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अनुप्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक मापन

रेडियो और केबल ठीक चलें, इसलिए हम उन्हें मापते हैं। ऑसिलोस्कोप संकेत को समय के साथ दिखाता है (f = 1/T)। ट्रांसमीटर की आवृत्ति, शक्ति और मॉड्यूलेशन गहराई जाँचते हैं। रिसीवर की संवेदनशीलता जाँचते हैं। माइक्रोवेव और प्रकाश की हानि डेसिबल (dB) में गिनते हैं। एंटीना की क्षेत्र-प्रबलता दूरी के साथ घटती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह ऑसिलोस्कोप है। यह संकेत को हरी लहर की तरह बनाता है। ऊँचाई यानी आयाम बताता है कि संकेत कितना तेज़ है।
  2. समय बाएँ से दाएँ चलता है। एक पूरी लहर में समय T लगता है। आवृत्ति f = 1 / T है। घुंडी घुमाओ, लहरें बढ़ती दिखेंगी।
  3. ट्रांसमीटर की शक्ति (सुई) और मॉड्यूलेशन गहराई जाँचते हैं: आवाज़ से लहर की ऊँचाई कितनी बदलती है।
  4. रिसीवर की संवेदनशीलता जाँचते हैं। संकेत वाली पट्टी बढ़ाओ। ध्वनि तभी साफ़ है जब संकेत शोर से काफ़ी ऊपर हो।
  5. फाइबर में रोशनी चलते-चलते कमज़ोर होती है। हर km पर 0.2 dB घटता है। लंबाई बढ़ाओ और आउटपुट पट्टी को घटते देखो।
  6. एंटीना लहरों को घेरों में भेजता है। रिसीवर को दूर ले जाओ: दूरी बढ़ने पर क्षेत्र-प्रबलता घटती है। खुद खेलकर देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

स्कोप में आवृत्ति का बटन नहीं है। f कैसे मिले?

स्क्रीन से एक लहर का समय T पढ़ो, फिर f = 1 / T निकालो।

मॉड्यूलेशन गहराई असल में क्या बताती है?

आवाज़ के झटके लहर की ऊँचाई को कितना हिलाते हैं। झटका ज़्यादा तो m ज़्यादा। 100 % से ऊपर ध्वनि बिगड़ती है।

संकेत होने पर भी शोर वाला रिसीवर बुरा क्यों?

ध्वनि तभी साफ़ है जब संकेत की पट्टी शोर की पट्टी से काफ़ी ऊँची हो।

फाइबर में रोशनी क्यों घटती है?

काँच कुछ रोशनी सोखता और बिखेरता है। जितने ज़्यादा km, उतनी ज़्यादा हानि।

दूरी के साथ क्षेत्र-प्रबलता क्यों घटती है?

तरंग बड़े घेरे में फैलती है, इसलिए हर जगह कम मिलती है।

इलेक्ट्रॉनिक मापक यंत्र

मापक यंत्र अदृश्य चीज़ (संकेत) को संख्या या चित्र में बदलता है। आम यंत्र:

नियम: पहले संकेत का अंदाज़ा लगाओ, रेंज थोड़ी ऊँची रखो, फिर पढ़ो। प्रोब का ग्राउंड पहले जोड़ो।

उदाहरण। स्क्रीन पर एक लहर 2 ms की है तो f = 1 / 0.002 = 500 Hz।

ट्रांसमीटर का मापन

ट्रांसमीटर अपनी ही आवृत्ति पर रहे, सही शक्ति भेजे और ज़रूरत से ज़्यादा मॉड्यूलेशन न करे। हम मापते हैं:

रिसीवर का मापन

रिसीवर को सिग्नल जनरेटर से जाँचते हैं। बहुत कमज़ोर जाना-पहचाना संकेत देते हैं और आउटपुट देखते हैं।

