संगठन के स्तर का मतलब क्या है?
जीव स्तरों में बने हैं। स्तर यानी सीढ़ी का एक डंडा। हर डंडा अपने नीचे वाले डंडे की कई इकाइयों से बनता है।
एक शरीर के अंदर की सीढ़ी: कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव।
प्रकृति की सीढ़ी: जीव → समष्टि → समुदाय → पारितंत्र → बायोम (जीवोम) → जीवमंडल।
कोशिका के नीचे परमाणु और अणु हैं। जीवन के लिए ये ज़रूरी हैं, पर अकेले ये जीवित नहीं हैं। इसलिए कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
हर नया स्तर कुछ नया कर सकता है। एक पेशी कोशिका थोड़ा-सा ही खींच सकती है, पर पूरी पेशी आपकी बाँह उठा सकती है। ऐसी नई क्षमताओं को आकस्मिक गुण (emergent properties) कहते हैं: जो गुण तभी दिखते हैं जब हिस्से मिलकर काम करें।
एक जीव के अंदर: कोशिका, ऊतक, अंग, अंग तंत्र
कोशिका
सबसे छोटी इकाई जो अपने आप जीवित रह सके। उदाहरण: लाल रक्त कोशिका, तंत्रिका कोशिका, पत्ती की कोशिका।
ऊतक
एक जैसी कोशिकाओं का समूह जो एक काम करे। जंतुओं में चार मुख्य ऊतक हैं: उपकला (ढकने और परत बनाने वाला), संयोजी (सहारा देने वाला, जैसे हड्डी और रक्त), पेशी (गति) और तंत्रिका (संदेश)। पौधों में भी ऊतक हैं, जैसे जाइलम (पानी ले जाता है) और फ्लोएम (भोजन ले जाता है)।
अंग
दो या ज़्यादा अलग-अलग ऊतक मिलकर काम करें। आमाशय में पेशी ऊतक भोजन मथता है, भीतरी परत पाचक रस बनाती है और तंत्रिका ऊतक नियंत्रण करता है। पत्ती पौधे का एक अंग है।
अंग तंत्र
कई अंग जो एक बड़ा काम मिलकर करें। पाचन तंत्र (मुँह, ग्रासनली, आमाशय, आँतें, यकृत) भोजन को तोड़ता है। मनुष्य में लगभग 11 अंग तंत्र हैं, जैसे परिसंचरण, श्वसन, तंत्रिका और उत्सर्जन तंत्र।
जीव
एक पूरा जीवित प्राणी। एककोशिकीय जीव (अमीबा, जीवाणु, यीस्ट) सिर्फ़ एक कोशिका है, इसलिए उसके लिए कोशिका और जीव का स्तर एक ही है। बहुकोशिकीय जीव (मनुष्य, आम का पेड़) में बहुत सी कोशिकाएँ होती हैं जो ऊतक, अंग और तंत्र में बँटी हैं। काम बाँटने को श्रम विभाजन कहते हैं।
प्रकृति में: समष्टि, समुदाय, पारितंत्र, बायोम, जीवमंडल
समष्टि (Population)
किसी एक जगह, एक समय पर रहने वाले एक ही जाति के सारे सदस्य। उदाहरण: एक राष्ट्रीय उद्यान के सारे बाघ। जाति (species) ऐसे जीवों का समूह है जो आपस में प्रजनन कर सकें और जिनकी संतान भी आगे प्रजनन कर सके।
समुदाय (Community)
एक ही जगह रहने वाली अलग-अलग जातियों की सारी समष्टियाँ: बाघ, हिरण, घास, पेड़, पक्षी, कवक और जीवाणु साथ में। इसे जैव समुदाय (biocoenosis) भी कहते हैं।
पारितंत्र (Ecosystem)
