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वीएसईपीआर सिद्धांत: अणुओं की आकृतियाँ

VSEPR का अर्थ है संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉन युग्म प्रतिकर्षण। केंद्रीय परमाणु के चारों ओर के इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को धकेलते हैं और जितना हो सके दूर चले जाते हैं। युग्मों की संख्या मूल व्यवस्था तय करती है: 2 रैखिक, 3 त्रिकोणीय समतलीय, 4 चतुष्फलकीय, 5 त्रिकोणीय द्विपिरामिडी, 6 अष्टफलकीय। एकाकी युग्म आबंध युग्म से ज़्यादा जगह घेरते हैं (lp–lp > lp–bp > bp–bp), इसलिए आबंध कोण घटाते और दिखने वाली आकृति बदलते हैं, जैसे NH₃ (पिरामिडी, 107°) और H₂O (बंकित, 104.5°)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. BeCl₂ में Be के चारों ओर 2 इलेक्ट्रॉन युग्म हैं। युग्म एक-दूसरे को धकेलते हैं, इसलिए उलटी दिशाओं में चले जाते हैं। अणु सीधा है: 180°।
  2. BF₃ में B के चारों ओर 3 युग्म हैं। इन्हें दूर रखने का सबसे अच्छा तरीका है समतल त्रिभुज, आबंधों के बीच 120°।
  3. CH₄ में C के चारों ओर 4 युग्म हैं। 3D में वे चतुष्फलक के कोनों पर फैलते हैं। हर कोण 109.5°।
  4. H₂O में भी O के चारों ओर 4 युग्म हैं, पर 2 एकाकी युग्म (फीके गुब्बारे) हैं। ये ज़्यादा धकेलते हैं, तो H–O–H कोण 109.5° से घटकर 104.5° हो जाता है। दिखने वाली आकृति मुड़ी (बंकित) है।
  5. PCl₅ में 5 युग्म हैं। तीन बीच के घेरे में 120° पर, दो ठीक ऊपर-नीचे 90° पर। यह त्रिकोणीय द्विपिरामिड है।
  6. अब तुम्हारी बारी: कोई अणु चुनो। पहले सारे युग्म गिनो, फिर एकाकी युग्म, फिर आकृति का नाम बताओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इलेक्ट्रॉन युग्म उलटी दिशा में क्यों जाते हैं?

दोनों बादल ऋणात्मक हैं, इसलिए धकेलते हैं। सबसे दूर = सबसे कम प्रतिकर्षण = सबसे कम ऊर्जा: दो युग्मों के लिए 180°।

BF₃ समतल क्यों है, पिरामिड क्यों नहीं?

B पर सिर्फ़ 3 युग्म हैं, कोई एकाकी युग्म नहीं। तीन युग्म समतल त्रिभुज में सबसे दूर हैं, 120°।

CH₄ 90° कोण वाला समतल वर्ग क्यों नहीं है?

3D में चतुष्फलक युग्मों को 109.5° दूर रखता है, जो 90° से ज़्यादा है। कम प्रतिकर्षण, कम ऊर्जा।

पानी में 4 युग्म हैं तो उसे चतुष्फलकीय क्यों नहीं कहते?

आकृति का नाम सिर्फ़ परमाणुओं से देते हैं। दोनों एकाकी युग्म छिपाओ तो मुड़ा H–O–H दिखता है।

क्या PCl₅ के सारे आबंध बराबर हैं?

नहीं। दो अक्षीय आबंध ज़्यादा 90° प्रतिकर्षण झेलते हैं और तीन निरक्षीय से थोड़े लंबे हैं।

Xe पर 5 युग्म हैं तो XeF₂ रैखिक कैसे?

