📘 CodingMarble Learn

औपनिवेशिक प्रतिरोध: भारत का 1857 का विद्रोह और लैटिन अमेरिका की आज़ादी

उपनिवेश वह ज़मीन है जिस पर कोई दूर की ताक़त राज करती है और उसका माल व कर ले जाती है। 1800 के दशक में कई उपनिवेशों के लोगों ने विरोध किया। भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के सिपाही 10 मई 1857 को मेरठ में उठ खड़े हुए और बहुत से आम लोग भी जुड़ गए। विद्रोह दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, झाँसी और दूसरी जगहों तक फैला, पर उसके पास एक साझा योजना नहीं थी और 1858 तक दबा दिया गया; इसके बाद कंपनी का शासन ख़त्म हुआ और ब्रिटिश ताज सीधे भारत पर राज करने लगा। लैटिन अमेरिका में हैती के ग़ुलाम बनाए गए लोगों ने 1804 में आज़ादी जीती। 1808 में नेपोलियन ने स्पेन पर हमला किया तो स्पेन और पुर्तगाल के साम्राज्य कमज़ोर हो गए, और सिमोन बोलिवार तथा ख़ोसे दे सान मार्टिन जैसे नेताओं की मदद से 1820 के दशक तक ज़्यादातर उपनिवेश आज़ाद हो गए। दोनों की तुलना से समझ आता है कि कुछ प्रतिरोध क्यों सफल हुए और कुछ क्यों नहीं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. उपनिवेश वह ज़मीन है जिस पर कोई दूर की ताक़त राज करती है। माल और कर ऊपर शासक तक बहते हैं। स्थानीय लोगों की बात कम सुनी जाती है।
  2. भारत, 1857। ईस्ट इंडिया कंपनी के सिपाही मेरठ में उठ खड़े होते हैं। विद्रोह जगह-जगह फैलता है, रानी लक्ष्मीबाई और नाना साहब जैसे नेताओं के साथ।
  3. यह क्यों ख़त्म हुआ? विद्रोहियों के पास एक साझा योजना नहीं थी। कंपनी के पास रेल, तार और ज़्यादा सैनिक थे। 1858 तक शासन कंपनी से ब्रिटिश ताज के पास चला गया।
  4. लैटिन अमेरिका। 1808 में नेपोलियन ने स्पेन पर हमला किया तो साम्राज्य कमज़ोर हुआ। बोलिवार, सान मार्टिन और दूसरों की अगुवाई में उपनिवेश एक-एक करके आज़ाद हुए। हैती 1804 में सबसे पहले।
  5. दोनों की तुलना कीजिए। लैटिन अमेरिका में स्थानीय संपन्न वर्ग ने अगुवाई की जबकि यूरोप उलझा था। भारत का विद्रोह व्यापक था पर संगठित नहीं। दोनों दिखाते हैं कि लोगों ने विदेशी शासन का विरोध किया।
  6. आपकी बारी: वर्ष का स्लाइडर खिसकाइए और घटनाएँ होते ही स्तंभ उठते देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

उपनिवेश बनते ही क्यों हैं?

ताक़तवर देश कच्चा माल, बाज़ार और कर चाहते थे, और उन्होंने बल या व्यापार के समझौतों से कमज़ोर इलाक़ों पर राज किया। इसीलिए चित्र में माल के तीर ऊपर और आदेश के तीर नीचे जाते हैं।

क्या कारतूस की अफ़वाह ही 1857 का एकमात्र कारण थी?

नहीं। वह चिंगारी थी। लगान, छिनी हुई रियासतें, धर्म का डर और सिपाहियों का ग़ुस्सा सालों से जमा हो रहा था।

इतने लोग जुड़े, फिर भी विद्रोही क्यों हारे?

वे बिखरे हुए थे और उनकी एक योजना या एक कमान नहीं थी। कंपनी ने रेल और तार से सैनिक और संदेश तेज़ी से पहुँचाए।

नेपोलियन के हमले से लैटिन अमेरिका को मदद क्यों मिली?

जब स्पेन का राजा हटा, तो उपनिवेशों को तय करना पड़ा कि किसे मानें। स्थानीय नेताओं ने परिषदें बनाईं और स्पेन के पास उन्हें रोकने की ताक़त कम बची।

लैटिन अमेरिका में संपन्न वर्ग ने अगुवाई क्यों की?

क्रिओल पढ़े-लिखे थे, ज़मीन के मालिक थे और व्यापार तथा शासन में ज़्यादा ताक़त चाहते थे। उनके पास सेनाएँ खड़ी करने के साधन भी थे।

पहले क्या हुआ, 1857 या लैटिन अमेरिका की आज़ादी?

लैटिन अमेरिका पहले: हैती 1804 में, बाक़ी ज़्यादातर 1820 के दशक तक। 1857 का विद्रोह लगभग 30 साल बाद हुआ। स्लाइडर चलाकर क्रम देखिए।

औपनिवेशिक शासन और प्रतिरोध क्या है?

