📘 CodingMarble Learn

राजनीतिक संस्थाएँ: संसदीय, अध्यक्षीय और अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली

हर लोकतंत्र में सत्ता तीन हिस्सों में बँटी होती है: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका सरकार चलाती है और न्यायपालिका विवाद सुलझाती है। देशों में फ़र्क़ इस बात का है कि सरकार का मुखिया कैसे चुना और हटाया जाता है। संसदीय प्रणाली में लोग संसद चुनते हैं और प्रधानमंत्री को संसद का भरोसा चाहिए, इसलिए संसद उसे हटा सकती है। अध्यक्षीय प्रणाली में लोग राष्ट्रपति और संसद को अलग-अलग चुनते हैं; राष्ट्रपति का कार्यकाल तय होता है और उसे सिर्फ़ महाभियोग से हटाया जा सकता है। अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली दोनों का मेल है। कार्यकाल सीमा किसी एक व्यक्ति को बहुत लंबे समय तक सत्ता में रहने से रोकती है। स्वतंत्र विधायिका क़ानून, बजट, प्रश्न और समितियों से सरकार पर नज़र रखती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. सत्ता तीन हिस्सों में बँटी है। विधायिका क़ानून बनाती है। कार्यपालिका उन्हें लागू करती है। न्यायालय झगड़े सुलझाते हैं।
  2. संसदीय प्रणाली। लोग संसद चुनते हैं। सबसे बड़े दल का नेता प्रधानमंत्री बनता है। संसद अविश्वास प्रस्ताव से उसे हटा सकती है।
  3. अध्यक्षीय प्रणाली। लोग राष्ट्रपति और संसद को दो अलग वोट से चुनते हैं। राष्ट्रपति तय समय तक पद पर रहता है।
  4. अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली। लोग राष्ट्रपति चुनते हैं। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री चुनता है। पर संसद उस प्रधानमंत्री को हटा सकती है।
  5. कार्यकाल सीमा। ब्लॉक गिनो: दो कार्यकाल की अनुमति है, तीसरा लाल है। सीमा किसी को हमेशा के लिए सत्ता में रहने से रोकती है।
  6. अब तुम्हारी बारी। प्रणाली चुनो और नेता के ख़िलाफ़ वोट बढ़ाओ। देखो कौन गिरता है और कौन टिकता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

भारत में राष्ट्रपति है, फिर यह अध्यक्षीय प्रणाली क्यों नहीं?

क्योंकि असली ताक़त प्रधानमंत्री के पास है, जिसे लोकसभा का बहुमत चाहिए। राष्ट्रपति का काम ज़्यादातर औपचारिक है। चरण 1 देखो।

क्या अध्यक्षीय राष्ट्रपति को सिर्फ़ अलोकप्रिय होने पर हटाया जा सकता है?

नहीं। सिर्फ़ गंभीर ग़लती पर महाभियोग से, और उसके लिए बड़ा बहुमत चाहिए। आख़िरी चरण में "अध्यक्षीय" चुनकर वोट बढ़ाओ।

अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली में असली मालिक कौन है?

दोनों ताक़त बाँटते हैं: राष्ट्रपति जनता से चुना, PM संसद के भरोसे पर। चरण 3 में दोनों तीर देखो।

चुनाव होते हैं तो कार्यकाल सीमा क्यों चाहिए?

पद पर बैठा नेता चुनाव को अपने पक्ष में झुका सकता है। सीमा बदलाव पक्का करती है। चरण 4 में तीसरा कार्यकाल रुका है।

सत्ता को तीन अंगों में क्यों बाँटते हैं?

ताकि कोई एक ही क़ानून बनाए, लागू करे और फ़ैसला भी करे, ऐसा न हो। चरण 0 के तीन ब्लॉक देखो।

सरकार के तीन अंग और उन्हें अलग क्यों रखा जाता है

राजनीतिक संस्था नियमों और पदों का ऐसा ढाँचा है जिससे देश फ़ैसले लेता है: संसद, मंत्रिमंडल, न्यायालय, राष्ट्राध्यक्ष, चुनाव।

शक्तियों का पृथक्करण (separation of powers) का मतलब है कि तीनों काम एक के हाथ में न हों। हर अंग दूसरे को रोक सकता है: इसे नियंत्रण और संतुलन (checks and balances) कहते हैं।

