हेनरी सप्तम: ताज जीतना और बचाना (1485–1509)
हेनरी ट्यूडर का गद्दी पर दावा कमज़ोर था। उन्होंने बॉसवर्थ के युद्ध (1485) में रिचर्ड तृतीय को हराकर ताज जीता। उसे सुरक्षित करने के लिए यॉर्क की एलिज़ाबेथ से शादी की (1486), जिससे दोनों विरोधी परिवार जुड़ गए। उन्होंने लैम्बर्ट सिम्नेल (1487) और पर्किन वारबेक (1490 का दशक) जैसे झूठे दावेदारों को हराया।
शासन और पैसा
हेनरी छोटी शाही परिषद, भरोसेमंद सलाहकारों और स्थानीय शांति-न्यायाधीशों (JP) से राज करते थे। सामंतों से बॉन्ड और रिकग्निज़ेंस (पैसे से बँधे वादे) लिखवाते और उनकी निजी सेनाएँ सीमित करते। शाही ज़मीन, सीमा-शुल्क और जुर्मानों से आमदनी बढ़ाई और भरा ख़ज़ाना छोड़ा।
विदेश नीति
महँगे युद्धों से बचे। व्यापार समझौतों से नीदरलैंड के साथ कपड़ा व्यापार बढ़ा। मेदीना देल कैम्पो की संधि (1489) से स्पेन से रिश्ता बना, और बेटे आर्थर की शादी कैथरीन ऑफ़ आरागॉन से हुई। स्कॉटलैंड से संधि के बाद बेटी मार्गरेट की शादी जेम्स चतुर्थ से हुई (1503) — इसी से आगे चलकर स्टुअर्ट अंग्रेज़ी गद्दी पर आए।
समाज, अर्थव्यवस्था और धर्म
ज़्यादातर लोग किसान थे, समाज में सख़्त क्रम था: सामंत, जेंट्री, योमन, मज़दूर। ऊन और कपड़ा व्यापार बढ़ा। चर्च कैथोलिक था और रोम से जुड़ा था; हेनरी वफ़ादार कैथोलिक थे।
हेनरी अष्टम और रोम से अलगाव (1509–1547)
हेनरी अष्टम शुरू में एक जवान, शौक़ीन राजा थे जो फ़्रांस से युद्ध में शान चाहते थे। उनके मुख्य मंत्री थॉमस वुल्ज़ी शासन, टैक्स और कूटनीति संभालते थे (1520 का 'सोने के कपड़े का मैदान')।
राजा का 'बड़ा मामला'
हेनरी को बेटा चाहिए था। पत्नी कैथरीन ऑफ़ आरागॉन से बेटी मैरी हुई। पोप ने शादी रद्द करने से मना किया। वुल्ज़ी गिर गए (1529)। थॉमस क्रॉमवेल और संसद ने रोम से रिश्ते तोड़ने वाले क़ानून बनाए। सर्वोच्चता अधिनियम (Act of Supremacy) (1534) से राजा इंग्लैंड के चर्च के प्रमुख बने। हेनरी ने ऐन बोलिन से और फिर चार और शादियाँ कीं; जेन सीमोर से बेटा एडवर्ड हुआ।
मठों का विघटन और विरोध
1536 से 1540 तक करीब 800 मठ बंद हुए; उनकी ज़मीन-दौलत राजा को गई और अक्सर जेंट्री को बेची गई। पिलग्रिमेज ऑफ़ ग्रेस (1536) उत्तर में इन बदलावों के ख़िलाफ़ बड़ा विरोध था। आख़िरी सालों के फ़्रांस-स्कॉटलैंड युद्ध बहुत महँगे थे, इसलिए सिक्कों में चाँदी घटाई गई (मुद्रा अवमूल्यन/debasement), जिससे दाम बढ़े।
मध्य-ट्यूडर वर्ष: एडवर्ड षष्ठ और मैरी प्रथम (1547–1558)
एडवर्ड षष्ठ 9 साल की उम्र में राजा बने, इसलिए दूसरों ने उनकी जगह राज किया। उनके मामा समरसेट ने चर्च को और प्रोटेस्टेंट बनाया और अंग्रेज़ी प्रार्थना पुस्तक (1549) लाए। 1549 में पश्चिम और नॉरफ़ॉक (केट का विद्रोह) के विद्रोहों से वे गिर गए। फिर नॉर्थम्बरलैंड ने सावधानी से राज किया पर प्रोटेस्टेंट बदलाव और आगे बढ़ाए (1552 की प्रार्थना पुस्तक)। 1553 में उन्होंने लेडी जेन ग्रे को रानी बनाने की कोशिश की, जो नाकाम रही।
मैरी प्रथम ने कैथोलिक पूजा और पोप का अधिकार लौटाया। स्पेन के फ़िलिप से शादी की, जिससे वायट विद्रोह (1554) भड़का। करीब 280 प्रोटेस्टेंटों को धर्म-द्रोह के लिए जलाया गया। फ़्रांस से युद्ध में कैले हाथ से गया (1558)। उनके मंत्रियों (गार्डिनर, पैजेट, कार्डिनल पोल) ने सिक्कों और नौसेना में सुधार भी किए।
क्या 'मध्य-ट्यूडर संकट' था?
