बुद्धि क्या है? मनोमितिक सिद्धांत
बुद्धि दुनिया को समझने, साफ़ सोचने और चुनौती आने पर साधनों का ठीक उपयोग करने की योग्यता है।
मनोमितिक (कारक) उपागम
इसमें परीक्षणों से बुद्धि मापकर अंकों के पीछे की योग्यताएँ (कारक) खोजते हैं।
- अल्फ्रेड बिने: पहला परीक्षण; बुद्धि एक सामान्य योग्यता।
- स्पीयरमैन का द्वि-कारक सिद्धांत: हर काम में लगने वाला सामान्य कारक (g) और एक-एक काम के विशिष्ट कारक (s)।
- थर्स्टन की प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ: सात अलग योग्यताएँ: शाब्दिक अर्थ, संख्या, शब्द-प्रवाह, स्थान, स्मृति, प्रात्यक्षिक गति, तर्कना।
- जेन्सेन: स्तर I (साहचर्य अधिगम, जैसे रटना) और स्तर II (संज्ञानात्मक, ऊँची सोच)।
- गिलफ़र्ड का बौद्धिक संरचना मॉडल: हर योग्यता = संक्रिया × विषय-वस्तु × उत्पाद, लगभग 180 योग्यताएँ।
बहु-बुद्धि (हावर्ड गार्डनर)
गार्डनर ने कहा बुद्धि एक चीज़ नहीं। अलग, बराबर प्रकार हैं:
- भाषागत: शब्दों का अच्छा उपयोग (कवि, वक्ता)।
- तार्किक-गणितीय: तर्क और संख्या (वैज्ञानिक)।
- देशिक (spatial): मन में चित्र (पायलट, कलाकार)।
- सांगीतिक: लय और सुर (गायक)।
- शारीरिक-गतिसंवेदी: शरीर का कुशल उपयोग (नर्तक, खिलाड़ी)।
- अंतर्वैयक्तिक: दूसरों को समझना (शिक्षक, नेता)।
- अंतःवैयक्तिक: खुद को समझना।
- प्रकृतिवादी: प्रकृति के पैटर्न पहचानना (किसान, वनस्पतिशास्त्री)।
त्रिचापीय सिद्धांत और PASS मॉडल
स्टर्नबर्ग का त्रिचापीय सिद्धांत
बुद्धि से हम परिवेश के अनुसार ढलते, उसे बदलते या चुनते हैं। इसके तीन भाग:
- घटकीय (विश्लेषणात्मक): समस्या को भागों में तोड़ना; ज्ञान-अर्जन, अधि (योजना) और निष्पादन घटक।
- आनुभविक (सृजनात्मक): पुराने अनुभव का नए ढंग से उपयोग।
- सांदर्भिक (व्यावहारिक): व्यवहार-कुशलता; रोज़ की ज़िंदगी सँभालना।
PASS मॉडल (जे.पी. दास, नागलीरी, किर्बी)
- भ्रांति/अवधान (Arousal/Attention): सजग रहना और ध्यान टिकाना।
- सहकालिक और आनुक्रमिक प्रक्रमण: एक साथ पूरा देखना, और तय क्रम में एक-एक करके (जैसे पहाड़ा बोलना)।
- योजना (Planning): क्या करें तय करना, करना और जाँचना।
दास और नागलीरी ने इससे संज्ञानात्मक मूल्यांकन तंत्र (CAS) बनाया।
बुद्धि में वैयक्तिक भिन्नताएँ
आनुवंशिकता और पर्यावरण: साथ पले समरूप जुड़वाँ बच्चों की बुद्धि-लब्धि बहुत मिलती है; अच्छे घर में गोद लिए बच्चों की बुद्धि-लब्धि बढ़ती है। यानी जीन और परिवेश दोनों ज़रूरी।
बुद्धि-लब्धि (IQ)
मानसिक आयु (MA): उस उम्र के दूसरों की तुलना में योग्यता का स्तर। कालानुक्रमिक आयु (CA): असली उम्र। IQ = MA ÷ CA × 100 (विलियम स्टर्न)। MA = CA हो तो IQ = 100।
- लगभग दो-तिहाई लोग 85 से 115 के बीच; औसत 100।
- 130 और ऊपर: बौद्धिक रूप से प्रतिभाशाली।
- लगभग 70 से नीचे और रोज़ के कामों में कठिनाई: बौद्धिक अक्षमता (हल्की 55-69, मध्यम 40-54, गंभीर 25-39, अति गंभीर 25 से नीचे)।
परीक्षणों के प्रकार
वैयक्तिक या समूह; शाब्दिक, अशाब्दिक या निष्पादन; संस्कृति-निष्पक्ष या संस्कृति-पक्षपाती।
प्रतिभाशालिता
प्रतिभाशाली बच्चों में ऊँची योग्यता, सृजनात्मकता और गहरी लगन होती है। विशेष प्रतिभा (talent) किसी एक क्षेत्र का असाधारण कौशल है।
