Netherlands HAVO 5 (eindexamenjaar) Geography
अध्याय: 2
1. Development country: Brazil
Area features of Brazil · Brazil's position in the region and the world · Current issues in the development country
- विकास का भूगोल: कोई जगह अमीर या गरीब क्यों? – विकास का मतलब है लोग बेहतर जीवन जिएँ: ज़्यादा आय, अच्छा स्वास्थ्य, ज़्यादा पढ़ाई और चुनने की आज़ादी। इसे सूचकों से नापते हैं, जैसे प्रति व्यक्ति GNI, जीवन प्रत्याशा और स्कूली वर्ष, और मानव विकास सूचकांक (HDI, 0 से 1) से, जो तीनों को जोड़ता है। विकास असमान है: अमीर कोर और गरीब परिधि दुनिया के क्षेत्रों के बीच भी हैं और एक देश के अंदर भी। जहाँ अमीर और गरीब इलाक़े मिलते हैं, वहाँ मज़दूर, सामान, कारख़ाने और पैसे का आना-जाना होता है, जिसके अच्छे और बुरे दोनों असर हैं। विकास का एक ही मॉडल नहीं: देश निर्यात कारख़ानों, सेवाओं, या खनन और खेती से बढ़े हैं, हर रास्ते के अपने जोखिम हैं।
2. Living environment
Floods, water surplus and water shortage in the Netherlands · Urban issues in the Netherlands · Local and regional spatial issues
- जल प्रबंधन: बाढ़, भारी वर्षा और सूखा – जल प्रबंधन लोगों को बहुत ज़्यादा पानी (नदी की बाढ़, समुद्र की बाढ़, भारी वर्षा) और बहुत कम पानी (सूखा) दोनों से बचाता है। मुख्य नियम सरल है: जल स्तर सुरक्षा दीवार की चोटी से नीचे रहना चाहिए। साधन हैं बाँध, नदी को ज़्यादा जगह, भंडारण, पंप और निर्माण की योजना। समुद्र स्तर वृद्धि और जलवायु परिवर्तन सोच-समझकर टिकाऊ चुनाव ज़रूरी बनाते हैं।
- नगरीकरण: शहर क्यों बढ़ते हैं और उन्हें बेहतर कैसे बनाएँ – नगरीकरण किसी देश या दुनिया के उन लोगों के हिस्से का बढ़ना है जो कस्बों और शहरों में रहते हैं। 1950 में दुनिया के लगभग 30% लोग नगरीय थे; 2007 से आधे से ज़्यादा हैं, और 2050 तक लगभग 68% होने का अनुमान है। शहर ग्रामीण-नगरीय प्रवास (गाँव से धक्का देने वाले और शहर की ओर खींचने वाले कारक) और प्राकृतिक वृद्धि से बढ़ते हैं। आज सबसे तेज़ बढ़त एशिया और अफ़्रीका के कम आय वाले और उभरते देशों में है, जहाँ 1 करोड़ से ज़्यादा के महानगर बन रहे हैं; कई अमीर देशों में बढ़त धीमी है और लोग उपनगरों या गाँवों की ओर भी जाते हैं (उपनगरीकरण और प्रति-नगरीकरण)। तेज़ बढ़त से अवसर (रोज़गार, सेवाएँ) और समस्याएँ (अनौपचारिक बस्तियाँ, ट्रैफ़िक, प्रदूषण, कचरा, बाढ़, नगरीय ऊष्मा द्वीप) आती हैं। टिकाऊ नगरीय विकास इन्हें सार्वजनिक परिवहन, हरी जगहों, साफ़ पानी, पुनर्चक्रण, सस्ते घरों और नवीकरणीय ऊर्जा से सुधारता है।
- नगर नियोजन और नगरीय जीवन की गुणवत्ता – नगर नियोजन का अर्थ है पहले से तय करना कि शहर की ज़मीन कैसे इस्तेमाल होगी: सड़कें, घर, काम, पार्क और सेवाएँ कहाँ होंगी और शहर कैसे बढ़ेगा। योजना के बिना शहर खेतों पर फैलता है, जाम बढ़ता है और झुग्गियों में पानी व नाली नहीं होती। नियोजक भूमि-उपयोग क्षेत्रीकरण, सार्वजनिक परिवहन, सही घनत्व और हरियाली से जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं, जिसे आवास, रोज़गार, साफ़ हवा, सेवाएँ, परिवहन और सुरक्षा से मापा जाता है। नए विचार हैं: रहने योग्य शहर, 15-मिनट पड़ोस, स्मार्ट शहर और शहर की ब्रांडिंग। गाँव और छोटे नगर भी मिलकर नियोजित किए जाते हैं।