उसके 3 एकाकी युग्म तीनों निरक्षीय जगह ले लेते हैं। दोनों F अक्ष पर 180° दूर बचते हैं। खेल में XeF₂ चुनो।

VSEPR सिद्धांत की मुख्य बातें

सिजविक और पॉवेल ने 1940 में यह सिद्धांत दिया; न्यहोम और गिलेस्पी ने 1957 में इसे सुधारा। मुख्य बातें:

  1. अणु की आकृति केंद्रीय परमाणु के चारों ओर के संयोजकता इलेक्ट्रॉन युग्मों (आबंधी और एकाकी) की संख्या पर निर्भर है।
  2. इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, क्योंकि उनके बादल ऋणात्मक हैं।
  3. वे ऐसी जगह लेते हैं कि जितना हो सके दूर रहें (न्यूनतम प्रतिकर्षण)।
  4. द्वि या त्रिआबंध को एक बड़ा युग्म गिनते हैं।
  5. एकाकी युग्म सिर्फ़ एक नाभिक से बँधा है, इसलिए ज़्यादा फैलता और ज़्यादा धकेलता है। क्रम: lp–lp > lp–bp > bp–bp।
  6. अनुनादी अणु की किसी भी संरचना पर VSEPR लगा सकते हैं।

सिर्फ़ आबंध युग्म वाले अणु

युग्मआकृतिकोणउदाहरण
2रैखिक180°BeCl₂, CO₂
3त्रिकोणीय समतलीय120°BF₃
4चतुष्फलकीय109.5°CH₄, NH₄⁺
5त्रिकोणीय द्विपिरामिडी120° और 90°PCl₅
6अष्टफलकीय90°SF₆

PCl₅ में दो अक्षीय आबंध (ऊपर-नीचे) तीन आबंध युग्मों से 90° पर मिलते हैं, जबकि निरक्षीय (equatorial) सिर्फ़ दो से। इसलिए अक्षीय आबंध ज़्यादा प्रतिकर्षण झेलते हैं और थोड़े लंबे व कमज़ोर होते हैं।

एकाकी युग्म वाले अणु

एकाकी युग्म हों तो भी सारे युग्म मूल आकृति में रखते हैं, पर आकृति का नाम सिर्फ़ परमाणुओं से देते हैं। एकाकी युग्म आबंध कोण भी घटाते हैं।

कुल युग्मएकाकी युग्मआकृतिउदाहरण
31बंकित (V)SO₂, SnCl₂
41त्रिकोणीय पिरामिडीNH₃ (107°)
42बंकित (V)H₂O (104.5°)
51ढेंकली (see-saw)SF₄
52T-आकारClF₃
53रैखिकXeF₂, I₃⁻
61वर्ग पिरामिडीBrF₅
62वर्ग समतलीयXeF₄

द्विपिरामिड में एकाकी युग्म हमेशा निरक्षीय जगह लेते हैं, क्योंकि वहाँ 90° पर सिर्फ़ दो पड़ोसी हैं। अष्टफलक में दो एकाकी युग्म आमने-सामने (180°) बैठते हैं, जिससे XeF₄ वर्ग समतलीय बनता है।

युग्म जल्दी कैसे गिनें

केंद्रीय परमाणु A एकल आबंधों से जुड़ा हो तो:

युग्म = ½ (V + M − c + a)। V = A के संयोजकता इलेक्ट्रॉन, M = जुड़े एकसंयोजी परमाणु (H, हैलोजन), c = धन आवेश, a = ऋण आवेश। ऑक्सीजन परमाणु 0 जोड़ते हैं।

आबंध युग्म = जुड़े परमाणुओं की संख्या। एकाकी युग्म = कुल युग्म − आबंध युग्म।

उदाहरण NH₄⁺: ½ (5 + 4 − 1) = 4 युग्म, 4 आबंधी → चतुष्फलकीय।

करके देखो: गुब्बारा मॉडल

2, 3, 4, 5 और 6 गुब्बारे फुलाकर हर सेट को गाँठ पर बाँधो। देखो वे कैसे टिकते हैं: रेखा, त्रिभुज, चतुष्फलक, द्विपिरामिड, अष्टफलक। अब 4 वाले सेट में एक गुब्बारा बड़ा करो ("एकाकी युग्म")। बाकी तीन पास सिमट जाते हैं, NH₃ जैसे। पहले अनुमान लगाओ, फिर खेल वाले कदम में जाँचो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. BF₃ की आकृति बताओ।