संस्कृति और बुद्धि
हर संस्कृति कुछ कौशलों को ज़्यादा महत्त्व देती है। प्रौद्योगिकीय बुद्धि (तकनीकी रूप से उन्नत समाज) में ध्यान, गति, सामान्यीकरण और अमूर्त चिंतन मुख्य हैं। भारतीय चिंतन समाकलित बुद्धि को महत्त्व देता है: लोगों और दुनिया से जुड़ाव। इसमें संज्ञानात्मक क्षमता, सामाजिक सक्षमता, संवेगात्मक सक्षमता और उद्यमी सक्षमता आती हैं। संस्कृत का बुद्धि शब्द विवेक, आत्म-ज्ञान और सही निर्णय भी समेटता है।
संवेगात्मक बुद्धि
संवेगात्मक बुद्धि (EI) अपनी और दूसरों की भावनाओं को पहचानने, समझने और सँभालने की योग्यता है (सैलोवी और मेयर; डेनियल गोलमैन ने लोकप्रिय बनाया)। इसका माप EQ है।
- अपनी भावनाएँ पहचानना (आत्म-जागरूकता)।
- भावनाएँ सँभालना, जैसे गुस्सा शांत करना।
- खुद को प्रेरित करना।
- दूसरों की भावना समझना (समानुभूति)।
- संबंध अच्छे से निभाना।
EI स्कूल, नौकरी और दोस्ती में मदद करती है। जीवन-कौशल कक्षाओं से इसे सिखाया जा सकता है।
घर पर करके देखें
अपने जान-पहचान के आठ लोगों की सूची बनाइए। हर एक के आगे लिखिए कि गार्डनर की आठ में से कौन सी बुद्धि सबसे मज़बूत है। आप पाएँगे कि पढ़ाई में कमज़ोर व्यक्ति भी किसी और तरह से बहुत होशियार हो सकता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बुद्धि-लब्धि = (मानसिक आयु ÷ कालानुक्रमिक आयु) × 100
- स्पीयरमैन: g (सामान्य) + s (विशिष्ट)
- थर्स्टन: 7 प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ
- गिलफ़र्ड: संक्रिया × विषय-वस्तु × उत्पाद ≈ 180
- गार्डनर: 8 बुद्धियाँ
- स्टर्नबर्ग: घटकीय + आनुभविक + सांदर्भिक
- PASS: योजना, भ्रांति-अवधान, सहकालिक-आनुक्रमिक
- IQ 130+: प्रतिभाशाली; 70 से नीचे: बौद्धिक अक्षमता
हल किए गए उदाहरण
1. 10 साल के बच्चे की मानसिक आयु 12 है। IQ निकालिए।
IQ = MA ÷ CA × 100 = 12 ÷ 10 × 100 = 120। यह औसत से ऊपर है।
2. 8 साल के बच्चे की मानसिक आयु 6 है। IQ और उसका अर्थ बताइए।
IQ = 6 ÷ 8 × 100 = 75। औसत से कम, पर 70 की रेखा से ऊपर, इसलिए सिर्फ़ अंक से बौद्धिक अक्षमता नहीं कह सकते।
3. IQ 110 और असली आयु 10 है। मानसिक आयु क्या होगी?
MA = IQ × CA ÷ 100 = 110 × 10 ÷ 100 = 11 वर्ष।
4. काव्या किताब के सवाल हल नहीं कर पाती पर परिवार की दुकान होशियारी से चलाती है। स्टर्नबर्ग का कौन सा भाग मज़बूत है?
सांदर्भिक (व्यावहारिक) बुद्धि: रोज़ की ज़िंदगी सँभालने की कुशलता।
5. बच्चा फ़ोन नंबर एक-एक अंक करके बोलता है। यह PASS की कौन सी प्रक्रिया है?
आनुक्रमिक प्रक्रमण: तय क्रम में एक के बाद एक।
6. राहुल समझ जाता है कि दोस्त दुखी है और सही बात कहता है। कौन सा विचार?
संवेगात्मक बुद्धि (समानुभूति), साथ में गार्डनर की अंतर्वैयक्तिक बुद्धि।
आम गलतियाँ
- IQ को ही बुद्धि मान लेना। IQ एक परीक्षण का सिर्फ़ एक अंक है।
- अंतर्वैयक्तिक (दूसरों को समझना) और अंतःवैयक्तिक (खुद को समझना) को मिला देना।
- 70 से कम IQ वाले हर व्यक्ति को बौद्धिक रूप से अक्षम कहना। रोज़ के कामों (अनुकूली व्यवहार) में कठिनाई भी होनी चाहिए।
- एक संस्कृति की बुद्धि की परिभाषा सब पर लागू करना।