ज्या तरंग कहाँ से आती है
वृत्त पर स्थिर चाल से घूमता एक बिंदु लो। वृत्त के केंद्र से उसकी ऊँचाई को घूमे हुए कोण के सामने बनाने पर ज्या तरंग y = sin x बनती है।
यह तरंग हर 2π के बाद दोहराती है। दोहराने की इस लंबाई को आवर्तकाल (period) कहते हैं। सबसे ऊँचा मान 1 और सबसे नीचा −1 है। जिस भी चीज़ का ग्राफ ऐसा चिकना, ऊपर-नीचे दोहराने वाला हो, उसे ज्यावक्रीय (sinusoidal) कहते हैं।
आयाम A: कितनी ऊँची
y = A sin(ωx + φ) में A ऊँचाई को गुणा करता है। लहर अब −|A| से +|A| तक जाती है। |A| को आयाम (amplitude) कहते हैं। हर y-मान A से गुणा होता है, इसलिए ग्राफ ऊपर-नीचे खिंच जाता है। लहर के शून्य नहीं हिलते।
उदाहरण: y = 3 sin x, −3 से 3 तक जाता है।
ω: कितनी तेज़, और आवर्तकाल
ω (ओमेगा, ω > 0 लो) बताता है कि कोण कितनी तेज़ी से बढ़ता है। लहर तब दोहराती है जब ωx में 2π जुड़ जाए, इसलिए आवर्तकाल T = 2π / ω है। आवृत्ति (frequency) बताती है कि एक इकाई में कितनी लहरें आती हैं: f = 1/T = ω / 2π।
ω बड़ा हो तो लहर बगल से सिकुड़ती है, छोटा हो तो फैलती है। उदाहरण: y = sin 2x का आवर्तकाल π है; y = sin(x/2) का आवर्तकाल 4π है।
φ: बगल का खिसकाव (कला-खिसकाव)
अंदर के भाग को ऐसे लिखो: ωx + φ = ω(x + φ/ω)। इसलिए y = sin(ωx + φ) की लहर y = sin(ωx) की लहर को φ/ω इकाई खिसकाने पर बनती है। φ > 0 हो तो ग्राफ बाईं ओर खिसकता है; φ < 0 हो तो दाईं ओर। इसे कला-खिसकाव (phase shift) कहते हैं। लहर x = −φ/ω पर ऊपर की ओर शून्य पार करती है।
कभी-कभी अंत में एक संख्या जुड़ी होती है: y = A sin(ωx + φ) + k। +k पूरी लहर को k ऊपर उठा देता है, इसलिए बीच की रेखा y = k हो जाती है।
y = sin x से y = A sin(ωx + φ) का ग्राफ बनाना
बदलाव एक-एक करके करो, बुनियादी लहर y = sin x से शुरू करके:
- y = sin x बनाओ।
- उसे बगल से सिकोड़ो ताकि आवर्तकाल 2π/ω हो जाए। यह y = sin ωx देता है।
- उसे φ/ω बाईं ओर खिसकाओ (φ ऋणात्मक हो तो दाईं ओर)। यह y = sin(ωx + φ) देता है।
- उसे ऊपर-नीचे A गुना खींचो। यह y = A sin(ωx + φ) देता है।
- जाँच करो: अधिकतम A है, न्यूनतम −A है, और पहला ऊपर जाता शून्य x = −φ/ω पर है।
ज्या तरंग से मॉडल बनाना
बहुत-सी दोहराने वाली चीज़ें ज्या तरंग से बनाई जाती हैं। झूला: सीट की ऊँचाई h = केंद्र की ऊँचाई + त्रिज्या · sin(...)। ज्वार: पानी की गहराई लगभग हर 12 घंटे में चढ़ती-उतरती है। AC बिजली: वोल्टता V = V₀ sin(2πft); भारत में f = 50 Hz। ध्वनि: शुद्ध स्वर एक ज्या तरंग है; आयाम तेज़ी (loudness) है और आवृत्ति तारत्व (pitch)।
मॉडल बनाने के लिए A सबसे ऊँचे और नीचे मान से पढ़ो, ω = 2π / T एक दोहराव के समय से निकालो, और φ इस बात से कि लहर कहाँ से शुरू होती है।
घर पर करके देखो
