रेडियो उपकरणों के मूल सर्किट
हर रेडियो में कुछ छोटे सर्किट बार-बार आते हैं।
- दोलित्र (Oscillator): एक ही आवृत्ति की स्थिर तरंग बनाता है। इसमें LC परिपथ (कुंडली L और संधारित्र C) या क्वार्ट्ज़ क्रिस्टल होता है। LC परिपथ की आवृत्ति f = 1 / (2π√(LC)) है।
- प्रवर्धक (Amplifier): ट्रांज़िस्टर से छोटे संकेत को बड़ा करता है। पावर प्रवर्धक ट्रांसमीटर का अंतिम चरण है।
- मॉडुलक (Modulator): वाहक को संदेश से बदलता है। AM में वाहक की ऊँचाई आवाज़ के साथ बदलती है; FM में उसकी आवृत्ति।
- डिटेक्टर (अवमॉडुलक): संदेश को वापस निकालता है। AM में डायोड और छोटा फ़िल्टर यह काम करते हैं।
- मिक्सर: दो आवृत्तियों को मिलाकर उनका जोड़ और अंतर बनाता है।
- फ़िल्टर: एक बैंड को निकलने देता है, बाकी रोकता है।
ट्रांसमीटर और रिसीवर
ट्रांसमीटर: माइक्रोफ़ोन, फिर ऑडियो प्रवर्धक, फिर दोलित्र और मॉडुलक, फिर पावर प्रवर्धक, फिर एंटीना। पावर प्रवर्धक तय करता है कि संकेत कितनी दूर जाएगा।
साधारण रिसीवर: एंटीना, ट्यूनर, डिटेक्टर, ऑडियो प्रवर्धक, स्पीकर। यह सरल है पर बहुत तेज़ नहीं, क्योंकि पास के स्टेशन अलग करने का काम अकेला ट्यूनर करता है।
सुपरहेटेरोडाइन रिसीवर: एंटीना और पहले प्रवर्धक के बाद स्थानीय दोलित्र और मिक्सर हर स्टेशन को एक ही तय मध्यवर्ती आवृत्ति (IF) पर ले आते हैं, जैसे AM के लिए 455 kHz। IF पर तेज़ फ़िल्टर सस्ते बन जाते हैं, इसलिए वरणशीलता अच्छी होती है। स्थानीय दोलित्र की आवृत्ति = स्टेशन की आवृत्ति + IF।
अच्छे रिसीवर की जाँच सुग्राहिता (सबसे कमज़ोर संकेत जो सुन सकें), वरणशीलता (पास के स्टेशन अलग करना) और निष्ठा (आवाज़ मूल के कितनी पास) से होती है।
माइक्रोवेव संचार उपकरण
माइक्रोवेव की आवृत्ति लगभग 1 GHz से 30 GHz होती है, इसलिए तरंगदैर्घ्य बहुत छोटा (सेंटीमीटर) होता है। ये बहुत सूचना ले जा सकती हैं और छोटी डिश इन्हें पतली किरण में भेज सकती है। ये सीधी रेखा में चलती हैं, इसलिए दो टावरों या पहाड़ियों की डिशों के बीच साफ़ दृष्टि-रेखा चाहिए।
एक छलाँग की दूरी रेडियो क्षितिज से सीमित है: लगभग d = 4.12 × (√h1 + √h2) km, ऊँचाइयाँ h1, h2 मीटर में। लंबे रास्ते में रिपीटर स्टेशनों की कड़ी बनती है; हर रिपीटर संकेत लेता है, बढ़ाता है और नई आवृत्ति पर आगे भेजता है। माइक्रोवेव टर्मिनल में मॉडुलक, ट्रांसमीटर, वेवगाइड या कोएक्स फ़ीडर, डिश और लेने के लिए यही हिस्से उल्टे होते हैं।
संकट और सुरक्षा संचार उपकरण
