गैस का दाब कहाँ से आता है?
गैस बहुत छोटे कणों से बनी है। ये कण तेज़ी से और हर दिशा में भागते रहते हैं। ये आपस में और बर्तन की दीवारों से टकराते हैं।
हर टक्कर दीवार को एक छोटा धक्का (बल) देती है। दाब (pressure) = हर वर्ग मीटर पर लगा कुल बल: P = F ÷ A। इसकी SI इकाई पास्कल (Pa) है; 1 kPa = 1000 Pa। हमारे आसपास की हवा का दाब लगभग 101 kPa है।
दाब तब बढ़ता है जब कण ज़्यादा बार या ज़्यादा ज़ोर से टकराएँ। हर गैस नियम इन्हीं दो में से किसी एक को बदलने की बात है।
बॉयल का नियम: दाब और आयतन
गैस की मात्रा और ताप स्थिर रखो। गैस को आधी जगह में दबाओ। कणों को कम जगह मिली, तो वे दीवार से दोगुनी बार टकराते हैं। दाब दोगुना हो जाता है।
P × V = स्थिर, यानी P₁V₁ = P₂V₂।
P और V व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) हैं: एक बढ़े तो दूसरा घटे। P–V ग्राफ़ एक वक्र है; P और 1/V का ग्राफ़ मूल बिंदु से जाती सीधी रेखा है।
गैस पर कार्य करना
पिस्टन को अंदर धकेलने पर हम गैस पर कार्य करते हैं। चलती दीवार से टकराकर कण थोड़े तेज़ हो जाते हैं, गैस गर्म होती है। इसीलिए साइकिल पंप गर्म हो जाता है।
चार्ल्स का नियम और दाब नियम
गैस को गर्म करने से उसके कण तेज़ चलने लगते हैं।
चार्ल्स का नियम (दाब स्थिर)
अगर ढक्कन हिल सकता है, तो तेज़ कण उसे ऊपर धकेलते हैं जब तक दाब फिर सामान्य न हो जाए। आयतन बढ़ता है: V ÷ T = स्थिर, यानी V₁/T₁ = V₂/T₂।
दाब नियम या गे-लुसाक का नियम (आयतन स्थिर)
अगर बर्तन मज़बूत और बंद है, तो कण ज़्यादा ज़ोर से और ज़्यादा बार टकराते हैं। दाब बढ़ता है: P ÷ T = स्थिर, यानी P₁/T₁ = P₂/T₂।
केल्विन ही क्यों?
ये नियम सिर्फ़ परम (केल्विन) ताप से चलते हैं। T(K) = T(°C) + 273। 0 K (−273 °C) को परम शून्य (absolute zero) कहते हैं, जहाँ कणों की गति सबसे कम होती। 0 °C पर कण रुके नहीं होते, इसलिए °C से जवाब ग़लत आता है।
संयुक्त गैस नियम
तीनों को जोड़ो: P₁V₁/T₁ = P₂V₂/T₂। गैस की मात्रा n भी जोड़ने पर यही आदर्श गैस समीकरण PV = nRT बनता है।
डाल्टन का आंशिक दाब का नियम
जो गैसें आपस में क्रिया नहीं करतीं, उनके मिश्रण में हर गैस ऐसे बर्ताव करती है जैसे वह अकेली हो।
किसी गैस का आंशिक दाब (partial pressure) वह दाब है जो वह अकेले उसी बर्तन में बनाती। डाल्टन का नियम: P(कुल) = P₁ + P₂ + P₃ + …
मोल अंश (mole fraction) x = उस गैस के मोल ÷ कुल मोल। तब P(गैस) = x × P(कुल)। उदाहरण: हवा में लगभग 21% ऑक्सीजन है, तो 101 kPa पर ऑक्सीजन का आंशिक दाब ≈ 0.21 × 101 ≈ 21 kPa।
पानी के ऊपर इकट्ठी की गई गैस में जल-वाष्प भी होती है: P(सूखी गैस) = P(कुल) − P(जल-वाष्प)।
करके देखो: 3D में और घर पर
