प्रेक्षण विधि
प्रेक्षण यूँ ही देखना नहीं है। इसमें क्या देखना है चुनना, उसे लिखना (नोट्स, वीडियो, चेकलिस्ट) और विश्लेषण करना होता है।
- स्वाभाविक बनाम नियंत्रित: असली परिवेश (खेल का मैदान) या प्रयोगशाला जहाँ परिस्थितियाँ व्यवस्थित हों।
- असहभागी बनाम सहभागी: प्रेक्षक बाहर रहे, या समूह का हिस्सा बने।
लाभ: व्यवहार जैसा सच में होता है वैसा दिखता है। सीमाएँ: समय लगता है; देखे जाने पर लोग बदल सकते हैं; प्रेक्षक का पूर्वाग्रह आ सकता है।
प्रयोगात्मक विधि
प्रयोग कारण-प्रभाव संबंध की जाँच करता है।
- स्वतंत्र चर: जिसे शोधकर्ता बदलता है (शोर)। आश्रित चर: जो मापा जाता है (पढ़ने का समय)।
- प्रयोगात्मक समूह को स्वतंत्र चर मिलता है; नियंत्रित समूह को नहीं। यादृच्छिक बँटवारे से समूह समान बनते हैं।
- बाह्य चर (जो आश्रित चर पर असर डाल सकें) नियंत्रित करते हैं: विलोपन (हटा दें), परिस्थितियों की स्थिरता (सबके लिए समान) और प्रति-संतुलन (कार्यों का क्रम बदलना)।
- प्रयोगशाला प्रयोग में कड़ा नियंत्रण; क्षेत्र प्रयोग असली परिवेश में; अर्ध-प्रयोग पहले से बने समूहों से (जैसे बाढ़-प्रभावित और अप्रभावित गाँव), क्योंकि स्वतंत्र चर बाँटा नहीं जा सकता।
सहसंबंधात्मक शोध
दो चर मापकर सहसंबंध गुणांक (r) निकालते हैं, −1.0 से +1.0 तक।
- धनात्मक: दोनों साथ बढ़ें (पढ़ाई के घंटे और अंक)।
- ऋणात्मक: एक बढ़े, दूसरा घटे (देर रात स्क्रीन और नींद)।
- शून्य: कोई संबंध नहीं (जूते का नाप और अंक)।
r जितना ±1 के पास, संबंध उतना मज़बूत। सहसंबंध पूर्वकथन में मदद करता है, पर कारण सिद्ध नहीं करता — कोई तीसरा कारक दोनों पर असर डाल सकता है।
सर्वेक्षण शोध
सर्वेक्षण बहुत लोगों से विचार, अभिवृत्ति, आदतें और तथ्य जुटाता है।
- व्यक्तिगत साक्षात्कार: संरचित (तय प्रश्न, तय क्रम) या असंरचित (लचीली बातचीत); एक-एक या समूह में।
- प्रश्नावली: लिखित प्रश्न, खुले या बंद (हाँ/नहीं, बहुविकल्पी); डाक, व्यक्तिगत या ऑनलाइन।
- टेलीफ़ोन सर्वेक्षण: जल्दी, पर लोग फ़ोन काट सकते हैं।
सीमाएँ: लोग सामाजिक रूप से "अच्छे" उत्तर दे सकते हैं या ठीक से याद न रखें।
मनोवैज्ञानिक परीक्षण
मनोवैज्ञानिक परीक्षण बुद्धि, अभिक्षमता, व्यक्तित्व या रुचि मापने का मानकीकृत, वस्तुनिष्ठ उपकरण है।
- विश्वसनीयता: अंक स्थिर रहें (परीक्षण-पुनर्परीक्षण, अर्धविच्छेद)।
- वैधता: जो मापने का दावा करे वही मापे।
- मानक: बड़े समान समूह के औसत अंक, जिनसे व्यक्ति के अंक की तुलना हो।
- प्रकार: भाषा से — शाब्दिक, अशाब्दिक, निष्पादन; प्रशासन से — व्यक्तिगत या सामूहिक; कठिनता से — गति परीक्षण और शक्ति परीक्षण।
