गुरुत्व: पृथ्वी की ओर खिंचाव
गुरुत्व दो द्रव्यमानों के बीच का खिंचाव है। पृथ्वी बहुत बड़ी है, इसलिए अपने पास की चीज़ों को ज़ोर से खींचती है। पृथ्वी पर या पास की हर वस्तु पृथ्वी के केंद्र की ओर खिंचती है। हमारे लिए इसका मतलब "नीचे" है।
यह खिंचाव एक बल है। यह वस्तु पर तब भी लगता है जब वह ज़मीन को छू नहीं रही। पेन छोड़िए: गुरुत्व उसे नीचे खींचता है। उसे स्थिर पकड़िए: गुरुत्व अब भी खींचता है और आपका हाथ बराबर बल से ऊपर खींचता है।
भार की दिशा
किसी वस्तु पर गुरुत्व का खिंचाव उसका भार है। इसकी दिशा हमेशा ऊर्ध्वाधर नीचे, पृथ्वी के केंद्र की ओर होती है। ढलान पर भी यही सच है।
साहुल एक धागा है जिसके सिरे पर छोटा भारी गोला बँधा होता है। वह गुरुत्व की दिशा में लटकता है। मिस्त्री इससे जाँचते हैं कि दीवार ऊर्ध्वाधर है या नहीं। बाल्टी में पानी की सतह सपाट, क्षैतिज रहती है, जो साहुल से समकोण पर होती है।
भार और द्रव्यमान: W = m × g
W = m × g। द्रव्यमान m किलोग्राम में है। g गुरुत्व की ताकत है। पृथ्वी पर यह लगभग 9.8 N प्रति kg है (कुछ किताबों में 10)। इसलिए 1 kg की वस्तु का भार लगभग 9.8 N है।
चंद्रमा पर खिंचाव लगभग 1.6 N प्रति kg है, इसलिए वही वस्तु वहाँ केवल 1.6 N की होगी। द्रव्यमान वही रहता है, भार g के साथ बदलता है। स्प्रिंग तराज़ू भार पढ़ता है।
गुरुत्व केंद्र
वस्तु के हर छोटे हिस्से का भार होता है। पर हम ऐसे मान सकते हैं कि पूरा भार एक ही बिंदु पर लगता है। उस बिंदु को गुरुत्व केंद्र (CG) कहते हैं।
- एकसमान स्केल या गेंद के लिए यह बीच में होता है।
- L जैसी टेढ़ी आकृति के लिए: उसे पिन से लटकाइए, साहुल की रेखा खींचिए, फिर दूसरी पिन से लटकाकर दूसरी रेखा खींचिए। रेखाएँ जहाँ मिलें, वही CG है।
- लटकी हुई वस्तु तब रुकती है जब उसका CG ठीक पिन के नीचे हो।
अगर उँगली CG के ठीक नीचे हो तो वस्तु उँगली पर संतुलित हो जाती है। नीचा CG चीज़ को गिरने से बचाता है, जैसे ट्रैक्टर या वह खिलौना जो झुककर फिर खड़ा हो जाता है।
करके देखिए
गत्ते से एक टेढ़ी आकृति काटिए। एक कोने में पिन लगाकर उसे दीवार या कॉर्क में लगाइए और झूलने दीजिए। पिन से एक धागा बाँधिए जिसके सिरे पर छोटी नट हो, और गत्ते पर रेखा खींचिए। दूसरे कोने से फिर दोहराइए। दोनों रेखाओं का कटान गुरुत्व केंद्र है। उस बिंदु पर पेंसिल की नोक पर आकृति को टिकाकर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- भार W = m × g
- पृथ्वी पर g ≈ 9.8 N/kg (जल्दी हिसाब के लिए ≈ 10), चंद्रमा पर लगभग 1.6 N/kg
- भार ऊर्ध्वाधर नीचे, पृथ्वी के केंद्र की ओर लगता है
- द्रव्यमान m = W / g
- गुरुत्व केंद्र: वह बिंदु जहाँ पूरा भार लगता हुआ माना जाता है
हल किए गए उदाहरण
1. पृथ्वी पर 5 kg के थैले का भार निकालिए। g = 9.8 N/kg लीजिए।
W = m × g = 5 × 9.8 = 49 N, सीधा नीचे।
2. एक डिब्बे का पृथ्वी पर भार 196 N है (g = 9.8)। उसका द्रव्यमान क्या है?
m = W / g = 196 / 9.8 = 20 kg।
3. एक लड़की का द्रव्यमान 40 kg है। पृथ्वी (g = 10) और चंद्रमा (g = 1.6) पर उसका भार निकालिए।
पृथ्वी: 40 × 10 = 400 N। चंद्रमा: 40 × 1.6 = 64 N।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि ढलान पर गुरुत्व ढलान के साथ लगता है। वह हमेशा सीधा नीचे होता है।
- भार को kg में लिखना। भार बल है, न्यूटन में।
- द्रव्यमान को ग्राम में रखकर W = m × g लगाना। पहले kg में बदलिए।
- यह सोचना कि गुरुत्व केंद्र वस्तु के अंदर ही होना चाहिए। छल्ले का CG बीच की खाली जगह में होता है।