पृष्ठ ऊर्जा
द्रव में हर अणु अपने पड़ोसियों को खींचता है। गहराई में अणु हर ओर से बराबर खिंचता है, नेट खिंचाव शून्य। सतह के अणु के पड़ोसी सिर्फ़ नीचे और बगल में हैं, इसलिए उस पर नेट खिंचाव अंदर की ओर है।
किसी अणु को अंदर से सतह पर लाने में इस खिंचाव के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है। इसलिए सतह के अणुओं में अतिरिक्त ऊर्जा होती है। सतह की इस अतिरिक्त ऊर्जा को पृष्ठ ऊर्जा कहते हैं।
नई सतह बनाने में ऊर्जा लगती है, इसलिए द्रव हमेशा अपना पृष्ठ क्षेत्रफल कम से कम रखना चाहता है। इसीलिए मुक्त बूँदें गोल होती हैं: दिए आयतन के लिए गोले का पृष्ठ सबसे कम है।
पृष्ठ तनाव
पृष्ठ तनाव S: सतह पर खींची किसी रेखा के लंबवत, सतह के तल में लगने वाला प्रति एकांक लंबाई बल: S = F/l। मात्रक: N/m।
U आकार के तार के फ़्रेम पर लंबाई l का खिसकने वाला तार और साबुन की झिल्ली लो। झिल्ली की दो सतहें (आगे और पीछे), इसलिए वह तार को F = 2Sl से खींचती है। तार को d दूरी बाहर खींचने में कार्य = F d = 2Sld। नया क्षेत्रफल = 2ld (दो सतहें)। इसलिए:
प्रति एकांक क्षेत्रफल पृष्ठ ऊर्जा = कार्य / नया क्षेत्रफल = S
यानी पृष्ठ तनाव (N/m) और प्रति क्षेत्रफल पृष्ठ ऊर्जा (J/m²) एक ही राशि हैं। पानी: 20 °C पर S ≈ 0.072 N/m। ताप बढ़ने पर S घटता है, साबुन इसे बहुत घटाता है।
स्पर्श कोण
जहाँ द्रव की सतह ठोस से मिलती है, वहाँ ठोस की सतह और द्रव सतह की स्पर्श रेखा के बीच, द्रव के अंदर की ओर नापा गया कोण स्पर्श कोण θ है।
- θ < 90°: द्रव ठोस को गीला करता है। ठोस से आकर्षण (आसंजन) द्रव के आपसी आकर्षण (संसंजन) से ज़्यादा। साफ़ काँच पर पानी: θ ≈ 0°–10°।
- θ > 90°: द्रव ठोस को गीला नहीं करता। संसंजन ज़्यादा। काँच पर पारा: θ ≈ 140°; कमल के मोमी पत्ते पर पानी का θ बड़ा, इसलिए पानी मोती बनकर लुढ़क जाता है।
साबुन और अपमार्जक θ और S घटाते हैं ताकि पानी कपड़े की बारीक जगहों में जाए। जलरोधी पदार्थ θ बढ़ाते हैं ताकि पानी बाहर रहे।
बूँदों और बुलबुलों में आधिक्य दाब
घुमावदार सतह अपने केंद्र की ओर खींचती है, इसलिए अवतल (अंदर की) ओर दाब ज़्यादा होता है।
त्रिज्या r की द्रव बूँद: त्रिज्या Δr बढ़ाओ। अतिरिक्त पृष्ठ ऊर्जा = S × 8πrΔr। अतिरिक्त दाब का कार्य = ΔP × 4πr²Δr। दोनों बराबर रखो:
ΔP = P(अंदर) − P(बाहर) = 2S/r (द्रव के अंदर हवा के बुलबुले के लिए भी)
हवा में साबुन का बुलबुला: दो सतहें, अंदर और बाहर। इसलिए:
ΔP = 4S/r
छोटी बूँद और छोटे बुलबुले में आधिक्य दाब ज़्यादा। एक छोटे और एक बड़े साबुन के बुलबुले को नली से जोड़ो तो छोटा सिकुड़ता है और बड़ा फूलता है।
केशिका उन्नयन
काँच की पतली नली (केशिका) पानी में डुबोओ। पानी उसमें ऊपर चढ़ता है और ऊपरी सतह (नवचंद्रक, meniscus) कटोरी जैसी मुड़ती है। पारे में तल बाहर से नीचे चला जाता है और नवचंद्रक ऊपर उभरता है।
सूत्र (आधिक्य दाब से): पानी के लिए θ ≈ 0°, नवचंद्रक नली की त्रिज्या a का अर्धगोला। नवचंद्रक के ठीक नीचे दाब बाहर से 2S/a कम। पानी तब तक चढ़ता है जब तक स्तंभ का दाब यह कमी भर न दे: hρg = 2S/a। सामान्य रूप में, कोण θ के साथ:
h = 2S cos θ / (r ρ g)
- h ∝ 1/r: पतली नली, ऊँचा चढ़ाव।
- θ < 90° ⇒ cos θ धनात्मक ⇒ चढ़ाव। θ > 90° ⇒ cos θ ऋणात्मक ⇒ उतार (पारा)।