व्यक्ति अध्ययन
व्यक्ति अध्ययन एक व्यक्ति, परिवार, समूह या घटना का गहन अध्ययन है। इसमें साक्षात्कार, प्रेक्षण, परीक्षण, स्कूल व चिकित्सा रिकॉर्ड और डायरी का उपयोग होता है। नैदानिक मनोविज्ञान और दुर्लभ घटनाओं में यह आम है।
लाभ: भरपूर, विस्तृत चित्र। सीमा: एक व्यक्ति के निष्कर्ष सब पर आसानी से लागू नहीं होते, और पुरानी बातों की स्मृति ग़लत हो सकती है।
करके देखें
7 दिन तक फ़ोन चलाने के घंटे और नींद के घंटे लिखें। ग्राफ़ बनाएँ। सहसंबंध धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य है? फिर 3D का खुला खेल आज़माएँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रयोग: स्वतंत्र चर (बदला) → आश्रित चर (मापा); प्रयोगात्मक समूह बनाम नियंत्रित समूह
- बाह्य चरों का नियंत्रण: विलोपन, परिस्थितियों की स्थिरता, प्रति-संतुलन
- सहसंबंध गुणांक r: −1.0 ≤ r ≤ +1.0 (धनात्मक, ऋणात्मक, शून्य)
- अच्छा परीक्षण = मानकीकृत + विश्वसनीय + वैध + मानक
- सहसंबंध ≠ कारण
हल किए गए उदाहरण
1. एक समूह को महीने भर रोज़ 10 मिनट योग कराया गया, दूसरे को नहीं, फिर तनाव मापा गया। स्वतंत्र चर, आश्रित चर, प्रयोगात्मक और नियंत्रित समूह बताइए।
स्वतंत्र चर: योग। आश्रित चर: तनाव अंक। प्रयोगात्मक समूह: योग वाला। नियंत्रित समूह: बिना योग वाला।
2. सहसंबंध पहचानें: (क) तापमान और आइसक्रीम बिक्री, (ख) अनुपस्थिति और अंक, (ग) लंबाई और संगीत की पसंद।
(क) धनात्मक, (ख) ऋणात्मक, (ग) शून्य।
3. आइसक्रीम बिक्री और डूबने की घटनाएँ साथ बढ़ती हैं। क्या आइसक्रीम डूबने का कारण है?
नहीं। दोनों गर्मी में बढ़ती हैं (तीसरा चर)। सहसंबंध कारण नहीं बताता।
4. पठन परीक्षण में अमन को आज 48 और अगले हफ़्ते 22 अंक मिले, जबकि वह वही है। परीक्षण में क्या कमी है?
यह विश्वसनीय नहीं: विश्वसनीय परीक्षण स्थिर अंक देता है।
5. कौन-सी विधि: जंगल में अकेले पले बच्चे का अध्ययन?
व्यक्ति अध्ययन: दुर्लभ, अकेले मामले का कई स्रोतों से गहन अध्ययन।
6. बाढ़-प्रभावित गाँव की तुलना अप्रभावित गाँव से करना अर्ध-प्रयोग क्यों है?
शोधकर्ता बाढ़ (स्वतंत्र चर) को यादृच्छिक रूप से नहीं बाँट सकता; समूह पहले से बने हैं।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि सहसंबंध कारण सिद्ध करता है। केवल नियंत्रित प्रयोग कारण बताता है।
- प्रयोगात्मक और नियंत्रित समूह उलट देना। नियंत्रित समूह को स्वतंत्र चर नहीं मिलता।
- विश्वसनीय होने से ही परीक्षण को वैध मान लेना।
- प्रेक्षण को आसान समझना। इसमें चयन, लेखन और पूर्वाग्रह-नियंत्रण चाहिए।