Netherlands VWO 3 (onderbouw) Geography
अध्याय: 1
1. People, environment and wealth
Wealth and poverty in the world · People and the environment (adopted, legal 2027) · Weather, climate and water (adopted, legal 2027) · Planning space in the Netherlands (adopted, legal 2027)
- विकास का भूगोल: कोई जगह अमीर या गरीब क्यों? – विकास का मतलब है लोग बेहतर जीवन जिएँ: ज़्यादा आय, अच्छा स्वास्थ्य, ज़्यादा पढ़ाई और चुनने की आज़ादी। इसे सूचकों से नापते हैं, जैसे प्रति व्यक्ति GNI, जीवन प्रत्याशा और स्कूली वर्ष, और मानव विकास सूचकांक (HDI, 0 से 1) से, जो तीनों को जोड़ता है। विकास असमान है: अमीर कोर और गरीब परिधि दुनिया के क्षेत्रों के बीच भी हैं और एक देश के अंदर भी। जहाँ अमीर और गरीब इलाक़े मिलते हैं, वहाँ मज़दूर, सामान, कारख़ाने और पैसे का आना-जाना होता है, जिसके अच्छे और बुरे दोनों असर हैं। विकास का एक ही मॉडल नहीं: देश निर्यात कारख़ानों, सेवाओं, या खनन और खेती से बढ़े हैं, हर रास्ते के अपने जोखिम हैं।
- जलवायु परिवर्तन और हरितगृह प्रभाव – जलवायु किसी जगह का लगभग 30 साल का औसत मौसम है। कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी हरितगृह गैसें पृथ्वी से निकलने वाली कुछ ऊष्मा रोक लेती हैं। मनुष्यों ने ईंधन जलाकर और जंगल काटकर ये गैसें बहुत बढ़ा दी हैं, इसलिए पृथ्वी गर्म हो रही है। इससे बर्फ़ पिघलती है, समुद्र तल बढ़ता है और मौसम उग्र होता है। हम गैसें घटा सकते हैं (शमन) और बदलाव के लिए तैयार हो सकते हैं (अनुकूलन)।
- मौसम और जलवायु: वायुमंडल से मानसून तक – वायुमंडल पृथ्वी के चारों ओर हवा का कंबल है: 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन और 1% अन्य गैसें। इसकी पाँच परतें हैं; सारा मौसम सबसे नीचे क्षोभमंडल में बनता है। मौसम किसी एक दिन की हवा का हाल है: तापमान, दाब, हवा, आर्द्रता, बादल और वर्षा। जलवायु 30 या ज़्यादा सालों के मौसम का औसत है। भारत में चार ऋतुएँ हैं और ज़्यादातर वर्षा मानसूनी हवाएँ लाती हैं। ईंधन जलाने से कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है, जो धरती को गरम करती है और बाढ़ व लू बढ़ाती है। हमारी ज़िंदगी से कितनी यह गैस बनती है, वह हमारा कार्बन फ़ुटप्रिंट है।
- स्थानिक नियोजन: सीमित ज़मीन को न्याय से बाँटना – स्थानिक नियोजन तय करता है कि ज़मीन का हर हिस्सा किस काम आएगा और सेवाएँ कहाँ होंगी। ज़मीन सीमित है, पर घर, खेती, प्रकृति, पानी और ऊर्जा सबको जगह चाहिए, और कुछ जगहों पर सेवाएँ बहुत कम हैं। योजनाकार ज़ोनिंग, यातायात और नई सेवाओं जैसे औज़ार अपनाते हैं, सबके हितों को तौलते हैं और भविष्य के परिदृश्य सोचते हैं।