शांति क्या है? नकारात्मक और सकारात्मक शांति
शांति शिक्षा सिखाती है कि लोग बिना नुकसान पहुँचाए साथ कैसे रहें। शांति-शोधकर्ता योहान गाल्टुंग ने दो काम के शब्द दिए।
- नकारात्मक शांति = लड़ाई नहीं। बंदूकें चुप हैं, पर डर और अन्याय बाकी हो सकता है।
- सकारात्मक शांति = सबके लिए न्याय, भरोसा, अधिकार और अच्छा जीवन। यह मज़बूत शांति है क्योंकि लड़ने की वजह ही नहीं रहती।
युद्धविराम नकारात्मक शांति है। स्कूल, रोज़गार, बराबर अधिकार और दोस्ती इसे सकारात्मक शांति बनाते हैं।
हिंसा के तीन रूप
- प्रत्यक्ष हिंसा: मारना, धमकाना (बुलिंग), युद्ध। करने वाला दिखता है।
- संरचनात्मक हिंसा: नियम या व्यवस्था जो धीरे-धीरे चोट दे, जैसे किसी समूह को कभी साफ़ पानी या स्कूल न मिलना।
- सांस्कृतिक हिंसा: विचार, चुटकुले या कहानियाँ जो नुकसान को सामान्य दिखाएँ, जैसे किसी समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण।
शांति के विचारक: मोज़ी, कांट और गांधी
मोज़ी (चीन, लगभग 470–391 ई.पू.)
मोज़ी ने जियान आई सिखाया, यानी 'सबसे बराबर प्रेम'। अगर लोग दूसरों के परिवार और राज्य की उतनी ही परवाह करें जितनी अपने की, तो हमले की वजह नहीं रहेगी। उन्होंने हमलावर युद्ध को बड़े पैमाने की चोरी जैसा अपराध कहा, पर कमज़ोर शहरों को अपनी रक्षा करने में मदद की।
इमैनुएल कांट (जर्मनी, 1795)
'शाश्वत शांति' पर अपने निबंध में कांट ने कहा स्थायी शांति के लिए चाहिए: 1) ऐसी सरकारें जिनमें नागरिकों की आवाज़ हो (युद्ध का बोझ वे उठाते हैं, इसलिए कम चुनते हैं), 2) आज़ाद देशों का संघ जो झगड़े क़ानून से सुलझाए, 3) आतिथ्य, यानी आने वाले को दुश्मन न समझना। बाद में राष्ट्र संघ और संयुक्त राष्ट्र ऐसे ही विचारों से बने।
महात्मा गांधी (भारत)
गांधी जी ने अहिंसा और सत्याग्रह (सच पर डटे रहना) से अन्यायी शासन का विरोध किया, विरोधी को चोट पहुँचाए बिना। मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला ने इनसे सीखा।
टकराव को शांति से सुलझाना
टकराव सामान्य है: लोग अलग चीज़ें चाहते हैं। हिंसा एक चुनाव है; शांति से सुलझाना एक कौशल है।
- शांत हों: रुकें, साँस लें, गाली नहीं।
- सुनें: हर पक्ष को बिना टोके अपनी बात कहने दें।
- ज़रूरत खोजें: हर माँग के नीचे एक ज़रूरत होती है (सुरक्षा, सम्मान, उचित हिस्सा)।
- कई उपाय: ऐसे विकल्प लिखें जो दोनों की ज़रूरत पूरी करें।
- समझौता और पालन: उचित विकल्प चुनें, लिख लें, बाद में जाँचें।
मदद के तरीके: वार्ता (दोनों पक्ष बात करें), मध्यस्थता (निष्पक्ष मददगार रास्ता दिखाए), पंच-निर्णय (जज जैसा व्यक्ति फ़ैसला करे)। देश संधियों, अदालतों और संयुक्त राष्ट्र का सहारा भी लेते हैं।
मेल-मिलाप और बँटे हुए लोग
मेल-मिलाप का मतलब है पुराने दुश्मन फिर साथ रहना और काम करना सीखें। यह धीमा काम है, जैसे एक-एक तख़्ता जोड़कर पुल बनाना।
- सच: जो हुआ उसे ईमानदारी से बताना। दक्षिण अफ़्रीका के सत्य और मेल-मिलाप आयोग (1996) ने रंगभेद के बाद पीड़ितों को बोलने दिया।
- माफ़ी और स्मृति: नेता माफ़ी माँगें; साझा इतिहास की किताबें और संग्रहालय बच्चों को एक जैसे तथ्य सिखाएँ।
- सहयोग: फ़्रांस और जर्मनी ने तीन युद्ध लड़े, फिर 1950 से कोयला और इस्पात साझा किया; यही आगे यूरोपीय संघ बना।
- आदान-प्रदान: विद्यार्थियों की यात्राएँ, खेल टीमें, परिवार मिलन, व्यापार।
