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सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था

सरकारी बजट एक साल की योजना है जिसमें अनुमानित आय (प्राप्तियाँ) और योजनाबद्ध खर्च (व्यय) लिखे होते हैं। प्राप्तियाँ राजस्व (कर, गैर-कर) या पूँजीगत (उधार, कर्ज़ वसूली, विनिवेश) होती हैं। व्यय राजस्व (कोई संपत्ति नहीं) या पूँजीगत (संपत्ति बने या कर्ज़ घटे) होता है। बजट संतुलित, अधिशेष या घाटे का हो सकता है, और घाटा राजस्व, राजकोषीय और प्राथमिक घाटे से नापा जाता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. बजट एक साल की योजना है। बाएँ वह पैसा है जो सरकार को मिलेगा। दाएँ वह पैसा है जो वह खर्च करेगी।
  2. आने वाला पैसा दो तरह का है। कर और फ़ीस राजस्व प्राप्तियाँ हैं। उधार और सरकारी शेयर बेचना पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं।
  3. जाने वाला पैसा भी दो तरह का है। वेतन और ब्याज से कुछ नहीं बनता: राजस्व व्यय। सड़क और बाँध से संपत्ति बनती है: पूँजीगत व्यय।
  4. आय और खर्च को तराज़ू पर रखो। बराबर तो संतुलित। आय ज़्यादा तो अधिशेष। खर्च ज़्यादा तो घाटा।
  5. घाटा तीन तरह से नापते हैं: राजस्व घाटा 50, राजकोषीय घाटा 120, प्राथमिक घाटा 40।
  6. अब आपकी बारी। स्लाइडर खिसकाइए और तीनों घाटे बदलते देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

उधार लौटाना पड़ता है, फिर भी यह 'प्राप्ति' क्यों?

इस साल पैसा आया, इसलिए प्राप्ति है। कर्ज़ बनता है, इसलिए पूँजीगत प्राप्ति है।

केंद्र द्वारा राज्य को दिया कर्ज़ किस तरह का व्यय है?

पूँजीगत: केंद्र को वापस पाने का अधिकार (संपत्ति) मिलता है।

घाटे में तराज़ू दाईं ओर क्यों झुकता है?

खर्च वाला पलड़ा (दायाँ) उधार के बिना वाली आय से भारी है।

यहाँ राजकोषीय घाटा राजस्व घाटे से बड़ा क्यों है?

इसमें पूँजीगत व्यय (100) घटा गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ (30) भी जुड़ते हैं: 50 + 100 − 30 = 120।

सरकार केवल पूँजीगत व्यय घटाए तो क्या होगा?

राजकोषीय और प्राथमिक घाटा घटेंगे, राजस्व घाटा वही रहेगा। स्लाइडर से देखें।

सरकारी बजट क्या है?

सरकारी बजट एक लिखित योजना है। इसमें एक वित्त वर्ष में सरकार की अनुमानित प्राप्तियाँ और अनुमानित व्यय होते हैं। भारत में वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है।

संविधान (अनुच्छेद 112) इसे वार्षिक वित्तीय विवरण कहता है। इसके दो भाग हैं: राजस्व बजट और पूँजीगत बजट।

घर पर करके देखें

एक महीने के घर के पैसों की दो सूची बनाइए: आया पैसा और गया पैसा। हर मद पर लिखिए: इससे कर्ज़ या संपत्ति बदली (पूँजीगत) या नहीं (राजस्व)?

सरकारी बजट के उद्देश्य

घटक: प्राप्तियाँ

राजस्व प्राप्तियाँ

इनसे न कर्ज़ बनता है, न संपत्ति घटती है।

पूँजीगत प्राप्तियाँ

इनसे कर्ज़ बनता है या संपत्ति घटती है।

कर्ज़ वसूली और विनिवेश को गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ कहते हैं।

घटक: व्यय

राजस्व व्यय से न संपत्ति बनती है, न कर्ज़ घटता है। जैसे: वेतन, पेंशन, ब्याज, सब्सिडी, राज्यों को अनुदान।

पूँजीगत व्यय से संपत्ति बनती है या कर्ज़ घटता है। जैसे: सड़क, बाँध, अस्पताल बनाना, मशीन ख़रीदना, राज्यों को कर्ज़ देना, पुराना कर्ज़ चुकाना।

