प्रेक्षणात्मक अधिगम
अल्बर्ट बंडूरा ने दिखाया कि हम दूसरों यानी मॉडल को देखकर सीखते हैं। इसे सामाजिक अधिगम या मॉडलिंग भी कहते हैं।
- उनके अध्ययन में बच्चों ने फ़िल्म में एक बड़े को बड़ी गुड़िया मारते देखा। जिन्होंने उसे इनाम पाते देखा, उन्होंने गुड़िया ज़्यादा मारी; जिन्होंने दंड देखा, कम। पर सबने क्रियाएँ सीख ली थीं।
- चरण: मॉडल पर अवधान, धारण (याद रखना), पुनरुत्पादन (कर पाना) और अभिप्रेरणा (करने का कारण)।
संज्ञानात्मक अधिगम
- अंतर्दृष्टि अधिगम (वुल्फ़गैंग कोहलर): चिंपैंज़ी केले तक नहीं पहुँच पाया। असफल होकर रुका, फिर अचानक डिब्बे जमाए या डंडे जोड़े। हल एक साथ आया और नई समस्याओं में भी काम आया।
- अव्यक्त अधिगम (एडवर्ड टोलमैन): चूहों ने बिना भोजन भूलभुलैया घूमी। बाद में अंत में भोजन रखने पर वे तेज़ी से और कम गलती से पहुँचे। उन्होंने संज्ञानात्मक नक़्शा बनाया था जो ज़रूरत पड़ने तक छिपा रहा।
वाचिक और संप्रत्यय अधिगम
- युग्मित सहचर: जोड़े सीखना; पहला शब्द दूसरे को याद दिलाए।
- क्रमिक अधिगम: सूची उसी क्रम में सीखना।
- मुक्त पुनःस्मरण: किसी भी क्रम में याद करना। पहले और आख़िरी शब्द ज़्यादा याद रहते हैं (क्रमिक स्थिति प्रभाव); याद किए शब्द अर्थ से समूह बनाते हैं (गुच्छन)।
वाचिक अधिगम पर असर: शब्द कितने अर्थपूर्ण, कितने परिचित और कितनी बार इस्तेमाल होते हैं। संप्रत्यय अधिगम साझा गुणों वाली श्रेणी सीखना है (जैसे "फल")।
कौशल अधिगम
कौशल जटिल काम को सहजता से कर पाने की योग्यता है, जैसे गाड़ी चलाना या सितार बजाना। फ़िट्स के तीन चरण:
- संज्ञानात्मक चरण: निर्देश समझना-याद रखना; हर चाल सोचना; बहुत गलतियाँ।
- साहचर्यात्मक चरण: चालें जुड़कर सहज बनती हैं; गलतियाँ घटती हैं।
- स्वायत्त चरण: कौशल कम ध्यान से अपने-आप चलता है।
अधिगम अंतरण: पहले सीखा कौशल नए को आसान (धनात्मक) या कठिन (ऋणात्मक) बना सकता है।
अधिगम को सुगम बनाने वाले कारक
- सतत बनाम आंशिक पुनर्बलन: सतत से जल्दी सीखना; आंशिक से देर तक टिकना।
- अभिप्रेरणा: आंतरिक (मज़ा आने से) और बाह्य (इनाम या अंकों के लिए)।
- तैयारी (preparedness): हर प्रजाति कुछ संबंध आसानी से सीखती है, कुछ मुश्किल से।
अधिगम शैली: कोई पूरी तस्वीर पसंद करता है (संबंधात्मक), कोई कदम-दर-कदम (विश्लेषणात्मक)।
अधिगम अशक्तता
अधिगम अशक्तता पढ़ने, लिखने, सुनने या गणित जैसे कौशल सीखने या इस्तेमाल करने में कठिनाई है। बच्चे की बुद्धि आमतौर पर सामान्य होती है। लक्षण:
- पढ़ने-लिखने में कठिनाई, b/d या p/q उलझाना (डिस्लेक्सिया)।
- कमज़ोर ध्यान; जल्दी भटकना।
- कमज़ोर गति-समन्वय और लिखावट।
- बोले गए निर्देश समझने में कठिनाई, समय-स्थान की कमज़ोर समझ।
- पढ़ाई की कमज़ोर आदतें और योजना।
यह आलस नहीं है। जल्दी पहचान और धैर्य भरा विशेष शिक्षण बहुत मदद करता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रेक्षणात्मक अधिगम: अवधान → धारण → पुनरुत्पादन → अभिप्रेरणा
- अंतर्दृष्टि: रुककर अचानक हल
- अव्यक्त अधिगम: छिपा अधिगम, ज़रूरत पर दिखे (संज्ञानात्मक नक़्शा)
- वाचिक: युग्मित सहचर, क्रमिक, मुक्त पुनःस्मरण
- कौशल चरण: संज्ञानात्मक → साहचर्यात्मक → स्वायत्त
- सहायक कारक: पुनर्बलन योजना, अभिप्रेरणा, तैयारी
हल किए गए उदाहरण
1. प्रिया का छोटा भाई कार्टून हीरो के शब्द बोलने लगा। कौन सा अधिगम?
प्रेक्षणात्मक अधिगम। उसने मॉडल पर ध्यान दिया, याद रखा और नक़ल की।
2. आप रोज़ पीछे बैठकर शहर घूमते हैं। एक दिन अकेले बाज़ार जाना पड़ा और रास्ता पता था। यह क्या दिखाता है?
अव्यक्त अधिगम। बिना कोशिश मन में नक़्शा बना, ज़रूरत पर काम आया।
3. "भारत–नई दिल्ली, जापान–टोक्यो" याद करना कौन सी विधि है?
युग्मित सहचर अधिगम।
4. नया टाइपिस्ट 20 गलती करता है; महीने बाद 5; साल बाद बात करते हुए टाइप करता है। चरण बताइए।
संज्ञानात्मक → साहचर्यात्मक → स्वायत्त।
आम गलतियाँ
- सोचना कि प्रेक्षण से सीखने के लिए सीखने वाले को इनाम चाहिए। मॉडल का परिणाम देखना काफ़ी है; इनाम तय करता है कि वह करेगा या नहीं।
- अंतर्दृष्टि को प्रयास-त्रुटि कहना। अंतर्दृष्टि सोचने के बाद अचानक आती है।
- अधिगम अशक्तता वाले बच्चे को कम बुद्धि वाला मानना। ज़्यादातर की बुद्धि सामान्य होती है।
- मानना कि बिना अभ्यास कौशल अपने-आप बन जाएगा।