व्यक्तित्व क्या है? प्रकार उपागम
व्यक्तित्व अलग-अलग परिस्थितियों में सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने का स्थिर और खास ढंग है। यह काफ़ी स्थिर है, फिर भी धीरे-धीरे बदल सकता है।
प्रकार उपागम
- हिप्पोक्रेटीज़: शरीर द्रवों पर चार प्रकार: उत्साही, श्लैष्मिक, पित्तप्रकृति, विषादी।
- चरक संहिता (आयुर्वेद): वात, पित्त, कफ। भारतीय चिंतन में त्रिगुण भी: सत्त्व, रजस, तमस।
- शेल्डन: शरीर-गठन: गोलाकृतिक (गोल, आरामपसंद), आयताकृतिक (मांसल, ऊर्जावान), लंबाकृतिक (पतला, संकोची)।
- युंग: अंतर्मुखी (अकेले रहना पसंद, संकोची) और बहिर्मुखी (मिलनसार)।
- फ्रीडमैन और रोज़नमैन: टाइप A (जल्दबाज़, होड़ वाला, अधीर; हृदय रोग का ज़्यादा जोखिम) और टाइप B (शांत)। बाद में टाइप C (सहयोगी, भावना छिपाने वाला) और टाइप D (उदासी की ओर झुकाव)।
सीमा: लोग शायद ही किसी एक डिब्बे में पूरे फिट होते हैं।
शीलगुण उपागम
शीलगुण स्थिर गुण है जिसमें लोग अलग होते हैं, जैसे संकोच।
- गॉर्डन ऑलपोर्ट: प्रमुख शीलगुण (एक छाया हुआ गुण, जैसे गांधीजी की अहिंसा), केंद्रीय (5-10 मुख्य, जैसे ईमानदार, मिलनसार), गौण (छोटी पसंद, जैसे पसंदीदा खाना)।
- रेमंड कैटेल: 16 मूल शीलगुण, 16 PF प्रश्नावली से मापे जाते हैं।
- हांस आइज़ेंक: तंत्रिकाताप बनाम सांवेगिक स्थिरता, बहिर्मुखता बनाम अंतर्मुखता, बाद में मनस्तापिता बनाम सामाजिकता।
- पाँच-कारक मॉडल (कोस्टा और मैक्रे): अनुभव के प्रति खुलापन, कर्तव्यनिष्ठा, बहिर्मुखता, सहमतिशीलता, तंत्रिकाताप (OCEAN)।
मनोगतिक उपागम (फ्रायड)
चेतना के स्तर
चेतन (अभी जो पता है), पूर्वचेतन (आसानी से याद आ सके), अचेतन (छिपी इच्छाएँ और डर)। फ्रायड ने मुक्त साहचर्य, स्वप्न विश्लेषण और ज़ुबान फिसलने से इसे पढ़ा।
व्यक्तित्व की संरचना
- इड: मूल इच्छाएँ; सुखेप्सा सिद्धांत पर चलता है।
- अहं (ego): यथार्थवादी प्रबंधक; वास्तविकता सिद्धांत पर।
- पराहम् (superego): नैतिक आवाज़; माता-पिता और समाज से सीखा विवेक।
रक्षा युक्तियाँ
अहं बिना हमें पता चले चिंता से ऐसे बचाता है: दमन (दुखद यादें चेतना से बाहर), प्रक्षेपण (अपने गुण दूसरों में देखना), अस्वीकरण (सच्चाई न मानना), प्रतिक्रिया निर्माण (भावना का उल्टा दिखाना), युक्तिकरण (गलत काम का अच्छा-सा कारण देना)।
मनोलैंगिक अवस्थाएँ
मौखिक → गुदीय → लैंगिक (ईडिपस मनोग्रंथि) → कामप्रसुप्ति → जननिक। किसी अवस्था में अटकना स्थिरण; पिछली अवस्था में लौटना प्रतिगमन।
नव-फ्रायडवादी उपागम
इन्होंने अचेतन को माना पर सामाजिक शक्तियों और लक्ष्यों को ज़्यादा महत्त्व दिया।
- कार्ल युंग: सामूहिक अचेतन, जिसमें साझा आद्यप्ररूप (माँ या नायक जैसी छवियाँ)।
