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एलिज़ाबेथ कालीन इंग्लैंड (1558–1603)

एलिज़ाबेथ प्रथम ने 45 साल इंग्लैंड पर राज किया। मुश्किलें बड़ी थीं: लोगों को शक था कि औरत अकेले राज कर सकती है, देश धर्म पर बँटा था, ख़ज़ाना ख़ाली था और कैथोलिक स्पेन ख़तरा था। उन्होंने दरबार और प्रिवी काउंसिल से शासन चलाया, संसद के साथ काम किया (और बहस भी की), मैरी के नाम पर बनी साज़िशों से बचीं और 1588 में आर्मडा को हराया। अमीरों के लिए यह नाटक, बड़े घरों और समुद्री यात्राओं का 'स्वर्ण युग' था; ग़रीबों के लिए महँगाई और भूख का समय, जिससे निर्धन क़ानून बने।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1558: 25 साल की एलिज़ाबेथ रानी बनीं। चार समस्याएँ घेरे हैं: धर्म, पैसा, शादी और विदेशी ख़तरा।
  2. सत्ता एक सीढ़ी है: ऊपर रानी, बीच में प्रिवी काउंसिल के सलाहकार, नीचे संसद। टैक्स संसद मंज़ूर करती थी, इसलिए उसकी ज़रूरत थी।
  3. धर्म एक झूला था। 1559 के समझौते ने प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक में संतुलन रखा। मैरी के लिए साज़िशें झूले को हिलाती रहीं; 1587 में मैरी को मृत्युदंड मिला।
  4. 1588 में स्पेन ने बड़ा बेड़ा, आर्मडा, भेजा। तेज़ अंग्रेज़ी जहाज़, आग वाले जहाज़ और तूफ़ान ने उसे बिखेर दिया।
  5. जीवन: अमीरों के लिए नाटक, बड़े घर और यात्राएँ; पर ग़रीब भी बढ़े। 1601 के निर्धन क़ानून से हर पैरिश को अपने ग़रीबों की मदद करनी पड़ी।
  6. खुद करो: वर्ष की स्लाइडर चलाइए और देखिए हर साल क्या हुआ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

लोगों को क्यों लगता था कि औरत राज नहीं कर सकती?

1500 के दशक में ज़्यादातर लोग मानते थे कि नेतृत्व पुरुष करें। उम्मीद थी कि रानी शादी करेगी और पति फ़ैसले लेगा। एलिज़ाबेथ ने 45 साल अकेले राज करके इसे ग़लत साबित किया।

रानी होकर भी वे ख़ुद टैक्स क्यों नहीं ले सकती थीं?

परंपरा और क़ानून के अनुसार नए टैक्स के लिए संसद की मंज़ूरी ज़रूरी थी। इसी से सांसदों को शादी और धर्म जैसे मुद्दे उठाने का मौक़ा मिलता था।

पूरा प्रोटेस्टेंट या पूरा कैथोलिक क्यों नहीं बना दिया?

किसी भी एक से बड़ा समूह नाराज़ होकर विद्रोह कर सकता था। बीच के रास्ते ने ज़्यादातर लोगों को एक ही चर्च में रखा।

क्या अंग्रेज़ी नौसेना ने अकेले आर्मडा को हराया?

कुछ हद तक। आग वाले जहाज़, तेज़ जहाज़ और अच्छी तोपें काम आईं, पर लौटते समय के तूफ़ानों ने भी बहुत नुकसान किया।

देश अमीर हो रहा था तो ग़रीबी क्यों बढ़ी?

आबादी बढ़ी, क़ीमतें चढ़ीं, बाड़ाबंदी हुई और फ़सलें बिगड़ीं, तो मज़दूरी से कम ख़रीदा जा सकता था। दौलत ज़्यादातर ज़मींदारों और व्यापारियों के पास रही।

एलिज़ाबेथ प्रथम, उनका दरबार और रानी होने की मुश्किलें

एलिज़ाबेथ, हेनरी अष्टम और ऐन बोलिन की बेटी थीं। 1558 में 25 साल की उम्र में वे रानी बनीं। उस समय बहुत लोग मानते थे कि औरत को अकेले राज नहीं करना चाहिए। सबको लगता था कि वे जल्दी शादी करेंगी और पति फ़ैसले लेगा।

शादी क्यों मुश्किल थी

विदेशी राजकुमार से शादी होती तो इंग्लैंड उसके देश के युद्धों में फँस सकता था। किसी अंग्रेज़ सरदार से शादी होती तो बाकी सरदार जलते। शादी न होती तो गद्दी के लिए कोई संतान न होती — इसे उत्तराधिकार (succession) की समस्या कहते हैं। एलिज़ाबेथ ने कभी शादी नहीं की; शादी की संभावना को उन्होंने दूसरे राजाओं को दोस्त बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया।

