मानव प्रकार्यों में वैयक्तिक भिन्नताएँ
वैयक्तिक भिन्नताएँ वे खास तरीके हैं जिनसे लोग एक-दूसरे से अलग होते हैं। हम कद और रंग में ही नहीं, सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने में भी अलग हैं।
- परिवर्तिता (variability) हर जीव में मिलती है। दो पत्ते भी पूरी तरह एक जैसे नहीं होते।
- शीलगुण (trait): व्यक्ति के अंदर का स्थिर गुण, जैसे शर्मीला या मिलनसार होना।
- परिस्थितिवाद (situationism): यह विचार कि परिस्थिति व्यवहार को बहुत बदलती है। मंदिर में शांत व्यक्ति क्रिकेट मैच में चिल्ला सकता है।
व्यवहार = व्यक्ति (शीलगुण) + परिस्थिति। मनोवैज्ञानिक दोनों को पढ़ते हैं।
भिन्नताएँ क्यों पढ़ें?
स्कूल में हर बच्चे को सही मदद, नौकरी में सही काम के लिए सही व्यक्ति, और परामर्श में खुद को समझने के लिए।
मनोवैज्ञानिक गुण जिनका अध्ययन होता है
गुण (attribute) वह विशेषता है जिसे मापा जा सके। पाँच मुख्य गुण:
- बुद्धि: समझने, ठीक से सोचने और दुनिया के साथ तालमेल बिठाने की योग्यता।
- अभिक्षमता (aptitude): प्रशिक्षण से कोई कौशल सीख लेने की छिपी योग्यता।
- रुचि: व्यक्ति को क्या करना अच्छा लगता है।
- व्यक्तित्व: सोचने, महसूस करने और करने का स्थिर ढंग।
- मूल्य: क्या अच्छा या ज़रूरी है, इसके बारे में विश्वास।
गुण सीधे दिखते नहीं। हम व्यवहार देखकर गुण का अनुमान लगाते हैं।
मनोवैज्ञानिक गुणों का मूल्यांकन
मूल्यांकन यानी मानक तरीकों से व्यक्ति के गुण को मापना। औपचारिक मूल्यांकन योजनाबद्ध, निष्पक्ष और सबके लिए एक जैसा होता है। अनौपचारिक मूल्यांकन हर व्यक्ति के साथ बदलता है और कम सटीक होता है।
मूल्यांकन की विधियाँ
- मनोवैज्ञानिक परीक्षण: किसी गुण का मानक, वस्तुनिष्ठ माप। अच्छा परीक्षण विश्वसनीय (दोबारा वही परिणाम), वैध (जो कहे वही मापे) और मानकीकृत (सबके लिए एक नियम और मानक) होता है।
- साक्षात्कार: आमने-सामने बात करके जानकारी लेना।
- व्यक्ति अध्ययन (case study): कई स्रोतों से एक व्यक्ति का गहरा अध्ययन।
- प्रेक्षण: योजना बनाकर व्यवहार देखना।
- आत्म-प्रतिवेदन: व्यक्ति खुद अपने बारे में उत्तर देता है।
घंटाकार वक्र
बहुत लोगों के अंक देखें तो ज़्यादातर बीच में, और बहुत कम बहुत ऊपर या बहुत नीचे आते हैं। इसे सामान्य वक्र कहते हैं।
घर पर करके देखें
घर के 10 लोगों से कहिए कि जितनी देर हो सके साँस रोकें। सेकंड लिखिए। 0-20, 21-40, 41-60 सेकंड के खाने बनाकर खंभे बनाइए। ज़्यादातर लोग बीच वाले खानों में होंगे। यही वैयक्तिक भिन्नता का छोटा घंटाकार वक्र है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वैयक्तिक भिन्नता: लोगों के अलग होने के खास तरीके
- व्यवहार = व्यक्ति (शीलगुण) + परिस्थिति
- पाँच गुण: बुद्धि, अभिक्षमता, रुचि, व्यक्तित्व, मूल्य
- मूल्यांकन: मानक तरीकों से गुणों का मापन
- अच्छा परीक्षण: विश्वसनीय + वैध + मानकीकृत
- विधियाँ: परीक्षण, साक्षात्कार, व्यक्ति अध्ययन, प्रेक्षण, आत्म-प्रतिवेदन
हल किए गए उदाहरण
1. रिया घर पर बहुत बोलती है पर नौकरी के साक्षात्कार में चुप रहती है। इससे क्या पता चलता है?
परिस्थितिवाद: परिस्थिति व्यवहार बदल देती है। उसका बातूनी शीलगुण है, पर औपचारिक साक्षात्कार उसे रोक देता है। व्यवहार व्यक्ति और परिस्थिति दोनों से बनता है।
2. परामर्शदाता जानना चाहता है कि प्रशिक्षण के बाद अर्जुन इंजीनियरिंग में अच्छा करेगा या नहीं। कौन सा गुण मापें?
अभिक्षमता। यह प्रशिक्षण से कौशल सीखने की छिपी योग्यता है, इसलिए भविष्य की सफलता का अनुमान देती है।
3. एक मनोवैज्ञानिक याददाश्त खोने वाले एक बच्चे को महीनों तक माता-पिता से बात, स्कूल रिकॉर्ड और परीक्षणों से पढ़ता है। कौन सी विधि?
व्यक्ति अध्ययन। यह कई स्रोतों से एक व्यक्ति का गहरा अध्ययन है।
4. एक परीक्षण नेहा को आज 60 और अगले हफ़्ते 30 अंक देता है, जबकि नेहा में कोई बदलाव नहीं। परीक्षण में क्या कमी है?
परीक्षण विश्वसनीय नहीं है। विश्वसनीय परीक्षण उसी व्यक्ति को हर बार लगभग वही अंक देता है।
आम गलतियाँ
- वैयक्तिक भिन्नता को सिर्फ़ शरीर का फ़र्क मानना। इसमें सोच, भावना और व्यवहार भी आते हैं।
- अभिक्षमता और बुद्धि को एक मानना। बुद्धि सामान्य योग्यता है; अभिक्षमता खास कौशल सीखने की योग्यता।
- मानना कि सिर्फ़ शीलगुण व्यवहार तय करते हैं। परिस्थिति भी मायने रखती है।
- हर प्रश्नोत्तरी को मनोवैज्ञानिक परीक्षण कहना। असली परीक्षण मानकीकृत, विश्वसनीय और वैध होता है।