उपनिवेश वह ज़मीन है जिस पर कोई दूसरा, आमतौर पर दूर का, देश राज करता है। शासक कच्चा माल ले जाता है, कर वसूलता है और नियम बनाता है। उपनिवेश के लोगों के पास अक्सर कम अधिकार होते हैं। औपनिवेशिक प्रतिरोध का मतलब है उस शासन का विरोध करने के सारे तरीक़े: अर्ज़ियाँ, बहिष्कार, हड़तालें, सशस्त्र विद्रोह और आज़ादी के युद्ध।

प्रतिरोध सिर्फ़ एक बार नहीं हुआ। यह 1700 के दशक में शुरू हुआ और 1900 के दशक तक चला। यह पाठ 1800 के दशक के दो मशहूर मामले देखता है: 1857 का भारत और 1804 से 1820 के दशक तक का लैटिन अमेरिका।

1857 का भारतीय विद्रोह

पृष्ठभूमि। 1857 तक ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के बड़े हिस्से पर राज करती थी। वह भारी लगान वसूलती थी, रियासतें हड़प लेती थी (गोद-निषेध नीति; अवध का विलय 1856 में हुआ), और बहुत से भारतीयों को लगता था कि उनकी रीतियाँ और धर्म ख़तरे में हैं। कंपनी की सेना के सिपाहियों की भी वेतन, नियमों और बर्ताव को लेकर अपनी शिकायतें थीं।

चिंगारी। अफ़वाह फैली कि नई एनफ़ील्ड राइफ़ल के कारतूसों में जानवर की चर्बी लगी है, जिससे हिंदू और मुसलमान दोनों सिपाहियों की भावनाएँ आहत हुईं। 10 मई 1857 को मेरठ के सिपाही उठ खड़े हुए, अपने साथियों को छुड़ाया और दिल्ली की ओर बढ़े। उन्होंने बूढ़े मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र को प्रतीक के रूप में अपना नेता घोषित किया।

फैलाव। विद्रोह उत्तर और मध्य भारत में फैला: कानपुर (नाना साहब), लखनऊ (बेगम हज़रत महल), झाँसी (रानी लक्ष्मीबाई), बिहार (कुँवर सिंह) और दूसरी जगहें। बहुत से किसान, कारीगर और ज़मींदार भी जुड़े, इसलिए यह सिर्फ़ सिपाहियों का विद्रोह नहीं था। कुछ इलाक़े शांत रहे और कुछ शासकों व समूहों ने कंपनी का साथ दिया।

हार। विद्रोहियों के कई नेता थे, साझा योजना नहीं थी और आधुनिक हथियार कम थे। कंपनी ने रेल, तार और अतिरिक्त सेना का इस्तेमाल किया। दिल्ली सितंबर 1857 में वापस ले ली गई और लड़ाई 1858 तक ख़त्म हो गई।

नतीजे। भारत शासन अधिनियम (1858) ने कंपनी का राज ख़त्म किया; ब्रिटिश ताज ने कमान संभाली। महारानी विक्टोरिया की नवंबर 1858 की घोषणा में वादा किया गया कि और रियासतें नहीं हड़पी जाएँगी और धर्मों का सम्मान होगा। सेना का पुनर्गठन हुआ और ब्रिटिश सैनिक बढ़ाए गए। इतिहासकार आज भी बहस करते हैं कि इसे सिपाही विद्रोह कहें, पहला स्वतंत्रता संग्राम कहें या दोनों का मिश्रण; दोनों राय के समर्थक हैं।

लैटिन अमेरिका की आज़ादी

पहले। लगभग 300 साल तक स्पेन और पुर्तगाल ने मध्य और दक्षिण अमेरिका के ज़्यादातर हिस्से पर राज किया। समाज की परतें थीं: सबसे ऊपर स्पेन में जन्मे अधिकारी (पेनिन्सुलारेस), उनके नीचे वहीं जन्मे यूरोपीय मूल के लोग (क्रिओल), फिर मूल निवासी, मिश्रित मूल के और ग़ुलाम बनाए गए लोग।

कारण। क्रिओल व्यापार और शासन में ज़्यादा हिस्सा चाहते थे। उन्होंने प्रबोधन के विचार पढ़े थे और अमेरिकी क्रांति (1776) तथा फ़्रांसीसी क्रांति (1789) देखी थी। 1808 में नेपोलियन ने स्पेन पर हमला करके उसके राजा को हटा दिया, तो उपनिवेशों को अचानक तय करना पड़ा कि किसकी बात मानें।

घटनाएँ।

बाद में। लगभग 1825 तक स्पेन के ज़्यादातर उपनिवेश आज़ाद हो गए। पर नए देशों में अक्सर असमानता बनी रही: ज़मीन और ताक़त छोटे समूह के पास रही, और मूल निवासियों और ग़रीबों को शुरू में कम मिला। ग़ुलामी कुछ जगह जल्दी ख़त्म हुई, कुछ जगह दशकों बाद।