माइक्रोवेव और प्रकाशीय मापन

माइक्रोवेव और प्रकाश आवृत्तियों पर हम हानि और लब्धि को डेसिबल (dB) में बोलते हैं। dB = 10 × log10(P_out / P_in)। 3 dB हानि यानी आधी शक्ति बची; 10 dB यानी दसवाँ हिस्सा; 20 dB यानी सौवाँ हिस्सा।

dB जुड़ते हैं, इसलिए लंबे लिंक का हिसाब आसान है: कुल हानि = (प्रति km हानि × km) + कनेक्टर की हानि।

उपकरण: ऑप्टिकल पावर मीटर और प्रकाश स्रोत, OTDR (स्पंद भेजकर गूँज के समय से टूटन ढूँढता है), स्पेक्ट्रम विश्लेषक (हर आवृत्ति की शक्ति), माइक्रोवेव के लिए पावर सेंसर। उदाहरण। 20 km फाइबर, 0.2 dB/km: हानि 4 dB। 10 mW घुसे तो लगभग 4 mW निकलता है।

एंटीना और रेडियो तरंग का मापन

एंटीना की जाँच होती है कि वह शक्ति कितनी अच्छी तरह बाहर भेजता है और दूर तरंग कितनी प्रबल है।

खुद करके देखो

1. 3D में स्कोप स्लाइडर से 3 लहरें करो और f लिखो। 2. रिसीवर स्लाइडर ऐसे हिलाओ कि ध्वनि ठीक साफ़ हो जाए। सबसे छोटा संकेत कितना है? 3. फाइबर स्लाइडर पर वह लंबाई ढूँढो जहाँ आधी शक्ति बचे (लगभग 15 km)। पहले अंदाज़ा लगाओ, फिर जाँचो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. स्कोप पर एक लहर 0.5 ms की है। आवृत्ति निकालो।

f = 1 / T = 1 / 0.0005 = 2000 Hz = 2 kHz।

2. एक AM तरंग में Emax = 9 V और Emin = 3 V है। मॉड्यूलेशन गहराई निकालो।

m = (9 − 3) / (9 + 3) = 6 / 12 = 0.5, यानी 50 %।

3. 30 km फाइबर प्रति km 0.2 dB घटाता है। कुल हानि और बची शक्ति का भाग बताओ।

हानि = 0.2 × 30 = 6 dB। बचा भाग = 10^(−0.6) = 0.25, यानी लगभग चौथाई।

4. केबल में 10 mW घुसा और 1 mW निकला। dB में हानि निकालो।

dB = 10 log10(1 / 10) = −10 dB, यानी 10 dB हानि।

5. एक रिसीवर 2 µV पर साफ़ ध्वनि देता है, दूसरा 8 µV पर। कौन ज़्यादा संवेदनशील है?

जिसे सिर्फ़ 2 µV चाहिए। कम संकेत में काम करने वाला ज़्यादा संवेदनशील है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. आवर्तकाल T से आवृत्ति:
2. 3 dB हानि में बचती है लगभग:
3. डमी लोड किसलिए लगाते हैं?
4. फाइबर की टूटन कौन-सा यंत्र ढूँढता है?
5. दूरी बढ़ने पर एंटीना की क्षेत्र-प्रबलता:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑसिलोस्कोप क्या दिखाता है?

यह वोल्टता को समय के साथ बदलती रेखा के रूप में दिखाता है। इससे आयाम, आवर्तकाल और आवृत्ति पढ़ते हैं।

हम dB क्यों इस्तेमाल करते हैं?

संकेत बहुत बड़े अनुपात में बदलते हैं। डेसिबल से संख्याएँ छोटी हो जाती हैं और हानि को गुणा की जगह जोड़ सकते हैं।

रिसीवर की संवेदनशीलता क्या है?

सबसे कमज़ोर संकेत जिस पर भी साफ़ आउटपुट मिले। मान जितना छोटा, रिसीवर उतना बेहतर।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Mobile Communication Engineering
जापान高校(専門学科)1〜3年Electronic Technology

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