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श्वसन और गैसों का विनिमय

साँस लेने से हवा फेफड़ों में आती-जाती है। हवा का रास्ता: नाक → श्वासनली → श्वसनी → श्वसनिकाएँ → कूपिकाएँ। जब डायाफ्राम और बाहरी पसली-पेशियाँ सिकुड़ती हैं तो छाती बड़ी होती है, अंदर का दाब घटता है और हवा अंदर आती है। कूपिकाओं में O2 रक्त में जाती है और CO2 बाहर आती है, हमेशा ज़्यादा आंशिक दाब से कम की ओर। रक्त O2 ज़्यादातर हीमोग्लोबिन पर और CO2 ज़्यादातर बाइकार्बोनेट बनाकर ले जाता है। मस्तिष्क का एक केंद्र साँस की लय तय करता है। ज्वारीय आयतन, जैव क्षमता जैसे आयतन जोड़कर निकाले जाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. रास्ता देखिए: नाक, फिर श्वासनली, फिर दो श्वसनी, फिर फेफड़े। सिरों पर लाखों छोटी हवा-थैलियाँ हैं, इन्हें कूपिका कहते हैं।
  2. साँस अंदर। डायाफ्राम चपटा होकर नीचे जाता है। पसलियाँ बाहर उठती हैं। छाती बड़ी होती है, तो हवा अंदर दौड़ती है।
  3. साँस बाहर। डायाफ्राम वापस ऊपर जाता है। पसलियाँ नीचे आती हैं। छाती छोटी होती है, तो हवा बाहर धकेली जाती है।
  4. एक कूपिका में ज़ूम करें। हवा में ऑक्सीजन ज़्यादा, रक्त में कम, तो ऑक्सीजन रक्त में जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड उल्टी दिशा में जाती है।
  5. रक्त गैसें ढोता है। लगभग सारी ऑक्सीजन हीमोग्लोबिन पर बैठती है। ज़्यादातर कार्बन डाइऑक्साइड प्लाज़्मा में बाइकार्बोनेट बनकर चलती है।
  6. खुला खेल: फेफड़ों के आयतन का ढेर देखें। साँस की रफ़्तार बदलें और देखें हर मिनट कितनी हवा चलती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या फेफड़ों में हवा खींचने वाली पेशियाँ हैं?

नहीं। फेफड़े गुब्बारे जैसे हैं। डायाफ्राम और पसली-पेशियाँ छाती बड़ी करती हैं; फेफड़े साथ फैलते हैं और हवा आती है।

साँस छोड़ना आमतौर पर बिना मेहनत क्यों होता है?

शांत साँस में पेशियाँ बस ढीली होती हैं। लचीले फेफड़े और डायाफ्राम वापस लौटकर हवा बाहर धकेलते हैं।

O2 कूपिका में ही क्यों नहीं रुकती?

फेफड़े पर आते रक्त में O2 कम (40) और कूपिका में ज़्यादा (104) है। गैस हमेशा ज़्यादा से कम आंशिक दाब की ओर जाती है।

रक्त में घुली O2 कम है, तो पर्याप्त O2 कैसे पहुँचती है?

हीमोग्लोबिन O2 पकड़ता है: लगभग 97% O2 उसी पर, एक हीमोग्लोबिन पर 4 अणु तक।

मैं फेफड़े पूरे ख़ाली क्यों नहीं कर सकता?

लगभग 1100–1200 mL (अवशिष्ट आयतन) हमेशा बचता है ताकि कूपिकाएँ न पिचकें।

जैव क्षमता और कुल क्षमता में क्या अंतर है?

कुल क्षमता में अवशिष्ट आयतन भी है। जैव क्षमता सिर्फ़ चलने वाली हवा है: IRV + TV + ERV।

मानव श्वसन तंत्र

श्वासोच्छ्वास यानी ऑक्सीजन वाली हवा अंदर लेना और कार्बन डाइऑक्साइड वाली हवा बाहर छोड़ना। श्वसन इससे बड़ा है: इसमें गैसों का विनिमय और कोशिका में O2 से ऊर्जा निकालना भी शामिल है।

अलग जीव अलग तरह साँस लेते हैं। स्पंज और निडेरिया पूरी सतह से, केंचुआ नम त्वचा से, कीट श्वासनलिकाओं (ट्रेकिया) से, मछली क्लोम (गिल) से, और मेंढक, पक्षी, सरीसृप, स्तनधारी फेफड़ों से।

मनुष्य में भाग

नासाद्वार से अंतिम श्वसनिका तक संवहन भाग है (हवा लाना, साफ़, गरम, नम करना)। कूपिकाएँ और उनकी नलिकाएँ श्वसन या विनिमय भाग हैं।

श्वसन के चरण

  1. श्वासोच्छ्वास (फुप्फुसी संवातन)।
  2. कूपिका की दीवार से गैसों का विसरण।
  3. रक्त द्वारा गैसों का परिवहन।
  4. रक्त और ऊतकों के बीच O2, CO2 का विसरण।
  5. कोशिका द्वारा O2 का उपयोग (कोशिकीय श्वसन)।

श्वसन की क्रियाविधि

हवा ज़्यादा दाब से कम दाब की ओर बहती है। हवा अंदर खींचने के लिए फेफड़ों का अंदर का दाब बाहर की हवा से कम होना चाहिए। यह छाती का आकार बदलकर होता है।

निःश्वसन (साँस अंदर)

उच्छ्वसन (साँस बाहर)