- करेन हॉर्नी: बचपन में कमज़ोर देखभाल से मूल दुश्चिंता; उन्होंने स्त्रियों के बारे में फ्रायड के विचारों को चुनौती दी।
- अल्फ्रेड एडलर: व्यवहार लक्ष्य-निर्देशित; लोग हीनता की भावना से उबरने की कोशिश करते हैं।
- एरिक फ्रॉम: मनुष्य सामाजिक प्राणी; व्यक्तित्व समाज के मूल्य दिखाता है।
- एरिक एरिक्सन: पूरे जीवन की अवस्थाएँ; किशोरावस्था का पहचान संकट।
आलोचना: थोड़े व्यक्ति अध्ययनों पर आधारित, जाँचना कठिन, और काम व बचपन पर ज़रूरत से ज़्यादा ज़ोर।
व्यवहारवादी और सांस्कृतिक उपागम
व्यवहारवादी उपागम: व्यक्तित्व उद्दीपकों के प्रति सीखी हुई अनुक्रिया है। यह प्राचीन अनुबंधन, क्रियाप्रसूत अनुबंधन (इनाम-दंड) और प्रेक्षणात्मक अधिगम से बनता है। इनाम बदलो तो व्यवहार बदलता है।
सांस्कृतिक उपागम: व्यक्तित्व पारिस्थितिकी (ज़मीन, जलवायु, भोजन का स्रोत) और जीवन-शैली के अनुरूप बनता है। जैसे बार-बार जगह बदलने वाले शिकारी-संग्राहक समुदायों में बच्चों को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाया जाता है। बसे हुए खेतिहर समुदायों में आज्ञापालन और सहयोग को ज़्यादा महत्त्व मिलता है।
मानवतावादी उपागम
- कार्ल रोजर्स: पूर्णतः प्रकार्यरत व्यक्ति खुला और बढ़ता हुआ होता है। हमारे पास वास्तविक आत्म और आदर्श आत्म हैं; दोनों पास हों तो हम खुश रहते हैं। अशर्त सकारात्मक आदर (बिना शर्त प्यार) विकास में मदद करता है।
- अब्राहम मैस्लो: आत्मसिद्धि यानी अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचना। ऐसे लोग सृजनशील, स्नेही और खुद से संतुष्ट होते हैं।
स्वस्थ व्यक्तित्व खुद को स्वीकारता है, सच्चाई का सामना करता है, अच्छे संबंध रखता है और बढ़ता रहता है।
व्यक्तित्व का मूल्यांकन
आत्म-प्रतिवेदन माप
व्यक्ति अपने बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है। उदाहरण: MMPI (मिनेसोटा बहुपक्षीय व्यक्तित्व अनुसूची, समस्याएँ पहचानने के लिए), EPQ (आइज़ेंक व्यक्तित्व प्रश्नावली), 16 PF। समस्याएँ: सामाजिक वांछनीयता (अच्छे लगने वाले उत्तर) और सहमति-प्रवृत्ति (हर बात पर हाँ)।
प्रक्षेपी तकनीकें
विचार: लोग अपनी छिपी भावनाएँ अस्पष्ट चित्रों में डाल देते हैं।
- रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण: 10 धब्बा कार्ड।
- प्रासंगिक अंतर्बोध परीक्षण (TAT): लोगों के चित्र; हर एक पर कहानी।
- रोज़ेन्ज़्वीग चित्र-कुंठा अध्ययन: कुंठा वाली स्थिति के कार्टून।
- वाक्य पूर्ति और व्यक्ति का चित्र बनाना।
इनके अंकन और व्याख्या के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ चाहिए।
व्यवहारात्मक विश्लेषण
