स्थलाकृतिक मानचित्र क्या है?
स्थलाकृति का अर्थ है भूमि की सतह का आकार और विशेषताएँ। स्थलाकृतिक मानचित्र बृहत् मापनी का मानचित्र है जो छोटे क्षेत्र के उच्चावच, नदियाँ, वन, सड़कें, रेलमार्ग, गाँव और नगर विस्तार से दिखाता है।
ये सावधानी से किए गए भूमि सर्वेक्षण, वायव फ़ोटो और उपग्रह आँकड़ों से बनते हैं। भारत में इन्हें भारतीय सर्वेक्षण विभाग, देहरादून बनाता है।
योजना, रक्षा, पर्यटन और भूमि व लोगों के संबंध समझने में ये काम आते हैं।
भारतीय सर्वेक्षण शीट क्रमांक
- मिलियन शीट: 4° अक्षांश × 4° देशांतर, मापनी 1:10,00,000, संख्या से (जैसे 53)।
- हर एक 16 भागों में 1° × 1°, मापनी 1:2,50,000, अक्षर A से P (जैसे 53F)। इन्हें डिग्री शीट कहते हैं।
- हर डिग्री शीट 16 भागों में 15′ × 15′, मापनी 1:50,000, संख्या 1 से 16 (जैसे 53F/10)।
- हर 15′ शीट 4 भागों में 7′30″ × 7′30″, मापनी 1:25,000, NW, NE, SW, SE (जैसे 53F/10/NE)।
शीट के किनारे पर क्रमांक, मापनी, समोच्च अंतराल, चुंबकीय उत्तर, सर्वेक्षण का वर्ष और आसपास की शीटों की सूची होती है।
रूढ़ चिह्न, संकेत और रंग
- नीला: जल – नदी, नहर, तालाब, कुएँ।
- हरा: वन, बाग़, पेड़।
- भूरा: समोच्च रेखाएँ, रेत के टीले, चट्टानें।
- काला: रेलमार्ग, टेलीफ़ोन लाइन, नाम, ग्रिड, सीमाएँ।
- लाल: सड़कें, पगडंडियाँ, झोपड़ियाँ व घर, ग्रिड संख्याएँ।
- पीला: खेती की भूमि।
- सफ़ेद: बिना खेती या असर्वेक्षित भूमि।
चिह्नों में गिरजाघर के लिए क्रॉस, मंदिर के लिए छोटा गुंबद, डाकघर के लिए झंडा, और पगडंडी के लिए बिंदुदार रेखाएँ होती हैं।
समोच्च रेखाएँ और समोच्च अंतराल
समोच्च रेखा माध्य समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखा है। रेखा पर ऊँचाई लिखी होती है।
समोच्च अंतराल दो पास की समोच्च रेखाओं के बीच ऊँचाई का तय अंतर है। 1:50,000 शीट पर प्रायः 20 m। छोटा अंतराल उच्चावच को अधिक विस्तार से दिखाता है।
विशेषताएँ
- ये एक-दूसरे को नहीं काटतीं (लटकती चट्टान को छोड़कर) और नहीं बँटतीं।
- पास-पास = तीव्र ढाल; दूर-दूर = मंद ढाल।
- एक रेखा में मिल जाएँ = खड़ी चट्टान या जलप्रपात।
- हर समोच्च रेखा बंद घेरा है, चाहे शीट से बाहर चली जाए।
ऊँचाई दिखाने के अन्य तरीके: स्थानिक ऊँचाई (बिंदु और ऊँचाई), तल चिह्न (BM, इमारतों पर), त्रिकोणमितीय स्टेशन (त्रिभुज), हैश्यूर और स्तर रंजन।
ढाल के प्रकार
- मंद ढाल: रेखाएँ दूर-दूर।
- तीव्र ढाल: रेखाएँ पास-पास।
- समान ढाल: रेखाएँ बराबर दूरी पर।
- अवतल ढाल: नीचे मंद, ऊपर तीव्र। कम ऊँचाई पर रेखाएँ दूर, अधिक ऊँचाई पर पास।
- उत्तल ढाल: नीचे तीव्र, ऊपर मंद। कम ऊँचाई पर रेखाएँ पास, ऊपर दूर।
परिच्छेदिका बनाना
- मानचित्र पर समोच्च रेखाओं के आर-पार सीधी रेखा AB खींचिए।
- काग़ज़ की पट्टी का सीधा किनारा AB पर रखिए। जहाँ-जहाँ समोच्च रेखा कटे, निशान और ऊँचाई लिखिए।
- ग्राफ़ पेपर पर AB जितनी आधार रेखा खींचिए। ऊर्ध्व मापनी चुनिए (जैसे 1 cm = 20 m), क्षैतिज मापनी से बड़ी, ताकि आकार साफ़ दिखे।
- पट्टी को आधार रेखा पर रखकर हर निशान से उसकी ऊँचाई तक लंब खींचिए।
- सिरों को चिकनी वक्र रेखा से जोड़िए, नीचे छायांकन कीजिए, दोनों मापनी लिखिए।