कदम 1: B के 3 संयोजकता इलेक्ट्रॉन, 3 F: युग्म = ½(3 + 3) = 3। कदम 2: 3 जुड़े परमाणु → 0 एकाकी युग्म। उत्तर: त्रिकोणीय समतलीय, 120°।

2. NH₃ की आकृति और आबंध कोण बताओ।

कदम 1: N: V = 5, 3 H: युग्म = ½(5 + 3) = 4। कदम 2: 3 आबंध युग्म + 1 एकाकी युग्म। कदम 3: 4 युग्म → चतुष्फलकीय व्यवस्था; एकाकी युग्म छिपाओ। कदम 4: lp–bp प्रतिकर्षण कोण 109.5° से कम करता है। उत्तर: त्रिकोणीय पिरामिडी, लगभग 107°।

3. H₂O की आकृति बताओ और कोण समझाओ।

कदम 1: O: V = 6, 2 H: युग्म = ½(6 + 2) = 4। कदम 2: 2 आबंध युग्म + 2 एकाकी युग्म। कदम 3: दो एकाकी युग्म एक से ज़्यादा धकेलते हैं (lp–lp > lp–bp)। उत्तर: बंकित, 104.5° (NH₃ के 107° से कम)।

4. SF₄ की आकृति बताओ।

कदम 1: S: V = 6, 4 F: युग्म = ½(6 + 4) = 5। कदम 2: 4 आबंध युग्म + 1 एकाकी युग्म। कदम 3: 5 युग्म → द्विपिरामिड; एकाकी युग्म निरक्षीय जगह पर। उत्तर: ढेंकली (see-saw)।

5. ClF₃ की आकृति बताओ।

कदम 1: Cl: V = 7, 3 F: युग्म = ½(7 + 3) = 5। कदम 2: 3 आबंध युग्म + 2 एकाकी युग्म, दोनों निरक्षीय। कदम 3: तीन F: दो अक्षीय + एक निरक्षीय। उत्तर: T-आकार, F–Cl–F कोण 90° से थोड़ा कम।

6. XeF₄ की आकृति बताओ।

कदम 1: Xe: V = 8, 4 F: युग्म = ½(8 + 4) = 6। कदम 2: 4 आबंध युग्म + 2 एकाकी युग्म। कदम 3: 6 युग्म → अष्टफलक; दोनों एकाकी युग्म आमने-सामने। उत्तर: वर्ग समतलीय, 90°।

7. NH₄⁺ और I₃⁻ की आकृति बताओ।

कदम 1: NH₄⁺: ½(5 + 4 − 1) = 4 युग्म, 4 आबंधी → चतुष्फलकीय। कदम 2: I₃⁻: बीच का I: ½(7 + 2 + 1) = 5 युग्म, 2 आबंधी → 3 एकाकी युग्म, सब निरक्षीय। उत्तर: NH₄⁺ चतुष्फलकीय; I₃⁻ रैखिक।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. VSEPR का पूरा नाम:
2. प्रतिकर्षण का सही क्रम:
3. NH₃ की आकृति:
4. कौन-सा अणु वर्ग समतलीय है?
5. CH₄ में आबंध कोण:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

VSEPR सिद्धांत आसान शब्दों में क्या है?

केंद्रीय परमाणु के चारों ओर के इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को धकेलते हैं और जितना हो सके दूर टिकते हैं। यही अणु की आकृति तय करता है।

H₂O का आबंध कोण NH₃ से कम क्यों है?

पानी के O पर दो एकाकी युग्म हैं, अमोनिया के N पर एक। ज़्यादा एकाकी युग्म प्रतिकर्षण कोण को ज़्यादा दबाता है: 104.5° बनाम 107°।

VSEPR सिद्धांत की सीमाएँ क्या हैं?

यह आकृति बताता है पर आबंध ऊर्जा या आबंध क्यों बनता है, नहीं बताता। कुछ संक्रमण धातु यौगिकों पर ठीक नहीं चलता। कक्षक किस दिशा में हैं, यह संकरण और MO सिद्धांत बताते हैं।

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