समुद्र में बचाव रेडियो पर टिका है। विश्व प्रणाली का नाम GMDSS है। मुख्य उपकरण:
- VHF रेडियो: कम दूरी की आवाज़। चैनल 16 (156.8 MHz) संकट और पुकार के लिए है। संकट-पुकार "मेडे" तीन बार बोली जाती है।
- DSC (डिजिटल चयनात्मक पुकार): एक लाल बटन दबाओ और सेट जहाज़ की पहचान और स्थिति के साथ डिजिटल चेतावनी भेज देता है।
- EPIRB: 406 MHz का आपातकालीन बीकन। यह अपने आप तैरकर पानी में चालू होता है और उपग्रह से जहाज़ की पहचान और स्थिति भेजता है।
- SART: खोज-बचाव ट्रांसपोंडर। बचाव जहाज़ का रडार इससे टकराए तो यह रडार स्क्रीन पर बिंदुओं की रेखा बना देता है, जिससे लाइफ़बोट मिल जाती है।
- NAVTEX: तट से मौसम और सुरक्षा चेतावनियाँ छापता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- LC दोलित्र: f = 1 / (2π√(LC))
- तरंगदैर्घ्य: λ = c / f, c = 3 × 10⁸ m/s
- AM बैंडविड्थ = 2 × सबसे ऊँची ऑडियो आवृत्ति
- सुपरहेटेरोडाइन: f(स्थानीय दोलित्र) = f(स्टेशन) + f(IF)
- प्रतिबिंब आवृत्ति = f(स्टेशन) + 2 × f(IF)
- रेडियो क्षितिज की छलाँग: d ≈ 4.12 (√h1 + √h2) km, h मीटर में
हल किए गए उदाहरण
1. 100 µH की कुंडली और 100 pF का संधारित्र दोलित्र बनाते हैं। उसकी आवृत्ति निकालिए।
LC = 10⁻⁴ × 10⁻¹⁰ = 10⁻¹⁴, तो √(LC) = 10⁻⁷ s। f = 1 / (2π × 10⁻⁷) ≈ 1.59 × 10⁶ Hz = 1.59 MHz।
2. एक AM स्टेशन 5 kHz तक का संगीत भेजता है। उसे कितनी बैंडविड्थ चाहिए?
AM में दो पार्श्व बैंड बनते हैं, एक वाहक के ऊपर और एक नीचे। बैंडविड्थ = 2 × 5 kHz = 10 kHz।
3. IF = 455 kHz वाला सुपरहेटेरोडाइन रेडियो 1000 kHz के स्टेशन पर लगा है। स्थानीय दोलित्र और प्रतिबिंब आवृत्ति निकालिए।
स्थानीय दोलित्र = 1000 + 455 = 1455 kHz। प्रतिबिंब = 1000 + 2 × 455 = 1910 kHz। यह दूसरी आवृत्ति है जो मिक्सर पर भी 455 kHz देगी, इसलिए सामने का फ़िल्टर इसे रोकता है।
4. दो माइक्रोवेव टावर 36 m ऊँचे हैं। सबसे लंबी साफ़ छलाँग कितनी है?
d = 4.12 × (√36 + √36) = 4.12 × 12 ≈ 49.4 km।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि एंटीना संकेत को तेज़ करता है। यह काम पावर प्रवर्धक का है; एंटीना केवल संकेत को बाहर भेजता है।
- मॉडुलक और डिटेक्टर में गड़बड़ी। मॉडुलक भेजने वाले पर संदेश चढ़ाता है; डिटेक्टर रिसीवर पर उसे निकालता है।
- माइक्रोवेव पहाड़ के पीछे मुड़ जाती हैं ऐसा कहना। ये सीधी चलती हैं और साफ़ दृष्टि-रेखा माँगती हैं।
- भूलना कि सामान्य AM सेट में स्थानीय दोलित्र स्टेशन से IF ऊपर (f + IF) होता है, नीचे नहीं।