दरबार

दरबार (court) यानी रानी के आसपास रहने वाले सरदार, सलाहकार और सेवक। रानी के पास होना ताक़त और इनाम का रास्ता था। एलिज़ाबेथ वफ़ादार लोगों को पद, ज़मीन और उपाधियाँ देती थीं — इसे संरक्षण (patronage) कहते हैं। मुख्य लोग: विलियम सेसिल (मुख्य सलाहकार), रॉबर्ट डडली (प्रिय दरबारी) और फ़्रांसिस वॉल्सिंघम (जासूसी प्रमुख)।

प्रिवी काउंसिल और संसद

प्रिवी काउंसिल करीब 12–19 लोगों का छोटा समूह था जो अक्सर मिलकर देश चलाता और सलाह देता। संसद तभी बैठती जब रानी बुलातीं। वह क़ानून बनाती और सबसे ज़रूरी — टैक्स मंज़ूर करती। सांसद शादी, उत्तराधिकार और धर्म पर दबाव डालते थे। रानी अपने राजकीय विशेषाधिकार (royal prerogative) से कहती थीं कि कुछ मामले सिर्फ़ उनके हैं। आख़िरी सालों में सांसदों ने एकाधिकार (monopolies) का विरोध किया और 1601 में रानी ने अपने प्रसिद्ध 'स्वर्ण भाषण' में बात मान ली।

देश के अंदर और बाहर की मुसीबतें

धर्म

इंग्लैंड कई बार कैथोलिक से प्रोटेस्टेंट और वापस बदल चुका था। 1559 के धार्मिक समझौते ने इंग्लैंड को प्रोटेस्टेंट बनाया, पर बिशप और चर्च के वस्त्र जैसी कुछ पुरानी परंपराएँ रखीं — यानी 'बीच का रास्ता'। जो चर्च नहीं आते थे उन पर जुर्माना लगता; उन्हें रिक्यूज़ेंट (recusant) कहते थे। कट्टर प्रोटेस्टेंट, यानी प्यूरिटन, और कम परंपराएँ चाहते थे, इसलिए वे भी तनाव का कारण बने।

स्कॉट्स की रानी मैरी

मैरी, एलिज़ाबेथ की कैथोलिक रिश्तेदार और गद्दी की अगली हक़दार थीं। 1568 में वे स्कॉटलैंड से भागकर इंग्लैंड आईं। एलिज़ाबेथ ने उन्हें 19 साल नज़रबंद रखा। कैथोलिकों ने मैरी को रानी बनाने की साज़िशें कीं: उत्तरी अर्लों का विद्रोह (1569), रिडोल्फ़ी (1571), थ्रॉकमॉर्टन (1583) और बैबिंगटन (1586)। वॉल्सिंघम के जासूसों को ऐसे पत्र मिले जिनसे साबित हुआ कि मैरी आख़िरी साज़िश में शामिल थीं; 1587 में उन्हें मृत्युदंड मिला।

स्पेन से टकराव

स्पेन अमीर और कैथोलिक देश था। झगड़े के कारण: धर्म, अमेरिका का व्यापार, अंग्रेज़ 'सी डॉग्स' का स्पेनी ख़ज़ाने के जहाज़ों पर हमला, और नीदरलैंड के प्रोटेस्टेंट विद्रोहियों को इंग्लैंड की मदद। 1588 में राजा फ़िलिप द्वितीय ने करीब 130 जहाज़ों का आर्मडा भेजा। अंग्रेज़ी जहाज़ छोटे, तेज़ और बेहतर तोपों वाले थे। कैले में आग वाले जहाज़ों ने आर्मडा की अर्धचंद्र आकार की कतार तोड़ी, ग्रेवलाइन्स की लड़ाई में नुकसान हुआ और स्कॉटलैंड-आयरलैंड से घूमकर लौटते समय तूफ़ानों ने बहुत जहाज़ डुबो दिए।

एलिज़ाबेथ के समय का जीवन

क्या यह 'स्वर्ण युग' था?

