Ontario Grade 12 HSB4U Challenge and Change in Society (Grade 12, University Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Research and Inquiry Skills
A1 Exploring · A2 Investigating · A3 Processing Information · A4 Communicating and Reflecting
- समाज में चुनौती और परिवर्तन – समाज कभी रुकता नहीं। नई तकनीक हमारे मिलने, काम करने और सोचने का ढंग बदलती है, और संस्कृति धीरे-धीरे उसके साथ चलती है (सांस्कृतिक पिछड़)। प्रवृत्तियों को अर्थव्यवस्था, संस्कृति-परंपरा, लोगों का आना-जाना और काम के नए रूप आकार देते हैं। सामाजिक मानदंड तोड़ना विचलन है; सिद्धांत बताते हैं यह क्यों होता है और समाज इसे कैसे रोकता है। नैतिक आतंक में डर तथ्यों से बड़ा हो जाता है। वैश्वीकरण व्यापार, बड़ी कंपनियों और वैश्विक संगठनों से दुनिया को जोड़ता है, जिससे लाभ भी होते हैं और शोषण भी। इन सबको हम एक साफ़ शोध प्रक्रिया से समझते हैं: खोजो, जाँचो, विश्लेषण करो, बताओ।
2. B. Social Change
B1 Foundations for the Study of Social Change · B2 Causes and Effects of Social Change · B3 Technological Change
- गाँव और नगर में सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक व्यवस्था – सामाजिक परिवर्तन यानी समाज के ढाँचे में बड़ा और टिकाऊ बदलाव। यह धीमा (उद्विकासीय) या अचानक (क्रांतिकारी) हो सकता है, और ढाँचे, विचार या मूल्य बदल सकता है। इसके कारण हैं पर्यावरण, तकनीक और अर्थव्यवस्था, राजनीति और संस्कृति। सामाजिक व्यवस्था दूसरा पहलू है: समाज साझा मूल्यों, प्रभुत्व, सत्ता और कानून से स्थिर रहता है। व्यवस्था को प्रतिरोध, अपराध और हिंसा चुनौती देते हैं। गाँव, कस्बा और नगर आकार, घनत्व और काम में अलग हैं, और सब अपने ढंग से बदलते हैं।
- समाज में चुनौती और परिवर्तन – समाज कभी रुकता नहीं। नई तकनीक हमारे मिलने, काम करने और सोचने का ढंग बदलती है, और संस्कृति धीरे-धीरे उसके साथ चलती है (सांस्कृतिक पिछड़)। प्रवृत्तियों को अर्थव्यवस्था, संस्कृति-परंपरा, लोगों का आना-जाना और काम के नए रूप आकार देते हैं। सामाजिक मानदंड तोड़ना विचलन है; सिद्धांत बताते हैं यह क्यों होता है और समाज इसे कैसे रोकता है। नैतिक आतंक में डर तथ्यों से बड़ा हो जाता है। वैश्वीकरण व्यापार, बड़ी कंपनियों और वैश्विक संगठनों से दुनिया को जोड़ता है, जिससे लाभ भी होते हैं और शोषण भी। इन सबको हम एक साफ़ शोध प्रक्रिया से समझते हैं: खोजो, जाँचो, विश्लेषण करो, बताओ।
3. C. Social Patterns and Trends
C1 Demographics · C2 Forces That Shape Social Trends · C3 Social Deviance
- विश्व जनसंख्या: वितरण, घनत्व और वृद्धि – धरती पर लोग बराबर नहीं फैले। ज़्यादातर लोग पानी के पास उपजाऊ मैदानों में रहते हैं; मरुस्थल, ऊँचे पर्वत और बर्फ़ीले इलाक़ों में बहुत कम। घनत्व बताता है कि हर वर्ग किमी पर कितने लोग हैं। भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक कारक यह पैटर्न समझाते हैं। हज़ारों साल जनसंख्या धीरे बढ़ी, फिर 1800 के बाद बहुत तेज़ी से। जनसंख्या जन्म, मृत्यु और प्रवास से बदलती है। जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत बताता है कि गाँव की खेती से शहरी उद्योग की ओर बढ़ते समाज में जन्म और मृत्यु दर कैसे गिरती हैं। देश परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवा से वृद्धि नियंत्रित करते हैं।
- समाज में चुनौती और परिवर्तन – समाज कभी रुकता नहीं। नई तकनीक हमारे मिलने, काम करने और सोचने का ढंग बदलती है, और संस्कृति धीरे-धीरे उसके साथ चलती है (सांस्कृतिक पिछड़)। प्रवृत्तियों को अर्थव्यवस्था, संस्कृति-परंपरा, लोगों का आना-जाना और काम के नए रूप आकार देते हैं। सामाजिक मानदंड तोड़ना विचलन है; सिद्धांत बताते हैं यह क्यों होता है और समाज इसे कैसे रोकता है। नैतिक आतंक में डर तथ्यों से बड़ा हो जाता है। वैश्वीकरण व्यापार, बड़ी कंपनियों और वैश्विक संगठनों से दुनिया को जोड़ता है, जिससे लाभ भी होते हैं और शोषण भी। इन सबको हम एक साफ़ शोध प्रक्रिया से समझते हैं: खोजो, जाँचो, विश्लेषण करो, बताओ।
4. D. Global Social Challenges
D1 Global Inequalities · D2 Globalization · D3 Exploitation
- विकास का भूगोल: कोई जगह अमीर या गरीब क्यों? – विकास का मतलब है लोग बेहतर जीवन जिएँ: ज़्यादा आय, अच्छा स्वास्थ्य, ज़्यादा पढ़ाई और चुनने की आज़ादी। इसे सूचकों से नापते हैं, जैसे प्रति व्यक्ति GNI, जीवन प्रत्याशा और स्कूली वर्ष, और मानव विकास सूचकांक (HDI, 0 से 1) से, जो तीनों को जोड़ता है। विकास असमान है: अमीर कोर और गरीब परिधि दुनिया के क्षेत्रों के बीच भी हैं और एक देश के अंदर भी। जहाँ अमीर और गरीब इलाक़े मिलते हैं, वहाँ मज़दूर, सामान, कारख़ाने और पैसे का आना-जाना होता है, जिसके अच्छे और बुरे दोनों असर हैं। विकास का एक ही मॉडल नहीं: देश निर्यात कारख़ानों, सेवाओं, या खनन और खेती से बढ़े हैं, हर रास्ते के अपने जोखिम हैं।
- समाज में चुनौती और परिवर्तन – समाज कभी रुकता नहीं। नई तकनीक हमारे मिलने, काम करने और सोचने का ढंग बदलती है, और संस्कृति धीरे-धीरे उसके साथ चलती है (सांस्कृतिक पिछड़)। प्रवृत्तियों को अर्थव्यवस्था, संस्कृति-परंपरा, लोगों का आना-जाना और काम के नए रूप आकार देते हैं। सामाजिक मानदंड तोड़ना विचलन है; सिद्धांत बताते हैं यह क्यों होता है और समाज इसे कैसे रोकता है। नैतिक आतंक में डर तथ्यों से बड़ा हो जाता है। वैश्वीकरण व्यापार, बड़ी कंपनियों और वैश्विक संगठनों से दुनिया को जोड़ता है, जिससे लाभ भी होते हैं और शोषण भी। इन सबको हम एक साफ़ शोध प्रक्रिया से समझते हैं: खोजो, जाँचो, विश्लेषण करो, बताओ।