📘 CodingMarble Learn

इलेक्ट्रॉनिक नौवहन उपकरण: रडार, उपग्रह नौवहन, सोनार

रडार रेडियो स्पंद भेजकर प्रतिध्वनि का समय नापता है: दूरी = c × t / 2। उपग्रह नौवहन (GPS, GNSS) कम से कम चार उपग्रहों से संकेत के यात्रा-समय द्वारा दूरी नापकर स्थिति बताता है। सोनार ध्वनि स्पंद भेजकर समुद्र-तल या लक्ष्य से लौटी प्रतिध्वनि का समय नापता है: गहराई = v × t / 2, समुद्री जल में v ≈ 1500 m/s। अन्य सहायक हैं जायरोकम्पास, लॉग, AIS और इलेक्ट्रॉनिक चार्ट।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. जहाज़ को पता होना चाहिए कि वह कहाँ है और आसपास क्या है, कोहरे या रात में भी। तीन इलेक्ट्रॉनिक मददगार यह करते हैं: रडार, उपग्रह और सोनार।
  2. रडार छोटा रेडियो स्पंद भेजता है। वह दूसरे जहाज़ से टकराकर प्रतिध्वनि बनकर लौटता है। जितनी देर, उतना दूर। दूरी = प्रकाश की चाल × समय ÷ 2।
  3. उपग्रह नौवहन: चार उपग्रह समय के संकेत भेजते हैं। जहाज़ हर एक की दूरी नापता है। जहाँ दूरियाँ मिलती हैं, वही जहाज़ की स्थिति है।
  4. सोनार यही पानी के नीचे ध्वनि से करता है। पिंग नीचे जाती है, समुद्र-तल से टकराकर लौटती है। गहराई = पानी में ध्वनि की चाल × समय ÷ 2।
  5. अन्य मददगार: जायरोकम्पास सही उत्तर दिखाता है, लॉग चाल दिखाता है, और AIS जहाज़ों को एक-दूसरे को अपना नाम, दिशा और जगह बताने देता है।
  6. खुद करें: रडार या सोनार चुनिए और दूरी का स्लाइडर चलाइए। देखिए दूरी बदलने पर प्रतिध्वनि का समय कैसे बदलता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

रडार कोहरे में कैसे देख लेता है?

माइक्रोवेव कोहरे और अंधेरे से निकल जाती हैं, प्रकाश की तरह रुकती नहीं। इसलिए प्रतिध्वनि लौट आती है। चरण 1 में हरी स्वीप जहाज़ ढूँढती दिखती है।

रडार में 2 से भाग क्यों देते हैं?

स्पंद जाता भी है और लौटता भी। 3D में नारंगी गेंद जहाज़ तक जाकर लौटती है; एक तरफ़ आधा रास्ता है।

चार उपग्रह क्यों चाहिए?

तीन स्थिति देते हैं, चौथा रिसीवर की घड़ी की गलती हटाता है। चरण 2 में चार पीली रेखाएँ देखिए।

पानी के नीचे रडार क्यों नहीं?

समुद्री जल रेडियो तरंगें जल्दी सोख लेता है। ध्वनि दूर जाती है, इसलिए सोनार उपयोग होता है। चरण 3 में पिंग नीचे जाकर लौटती है।

जायरोकम्पास चुंबकीय कम्पास से बेहतर क्यों है?

यह बिना चुंबक के सही उत्तर दिखाता है, इसलिए जहाज़ का लोहा और स्थानीय चुंबकीय क्षेत्र इसे भ्रमित नहीं करते।

रडार

रडार (radio detection and ranging) घूमते एंटीना से माइक्रोवेव के बहुत छोटे स्पंद भेजता है और प्रतिध्वनि सुनता है। प्रतिध्वनि देने वाला लक्ष्य स्क्रीन पर चमकीले बिंदु जैसा दिखता है।

उपग्रह नौवहन उपकरण

GPS जैसे GNSS (वैश्विक नौवहन उपग्रह प्रणाली) में लगभग 24 या अधिक उपग्रह करीब 20,000 km ऊँचाई पर होते हैं। हर एक अपनी स्थिति और सटीक समय भेजता है। रिसीवर नापता है कि संकेत को कितना समय लगा, c से गुणा करके उस उपग्रह से अपनी दूरी निकालता है। रिसीवर हर उपग्रह के चारों ओर एक गोले पर होता है। तीन गोले दो बिंदुओं पर मिलते हैं, और एक साफ़ गलत होता है, इसलिए तीन उपग्रह स्थिति दे देते हैं। पर रिसीवर की घड़ी सस्ती और थोड़ी गलत होती है। चौथा उपग्रह रिसीवर को अपनी घड़ी की गलती ठीक करने देता है। इस तरह चार उपग्रह अक्षांश, देशांतर, ऊँचाई और समय देते हैं।