इतिहासकार बहस करते हैं। समस्याएँ: बाल राजा, विद्रोह, धर्म के तेज़ बदलाव, ख़राब फ़सलें, बीमारी, बढ़ते दाम। स्थिरता के संकेत: सरकार चलती रही, ताज क़ानूनी तरीके से मैरी और फिर एलिज़ाबेथ को मिला, संसद और प्रिवी काउंसिल वफ़ादार रहीं।
समाज पर असर
धर्म बदलने से चर्च, पूजा और दान बदले (मठ ग़रीबों की मदद करते थे)। भेड़ों के लिए खेतों की घेराबंदी (enclosure), बढ़ते किराए और दामों ने ग़रीबों को सबसे ज़्यादा मारा।
एलिज़ाबेथ प्रथम: समझौता, शासन और विदेश नीति (1558–1603)
एलिज़ाबेथ अपनी प्रिवी काउंसिल (विलियम सेसिल, बाद में लॉर्ड बर्ली, और फ़्रांसिस वॉल्सिंघम प्रमुख), संसद और स्थानीय JP से राज करती थीं। सामंतों को वफ़ादार रखने के लिए संरक्षण (patronage) — पद और उपहार — देती थीं।
धर्म
धार्मिक समझौता (1559): प्रोटेस्टेंट चर्च, रानी सर्वोच्च संरक्षक (Supreme Governor), पर कुछ कैथोलिक रूप-रंग (बिशप, पोशाक) बने रहे। स्कॉट्स की रानी मैरी से जुड़ी कैथोलिक साज़िशों और कट्टर प्रोटेस्टेंटों (प्यूरिटन) के दबाव — दोनों ने इसे परखा।
विदेश नीति
इंग्लैंड ने स्कॉटिश प्रोटेस्टेंटों (1560) और स्पेन के विरुद्ध डच विद्रोहियों (1585) की मदद की और समुद्र में स्पेन से लड़ा। स्पेनी आर्मडा (1588) अंग्रेज़ी जहाज़ों, आग वाले जहाज़ों और तूफ़ानों से हारा। आयरलैंड का युद्ध (नौ वर्षीय युद्ध) लंबा और महँगा रहा।
आख़िरी साल
1590 के दशक में ख़राब फ़सलें, भारी टैक्स, युद्ध का ख़र्च, दरबार में झगड़े और नाकाम एसेक्स विद्रोह (1601) आए। एलिज़ाबेथ बिना शादी के 1603 में चल बसीं, और स्कॉटलैंड के जेम्स षष्ठ राजा बने — ट्यूडर वंश ख़त्म।
ट्यूडर अर्थव्यवस्था और समाज
इंग्लैंड की आबादी करीब 23 लाख (1500) से करीब 40 लाख (1600) हुई। सदी में दाम लगभग चार-पाँच गुना बढ़े (महँगाई/मुद्रास्फीति), पर मज़दूरी बहुत कम बढ़ी, इसलिए कई मज़दूर ग़रीब हुए।
- दाम क्यों बढ़े: ज़्यादा लोग, सिक्कों का अवमूल्यन, युद्ध ख़र्च, ख़राब फ़सलें और अमेरिका से आई चाँदी।
- फ़ायदे में: ज़मींदार और व्यापारी; लंदन तेज़ी से बढ़ा; व्यापारिक कंपनियों ने रूस और एशिया के रास्ते खोले; उत्तरी अमेरिका में पहली अंग्रेज़ी बस्ती की कोशिश (रोनोक, 1580 का दशक)।
- नुक़सान में: मज़दूर, भूमिहीन ग़रीब, घेराबंदी के शिकार लोग।
सरकार ने निर्धन क़ानून बनाए: काम कर सकने वाले भिखारियों को सख़्त सज़ा, और जो काम नहीं कर सकते उनके लिए स्थानीय निर्धन कर (poor rate) — 1598 और 1601 में पूरे देश में लागू।
खुद करो
वर्ष की स्लाइडर से 1534, 1549, 1554 और 1588 पर रुको। हर घटना के लिए बताओ: कारण धर्म था, पैसा या कोई विदेशी ताक़त?