स्वस्थ वयस्क मिनट में लगभग 12 से 16 बार साँस लेता है। स्पाइरोमीटर हवा का आयतन नापता है।

श्वसन आयतन और क्षमताएँ

आयतन (अकेली मात्राएँ)

क्षमताएँ (आयतनों का जोड़)

याद रखें: RV बाहर नहीं निकलता, इसलिए RV वाली क्षमताएँ (FRC, TLC) साधारण स्पाइरोमीटर से नहीं नपतीं।

गैसों का विनिमय

विनिमय दो जगह होता है: कूपिका और रक्त के बीच, और रक्त और ऊतक के बीच। यह साधारण विसरण से होता है।

आंशिक दाब यानी गैसों के मिश्रण में किसी एक गैस का दाब में हिस्सा, जैसे pO2, pCO2 (mm Hg में)। गैस ज़्यादा आंशिक दाब से कम की ओर जाती है।

गैसबाहरी हवाकूपिकाअशुद्ध रक्तशुद्ध रक्तऊतक
O2159104409540
CO20.340454045

CO2 का दाब-अंतर छोटा है, पर यह O2 से 20 से 25 गुना ज़्यादा घुलती है, इसलिए काफ़ी मात्रा निकल जाती है। झिल्ली बहुत पतली है (कूपिका की परत, आधार झिल्ली और केशिका की परत), इससे भी मदद मिलती है।

ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन

ऑक्सीजन

ऑक्सीजन वियोजन वक्र

हीमोग्लोबिन की % संतृप्ति को pO2 के सामने बनाएँ तो S-आकार (सिग्मॉइड) वक्र बनता है। फेफड़ों में (pO2 ज़्यादा, pCO2 कम, H+ कम, ठंडा) O2 जुड़ती है। ऊतकों में (pO2 कम, pCO2 ज़्यादा, H+ ज़्यादा, गरम) O2 छूटती है; वक्र दाईं ओर खिसकता है।

कार्बन डाइऑक्साइड

श्वसन का नियमन

श्वसन तंत्र के रोग

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. किसी का TV = 500 mL है और वह मिनट में 12 बार साँस लेता है। एक मिनट में कितनी हवा चलती है?

मिनट संवातन = दर × TV = 12 × 500 = 6000 mL = 6 L प्रति मिनट।

2. TV = 500 mL, IRV = 2500 mL। निःश्वसन क्षमता निकालें।

IC = TV + IRV = 500 + 2500 = 3000 mL।

3. ERV = 1000 mL, RV = 1200 mL। क्रियाशील अवशिष्ट क्षमता निकालें।

FRC = ERV + RV = 1000 + 1200 = 2200 mL। यह सामान्य साँस छोड़ने के बाद फेफड़ों में बची हवा है।

4. IRV = 3000 mL, TV = 500 mL, ERV = 1100 mL। जैव क्षमता निकालें।

VC = IRV + TV + ERV = 3000 + 500 + 1100 = 4600 mL।

5. VC = 4600 mL और RV = 1200 mL से फेफड़ों की कुल क्षमता निकालें।

TLC = VC + RV = 4600 + 1200 = 5800 mL (लगभग 5.8 L)।

6. स्पाइरोमीटर से VC = 4800 mL, TV = 500 mL, IRV = 3200 mL मिला। ERV निकालें।

VC = IRV + TV + ERV, तो ERV = 4800 − 3200 − 500 = 1100 mL।

7. 100 mL शुद्ध रक्त ऊतकों को 5 mL O2 देता है। हृदय मिनट में 5000 mL रक्त पंप करता है। मिनट में कितनी O2 ऊतकों तक पहुँचती है?

100 mL के हिस्से = 5000 ÷ 100 = 50। O2 = 50 × 5 = 250 mL प्रति मिनट।

8. कूपिका में pO2 = 104 और आते रक्त में 40 mm Hg है। O2 किधर जाएगी और दाब-अंतर कितना है?

O2 कूपिका (104) से रक्त (40) में जाएगी। अंतर = 104 − 40 = 64 mm Hg। अंतर ज़्यादा तो विसरण तेज़।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. फेफड़ों में गैसों का विनिमय कहाँ होता है?
2. निःश्वसन (साँस अंदर) में डायाफ्राम:
3. जैव क्षमता बराबर है:
4. रक्त में ज़्यादातर CO2 किस रूप में चलती है?
5. श्वसन लय केंद्र कहाँ है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्वासोच्छ्वास और श्वसन में क्या अंतर है?

श्वासोच्छ्वास सिर्फ़ हवा अंदर-बाहर करना है। श्वसन में विनिमय, परिवहन और कोशिका में O2 से ऊर्जा बनाना भी आता है।

जैव क्षमता क्या है?

सबसे गहरी साँस लेने के बाद अधिकतम बाहर निकाली जा सकने वाली हवा: IRV + TV + ERV, लगभग 3.5–4.8 L।

साँस को कौन-सा केंद्र नियंत्रित करता है?

मेडुला का श्वसन लय केंद्र; पोंस का न्यूमोटैक्सिक केंद्र और CO2 व H⁺ पहचानने वाला रसायन संवेदी क्षेत्र मदद करते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIIXI. How animals function
रोमानियाClasa a XI-aNutrition functions
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11मानव कार्यिकी
इंग्लैंडYear 123.3 Organisms exchange substances with their environment
इंग्लैंडYear 123.1.1 Applied anatomy and physiology
फ्रांसPremièreHuman biology and pathophysiology

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