National Year 10 Citizenship Studies
अध्याय: 2
1. 3.5 Active citizenship
Planning and carrying out a citizenship action · Studying the actions of others
- नागरिक सहभागिता: नागरिक कैसे भाग लेते हैं – नागरिक सहभागिता यानी अपने समुदाय और देश के जीवन में भाग लेना। यह एक सीढ़ी जैसी है: जानकारी रखें, वोट दें, समूहों से जुड़ें, स्वेच्छा से सेवा करें, फिर आयोजन और अभियान करें। नागरिक चुनाव में प्रतिनिधि चुनते हैं और जनमत संग्रह में एक प्रश्न का सीधा उत्तर देते हैं। वे राजनीतिक दलों (जो सरकार चलाना चाहते हैं), मज़दूर संघों (जो मज़दूरों की रक्षा करते हैं) और संगठनों या NGO (जो साझा उद्देश्य के लिए काम करते हैं) से जुड़ते हैं। चुनावों के बीच वे याचिका पर हस्ताक्षर करते हैं, सेवा करते हैं, स्थानीय झगड़ों में मध्यस्थता करते हैं और तथ्य जाँचकर ऑनलाइन अभियान चलाते हैं। व्हिसलब्लोअर छिपे ग़लत काम उजागर करते हैं, और स्वतंत्र प्रेस व जनमत उसे कार्रवाई में बदलते हैं। कोई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करना ये सब कौशल सिखाता है: योजना, टीमवर्क और ज़िम्मेदारी।
2. 3.4 Politics and participation
Where political power lies in the UK · Local and devolved government · Parliament, elections and parties · Government budgets and public services · How others govern themselves · Bringing about political change
- संसदीय लोकतंत्र – संसदीय लोकतंत्र में नागरिक संसद के सदस्य (सांसद) चुनते हैं। जिस दल या गठबंधन के पास बहुमत हो, वह सरकार बनाता है; उसका नेता प्रधानमंत्री बनता है और संसद में से मंत्रिमंडल चुनता है। सरकार तभी तक रहती है जब तक उसे संसद का विश्वास हासिल है। राष्ट्र प्रमुख (राजा या राष्ट्रपति) की भूमिका ज़्यादातर औपचारिक होती है, न्यायालय स्वतंत्र होते हैं और सब कानून के शासन के अधीन हैं। यह प्रणाली इंग्लैंड में सदियों में बनी (1215, 1689, मंत्रिमंडल का उदय, सबको वोट) और भारत, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि ने इसे अपनाया।
- शक्ति हस्तांतरण: सत्ता को नीचे सौंपना – शक्ति हस्तांतरण (devolution) में केंद्रीय संसद अपनी कुछ शक्तियाँ क्षेत्रीय या स्थानीय संस्थाओं को सौंपती है, पर अंतिम क़ानूनी अधिकार (संप्रभुता) अपने पास रखती है। यह संघवाद से अलग है, जहाँ लिखित संविधान शक्ति बाँटता है और केंद्र उसे अकेले वापस नहीं ले सकता। सबसे जाना-माना उदाहरण यूनाइटेड किंगडम है: 1999 से स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड की अपनी चुनी हुई संस्थाएँ हैं जिनके पास स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी शक्तियाँ हैं, जबकि रक्षा, विदेश नीति और आप्रवासन वेस्टमिंस्टर के पास आरक्षित हैं। हस्तांतरण असमान है: हर राष्ट्र को अलग शक्तियाँ मिलीं और इंग्लैंड की अपनी संसद नहीं, सिर्फ़ मेयर और परिषदें हैं। इससे नीतियों में अंतर, अंग्रेज़ी वोटों पर बहस और संघ के भविष्य पर सवाल उठे हैं।
- भारत में चुनाव – चुनाव से करोड़ों लोग प्रतिनिधि चुनते हैं और शांति से सरकार बदल सकते हैं। लोकसभा और विधानसभाओं के लिए भारत में सर्वाधिक मत से जीत (FPTP) प्रणाली है, और राज्यसभा व राष्ट्रपति के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व का एक रूप। परिसीमन से निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी लगभग बराबर रखी जाती है। स्वतंत्र निर्वाचन आयोग मतदाता सूची बनाता है और चुनाव कराता है। भारत में बहुदलीय व्यवस्था है, गठबंधन सरकारें आम हैं, और दल-बदल विरोधी कानून चुने हुए सदस्यों को पाला बदलने से रोकता है।
- सरकारी बजट और अर्थव्यवस्था – सरकारी बजट एक साल की योजना है जिसमें अनुमानित आय (प्राप्तियाँ) और योजनाबद्ध खर्च (व्यय) लिखे होते हैं। प्राप्तियाँ राजस्व (कर, गैर-कर) या पूँजीगत (उधार, कर्ज़ वसूली, विनिवेश) होती हैं। व्यय राजस्व (कोई संपत्ति नहीं) या पूँजीगत (संपत्ति बने या कर्ज़ घटे) होता है। बजट संतुलित, अधिशेष या घाटे का हो सकता है, और घाटा राजस्व, राजकोषीय और प्राथमिक घाटे से नापा जाता है।
- राजनीतिक व्यवस्थाएँ: समाज खुद को कैसे चलाते हैं – राजनीतिक व्यवस्था वह तरीका है जिससे समाज सबके लिए फ़ैसले लेता और लागू करता है। राज्य (जनसंख्या, भू-भाग और संप्रभुता वाला स्थायी संगठन), शासन-व्यवस्था (कौन और कैसे सत्ता रखेगा, इसके नियम) और सरकार (अभी सत्ता में बैठे लोग) अलग चीज़ें हैं। लोकतंत्र में नागरिक नेता चुनते और हटाते हैं; सत्तावादी व्यवस्था में कुछ लोग बिना जवाबदेही सत्ता रखते हैं। जब लोग सत्ता को सही मानते हैं तो वह प्राधिकार बनती है (वैधता) – परंपरा, करिश्मा या कानूनी-तर्कसंगत नियमों से।
- नागरिक सहभागिता: नागरिक कैसे भाग लेते हैं – नागरिक सहभागिता यानी अपने समुदाय और देश के जीवन में भाग लेना। यह एक सीढ़ी जैसी है: जानकारी रखें, वोट दें, समूहों से जुड़ें, स्वेच्छा से सेवा करें, फिर आयोजन और अभियान करें। नागरिक चुनाव में प्रतिनिधि चुनते हैं और जनमत संग्रह में एक प्रश्न का सीधा उत्तर देते हैं। वे राजनीतिक दलों (जो सरकार चलाना चाहते हैं), मज़दूर संघों (जो मज़दूरों की रक्षा करते हैं) और संगठनों या NGO (जो साझा उद्देश्य के लिए काम करते हैं) से जुड़ते हैं। चुनावों के बीच वे याचिका पर हस्ताक्षर करते हैं, सेवा करते हैं, स्थानीय झगड़ों में मध्यस्थता करते हैं और तथ्य जाँचकर ऑनलाइन अभियान चलाते हैं। व्हिसलब्लोअर छिपे ग़लत काम उजागर करते हैं, और स्वतंत्र प्रेस व जनमत उसे कार्रवाई में बदलते हैं। कोई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करना ये सब कौशल सिखाता है: योजना, टीमवर्क और ज़िम्मेदारी।