विकास क्या है?
विकास का मतलब है लोग बेहतर जीवन जी सकें। इसमें पर्याप्त पैसा, अच्छा स्वास्थ्य, पढ़ाई, सुरक्षित घर, साफ़ पानी और अपनी पसंद चुनने की आज़ादी आती है।
अलग-अलग लोग अलग चीज़ें चाहते हैं। किसान फ़सल का सही दाम चाहता है, छात्र अच्छा कॉलेज। इसलिए विकास के कई लक्ष्य हैं, सिर्फ़ ज़्यादा आय नहीं।
असमानता यानी जिनके पास ज़्यादा है और जिनके पास कम है, उनके बीच का अंतर। यह देशों, क्षेत्रों या एक ही शहर के समूहों के बीच हो सकता है।
विकास को नापना: सूचक और HDI
सूचक (indicator) वह अंक है जो बताता है लोग कितना अच्छा जी रहे हैं। मुख्य सूचक:
- प्रति व्यक्ति GNI: देश की सालाना आय को लोगों की संख्या से भाग।
- जीवन प्रत्याशा: आज जन्मा बच्चा औसतन कितने साल जिएगा।
- स्कूली वर्ष और साक्षरता दर।
- शिशु मृत्यु दर: 1000 जन्मों में से कितने बच्चे 1 साल से पहले मरते हैं।
- जन्म दर और युवाओं का हिस्सा (जनसांख्यिकीय सूचक)।
एक सूचक भ्रम दे सकता है। तेल से अमीर देश की आय ऊँची पर स्कूल कमज़ोर हो सकते हैं। इसलिए संयुक्त राष्ट्र मानव विकास सूचकांक (HDI) इस्तेमाल करता है। यह स्वास्थ्य, शिक्षा और आय के 0 से 1 के तीन अंक बनाकर उनका ज्यामितीय माध्य लेता है। 0.8 या ज़्यादा बहुत ऊँचा; 0.55 से कम निम्न।
सूचकों की सीमाएँ
औसत अमीर-गरीब का अंतर छिपा लेता है। इसमें बिना वेतन का काम, आज़ादी और पर्यावरण नहीं दिखते। इसलिए भूगोलवेत्ता कई सूचक साथ में देखते हैं।
असमान विकास: कोर और परिधि
कोर अमीर और व्यस्त इलाक़ा है: बड़े शहर, बंदरगाह, कारख़ाने, दफ़्तर, विश्वविद्यालय। परिधि दूर का गरीब इलाक़ा है: दूर के खेत, पहाड़, पुराने खनन क़स्बे।
कोर पैसा, मज़दूर और विचार अपनी ओर खींचता है, इसलिए तेज़ी से बढ़ता है और अंतर बढ़ सकता है। सरकारें सड़क, स्कूल, इंटरनेट और पिछड़े क्षेत्रों की मदद से विकास फैलाने की कोशिश करती हैं।
यह हर स्तर पर दिखता है: दुनिया के क्षेत्रों के बीच (अक्सर 'वैश्विक उत्तर' और 'वैश्विक दक्षिण' कहते हैं, पर रेखा सीधी नहीं), देशों के अंदर (अमीर राजधानी क्षेत्र बनाम ग्रामीण इलाक़े, यूरोप में भी और एशिया-अफ़्रीका में भी) और एक शहर के अंदर (अमीर मोहल्ले बनाम झुग्गी बस्तियाँ)।
अमीर और गरीब की सीमा वाले क्षेत्र
कुछ जगहें ठीक वहाँ हैं जहाँ अमीर क्षेत्र गरीब क्षेत्र से मिलता है, जैसे उत्तरी अमेरिका की सबसे अमीर अर्थव्यवस्था और उसके दक्षिणी पड़ोसी के बीच का इलाक़ा, या यूरोप और उत्तरी अफ़्रीका के बीच भूमध्य सागर।
- आर्थिक अंतर: अमीर तरफ़ मज़दूरी कई गुना ज़्यादा।
- जनसांख्यिकीय अंतर: अमीर तरफ़ बुज़ुर्ग ज़्यादा, बच्चे कम; गरीब तरफ़ युवा ज़्यादा।
- सामाजिक-सांस्कृतिक विशेषताएँ: साझा भाषाएँ, मिले-जुले परिवार, दो संस्कृतियों वाले सीमा-क़स्बे।
प्रवाह: मज़दूर और ख़रीदार अमीर तरफ़ जाते हैं; कंपनियाँ कम वेतन वाली तरफ़ कारख़ाने लगाती हैं; प्रवासी घर पैसा भेजते हैं (प्रेषण); सामान दोनों ओर बिकता है।
असर: अच्छे असर हैं नौकरी, आय और कौशल। बुरे असर हैं कम वेतन, असुरक्षित काम, भीड़ भरे क़स्बे, प्रदूषण और ख़तरनाक प्रवास।
विकास का कोई एक मॉडल नहीं
देशों ने अलग-अलग रास्ते लिए:
- व्यापार खोलना और निर्यात कारख़ाने: पूर्वी एशिया की अर्थव्यवस्थाओं ने, और चीन ने लगभग 1980 के बाद, तट पर विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाए, विदेशी कंपनियाँ बुलाईं और दुनिया को सामान बेचा। आय तेज़ी से बढ़ी, पर तटीय इलाक़े भीतरी इलाक़ों से बहुत आगे निकल गए।
- सेवाएँ और IT: भारत के सॉफ़्टवेयर और कॉल-सेंटर उद्योग ने अच्छी नौकरियाँ दीं, पर ज़्यादातर कुछ शहरों में।
- खनन और फ़सल: अफ़्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई देश खनिज, तेल, कॉफ़ी या सोया बेचते हैं। दुनिया में दाम गिरें तो आय भी गिरती है।
ब्राज़ील, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका जैसे बड़े उभरते देश अपने क्षेत्र में आगे हैं पर अंदर गहरी असमानता है। आज के मुद्दे: झुग्गी बस्तियाँ, जंगल कटाई, अपराध और ज़मीन का असमान बँटवारा।
करके देखें: दो जगहों की तुलना
अपना ज़िला और कोई बड़ा शहर चुनिए। दोनों के लिए लिखिए: एक मुख्य काम, सबसे पास का अस्पताल, सबसे पास का कॉलेज, और युवा रुकते हैं या बाहर जाते हैं। तय कीजिए कौन कोर जैसा है और कौन परिधि जैसा। फिर 3D के खुले खेल में दोनों का HDI बनाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- विकास = बेहतर जीवन (आय + स्वास्थ्य + शिक्षा + आज़ादी)
- प्रति व्यक्ति GNI = कुल राष्ट्रीय आय ÷ जनसंख्या
- HDI = ∛(स्वास्थ्य सूचकांक × शिक्षा सूचकांक × आय सूचकांक), 0 से 1
- स्वास्थ्य सूचकांक = (जीवन प्रत्याशा − 20) ÷ 65
- कोर = अमीर केंद्र; परिधि = गरीब किनारा
- प्रेषण (remittance) = प्रवासियों द्वारा घर भेजा पैसा
हल किए गए उदाहरण
1. देश A: प्रति व्यक्ति GNI $40,000, जीवन प्रत्याशा 60 वर्ष। देश B: $12,000 और 78 वर्ष। कौन ज़्यादा विकसित है?
चरण 1: आय में A आगे है। चरण 2: B के लोग 18 साल ज़्यादा जीते हैं। चरण 3: विकास पैसे से बढ़कर है, इसलिए और सूचक (पढ़ाई भी) या HDI चाहिए। HDI में B, A के बराबर या आगे हो सकता है क्योंकि स्वास्थ्य का वज़न आय जितना है।
2. HDI निकालिए: जीवन प्रत्याशा 70 वर्ष, स्कूल 8 वर्ष (सूचकांक = वर्ष ÷ 15), आय सूचकांक 0.642।
स्वास्थ्य सूचकांक = (70 − 20) ÷ 65 = 0.769। शिक्षा सूचकांक = 8 ÷ 15 = 0.533। HDI = ∛(0.769 × 0.533 × 0.642) = ∛0.263 ≈ 0.64 (मध्यम)।
3. एक कारख़ाना अमीर क्षेत्र से रेखा पार गरीब क्षेत्र में चला जाता है। दो अच्छे और दो बुरे असर बताइए।
अच्छे: स्थानीय लोगों को नई नौकरी; कौशल और आय बढ़ती है। बुरे: वेतन कम और काम असुरक्षित हो सकता है; क़स्बा तेज़ी से बढ़ता है, भीड़ और प्रदूषण होता है। अमीर तरफ़ भी कारख़ाने की नौकरियाँ घटती हैं।
4. किसी देश की औसत आय बढ़ने पर भी बहुत लोग गरीब क्यों रह सकते हैं?
औसत कुल आय को सबमें बाँटता है। अगर नई आय ज़्यादातर अमीर कोर या छोटे समूह को मिले, तो औसत बढ़ता है पर परिधि और गरीब परिवारों को कम मिलता है। इसलिए असमानता भी देखते हैं।
आम गलतियाँ
- विकास को सिर्फ़ पैसा समझना। स्वास्थ्य, शिक्षा और आज़ादी भी गिनती में हैं।
- एक ही सूचक पर भरोसा करना। GNI जैसा अकेला अंक अंतर छिपाता है; कई सूचक या HDI देखें।
- अमीर देश का हर हिस्सा अमीर मानना। हर देश में अपना कोर और परिधि होता है।
- विकास का एक ही सही रास्ता मानना। देश अलग-अलग तरह से बढ़े, हर रास्ते में जोखिम है।