परिणाम परिच्छेदिका है: भूमि को काटकर बगल से देखने पर जैसी दिखे। ऊर्ध्व और क्षैतिज मापनी का अनुपात ऊर्ध्व अतिशयोक्ति है।
भू-आकृतियाँ पहचानना
- शंक्वाकार पहाड़ी: लगभग गोल, बराबर दूरी वाली रेखाएँ, बीच में सबसे अधिक मान।
- पठार: किनारों पर पास-पास रेखाएँ, ऊपर चौड़ा खाली समतल भाग।
- V-आकार की घाटी: V आकार की रेखाएँ, V ऊपर की ओर (ऊँची भूमि की ओर); बीच में धारा।
- U-आकार की घाटी: चौड़ी तली; हिमनद से बनी।
- महाखड्ड (गॉर्ज): गहरी संकरी घाटी, दोनों ओर बहुत पास रेखाएँ।
- पर्वत-स्कंध: नीची भूमि में निकली ऊँची जीभ; V नीचे की ओर।
- खड़ी चट्टान (भृगु): रेखाएँ एक में मिल जाती हैं।
- जलप्रपात: नदी वहाँ से गुज़रे जहाँ रेखाएँ मिलती हैं।
- काठी (सैडल): दो पहाड़ियों के बीच नीचा भाग; दर्रा: पर्वत श्रेणी में गहरा रास्ता।
बस्तियाँ और मानवीय विशेषताएँ पढ़ना
- सघन (गुच्छित): घर पास-पास, प्रायः उपजाऊ भूमि और आसान पानी वाली जगह।
- प्रकीर्ण (बिखरी): घर दूर-दूर, जैसे पहाड़ी या वन क्षेत्र में।
- रेखीय: सड़क, नदी, नहर या कटक के साथ एक पंक्ति में घर।
- वृत्ताकार या तारा आकार: तालाब के चारों ओर, या केंद्र से निकलती कई सड़कों के साथ।
परिवहन (सड़कें, रेलें और वे तीव्र ढाल से कैसे बचती हैं), व्यवसाय (खेती, वानिकी), और जल स्रोत (कुएँ, तालाब, नहरें) भी पढ़िए।
उच्चावच से जोड़िए: गाँव पानी के पास समतल भूमि पर; सड़कें घाटियों और दर्रों से।
करके देखें
मिट्टी या आलू से पहाड़ी बनाइए। उसे काँच के डिब्बे में रखकर हर बार 1 cm पानी डालिए और मार्कर से जल-रेखा खींचिए। ऊपर से देखिए: ये समोच्च रेखाएँ हैं। 3D (चरण 3) में समोच्च अंतराल बदलकर रेखाएँ गिनिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- समोच्च रेखा = समुद्र तल से समान ऊँचाई की रेखा
- समोच्च अंतराल = दो पास की रेखाओं में ऊँचाई का अंतर
- रेखाओं की संख्या ≈ उच्चावच ÷ समोच्च अंतराल
- ऊर्ध्व अतिशयोक्ति = ऊर्ध्व मापनी ÷ क्षैतिज मापनी
- शीट श्रृंखला: 4°×4° (1:10 लाख) → 1°×1° (1:2.5 लाख) → 15′×15′ (1:50,000) → 7½′×7½′ (1:25,000)
हल किए गए उदाहरण
1. शीट 53F को 15′ × 15′ शीटों में बाँटा जाता है। कितनी, और मापनी?
1° = 60′; 60 ÷ 15 = 4 प्रति भुजा, 4 × 4 = 16 शीटें (53F/1 से 53F/16), 1:50,000।
2. पहाड़ी 200 m से 500 m तक है, अंतराल 50 m। 250 m से 500 m तक कितनी रेखाएँ?
250, 300, 350, 400, 450, 500 → 6 रेखाएँ।
3. रेखाएँ घाटी तल के पास भीड़ में और चोटी के पास दूर हैं। कौन सा ढाल?
नीचे तीव्र, ऊपर मंद: उत्तल ढाल।
4. V-आकार की रेखाएँ अधिक मानों की ओर इशारा करती हैं। घाटी या स्कंध?
V ऊपर (अधिक मान) की ओर = घाटी।
5. क्षैतिज मापनी 1:50,000, ऊर्ध्व 1 cm = 50 m। ऊर्ध्व अतिशयोक्ति?
1 cm = 5,000 cm → 1:5,000। 50,000 ÷ 5,000 = 10 गुना।
6. शीट पर घर नदी के तटबंध के साथ लंबी पंक्ति में हैं। प्रतिरूप और कारण?
रेखीय बस्ती: लोग नदी के किनारे ऊँचे, सूखे तटबंध पर पानी और रास्ते के पास बसते हैं।
आम गलतियाँ
- घाटी का V उल्टा पढ़ना। घाटी में V ऊपर की ओर; स्कंध में नीचे की ओर।
- यह सोचना कि समोच्च रेखाएँ काट सकती हैं। लटकती चट्टान को छोड़कर कभी नहीं।
- परिच्छेदिका में ऊर्ध्व और क्षैतिज मापनी एक रखना, जिससे वह समतल दिखे।
- रंगों में उलझना: सड़क और झोपड़ी लाल, रेल काली।