प्रतिनिधित्व

हर नागरिक हर क़ानून पर वोट नहीं दे सकता, इसलिए हम प्रतिनिधि चुनते हैं। चुनाव प्रणाली तय करती है कि वोट सीटों में कैसे बदलें: "सबसे ज़्यादा वोट वाला जीते" (FPTP) या आनुपातिक प्रतिनिधित्व, जिसमें दलों को वोट के हिस्से के हिसाब से सीटें मिलती हैं। आनुपातिक प्रणाली में अक्सर गठबंधन सरकार बनती है।

संसदीय, अध्यक्षीय और अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली की तुलना

संसदीय प्रणाली

लोग विधायिका चुनते हैं। कार्यपालिका (प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल) विधायिका में से बनती है और उसे सदन का विश्वास (बहुमत) चाहिए। राष्ट्राध्यक्ष (राजा या अप्रत्यक्ष रूप से चुना राष्ट्रपति) ज़्यादातर औपचारिक होता है। उदाहरण: भारत, ब्रिटेन, जापान, कनाडा, जर्मनी।

अध्यक्षीय प्रणाली

लोग राष्ट्रपति और विधायिका को अलग-अलग चुनते हैं। राष्ट्रपति ही राष्ट्राध्यक्ष और सरकार का मुखिया होता है, उसका कार्यकाल तय होता है और मंत्री आम तौर पर संसद के सदस्य नहीं होते। उदाहरण: अमेरिका, ब्राज़ील, मेक्सिको, इंडोनेशिया।

अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली

सीधे चुना गया राष्ट्रपति एक प्रधानमंत्री के साथ सत्ता बाँटता है, और प्रधानमंत्री संसद के प्रति उत्तरदायी होता है। अगर राष्ट्रपति के दल का संसद में बहुमत न हो, तो उसे विरोधी दल का PM बनाना पड़ सकता है: इसे सहवास (cohabitation) कहते हैं। उदाहरण: फ़्रांस, पुर्तगाल।

संसदीयअध्यक्षीयअर्ध-अध्यक्षीय
सरकार का मुखिया कौन चुनता है?संसद का बहुमतमतदाताराष्ट्रपति PM चुनता है; PM को संसद का भरोसा चाहिए
तय कार्यकाल?नहीं (पहले गिर सकती है)हाँराष्ट्रपति हाँ; PM नहीं
हटानाअविश्वास प्रस्तावसिर्फ़ महाभियोगPM अविश्वास से; राष्ट्रपति महाभियोग से
ताक़तक़ानून जल्दी बनते हैंस्थिरतालचीलापन
कमज़ोरीकई दलों में अस्थिरतादोनों अंगों में टकराव से काम रुकनाराष्ट्रपति और PM में टकराव

कार्यपालिका की कार्यकाल सीमा

कार्यकाल वह तय समय है जिसके बाद नया चुनाव होता है। कार्यकाल सीमा बताती है कि एक व्यक्ति कुल कितनी बार पद पर रह सकता है। अमेरिका का राष्ट्रपति ज़्यादा से ज़्यादा दो बार (4-4 साल) चुना जा सकता है।

क्यों ज़रूरी? पद पर बैठा नेता सरकारी ताक़त से बार-बार जीत सकता है। सीमा ऊपर बदलाव लाती है और लोकतंत्र की रक्षा करती है।

विरोध में तर्क: लोग किसी लोकप्रिय नेता को दोबारा नहीं चुन पाते, और आख़िरी कार्यकाल वाला नेता जनता की परवाह कम कर सकता है ("lame duck")।

संसदीय प्रणाली में अक्सर PM पर कोई सीमा नहीं होती, क्योंकि संसद उसे कभी भी हटा सकती है और हर 4–5 साल में चुनाव होते हैं। ख़तरे का संकेत: कोई नेता संविधान बदलकर अपनी सीमा हटा दे।

कार्यपालिका को हटाना: अविश्वास प्रस्ताव और महाभियोग

अविश्वास प्रस्ताव (संसदीय): अगर निचले सदन के आधे से ज़्यादा सदस्य कहें कि उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं, तो PM और मंत्रिमंडल को इस्तीफ़ा देना होता है या चुनाव होते हैं। इसके लिए कोई अपराध ज़रूरी नहीं। जर्मनी में रचनात्मक अविश्वास होता है: साथ में नया PM भी चुनना पड़ता है।

महाभियोग (अध्यक्षीय): गंभीर ग़लत काम के लिए एक क़ानूनी-राजनीतिक प्रक्रिया। आम तौर पर निचला सदन आरोप लगाता है, ऊपरी सदन सुनवाई करता है, और हटाने के लिए बड़ा बहुमत (अक्सर दो-तिहाई) चाहिए। यह जानबूझकर कठिन रखा गया है।