यूरोप की बड़ी कहानी में ट्यूडर
ट्यूडर सदी यूरोप में पुनर्जागरण (नई शिक्षा, छपाई, कला) और धर्म-सुधार (Reformation) का समय भी थी, जो 1517 में मार्टिन लूथर से शुरू हुआ। इंग्लैंड का धर्म-सुधार अलग था: यह राजा की शादी और सत्ता से शुरू हुआ, और बाद में एडवर्ड व एलिज़ाबेथ के समय सचमुच प्रोटेस्टेंट बना। छपाई से अंग्रेज़ी बाइबल फैली। ड्रेक और रैले की यात्राओं से अटलांटिक पार व्यापार और बस्तियों में रुचि जागी, जो स्टुअर्ट काल में बढ़ी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सर्वोच्चता अधिनियम (1534): पोप नहीं, राजा इंग्लैंड के चर्च का प्रमुख।
- मठों का विघटन (1536–40): मठ बंद; ज़मीन-दौलत राजा को।
- मध्य-ट्यूडर संकट: 1547–58 सच में संकट था या स्थिरता — इस पर बहस।
- धार्मिक समझौता (1559): प्रोटेस्टेंट चर्च, रानी सर्वोच्च संरक्षक, कुछ कैथोलिक परंपराएँ बचीं।
- मुद्रास्फीति (महँगाई): दामों का आम बढ़ना; ट्यूडर काल में दाम मज़दूरी से बहुत तेज़ बढ़े।
- निर्धन क़ानून (1598, 1601): हर पैरिश निर्धन कर लेकर असमर्थ लोगों की मदद करे।
हल किए गए उदाहरण
1. हेनरी सप्तम ने गद्दी सुरक्षित करने के तीन तरीके बताओ।
यॉर्क की एलिज़ाबेथ से शादी कर दोनों परिवार जोड़े; सिम्नेल और वारबेक जैसे दावेदारों को हराया; बॉन्ड-रिकग्निज़ेंस से सामंतों पर काबू रखा और इतना पैसा जमा किया कि उन पर निर्भर न रहें।
2. हेनरी अष्टम रोम से अलग क्यों हुए?
वे चाहते थे कि पोप कैथरीन से उनकी शादी रद्द करे ताकि वे ऐन बोलिन से शादी कर बेटा पा सकें। पोप ने मना किया, कुछ हद तक इसलिए कि कैथरीन का भतीजा सम्राट चार्ल्स पंचम ताक़तवर था। तब हेनरी और संसद ने क़ानून बनाकर राजा को चर्च का प्रमुख बनाया।
3. समय-क्रम में लगाओ: सर्वोच्चता अधिनियम, केट विद्रोह, आर्मडा, बॉसवर्थ, वायट विद्रोह।
बॉसवर्थ (1485) → सर्वोच्चता अधिनियम (1534) → केट विद्रोह (1549) → वायट विद्रोह (1554) → आर्मडा (1588)।
4. क्या 'मध्य-ट्यूडर संकट' था? पक्ष और विपक्ष में एक-एक तर्क दो।
पक्ष: 1549 में बड़े विद्रोह और बाल राजा के समय धर्म के तेज़ बदलाव। विपक्ष: ताज क़ानूनी तरीके से मैरी और एलिज़ाबेथ को गया, और परिषद व स्थानीय शासन चलते रहे।
5. अर्थव्यवस्था बढ़ने के बावजूद कई ट्यूडर मज़दूर ग़रीब क्यों हुए?
आबादी बढ़ी, यानी मज़दूर ज़्यादा और अनाज की माँग ज़्यादा। दाम करीब पाँच गुना बढ़े पर मज़दूरी बहुत कम, तो असली मज़दूरी घटी। घेराबंदी से कुछ परिवारों की साझा ज़मीन भी गई।
6. 1559 के समझौते ने दोनों पक्षों को ख़ुश करने की कोशिश कैसे की?
विश्वास में प्रोटेस्टेंट (अंग्रेज़ी प्रार्थना, रानी सर्वोच्च संरक्षक), पर बिशप, कुछ रस्में और पोशाकें रखीं जो कैथोलिकों को जानी-पहचानी लगें; 'Supreme Governor' उपाधि 'Supreme Head' से नरम थी।
आम गलतियाँ
- कहना कि हेनरी अष्टम प्रोटेस्टेंट बन गए। उन्होंने पोप से नाता तोड़ा पर कई कैथोलिक विश्वास रखे।
- मैरी प्रथम (इंग्लैंड की कैथोलिक रानी) और स्कॉट्स की रानी मैरी (एलिज़ाबेथ की चचेरी बहन) को मिलाना।
- एलिज़ाबेथ के चर्च को पूरी तरह प्यूरिटन समझना। वह बीच का रास्ता था; प्यूरिटन और बदलाव चाहते थे।
- सोचना कि महँगाई अमीर-ग़रीब पर एक जैसी पड़ी। ज़मींदारों को अक्सर फ़ायदा हुआ; मज़दूरी वालों को नुक़सान।