नियंत्रित करते हैं, भोजन देते हैं और उन्हें बचाने की ज़रूरत है।
- पर्यटन भूगोल: संसाधन, प्रकार, प्रभाव और नियोजन – पर्यटन का अर्थ है घर से दूर कम से कम एक रात के लिए घूमने, व्यापार, इलाज या रिश्तेदारों से मिलने जाना। पर्यटन भूगोल पूछता है कि लोग कहाँ जाते हैं, क्यों, और पर्यटन जगहों पर क्या असर डालता है। जगहें प्राकृतिक संसाधनों (पर्वत, तट, वन्यजीव) और सांस्कृतिक संसाधनों (धरोहर, उत्सव, भोजन) से लोगों को खींचती हैं। लोग घर से धकेले और गंतव्य की ओर खींचे जाते हैं। पर्यटन घरेलू या अंतरराष्ट्रीय होता है, और इसके कई प्रकार हैं: इको, साहसिक, सांस्कृतिक, चिकित्सा और समुद्री। रिसॉर्ट अक्सर खोज से ठहराव और फिर पतन या पुनर्जीवन तक एक जीवन-चक्र से गुज़रते हैं। पर्यटन रोज़गार और पैसा लाता है, पर वहन क्षमता से ज़्यादा पर्यटक प्रकृति और संस्कृति को नुक़सान पहुँचाते हैं, इसलिए अच्छा नियोजन टिकाऊ पर्यटन चाहता है।
4. Water safety
Ship stability and passenger safety · Safety equipment · Water accidents and rules
- जहाज़ की स्थिरता और सुरक्षा उपकरण – जहाज़ तब सीधा रहता है जब नीचे खींचने वाला वज़न (बिंदु G पर) और ऊपर धकेलने वाला उछाल (बिंदु B पर) झुकाव के बाद उसे वापस घुमाने वाली जोड़ी बनाते हैं। भारी माल ऊपर रखने से G ऊपर उठता है और जहाज़ पलट सकता है। लाइफ़ जैकेट, जीवन-रिंग और नौका लोगों को बचाती हैं।
5. Marine environment
Marine pollution · Protecting the ocean
- प्रदूषण: वायु, जल, भूमि और ध्वनि – प्रदूषण यानी हवा, पानी या ज़मीन में हानिकारक पदार्थ या ऊर्जा इतनी तेज़ी से डालना कि प्रकृति उसे हटा न सके। मुख्य वायु प्रदूषक हैं कण (PM), कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फ़र डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओज़ोन; इनसे अम्लीय वर्षा और स्मॉग बनते हैं। पोषक तत्व, सीवेज और ज़हरीले रसायन पानी में सुपोषण और जैव आवर्धन करते हैं। स्रोत पर उत्सर्जन घटाकर, कचरा छोड़ने से पहले साफ़ करके और 3R से प्रदूषण घटता है।
- जानवर, इंसान और संरक्षण – इंसान हज़ारों साल से जानवरों का जीवन बदल रहा है: हम शिकार करते हैं, मछली पकड़ते हैं, जंगली जानवरों को पालतू बनाकर नस्लें बनाते हैं, कीटों से लड़ते हैं और शहरों में जानवरों के साथ रहते हैं। जब हम प्रकृति की भरपाई से ज़्यादा ले लेते हैं, तो जातियाँ घटती हैं और विलुप्त हो सकती हैं। संरक्षण का मतलब है जानवरों का समझदारी से उपयोग और उनकी रक्षा: रेड बुक ख़तरे वाली जातियों की सूची है, राष्ट्रीय उद्यान ज़मीन बचाते हैं, और समुद्री संरक्षित क्षेत्र व मछली पकड़ने के नियम समुद्र बचाते हैं।