- यह केशिकत्व है: इससे मिट्टी में पानी ऊपर आता है और कागज़, कपड़ा, बत्ती द्रव सोखते हैं।
करके देखो: तैरती पिन
स्टील की पिन को काँटे पर रखकर धीरे से कटोरी के पानी पर उतारो। स्टील पानी से 8 गुना घना है, फिर भी पिन सतह की झिल्ली पर तैरती है। अब किनारे पर पानी को बर्तन धोने के साबुन की एक बूँद से छुओ। पिन तुरंत डूबती है: साबुन ने S घटा दिया। 3D के चरण 6 में r को 0.5 mm से 0.25 mm करो और जाँचो कि h दोगुना होता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पृष्ठ तनाव S = F / l (N/m)
- प्रति क्षेत्रफल पृष्ठ ऊर्जा = S (J/m²)
- तार पर साबुन की झिल्ली: F = 2Sl
- बूँद या द्रव में हवा का बुलबुला: ΔP = 2S / r
- हवा में साबुन का बुलबुला: ΔP = 4S / r
- केशिका उन्नयन: h = 2S cos θ / (r ρ g)
- साबुन का बुलबुला बड़ा करने में कार्य: W = S × 2 × ΔA
हल किए गए उदाहरण
1. 4 cm लंबा तार पानी पर तैर रहा है। उसे सतह से अलग करने के लिए (भार के अलावा) कितना बल चाहिए? (S = 0.072 N/m)
चरण 1: सतह तार के दोनों ओर खींचती है, कुल लंबाई = 2 × 0.04 m। चरण 2: F = 0.072 × 0.08। उत्तर: 5.76 × 10⁻³ N।
2. 1 mm त्रिज्या की पानी की बूँद में आधिक्य दाब? (S = 0.072 N/m)
चरण 1: ΔP = 2S/r। चरण 2: = 2 × 0.072 / 10⁻³। उत्तर: 144 Pa।
3. 2 cm त्रिज्या के साबुन के बुलबुले में आधिक्य दाब? (S = 0.03 N/m)
चरण 1: दो सतहें, ΔP = 4S/r। चरण 2: = 4 × 0.03 / 0.02। उत्तर: 6 Pa।
4. 0.5 mm त्रिज्या की काँच की नली में पानी कितना चढ़ेगा? (S = 0.072 N/m, θ = 0°, ρ = 1000 kg/m³, g = 9.8)
चरण 1: h = 2S cosθ/(rρg)। चरण 2: अंश = 0.144। चरण 3: हर = 5 × 10⁻⁴ × 1000 × 9.8 = 4.9। चरण 4: h = 0.144/4.9। उत्तर: h ≈ 2.9 cm।
5. 1 mm त्रिज्या की काँच की नली में पारा कितना नीचे दबेगा? (S = 0.465 N/m, θ = 140°, cos 140° = −0.766, ρ = 13600 kg/m³, g = 9.8)
चरण 1: h = 2S cosθ/(rρg)। चरण 2: अंश = 2 × 0.465 × (−0.766) = −0.712। चरण 3: हर = 10⁻³ × 13600 × 9.8 = 133.3। चरण 4: h = −0.712/133.3। उत्तर: h ≈ −5.3 mm; पारा बाहर के तल से लगभग 5.3 mm नीचे।
6. 3 cm त्रिज्या का साबुन का बुलबुला फुलाने में कितना कार्य? (S = 0.03 N/m)
चरण 1: एक गोले का क्षेत्रफल = 4πr² = 1.13 × 10⁻² m²। चरण 2: दो सतहें, नया क्षेत्रफल = 2.26 × 10⁻² m²। चरण 3: W = 0.03 × 2.26 × 10⁻²। उत्तर: W ≈ 6.8 × 10⁻⁴ J।
7. 0.1 mm त्रिज्या की 1000 छोटी बूँदें मिलकर एक बड़ी बूँद बनाती हैं। मुक्त ऊर्जा? (S = 0.072 N/m)
चरण 1: आयतन संरक्षित: R³ = 1000 r³, R = 10r = 1 mm। चरण 2: पहले क्षेत्रफल = 1000 × 4π × 10⁻⁸ = 1.257 × 10⁻⁴ m²। चरण 3: बाद में = 4π × 10⁻⁶ = 1.257 × 10⁻⁵ m²। चरण 4: कमी = 1.131 × 10⁻⁴ m²। चरण 5: ऊर्जा = 0.072 × 1.131 × 10⁻⁴। उत्तर: ≈ 8.1 × 10⁻⁶ J (बूँद थोड़ी गरम होती है)।
आम गलतियाँ
- हवा में साबुन के बुलबुले के लिए 2S/r लेना। उसकी दो सतहें हैं, ΔP = 4S/r।
- केशिका सूत्र में cos θ या उसका चिह्न भूलना। पारे के लिए θ > 90°, cos θ < 0, तल नीचे जाता है।
- यह मानना कि पृष्ठ तनाव और पृष्ठ ऊर्जा के मान अलग हैं। संख्यात्मक रूप से बराबर हैं; N/m = J/m²।
- h = 2S cosθ/(rρg) में त्रिज्या की जगह व्यास लेना।