Germany Jahrgangsstufe 12 Economics and Law
अध्याय: 3
1. Business administration
Company structure and goals · Procurement, production and break-even · Annual accounts and balance sheet analysis · Investment appraisal and financing · Strategic management
- एकल स्वामित्व, साझेदारी और संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय – एकल स्वामित्व का मालिक और संचालक एक व्यक्ति होता है, जो पूरा लाभ लेता और असीमित दायित्व उठाता है। साझेदारी दो या ज़्यादा लोग समझौते के तहत चलाते हैं और लाभ बाँटते हैं; साझेदार कई तरह के होते हैं और लिखित विलेख व पंजीकरण उनकी रक्षा करते हैं। संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय परिवार का सबसे बड़ा सदस्य, कर्ता, सबके लिए चलाता है; सदस्यता जन्म से मिलती है।
- सम-विच्छेद विश्लेषण (Break-Even Analysis) – जब कुल आय कुल लागत के बराबर हो, यानी लाभ शून्य, तो व्यवसाय सम-विच्छेद पर है। हर बिकी इकाई अंशदान देती है = कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत, जो पहले स्थिर लागत चुकाता है। सम-विच्छेद मात्रा = स्थिर लागत ÷ प्रति इकाई अंशदान। इससे ज़्यादा बिक्री पर लाभ, कम पर हानि। सुरक्षा सीमा = असली बिक्री − सम-विच्छेद बिक्री। लक्ष्य लाभ के लिए (स्थिर लागत + लक्ष्य लाभ) ÷ अंशदान इकाइयाँ बेचनी होंगी।
- वित्तीय विवरण विश्लेषण के उपकरण – विश्लेषण यानी वित्तीय विवरणों को पढ़कर कंपनी के लाभ, सुरक्षा और वृद्धि का आकलन। मुख्य उपकरण: तुलनात्मक विवरण (दो वर्ष साथ-साथ: रुपये और % में बदलाव) और सामान्य आकार विवरण (हर मद एक आधार का %)। सीमाएँ: पुराने आँकड़े, ग़ैर-मौद्रिक तथ्य छूटना, लेखा नीतियों पर निर्भरता।
- वित्तीय प्रबंध: धन समझदारी से जुटाना और लगाना – वित्तीय प्रबंध का अर्थ है कम लागत पर धन जुटाना और उसे सबसे अच्छे ढंग से लगाना। इसका मुख्य उद्देश्य अंशधारकों की संपत्ति अधिकतम करना है, जो शेयर का बाज़ार मूल्य बढ़ने में दिखता है। यह तीन निर्णय लेता है: निवेश (धन कहाँ लगाएँ), वित्तीयन (कहाँ से लाएँ) और लाभांश (कितना लाभ बाँटें)। वित्तीय नियोजन पहले से धन का बजट बनाता है। पूँजी संरचना ऋण और समता का मिश्रण है; समता पर व्यापार सस्ते ऋण से EPS बढ़ाता है। स्थायी पूँजी लंबी चलने वाली संपत्ति ख़रीदती है; कार्यशील पूँजी रोज़ का काम चलाती है।
- नियोजन: अर्थ, प्रक्रिया और योजनाओं के प्रकार – नियोजन का मतलब है पहले से तय करना कि क्या करना है, कैसे, कब और कौन करेगा। यह प्रबंधन का पहला काम है। यह दिशा देता है और जोखिम घटाता है, पर यह कठोर और खर्चीला भी हो सकता है। इसके 7 चरण हैं, उद्देश्य तय करने से अनुवर्तन तक। योजनाएँ एकल-प्रयोग (एक बार के लिए) या स्थायी (बार-बार के काम के लिए) होती हैं, और 8 प्रकार की होती हैं: उद्देश्य, व्यूह रचना, नीति, कार्यविधि, पद्धति, नियम, बजट और कार्यक्रम।