3D में: आख़िरी चरण में आयतन 10 L रखो, दाब नोट करो, फिर 5 L करो। पहले अंदाज़ा लगाओ कि दाब कितना होगा। फिर आयतन वही रखकर ताप 300 K से 600 K करो।
घर पर: एक गुब्बारा थोड़ा फुलाकर बाँध दो। 20 मिनट फ्रिज में रखो, फिर गुनगुने पानी के कटोरे में। वह सिकुड़ता और फूलता दिखेगा (चार्ल्स)। सिरिंज का मुँह उँगली से बंद करके पिस्टन दबाओ: दाब बढ़ता महसूस होगा (बॉयल)।
सीमाएँ और परीक्षा पर ध्यान
गैस नियम पूरी तरह सिर्फ़ आदर्श गैस पर लागू होते हैं। वास्तविक गैसें कम दाब और ऊँचे ताप पर इन्हें अच्छी तरह मानती हैं। बहुत ऊँचे दाब या बहुत कम ताप पर कण जगह घेरते हैं और एक-दूसरे को खींचते हैं, इसलिए अंतर आता है।
परीक्षा में आमतौर पर पूछा जाता है: नियम और उसकी शर्त लिखो, ग्राफ़ बनाओ, कणों से समझाओ, और दो अवस्थाओं वाला सवाल हल करो (केल्विन और दोनों ओर एक जैसी इकाई याद रखो)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- P = F ÷ A
- बॉयल: P₁V₁ = P₂V₂ (n, T स्थिर)
- चार्ल्स: V₁/T₁ = V₂/T₂ (n, P स्थिर)
- दाब नियम: P₁/T₁ = P₂/T₂ (n, V स्थिर)
- संयुक्त: P₁V₁/T₁ = P₂V₂/T₂
- T(K) = T(°C) + 273
- डाल्टन: P(कुल) = P₁ + P₂ + …
- P(गैस) = मोल अंश × P(कुल)
हल किए गए उदाहरण
1. एक गैस का आयतन 100 kPa पर 6 L है। उसी ताप पर उसे 2 L तक दबाया गया। नया दाब?
बॉयल: P₁V₁ = P₂V₂ → 100 × 6 = P₂ × 2 → P₂ = 300 kPa।
2. एक गुब्बारे का आयतन 27 °C पर 3.0 L है। 127 °C पर (दाब वही) आयतन कितना होगा?
केल्विन में: T₁ = 300 K, T₂ = 400 K। चार्ल्स: V₂ = 3.0 × 400/300 = 4.0 L।
3. एक बंद डिब्बे में 27 °C पर दाब 200 kPa है। उसे 327 °C तक गर्म किया गया। दाब?
T₁ = 300 K, T₂ = 600 K। दाब नियम: P₂ = 200 × 600/300 = 400 kPa। (इसीलिए स्प्रे के डिब्बे गर्म नहीं करने चाहिए।)
4. एक गैस 100 kPa और 300 K पर 500 mL है। 150 kPa और 360 K पर उसका आयतन?
संयुक्त नियम: V₂ = 500 × (100/150) × (360/300) = 400 mL।
5. एक बर्तन में 2 mol N₂ और 3 mol O₂ हैं, कुल दाब 250 kPa। हर गैस का आंशिक दाब?
कुल मोल = 5। x(N₂) = 0.4, x(O₂) = 0.6। P(N₂) = 0.4 × 250 = 100 kPa; P(O₂) = 150 kPa। जाँच: 100 + 150 = 250 kPa।
6. 25 °C पर हाइड्रोजन पानी के ऊपर इकट्ठी की गई। कुल दाब 100.0 kPa, जल-वाष्प दाब 3.2 kPa। सूखी हाइड्रोजन का दाब?
डाल्टन: P(H₂) = 100.0 − 3.2 = 96.8 kPa।
आम गलतियाँ
- चार्ल्स या दाब नियम में °C लगा देना। पहले 273 जोड़कर केल्विन बनाओ।
- सोचना कि °C दोगुना होने पर दाब दोगुना होगा। 20 °C → 40 °C बस 293 K → 313 K है।
- इकाइयाँ मिला देना: V₁ mL में है तो V₂ भी mL में आएगा। दोनों ओर एक जैसी इकाई रखो।
- भूल जाना कि कौन-सी राशि स्थिर है: बॉयल (T), चार्ल्स (P), दाब नियम (V)।