अंग्रेज़ समुद्र पार क्यों गए? अमेरिका में पहली बस्तियाँ
उपनिवेश (colony) वह दूर की ज़मीन है जिस पर कोई दूसरा देश राज करता है। इंग्लैंड इस दौड़ में देर से उतरा; स्पेन और पुर्तगाल पहले ही पश्चिम जा चुके थे। अंग्रेज़ व्यापारी, सरदार और ताज तीन चीज़ें चाहते थे: व्यापार (नया माल और मुनाफ़ा), ज़मीन (बढ़ती आबादी के लिए खेत) और दूसरे देशों पर ताक़त।
1585 में रोअनोक की कोशिश नाकाम रही। जेम्सटाउन (1607) वर्जीनिया में टिका, तंबाकू की खेती से। 1620 में एक और कारण दिखा: पिलग्रिम लोग, जो अपने ढंग से धर्म मानने की आज़ादी चाहते थे, न्यू इंग्लैंड पहुँचे। धीरे-धीरे अटलांटिक तट पर तेरह उपनिवेश बने, हर एक की अपनी स्थानीय सभा थी।
बसने वालों ने वह ज़मीन ली जिसे वहाँ के मूल निवासी पीढ़ियों से इस्तेमाल करते थे। युद्ध, बीमारी और ज़मीन खोने से इन समुदायों को भारी चोट पहुँची।
प्लांटेशन और दास व्यापार
प्लांटेशन बहुत बड़ा खेत है जो दूर बिकने वाली एक नकदी फ़सल उगाता है: कैरिबियन में चीनी, मुख्य भूमि पर तंबाकू और कपास। इनमें बहुत मज़दूर चाहिए थे। पहले ज़मींदारों ने अनुबंध पर यूरोपीय ग़रीबों और स्थानीय लोगों को लगाया, पर बीमारी और मौतों से यह चला नहीं। फिर वे गुलाम बनाए गए अफ़्रीकियों की ओर गए।
लोगों को अफ़्रीका में पकड़ा गया और भयानक हालात में अटलांटिक पार भेजा गया (मध्य मार्ग)। ब्रिटिश जहाज़ों ने 30 लाख से ज़्यादा लोगों को ढोया। उन्हें संपत्ति की तरह ख़रीदा-बेचा गया और कोई अधिकार नहीं था। इससे ब्रिटेन के कुछ बंदरगाह और व्यापारी बहुत अमीर हुए।
प्रबोधन, अमेरिकी स्वतंत्रता और दास प्रथा का अंत
प्रबोधन (Enlightenment) 1700 के दशक की वह सोच थी कि हर इंसान के प्राकृतिक अधिकार हैं और शासक को प्रजा की सहमति से राज करना चाहिए। ब्रिटेन ने फ़्रांस से महँगा युद्ध (1756–63) जीता और ख़र्च निकालने के लिए उपनिवेशों पर कर लगाया। बसने वालों ने कहा: प्रतिनिधित्व के बिना कर नहीं, क्योंकि ब्रिटिश संसद में उनकी कोई सीट नहीं थी। विरोध युद्ध बन गया। 1776 में उपनिवेशों ने स्वतंत्रता की घोषणा की।
यही विचार, गुलाम बनाए गए लोगों का अपना प्रतिरोध और क्वेकर, लेखकों व आम लोगों के अभियान मिलकर उन्मूलन आंदोलन (abolition) बने। ब्रिटेन ने 1807 में दास व्यापार रोका; 1833 के कानून ने साम्राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में गुलामी ख़त्म की। मालिकों को मुआवज़ा मिला, गुलाम रहे लोगों को नहीं।
भारत सबसे अहम उपनिवेश: कंपनी का शासन और व्यापार
ईस्ट इंडिया कंपनी शाही चार्टर (1600) वाली निजी व्यापारी कंपनी थी। वह सूती कपड़ा, मसाले और बाद में चाय ख़रीदती थी। 1757 में प्लासी में उसने बंगाल के नवाब को हराया, नवाब के अपने दरबार के एक विरोधी की मदद से। 1765 में मुग़ल बादशाह ने बंगाल में भू-राजस्व वसूलने का अधिकार (दीवानी) कंपनी को दिया। यही मोड़ है: व्यापारी अब शासक बन गया।
कर के पैसे से कंपनी की सेना चली और उसने और ज़मीन जीती। ऊँचे करों और 1770 के बंगाल के अकाल ने, जिसे कर वसूली ने और बिगाड़ा, भारी तकलीफ़ दी। सौ साल में कंपनी या उसके सहयोगी राजा लगभग पूरे उपमहाद्वीप पर क़ाबिज़ हो गए।
औद्योगिक ब्रिटेन और भारत का बाज़ार
जब ब्रिटेन में कातने-बुनने के लिए मशीनें चलने लगीं तो मिलों में कपड़ा सस्ता बनने लगा। कच्चा कपास अमेरिका और भारत से आता था। भारत का हाथ का बना कपड़ा कभी पूरी दुनिया में बिकता था, पर अब ब्रिटेन में उस पर भारी शुल्क लगा और ब्रिटिश कपड़ा भारत में कम शुल्क पर आया। लाखों हाथ करघा बुनकर और कातने वाले बेरोज़गार हुए। भारत तैयार कपड़े का निर्माता नहीं रहा; वह कच्चे कपास का विक्रेता और मिल के माल का ख़रीदार बन गया। इतिहासकार इसे अ-औद्योगीकरण कहते हैं।