2. Economics
Macroeconomic goals and business cycle · Economic growth and employment policy · Wages and the social security system
- समष्टि अर्थशास्त्र की मूल अवधारणाएँ: वस्तुएँ, स्टॉक, प्रवाह और निवेश – समष्टि अर्थशास्त्र पूरी अर्थव्यवस्था को देखता है। राष्ट्रीय आय मापने से पहले कुछ शब्द समझने हैं। अंतिम वस्तुएँ अंतिम इस्तेमाल के लिए खरीदी जाती हैं; मध्यवर्ती वस्तुएँ फर्में उसी साल दूसरी चीज़ें बनाने में खपा देती हैं। अंतिम वस्तुएँ उपभोग वस्तुएँ (परिवार इस्तेमाल करता) या पूंजीगत वस्तुएँ (बार-बार उत्पादन में लगतीं) होती हैं। स्टॉक किसी समय-बिंदु पर, प्रवाह किसी अवधि में मापा जाता है। सकल निवेश = सारी नई पूंजी; मूल्यह्रास = सामान्य घिसावट; शुद्ध निवेश = सकल निवेश − मूल्यह्रास।
- सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था – सरकारी बजट एक साल की योजना है जिसमें अनुमानित आय (प्राप्तियाँ) और योजनाबद्ध खर्च (व्यय) लिखे होते हैं। प्राप्तियाँ राजस्व (कर, गैर-कर) या पूँजीगत (उधार, कर्ज़ वसूली, विनिवेश) होती हैं। व्यय राजस्व (कोई संपत्ति नहीं) या पूँजीगत (संपत्ति बने या कर्ज़ घटे) होता है। बजट संतुलित, अधिशेष या घाटे का हो सकता है, और घाटा राजस्व, राजकोषीय और प्राथमिक घाटे से नापा जाता है।
- आय का वितरण और सामाजिक सुरक्षा – आय का वितरण यानी देश की कमाई का लोगों में बँटवारा। पहले बाज़ार मज़दूरी, किराया, ब्याज और लाभ देता है (प्राथमिक वितरण)। फिर सरकार कर और लाभ देकर हिस्से बदलती है (पुनर्वितरण)। सामाजिक सुरक्षा वह सुरक्षा जाल है, जैसे पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और बेरोज़गारी सहायता, जो कमा न पाने पर लोगों को सहारा देता है।
3. Law
Legal method basics in civil law · Civil law: property claims and tort liability
- दीवानी (सिविल) कानून: लोगों के बीच अधिकार और कर्तव्य – दीवानी (सिविल) कानून, जिसे निजी कानून भी कहते हैं, आम व्यक्तियों के आपसी रिश्तों का कानून है: लोग, कंपनियाँ, और कभी-कभी सरकार जब वह आम पक्ष की तरह सौदा करती है। इसमें आता है: अधिकार किसके हो सकते हैं (व्यक्ति और उनकी क्षमता), वस्तुएँ और संपत्ति, दायित्व (अनुबंध से या नुकसान पहुँचाने से बने कर्तव्य), परिवार और उत्तराधिकार। जब कोई दीवानी कर्तव्य तोड़ता है, तो मकसद सज़ा नहीं, भरपाई है: पीड़ित अदालत से मुआवज़ा (वास्तविक नुकसान और खोया लाभ), अपनी चीज़ वापस, या गलत काम रोकने का आदेश माँग सकता है। अपकृत्य (टॉर्ट) अनुबंध के बाहर का दीवानी गलत काम है, जैसे लापरवाही से चोट या नुकसान। आम तौर पर गलती करने वाला भरता है; छोटे बच्चों की जगह माता-पिता या अभिभावक ज़िम्मेदार होते हैं। दावा तय समय (परिसीमा अवधि) के अंदर करना होता है। कई देश ये नियम एक सिविल संहिता में लिखते हैं; कुछ अदालती फ़ैसलों से बनाते हैं; मूल विचार एक जैसे हैं।