एक छोटा पत्थर डोरी से बाँधो और उसे धीरे-धीरे वृत्त में घुमाओ। दोस्त को सामने खड़ा करो और उससे केवल पत्थर की ऊँचाई देखने को कहो। एक पूरा चक्कर कितने सेकंड में होता है गिनो: यही आवर्तकाल T है। फिर बड़े वृत्त (बड़ा A) और तेज़ चाल (बड़ा ω) से घुमाओ और देखो क्या बदलता है। पहले अनुमान लगाओ, फिर 3D स्लाइडर पर जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- y = A sin(ωx + φ) (A > 0, ω > 0)
- आयाम = |A|; परिसर [−|A|, |A|]
- आवर्तकाल T = 2π / ω; आवृत्ति f = ω / 2π = 1/T
- कला-खिसकाव = φ / ω बाईं ओर (φ < 0 हो तो दाईं ओर)
- पहला ऊपर जाता शून्य x = −φ / ω पर
- y = A sin(ωx + φ) + k की बीच की रेखा y = k
हल किए गए उदाहरण
1. y = 3 sin 2x का आयाम, आवर्तकाल और परिसर निकालो।
A = 3, इसलिए आयाम 3 है। ω = 2, इसलिए T = 2π/2 = π। परिसर −3 ≤ y ≤ 3 है।
2. y = 2 sin(x + π/3) का कला-खिसकाव निकालो और बताओ यह ऊपर जाते हुए शून्य कहाँ पार करता है।
ω = 1 और φ = π/3, इसलिए खिसकाव φ/ω = π/3 बाईं ओर है। आवर्तकाल 2π है। ऊपर जाता शून्य x = −φ/ω = −π/3 पर है।
3. y = sin(2x − π/2) का वर्णन करो।
2x − π/2 = 2(x − π/4) लिखो। इसलिए यह y = sin 2x को π/4 दाईं ओर खिसकाने से बनी लहर है। आवर्तकाल π है। आयाम 1 है।
4. एक लहर का अधिकतम 5, न्यूनतम −5, आवर्तकाल 4π है और वह x = 0 पर 0 से ऊपर की ओर शुरू होती है। उसका समीकरण लिखो।
A = 5। T = 4π से ω = 2π/4π = 1/2। 0 से ऊपर की ओर शुरू होती है, इसलिए φ = 0। समीकरण y = 5 sin(x/2) है।
5. एक बड़े झूले की त्रिज्या 8 मी है। उसका केंद्र ज़मीन से 10 मी ऊपर है। एक चक्कर 12 मिनट में पूरा होता है, और t = 0 पर एक सीट सबसे नीचे है। ऊँचाई h(t) लिखो और t = 3 तथा t = 6 पर h निकालो।
A = 8, बीच की रेखा k = 10। T = 12, इसलिए ω = 2π/12 = π/6। सबसे नीचे बिंदु पर t = 0 पर sin = −1 चाहिए, इसलिए φ = −π/2। h(t) = 10 + 8 sin(πt/6 − π/2)। t = 3 पर: sin(π/2 − π/2) = 0, इसलिए h = 10 मी। t = 6 पर: sin(π − π/2) = 1, इसलिए h = 18 मी।
6. AC बिजली की वोल्टता V = 325 sin(100πt) है (t सेकंड में)। आवर्तकाल, आवृत्ति और t = 0.005 s पर V निकालो।
ω = 100π, इसलिए T = 2π/100π = 0.02 s। f = 1/T = 50 Hz। t = 0.005 पर: 100π × 0.005 = π/2, sin(π/2) = 1, इसलिए V = 325 वोल्ट (शिखर मान)।
7. एक सरल मॉडल में बंदरगाह के पानी की गहराई d = 5 + 2 sin(πt/6) मीटर है (t घंटों में)। आवर्तकाल, सबसे अधिक और सबसे कम गहराई, और पहले उच्च ज्वार का समय निकालो।
ω = π/6, इसलिए T = 2π ÷ (π/6) = 12 घंटे। सबसे अधिक गहराई = 5 + 2 = 7 मी और सबसे कम = 5 − 2 = 3 मी। उच्च ज्वार तब जब sin = 1: πt/6 = π/2, यानी t = 3 घंटे।
आम गलतियाँ
- sin(2x) का आवर्तकाल 2π × 2 कहना। यह 2π ÷ 2 = π है। ω बड़ा तो आवर्तकाल छोटा।
- खिसकाव की दिशा गलत लेना: धनात्मक φ के लिए sin(x + φ) बाईं ओर जाता है, दाईं नहीं।
- ω से भाग देना भूल जाना: sin(2x + π) का खिसकाव π/2 है, π नहीं।
- यह सोचना कि A आवर्तकाल बदलता है। A केवल ऊँचाई बदलता है; आवर्तकाल ω बदलता है।