1857 का विद्रोह, ताज का शासन और शुरुआती भारतीय राजनीति
1857 तक कई वर्ग नाराज़ थे: सिपाही वेतन और धर्म को ठेस पहुँचाने वाले नए कारतूसों से, राजा जिनके राज्य छिन गए, किसान कर से और बुनकर रोज़गार खोने से। 1857 का विद्रोह मेरठ से शुरू होकर उत्तर और मध्य भारत में फैला। उसे दबा दिया गया, दोनों तरफ़ भारी हिंसा हुई।
1858 में ब्रिटिश संसद ने कंपनी का शासन ख़त्म किया और ताज ने वायसराय के ज़रिए सीधा शासन लिया। अंग्रेज़ी शिक्षा से भारतीयों का एक नया वर्ग बना जो अधिकार और आज़ादी के बारे में पढ़ता था। कई शहरों की संस्थाओं से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885) बनी, जिसने पहले शासन में हिस्सा माँगा और बाद में स्वराज की माँग की।
करके देखो: अपनी टाइमलाइन बनाओ
3D दृश्य में आख़िरी कदम पर जाकर स्लाइडर चलाओ। चलाने से पहले अंदाज़ा लगाओ: कंपनी को बंगाल में कर वसूलने का हक़ किस साल मिला? फिर जाँचो। इसके बाद 12 घटनाएँ 12 पर्चियों पर लिखो, मिलाओ और बिना देखे क्रम में लगाओ। तीन दिन बाद फिर करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- साम्राज्य = व्यापार + कर + सेना (कंपनी का रास्ता)
- 1607 जेम्सटाउन | 1620 पिलग्रिम | 1757 प्लासी | 1765 कर का अधिकार | 1776 स्वतंत्रता
- 1807 दास व्यापार बंद | 1833 गुलामी ख़त्म | 1857 विद्रोह | 1858 ताज का शासन | 1885 कांग्रेस
- शब्द: उपनिवेश = दूर से शासित ज़मीन; प्लांटेशन = एक नकदी फ़सल का बड़ा खेत
- शब्द: उन्मूलन (abolition) = कानून से गुलामी का अंत
हल किए गए उदाहरण
1. 1763 के बाद तेरह उपनिवेश नए करों से नाराज़ क्यों थे?
चरण 1: ब्रिटेन ने युद्ध पर बहुत ख़र्च किया था और उपनिवेशों से भरपाई चाहता था। चरण 2: बसने वालों का संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था। चरण 3: उनका कहना था कि कर वही लगे जो उनके चुने लोग पास करें: प्रतिनिधित्व के बिना कर नहीं।
2. समझाओ कि ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापारी से शासक कैसे बनी।
चरण 1: व्यापारिक चौकियाँ और शाही चार्टर से शुरुआत। चरण 2: सेना बनाई और प्लासी (1757) जीता। चरण 3: 1765 में बंगाल में कर वसूलने का अधिकार मिला। चरण 4: कर से और सेना और और ज़मीन। यानी व्यापार से कर और कर से शासन।
3. ब्रिटिश उद्योग ने भारत की अर्थव्यवस्था को दो तरह से कैसे बदला?
भारतीय कपड़े पर ब्रिटेन में भारी शुल्क और भारत में सस्ता मिल का कपड़ा, इससे हाथ करघा बुनकर उजड़े। भारत कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता बन गया।
4. 1858 मोड़ क्यों है?
1857 के विद्रोह ने ब्रिटिश शासन को हिला दिया। 1858 में संसद ने भारत कंपनी से लेकर ताज को दे दिया और वायसराय के ज़रिए सीधा शासन शुरू हुआ। कंपनी ख़त्म हुई।
5. दास व्यापार का अंत और गुलामी का अंत की तुलना करो।
व्यापार (लोगों को जहाज़ से भेजना) 1807 में बंद हुआ, पर जो पहले से गुलाम थे वे गुलाम ही रहे। 1833 के कानून ने ज़्यादातर उपनिवेशों में गुलामी ख़त्म की, मालिकों को भुगतान के साथ।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि अंग्रेज़ 1600 से भारत पर राज करते थे। पहले सिर्फ़ व्यापार था; शासन 1757 से 1765 के बाद शुरू हुआ।
- 1807 (दास व्यापार बंद) और 1833 (गुलामी ख़त्म) को आपस में मिला देना।
- सोचना कि 1776 की आज़ादी एक लड़ाई से मिली। यह सालों के विरोध के बाद लंबा युद्ध था।
- कंपनी और ताज को एक समझना। कंपनी निजी फ़र्म थी; ताज यानी ब्रिटिश राज्य, जिसने 1858 में शासन लिया।