जाँचराजस्वपूँजीगत
प्राप्तिन कर्ज़, न संपत्ति बिकीकर्ज़ बढ़ा या संपत्ति घटी
व्ययन संपत्ति, न कर्ज़ घटासंपत्ति बढ़ी या कर्ज़ घटा

संतुलित, अधिशेष और घाटे का बजट

घाटे के माप

1. राजस्व घाटा

राजस्व घाटा = राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ। इसका मतलब है सरकार रोज़ के खर्च के लिए भी उधार ले रही है। यह ख़तरे का संकेत है।

2. राजकोषीय घाटा

राजकोषीय घाटा = कुल व्यय − (राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ)। यह सरकार के कुल उधार के बराबर है।

3. प्राथमिक घाटा

प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान। यह पुराने कर्ज़ के ब्याज को छोड़कर, इस साल की ज़रूरत के लिए उधार दिखाता है।

ज़्यादा घाटा क्यों चिंता है

पर अगर उधार सड़क-बिजली पर लगे तो विकास भी बढ़ता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. वर्गीकरण करें: (a) GST, (b) सरकारी कंपनी के शेयर बेचकर पैसा, (c) कर्ज़ पर ब्याज भुगतान, (d) बाँध बनाना।

(a) राजस्व प्राप्ति। (b) पूँजीगत प्राप्ति (विनिवेश)। (c) राजस्व व्यय। (d) पूँजीगत व्यय।

2. राजस्व प्राप्तियाँ 300, राजस्व व्यय 350। राजस्व घाटा?

350 − 300 = ₹50 करोड़।

3. कुल व्यय 450, राजस्व प्राप्तियाँ 300, कर्ज़ वसूली 10, विनिवेश 20। राजकोषीय घाटा?

गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ = 30। राजकोषीय घाटा = 450 − 330 = ₹120 करोड़ (यही उधार है)।

4. राजकोषीय घाटा 120, ब्याज 80। प्राथमिक घाटा?

120 − 80 = ₹40 करोड़।

5. राजकोषीय घाटा ₹6,000 करोड़, GDP ₹1,50,000 करोड़। GDP का कितना %?

6,000 ÷ 1,50,000 × 100 = 4%।

6. प्राथमिक घाटा शून्य है। इसका क्या अर्थ है?

राजकोषीय घाटा = ब्याज। सरकार केवल पुराने कर्ज़ का ब्याज चुकाने के लिए उधार ले रही है।

7. उधार 200, राजस्व घाटा 80, ब्याज 90। राजकोषीय और प्राथमिक घाटा ज्ञात करें; उधार का कितना भाग रोज़ के खर्च में गया?

राजकोषीय घाटा = 200; प्राथमिक = 200 − 90 = 110। 80/200 = 40% उधार रोज़ के खर्च में गया।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें पूँजीगत प्राप्ति कौन-सी है?
2. राजकोषीय घाटा बराबर है:
3. प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा घटा:
4. जिस बजट में आय खर्च से ज़्यादा हो:
5. सरकारी कर्मचारियों का वेतन है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्व और पूँजीगत प्राप्ति में क्या अंतर है?

राजस्व प्राप्ति से न कर्ज़ बनता है न संपत्ति घटती है (कर, फ़ीस)। पूँजीगत प्राप्ति से कर्ज़ बनता है (उधार) या संपत्ति घटती है (कर्ज़ वसूली, विनिवेश)।

राजकोषीय घाटा उधार के बराबर क्यों है?

यह कुल खर्च और बिना उधार वाली सारी प्राप्तियों का अंतर है। यह अंतर सरकार केवल उधार लेकर भरती है।

क्या घाटे का बजट हमेशा बुरा है?

नहीं। उधार सड़क, बिजली, स्कूल पर लगे तो आगे विकास और आय बढ़ती है। ख़राब तब है जब उधार रोज़ के खर्च में जाए या कर्ज़ का जाल बने।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12D. Macroeconomics
नीदरलैंडHAVO 4 (bovenbouw, 2e fase)Exchange over time
यूक्रेन11 класNational economy and the role of government
यूक्रेन11 класFinancial law of Ukraine
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था
इंग्लैंडYear 103.4 Politics and participation
इंग्लैंडYear 124.2.5 Fiscal policy and supply-side policies
इंग्लैंडYear 134.2.5 Fiscal and supply-side policies
अमेरिकाGrade 12National Income and Price Determination
अमेरिकाGrade 12Long-Run Consequences of Stabilization Policies
जर्मनीJahrgangsstufe 12Economics

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