असली व्यवहार देखना: साक्षात्कार, प्रेक्षण, व्यवहार निर्धारण (जानने वालों द्वारा रेटिंग), नामांकन (साथी बताएँ कौन किस गुण में फिट है) और स्थितिपरक परीक्षण (व्यक्ति को बनाई हुई स्थिति में रखना)।
घर पर करके देखें
OCEAN के हर गुण पर खुद को 1 से 10 अंक दीजिए। किसी करीबी दोस्त से भी अंक दिलवाइए, बिना आपके उत्तर देखे। तुलना कीजिए। जहाँ फ़र्क है, वहाँ सामाजिक वांछनीयता या आत्म-छवि काम कर रही हो सकती है। इसीलिए मनोवैज्ञानिक एक से ज़्यादा विधि इस्तेमाल करते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- व्यक्तित्व: सोचने, महसूस करने, करने का स्थिर ढंग
- प्रकार: टाइप A/B, अंतर्मुखी/बहिर्मुखी, गोलाकृतिक/आयताकृतिक/लंबाकृतिक
- शीलगुण: ऑलपोर्ट (प्रमुख, केंद्रीय, गौण), कैटेल 16 PF, आइज़ेंक, पाँच-कारक OCEAN
- फ्रायड: चेतन, पूर्वचेतन, अचेतन; इड, अहं, पराहम्
- रक्षा युक्तियाँ: दमन, प्रक्षेपण, अस्वीकरण, प्रतिक्रिया निर्माण, युक्तिकरण
- नव-फ्रायडवादी: युंग, हॉर्नी, एडलर, फ्रॉम, एरिक्सन
- मानवतावादी: रोजर्स (वास्तविक बनाम आदर्श आत्म), मैस्लो (आत्मसिद्धि)
- मूल्यांकन: आत्म-प्रतिवेदन, प्रक्षेपी, व्यवहारात्मक
हल किए गए उदाहरण
1. अमन हमेशा जल्दी में रहता है, इंतज़ार से चिढ़ता है और हर खेल जीतना चाहता है। कौन सा प्रकार?
टाइप A व्यक्तित्व: अधीर, होड़ वाला, समय के दबाव में। हृदय रोग का जोखिम ज़्यादा।
2. स्नेहा को सहपाठी पसंद नहीं, पर वह उससे बहुत मीठा बोलती है। कौन सी रक्षा युक्ति?
प्रतिक्रिया निर्माण: असली भावना का उल्टा दिखाना।
3. रवि फेल होकर कहता है, "सवाल पाठ्यक्रम से बाहर थे।" कौन सी रक्षा युक्ति?
युक्तिकरण: आत्म-सम्मान बचाने के लिए ठीक लगने वाला बहाना।
4. परामर्शदाता 10 स्याही धब्बे वाले कार्ड दिखाकर पूछता है कि हर एक क्या लगता है। कौन सा परीक्षण और उपागम?
रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण, मनोगतिक परंपरा की प्रक्षेपी तकनीक।
5. मोहन हर निर्णय एक ही मूल्य, ईमानदारी, से लेता है। ऑलपोर्ट का कौन सा शीलगुण?
प्रमुख शीलगुण: एक गुण जो लगभग सारा व्यवहार तय करे।
6. बार-बार जगह बदलने वाले शिकारी समुदाय में बच्चे स्वतंत्र होना सीखते हैं। कौन सा उपागम समझाता है?
सांस्कृतिक उपागम: पारिस्थितिकी और जीवन-शैली व्यक्तित्व बनाती हैं।
आम गलतियाँ
- प्रकार और शीलगुण को मिलाना। प्रकार डिब्बे हैं; शीलगुण पैमाने हैं जिन पर हर किसी में कुछ मात्रा होती है।
- अहं को 'घमंड' समझना। फ्रायड में अहं यथार्थवादी प्रबंधक है।
- प्रक्षेपी परीक्षणों को 'वस्तुनिष्ठ' कहना। इन्हें विशेषज्ञ व्याख्या चाहिए।
- तंत्रिकाताप को मानसिक रोग मानना। इसका अर्थ सिर्फ़ जल्दी चिंतित या परेशान होने की प्रवृत्ति है।