समुदाय + आस-पास की निर्जीव (अजैविक) चीज़ें: धूप, पानी, हवा, मिट्टी, तापमान। जीवित और निर्जीव हिस्से एक-दूसरे पर असर डालते हैं। तालाब, जंगल, मूँगे की चट्टान, सब पारितंत्र हैं।
बायोम (Biome)
एक जैसी जलवायु और एक जैसे पौधों वाला बड़ा क्षेत्र, जो कई पारितंत्रों से बना है। जैसे उष्णकटिबंधीय वर्षावन, मरुस्थल, घास का मैदान, टुंड्रा।
जीवमंडल (Biosphere)
धरती के वे सारे हिस्से जहाँ जीवन है: ज़मीन, पानी और निचली हवा। यह सबसे ऊँचा स्तर है।
स्तर आपस में कैसे जुड़े हैं (और इन्हें याद कैसे रखें)
- नीचे से ऊपर: हर स्तर अपने नीचे वाले स्तर की इकाइयों से बनता है।
- हर स्तर पर नई क्षमता आती है। हृदय खून पंप कर सकता है, उसकी अकेली कोशिका नहीं।
- नुकसान ऊपर तक जाता है: अग्न्याशय की कोशिकाएँ ठीक से काम न करें तो पूरा जीव बीमार होता है (मधुमेह)।
- बदलाव नीचे तक भी आता है: तालाब (पारितंत्र) गंदा हो तो मछलियाँ (जीव) और उनकी कोशिकाएँ भी नुकसान उठाती हैं।
घर पर करके देखो: 9 छोटी पर्चियाँ लो। हर पर्ची पर एक स्तर लिखो। उन्हें मिलाओ और बिना नोट्स देखे छोटे से बड़े क्रम में लगाओ। फिर अपने घर या बगीचे से हर स्तर का एक उदाहरण दो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव
- जीव → समष्टि → समुदाय → पारितंत्र → बायोम → जीवमंडल
- ऊतक = एक जैसी कोशिकाएँ + एक काम
- अंग = अलग-अलग ऊतक + एक काम
- समष्टि = एक जाति, एक जगह, एक समय
- पारितंत्र = समुदाय (जीवित) + अजैविक (निर्जीव) कारक
हल किए गए उदाहरण
1. छोटे से बड़े क्रम में लगाओ: अंग, कोशिका, अंग तंत्र, ऊतक, जीव।
कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव। हर एक अपने पहले वाले से बना है।
2. स्तर बताओ: एक तालाब के सारे मेंढक।
समष्टि। सब एक ही जाति के हैं, एक जगह (तालाब) और एक समय पर।
3. पत्ती में बाहरी परत, भोजन बनाने वाली कोशिकाएँ और जाइलम-फ्लोएम वाली शिराएँ होती हैं। पत्ती ऊतक है या अंग? समझाओ।
अंग। इसमें कई अलग ऊतक (बाह्यत्वचा, प्रकाश-संश्लेषी ऊतक, जाइलम, फ्लोएम) मिलकर एक काम करते हैं: भोजन बनाना।
4. हम कोशिका को जीवन की मूल इकाई क्यों कहते हैं, अणु को क्यों नहीं?
DNA जैसा अणु अपने आप बढ़ नहीं सकता, भोजन नहीं ले सकता और प्रजनन नहीं कर सकता। कोशिका सारी जैविक क्रियाएँ कर सकती है, इसलिए वह सबसे छोटा जीवित स्तर है।
आम गलतियाँ
- ऊतक और अंग में गड़बड़: ऊतक में एक जैसी कोशिकाएँ होती हैं; अंग में अलग-अलग ऊतक।
- समष्टि और समुदाय में गड़बड़: समष्टि में एक जाति; समुदाय में कई जातियाँ।
- निर्जीव हिस्से भूल जाना: पारितंत्र में पानी, मिट्टी, हवा और धूप भी गिने जाते हैं।
- परमाणु और अणु को पहला जीवित स्तर मान लेना: वे ईंटें हैं, पर पहला जीवित स्तर कोशिका है।