बँटे हुए लोग और एकीकरण
कुछ लोग युद्ध से बँट गए। पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी 1990 में शांति से एक हुए। कोरियाई प्रायद्वीप 1945 से बँटा है और 1953 से वहाँ युद्धविराम समझौता (लड़ाई रोकना, पूरी शांति संधि नहीं) है। वहाँ लोग चर्चा करते हैं कि शांतिपूर्ण एकीकरण कैसे हो: भरोसा बनाना, दशकों से बिछड़े परिवारों को मिलाना, साझा परियोजनाएँ, और दूसरी ओर के लोगों को सिर्फ़ 'दुश्मन' नहीं, अपने रोज़मर्रा जीवन वाले पड़ोसी समझना। बहस के मुद्दे हैं: ख़र्च, बहुत अलग अर्थव्यवस्थाएँ और मानव अधिकारों की रक्षा। पूर्वी एशिया में इतिहास के पुराने विवाद साझा शोध, युवा आदान-प्रदान और व्यापार से कम हो रहे हैं।
करके देखें: शांति का प्रयोग
हाल के किसी झगड़े को याद कीजिए (घर, कक्षा या खेल में)। काग़ज़ पर तीन कॉलम बनाइए: हर पक्ष क्या चाहता था, हर पक्ष की असली ज़रूरत, दो उपाय जो दोनों की ज़रूरत पूरी करें। फिर 3D में स्लाइडर से छह भरोसे के क़दम जोड़िए और पुल पूरा होते देखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- नकारात्मक शांति: प्रत्यक्ष लड़ाई का न होना।
- सकारात्मक शांति: सबके लिए न्याय, भरोसा और अधिकार।
- प्रत्यक्ष हिंसा: दिखने वाला नुकसान (मारना, युद्ध)।
- संरचनात्मक हिंसा: अन्यायी व्यवस्था जो धीरे-धीरे नुकसान करे।
- सांस्कृतिक हिंसा: ऐसे विचार जो नुकसान को सामान्य दिखाएँ।
- मध्यस्थता (Mediation): निष्पक्ष मददगार दो पक्षों को समझौते तक ले जाए।
- मेल-मिलाप (Reconciliation): पुराने दुश्मनों में फिर भरोसा बनाना।
- युद्धविराम समझौता (Armistice): लड़ाई रोकना, पूरी शांति संधि नहीं।
हल किए गए उदाहरण
1. किसी देश में युद्ध नहीं है, पर एक समूह को ज़मीन रखने या अच्छे स्कूल जाने की इजाज़त नहीं। क्या यह सकारात्मक शांति है?
नहीं। यहाँ नकारात्मक शांति (लड़ाई नहीं) है, पर संरचनात्मक हिंसा (अन्यायी नियम) है। सकारात्मक शांति के लिए उस समूह के साथ भी न्याय ज़रूरी है।
2. दो सहपाठी खिड़की वाली सीट चाहते हैं। पाँच क़दम लगाइए।
1) शांत हों। 2) दोनों कारण बताएँ: एक को सफ़र में जी मिचलाता है, दूसरा रोशनी में पढ़ना चाहता है। 3) ज़रूरतें: ताज़ी हवा; रोशनी। 4) उपाय: हर हफ़्ते अदला-बदली; आगे और पीछे की अलग खिड़कियाँ। 5) हफ़्तेवार अदला-बदली पर समझौता करें और निभाएँ।
3. संयुक्त राष्ट्र कांट के किस विचार को दिखाता है, और कैसे?
आज़ाद देशों का संघ। देश एक संगठन में जुड़ते हैं जहाँ झगड़े युद्ध की जगह नियमों और अदालतों से सुलझाए जा सकें।
4. 1950 के बाद फ़्रांस और जर्मनी ने कोयला और इस्पात साझा क्यों किया?
हथियार बनाने के लिए कोयला और इस्पात चाहिए। इन्हें साझा करने से दोनों के बीच युद्ध लगभग असंभव हो गया और व्यापार से भरोसा बना, यह मेल-मिलाप का पहला तख़्ता था।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि शांति = सिर्फ़ युद्ध न होना। यह नकारात्मक शांति है; सकारात्मक शांति में न्याय भी चाहिए।
- यह सोचना कि हिंसा सिर्फ़ शारीरिक होती है। अन्यायी नियम और नफ़रत के विचार भी हिंसा हैं।
- यह कहना कि मोज़ी हर लड़ाई के ख़िलाफ़ थे। वे हमलावर युद्ध के ख़िलाफ़ थे, रक्षा के नहीं।
- यह सोचना कि युद्धविराम से युद्ध पूरी तरह ख़त्म हो जाता है। वह सिर्फ़ लड़ाई रोकता है; शांति संधि अलग क़दम है।