चट्टान की परतें और प्रतिबल
परतदार चट्टानें अक्सर समतल स्तरों के रूप में बनती हैं। सबसे पुरानी परत नीचे होती है (अध्यारोपण का नियम)। पर्पटी के अंदर प्रतिबल नाम के बल चट्टान को धकेलते हैं।
- संपीडन: किनारों से दबाना।
- तनाव: खींचकर अलग करना।
- अपरूपण: एक रेखा के दोनों ओर उल्टी दिशा में धकेलना।
चट्टान दो तरह से प्रतिक्रिया करती है। गर्म, धीरे धकेली या गहरी चट्टान नरम मिट्टी की तरह मुड़ जाती है। ठंडी, कम गहरी या तेज़ धकेली चट्टान सूखे बिस्कुट की तरह टूट जाती है।
वलन: अपनति और अभिनति
वलन चट्टान की परतों का मुड़ना है। यह संपीडन से बनता है, अक्सर प्लेट सीमाओं पर, और कई वलित पर्वत ऐसे ही बने हैं।
- अपनति: मेहराब। सबसे पुरानी चट्टानें बीच (कोर) में होती हैं।
- अभिनति: गर्त। सबसे नई चट्टानें बीच में होती हैं।
- अक्षीय तल: वलन को आधा काटने वाली काल्पनिक सतह। खुले वलन में यह खड़ा होता है; उलटे वलन में एक भुजा गिर जाती है।
- भुजाएँ वलन के दो पक्ष हैं; शीर्ष-रेखा (हिंज) वहाँ है जहाँ मोड़ सबसे तेज़ है।
वलन हाथ के नमूने जितने छोटे या पर्वत-श्रृंखला जितने बड़े हो सकते हैं। ध्यान रखिए: कटाव के बाद अपनति पर घाटी भी बन सकती है।
भ्रंश: सामान्य, उत्क्रमित और नतिलंब
भ्रंश चट्टान की वह दरार है जहाँ एक खंड दूसरे के सामने खिसक गया है। भ्रंश तल तिरछा हो सकता है। तल के ऊपर वाला खंड ऊपरी खंड (हैंगिंग वॉल) और नीचे वाला निचला खंड (फुटवॉल) है।
- सामान्य भ्रंश (तनाव): ऊपरी खंड नीचे जाता है। पर्पटी खिंचती है। आमने-सामने दो सामान्य भ्रंश बीच की ज़मीन धँसा देते हैं: भ्रंश घाटी (ग्रैबेन)। बीच में ऊँचा बचा खंड होर्स्ट है।
- उत्क्रमित भ्रंश (संपीडन): ऊपरी खंड ऊपर चढ़ता है। पर्पटी छोटी होती है। कम ढाल वाला उत्क्रमित भ्रंश क्षेप भ्रंश (थ्रस्ट) है।
- नतिलंब भ्रंश (अपरूपण): खंड आड़े खिसकते हैं। सड़कें, नदियाँ और बाड़ें कटकर खिसक जाती हैं।
भ्रंश पुराने (निष्क्रिय) या सक्रिय हो सकते हैं। सक्रिय भ्रंश पर अचानक फिसलन से भूकंप आता है। जिन दरारों में खिसकाव नहीं, केवल फटाव है, उन्हें संधि (जोड़) कहते हैं। संधियाँ अपक्षय और खदान के काम में मदद करती हैं।
संरचनात्मक प्रवृत्ति और संरचनाएँ कैसे पढ़ें
किसी क्षेत्र में वलन और भ्रंश अक्सर एक ही दिशा में सजे होते हैं। इस दिशा को संरचनात्मक प्रवृत्ति कहते हैं। यह पुराने दबाव या खिंचाव की दिशा से तय होती है। जैसे वलित पर्वत की पट्टी दबाव की दिशा से लगभग समकोण पर चलती है।
भूवैज्ञानिक संरचनाएँ ऐसे पढ़ते हैं:
- नति और दिक्पात (स्ट्राइक-डिप) भूवैज्ञानिक नक्शे पर।
- उम्र का क्रम: अपनति में सबसे पुरानी चट्टान बीच में, अभिनति में किनारों पर।
- विस्थापन: कोई परत कटकर खिसकी हो तो भ्रंश है, और खिसकाव मात्रा है।
- असंगति (अनकॉन्फ़ॉर्मिटी): वह सतह जहाँ नई परतें मुड़ी या घिसी पुरानी परतों पर टिकी हैं। यह समय के अंतराल, वलन और कटाव का सबूत है।
आज़माइए: तौलिया मोड़िए, बिस्कुट तोड़िए
- 4 रंगीन कपड़े एक के ऊपर रखिए। दोनों सिरों को धीरे पास लाइए। पहले अनुमान लगाइए: मेहराब कहाँ बनेगा? अपनति और अभिनति बताइए।
- सूखा बिस्कुट खींचकर और दबाकर तोड़िए। धीरे और हल्का दबाव मिट्टी मोड़ता है; तेज़ बिस्कुट तोड़ता है। यही नरम (तन्य) और भंगुर व्यवहार है।
- ऊपर के 3D में हर बल का बटन दबाइए और बोलिए कि ऊपरी खंड ऊपर, नीचे या आड़ा गया।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संपीडन → वलन या उत्क्रमित/क्षेप भ्रंश
- तनाव → सामान्य भ्रंश, भ्रंश घाटी, होर्स्ट
- अपरूपण → नतिलंब भ्रंश
- अपनति: सबसे पुरानी चट्टान कोर में। अभिनति: सबसे नई चट्टान कोर में
- ऊपरी खंड = भ्रंश तल के ऊपर; निचला खंड = नीचे
हल किए गए उदाहरण
1. सामान्य भ्रंश में कौन-सा खंड नीचे जाता है और कौन-सा बल बनाता है?
निचले खंड के सामने ऊपरी खंड नीचे जाता है। बल तनाव (खिंचाव) है।
2. सड़क के पास पहाड़ी में परतें मेहराब जैसी हैं और सबसे पुरानी परत बीच में है। यह कौन-सा वलन है?
यह अपनति है: मेहराब, जिसके कोर में सबसे पुरानी चट्टान है।
3. एक सीधी नदी कटकर 20 मी आड़ी खिसक गई है। भ्रंश और बल का नाम बताइए।
यह नतिलंब भ्रंश है, अपरूपण (आड़े धक्के) से बना। खिसकाव 20 मी है।
आम गलतियाँ
- अपनति और अभिनति उलझाना। अपनति = मेहराब, कोर में सबसे पुरानी। अभिनति = गर्त, कोर में सबसे नई।
- “सामान्य” का मतलब साधारण समझना। यह इसलिए सामान्य है क्योंकि ऊपरी खंड गुरुत्व की तरह नीचे जाता है और यह तनाव से बनता है।
- ऊपरी खंड और निचला खंड उलझाना। ऊपरी खंड तिरछे तल के ऊपर है।
- हर वलन को पहाड़ी मानना। कटाव अपनति को घाटी और अभिनति को कटक बना सकता है।