नेता और तरीक़ों से भी पद छोड़ता है: चुनाव हारना, इस्तीफ़ा, मृत्यु या बीमारी, और कुछ जगह नागरिकों का वापस बुलाने (recall) वाला वोट।

स्वतंत्र विधायिका और सरकार पर नियंत्रण

विधायिका स्वतंत्र तब है जब कार्यपालिका उसे क़ाबू न कर सके: सदस्य खुले चुनाव से आएँ, वह अपना एजेंडा ख़ुद तय करे, उसे मनमर्ज़ी से बंद न किया जा सके, और सदस्य बिना डर बोल और वोट कर सकें।

अध्यक्षीय प्रणाली में विधायिका ज़्यादा स्वतंत्र होती है क्योंकि राष्ट्रपति उसे भंग नहीं कर सकता। संसदीय प्रणाली में बड़े बहुमत वाली सरकार संसद पर हावी हो सकती है, इसलिए विपक्ष और समितियाँ बहुत ज़रूरी हैं। द्विसदनीय विधायिका (दो सदन) एक और जाँच जोड़ती है।

खुद करो: अपने देश को पहचानो

किसी भी देश के बारे में चार सवाल पूछो: 1) क्या लोग सरकार के मुखिया को सीधे चुनते हैं? 2) क्या संसद उसे बिना अपराध के हटा सकती है? 3) क्या कार्यकाल सीमा है? 4) क्या कार्यपालिका संसद भंग कर सकती है? फिर 3D मॉडल के आख़िरी चरण में जाँचो कि कौन-सी प्रणाली मेल खाती है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. देश X में 300 सीटों की संसद है। दल A को 160 सीटें मिलीं और उसका नेता सरकार का मुखिया बना। यह कौन-सी प्रणाली है?

संसदीय। मुखिया संसद के बहुमत (160 > 150) से आया है, अलग वोट से नहीं।

2. 545 सदस्यों वाले सदन में सब वोट दें, तो अविश्वास प्रस्ताव पास करने को कितने वोट चाहिए?

आधे से ज़्यादा: 545 ÷ 2 = 272.5, यानी कम से कम 273 वोट।

3. एक राष्ट्रपति 2020 में और फिर 2024 में चुना गया। नियम: 4-4 साल के दो कार्यकाल। नया व्यक्ति कब आएगा?

पहला कार्यकाल 2020–2024, दूसरा 2024–2028। वह फिर नहीं लड़ सकता, इसलिए 2028 में नया राष्ट्रपति।

4. अर्ध-अध्यक्षीय देश में राष्ट्रपति का दल संसद का चुनाव हार गया। क्या होगा?

राष्ट्रपति को नए बहुमत से PM बनाना होगा, क्योंकि PM को संसद का भरोसा चाहिए। इसे सहवास कहते हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. संसदीय प्रणाली में सरकार का मुखिया होता है…
2. किस प्रणाली में राष्ट्रपति का कार्यकाल तय होता है और साधारण वोट से नहीं हटता?
3. सहवास (cohabitation) किस प्रणाली में होता है?
4. कार्यकाल सीमा का मुख्य मक़सद है…
5. "बजट की शक्ति" का अर्थ है कि विधायिका नियंत्रित करती है…

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसदीय और अध्यक्षीय प्रणाली में मुख्य अंतर क्या है?

संसदीय में सरकार संसद से बनती है और संसद उसे हटा सकती है; अध्यक्षीय में राष्ट्रपति अलग चुना जाता है और उसका कार्यकाल तय होता है।

अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली क्या है?

जिसमें जनता से चुना राष्ट्रपति और संसद के प्रति उत्तरदायी प्रधानमंत्री दोनों होते हैं, जैसे फ़्रांस।

महाभियोग और अविश्वास प्रस्ताव में क्या अंतर है?

महाभियोग गंभीर ग़लती पर बड़े बहुमत से राष्ट्रपति को हटाता है; अविश्वास प्रस्ताव साधारण बहुमत से सरकार को राजनीतिक कारणों से हटाता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

नीदरलैंडHAVO 5 (eindexamenjaar)Binding
नीदरलैंडVWO 6 (eindexamenjaar)Binding
अमेरिकाGrade 12Political Institutions

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी राजनीति विज्ञान पाठ