भारत और लैटिन अमेरिका की तुलना

सवालभारत 1857लैटिन अमेरिका
अगुवाई किसने की?सिपाही, सत्ता खो चुके शासक, किसानस्थानीय संपन्न वर्ग और सेनापति; हैती में ग़ुलाम बनाए गए लोग
शासक की ताक़तकंपनी मज़बूत थी, रेल और तार के साथनेपोलियन के युद्धों से स्पेन कमज़ोर था
एकताकई नेता, साझा योजना नहींसाझा लक्ष्य के साथ सेनाएँ कई इलाक़ों में पहुँचीं
नतीजाहार; 1858 से ताज का शासन1820 के दशक तक ज़्यादातर इलाक़े आज़ाद

सबक़: प्रतिरोध तब ज़्यादा सफल होता है जब शासक कमज़ोर या उलझा हो और विद्रोहियों के पास साझा लक्ष्य, नेता और रसद हो। पर विद्रोह हारकर भी, जैसे 1857, शासक की नीति बदल सकता है और बाद के आंदोलनों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

करके देखिए: अपना तुलना चार्ट बनाइए

दो स्तंभों की तालिका बनाइए: भारत 1857 और लैटिन अमेरिका। चार पंक्तियाँ लिखिए: कारण, नेता, शासक की ताक़त, नतीजा। हर ख़ाने में सिर्फ़ तीन शब्द लिखिए। फिर 3D में वर्ष का स्लाइडर चलाइए और अपनी तालिका की तारीख़ें जाँचिए। अंत में एक वाक्य में उत्तर दीजिए: "एक सफल और दूसरा असफल क्यों रहा?"

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 10 मई 1857 को मेरठ में क्या हुआ और वह अहम क्यों था?

सिपाही अपने अफ़सरों के ख़िलाफ़ उठ खड़े हुए, क़ैद साथियों को छुड़ाया और दिल्ली की ओर बढ़े। इसी से विद्रोह शुरू हुआ जो कई शहरों में फैला।

2. 1808 में नेपोलियन का स्पेन पर हमला लैटिन अमेरिका के लिए क्यों अहम था?

स्पेन का राजा हट गया, इसलिए उपनिवेशों को पता नहीं था कि किसकी बात मानें। स्थानीय नेताओं ने अपनी परिषदें बनाईं और कमज़ोर साम्राज्य आज़ादी के आंदोलनों को आसानी से रोक नहीं पाया।

3. 1857 के विद्रोह के असफल होने के दो कारण बताइए।

विद्रोहियों के कई नेता थे और साझा योजना नहीं थी, और उनके पास आधुनिक हथियार कम थे। कंपनी के पास तार, रेल और अतिरिक्त सेना थी।

4. 1858 के बाद भारत में बदली हुई दो बातें बताइए।

शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश ताज के पास चला गया, और सेना का पुनर्गठन हुआ जिसमें ब्रिटिश सैनिक बढ़ाए गए। महारानी की घोषणा में भारतीय धर्मों का सम्मान करने और और रियासतें न हड़पने का वादा भी किया गया।

5. इस कहानी में हैती ख़ास क्यों है?

1804 में वह ऐसा पहला देश बना जिसे ग़ुलाम बनाए गए लोगों ने ख़ुद आज़ाद होकर बनाया, और अमेरिकी महाद्वीपों में संयुक्त राज्य के बाद दूसरा स्वतंत्र राज्य था।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 1857 का विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ?
2. 1858 के बाद भारत पर शासन किसका था?
3. ग़ुलाम बनाए गए लोगों द्वारा बनाया गया पहला स्वतंत्र गणराज्य कौन-सा था?
4. बोलीविया देश का नाम किस नेता पर पड़ा?
5. 1808 में किस घटना ने स्पेनी साम्राज्य को कमज़ोर किया?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरल शब्दों में 1857 का विद्रोह क्या था?

यह ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के ख़िलाफ़ बड़ा विद्रोह था जो 10 मई 1857 को मेरठ में सिपाहियों से शुरू हुआ। वह उत्तर और मध्य भारत में फैला और 1858 तक दबा दिया गया।

1857 के बाद क्या बदला?

1858 में ब्रिटिश ताज ने कंपनी से शासन लिया, सेना का पुनर्गठन हुआ और एक घोषणा में भारतीय धर्मों का सम्मान करने तथा और रियासतें न हड़पने का वादा किया गया।

लैटिन अमेरिका की आज़ादी के मुख्य नेता कौन थे?

हैती में टूसें लूवेरत्युर, उत्तरी दक्षिण अमेरिका में सिमोन बोलिवार, अर्जेंटीना, चिली और पेरू में ख़ोसे दे सान मार्टिन, और मेक्सिको में मिगेल हिदाल्गो।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन九年级(初三)Sem.2 U1 Colonial resistance and spread of capitalism

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी इतिहास पाठ