अमीरों का जीवन बेहतर हुआ। उन्होंने काँच की खिड़कियों और लंबी गैलरियों वाले बड़े घर बनाए। ग्रामर स्कूलों में पढ़ाई बढ़ी। रंगमंच ख़ूब चला: द थिएटर (1576) और ग्लोब (1599) जैसे नाट्यघरों में सरदार से लेकर कारीगर तक भीड़ लगाते। शेक्सपियर और मार्लो इसी समय लिखते थे। कुछ प्यूरिटन और शहर के अधिकारी नाटकघरों को बीमारी और आलस फैलाने वाला मानते थे।

ग़रीब

बहुत लोगों के लिए जीवन कठिन हुआ। आबादी बढ़ी, क़ीमतें मज़दूरी से तेज़ बढ़ीं और ख़राब फ़सलों (ख़ासकर 1590 के दशक में) से भूख फैली। कुछ ज़मींदारों ने भेड़ों के लिए खेत घेर लिए (बाड़ाबंदी, enclosure), जिससे काम घटा। काम ढूँढते घूमने वालों को आवारा (vagabond) कहा जाता और अक्सर कड़ी सज़ा मिलती। धीरे-धीरे क़ानून बदले: 1601 के निर्धन क़ानून ने हर पैरिश को स्थानीय टैक्स (poor rate) से बूढ़े, बीमार जैसे 'योग्य ग़रीबों' की मदद करने को कहा, पर काम न करने वालों को सज़ा जारी रही।

नाविक और खोज

बेहतर जहाज़, कंपास और नक़्शों से नाविक दूर तक गए। फ़्रांसिस ड्रेक ने 1577–1580 में पूरी दुनिया की परिक्रमा की और ख़ज़ाना लाए। वॉल्टर रैले ने 1580 के दशक में उत्तरी अमेरिका के रोआनोक में बस्ती बसाने की कोशिश की, जो नाकाम रही। 1600 में ईस्ट इंडिया कंपनी जैसी व्यापारिक कंपनियाँ बनीं।

उस दौर की किसी ऐतिहासिक जगह का अध्ययन

कई पाठ्यक्रम इस दौर की एक असली जगह पढ़ने को कहते हैं — जैसे कोई बड़ा घर (हार्डविक हॉल), नाट्यघर (ग्लोब), जहाज़ या शाही महल। किसी भी जगह के लिए ये चार सवाल पूछिए:

खुद करो: अपने पास की कोई पुरानी इमारत चुनिए और चारों सवालों का एक-एक लाइन में जवाब लिखिए। आपने ऐतिहासिक स्थल का अध्ययन कर लिया!

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. रानी होते हुए भी एलिज़ाबेथ को संसद की ज़रूरत क्यों थी?

नए टैक्स संसद ही मंज़ूर करती थी। युद्ध, ख़ासकर स्पेन से, बहुत महँगे थे, इसलिए पैसे के लिए संसद बुलानी पड़ती थी।

2. मैरी से जुड़ी साज़िशों को समय के क्रम में लगाइए और अंत बताइए।

उत्तरी अर्ल 1569 → रिडोल्फ़ी 1571 → थ्रॉकमॉर्टन 1583 → बैबिंगटन 1586। बैबिंगटन साज़िश के पत्रों से मैरी की सहमति साबित हुई और फ़रवरी 1587 में उन्हें मृत्युदंड मिला।

3. आर्मडा की हार के तीन कारण बताइए।

1) कैले में आग वाले जहाज़ों ने अर्धचंद्र कतार तोड़ी। 2) तेज़ अंग्रेज़ी जहाज़ों और दूर तक मार करने वाली तोपों ने ग्रेवलाइन्स पर नुकसान किया। 3) स्कॉटलैंड-आयरलैंड के लंबे रास्ते पर तूफ़ानों ने कई जहाज़ डुबोए।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. एलिज़ाबेथ प्रथम किस साल रानी बनीं?
2. 1559 का धार्मिक समझौता क्या था?
3. किस साज़िश के बाद मैरी को मृत्युदंड मिला?
4. 1601 के निर्धन क़ानून ने क्या किया?
5. 1577–1580 में दुनिया की परिक्रमा किसने की?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी बनते समय एलिज़ाबेथ की मुख्य समस्याएँ क्या थीं?

धर्म (बँटा हुआ देश), पैसा (कर्ज़), शादी और उत्तराधिकार, और फ़्रांस व स्पेन से विदेशी ख़तरा।

आर्मडा की हार क्यों महत्वपूर्ण थी?

इससे स्पेनी हमला रुका, इंग्लैंड प्रोटेस्टेंट रहा और एलिज़ाबेथ की साख और अंग्रेज़ी नौसेना की ताक़त बढ़ी।

'एलिज़ाबेथ कालीन' का क्या अर्थ है?

एलिज़ाबेथ प्रथम के शासनकाल (1558–1603) का इंग्लैंड।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इंग्लैंडYear 11BC Elizabethan England, c1568-1603 (Paper 2 Section B British depth study incl. historic environment - choose one)

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