स्थिति में कुछ मीटर की गलती हो सकती है। डिफ़रेंशियल GPS (DGPS) ज्ञात स्थिति वाले स्थिर स्टेशन से सुधार भेजकर गलती 1 मीटर या कम कर देता है। भारत की प्रणाली NavIC है, यूरोप की गैलीलियो, रूस की ग्लोनास और चीन की बाइदू। रिसीवर ज़मीन के सापेक्ष चाल और दिशा भी दिखाता है और दिन का समय भी दे सकता है।

सोनार

सोनार (sound navigation and ranging) ध्वनि उपयोग करता है, क्योंकि रेडियो तरंगें समुद्री जल में कुछ मीटर में सोख ली जाती हैं, पर ध्वनि दूर जाती है। जहाज़ के तल पर लगा ट्रांसड्यूसर बिजली के स्पंद को ध्वनि की पिंग (अक्सर 20 से 200 kHz, दाब-विद्युत प्रभाव से) बनाता है और बाद में प्रतिध्वनि को वापस बिजली का संकेत बनाता है।

ध्वनि की चाल तापमान, लवणता और गहराई से थोड़ी बदलती है, इसलिए यंत्र को सामान्य मान पर सेट किया जाता है।

अन्य इलेक्ट्रॉनिक नौवहन उपकरण

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. रडार की प्रतिध्वनि 80 µs बाद लौटती है। लक्ष्य कितनी दूर है?

R = c × t / 2 = 3 × 10⁸ × 80 × 10⁻⁶ / 2 = 12,000 m = 12 km।

2. एक रडार 0.5 µs का स्पंद उपयोग करता है। उसका न्यूनतम परास कितना है?

R_min = c × τ / 2 = 3 × 10⁸ × 0.5 × 10⁻⁶ / 2 = 75 m। 75 m से पास के लक्ष्य नहीं दिखते।

3. इको साउंडर को 0.08 s बाद प्रतिध्वनि मिलती है। पानी की गहराई कितनी है? (v = 1500 m/s)

d = v × t / 2 = 1500 × 0.08 / 2 = 60 m।

4. GPS संकेत रिसीवर तक पहुँचने में 0.07 s लेता है। उपग्रह कितनी दूर है?

d = c × t = 3 × 10⁸ × 0.07 = 2.1 × 10⁷ m = 21,000 km।

5. एक रडार में अगला स्पंद पहले के 1 ms बाद निकलता है। बिना भ्रम के दिखने वाला सबसे बड़ा परास कितना है?

प्रतिध्वनि अगले स्पंद से पहले लौटनी चाहिए: R_max = c × T / 2 = 3 × 10⁸ × 10⁻³ / 2 = 150,000 m = 150 km।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा उपकरण ध्वनि तरंगें उपयोग करता है?
2. रडार परास का सूत्र है:
3. पूरी स्थिति के लिए GPS रिसीवर को कितने उपग्रह चाहिए?
4. बिना चुंबक के सही उत्तर कौन-सा यंत्र दिखाता है?
5. AIS किसके लिए है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रडार दूरी कैसे नापता है?

यह रेडियो स्पंद की प्रतिध्वनि का समय नापता है। दूरी = प्रकाश की चाल × समय ÷ 2, क्योंकि स्पंद जाता भी है और लौटता भी।

GPS को चार उपग्रह क्यों चाहिए?

तीन उपग्रह स्थिति की तीन संख्याएँ देते हैं, पर रिसीवर की घड़ी सटीक नहीं होती। चौथा उपग्रह रिसीवर को घड़ी ठीक करने देता है, इसलिए स्थिति सही आती है।

सोनार रेडियो की जगह ध्वनि क्यों उपयोग करता है?

समुद्री जल रेडियो तरंगों को जल्दी सोख लेता है पर ध्वनि को दूर ले जाता है, इसलिए पानी के नीचे देखने के लिए ध्वनि ही रास्ता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Mobile Communication Engineering

पहले यह पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भौतिक विज्ञान पाठ