एलिज़ाबेथ प्रथम, उनका दरबार और रानी होने की मुश्किलें
एलिज़ाबेथ, हेनरी अष्टम और ऐन बोलिन की बेटी थीं। 1558 में 25 साल की उम्र में वे रानी बनीं। उस समय बहुत लोग मानते थे कि औरत को अकेले राज नहीं करना चाहिए। सबको लगता था कि वे जल्दी शादी करेंगी और पति फ़ैसले लेगा।
शादी क्यों मुश्किल थी
विदेशी राजकुमार से शादी होती तो इंग्लैंड उसके देश के युद्धों में फँस सकता था। किसी अंग्रेज़ सरदार से शादी होती तो बाकी सरदार जलते। शादी न होती तो गद्दी के लिए कोई संतान न होती — इसे उत्तराधिकार (succession) की समस्या कहते हैं। एलिज़ाबेथ ने कभी शादी नहीं की; शादी की संभावना को उन्होंने दूसरे राजाओं को दोस्त बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया।
दरबार
दरबार (court) यानी रानी के आसपास रहने वाले सरदार, सलाहकार और सेवक। रानी के पास होना ताक़त और इनाम का रास्ता था। एलिज़ाबेथ वफ़ादार लोगों को पद, ज़मीन और उपाधियाँ देती थीं — इसे संरक्षण (patronage) कहते हैं। मुख्य लोग: विलियम सेसिल (मुख्य सलाहकार), रॉबर्ट डडली (प्रिय दरबारी) और फ़्रांसिस वॉल्सिंघम (जासूसी प्रमुख)।
प्रिवी काउंसिल और संसद
प्रिवी काउंसिल करीब 12–19 लोगों का छोटा समूह था जो अक्सर मिलकर देश चलाता और सलाह देता। संसद तभी बैठती जब रानी बुलातीं। वह क़ानून बनाती और सबसे ज़रूरी — टैक्स मंज़ूर करती। सांसद शादी, उत्तराधिकार और धर्म पर दबाव डालते थे। रानी अपने राजकीय विशेषाधिकार (royal prerogative) से कहती थीं कि कुछ मामले सिर्फ़ उनके हैं। आख़िरी सालों में सांसदों ने एकाधिकार (monopolies) का विरोध किया और 1601 में रानी ने अपने प्रसिद्ध 'स्वर्ण भाषण' में बात मान ली।
देश के अंदर और बाहर की मुसीबतें
धर्म
इंग्लैंड कई बार कैथोलिक से प्रोटेस्टेंट और वापस बदल चुका था। 1559 के धार्मिक समझौते ने इंग्लैंड को प्रोटेस्टेंट बनाया, पर बिशप और चर्च के वस्त्र जैसी कुछ पुरानी परंपराएँ रखीं — यानी 'बीच का रास्ता'। जो चर्च नहीं आते थे उन पर जुर्माना लगता; उन्हें रिक्यूज़ेंट (recusant) कहते थे। कट्टर प्रोटेस्टेंट, यानी प्यूरिटन, और कम परंपराएँ चाहते थे, इसलिए वे भी तनाव का कारण बने।
स्कॉट्स की रानी मैरी
मैरी, एलिज़ाबेथ की कैथोलिक रिश्तेदार और गद्दी की अगली हक़दार थीं। 1568 में वे स्कॉटलैंड से भागकर इंग्लैंड आईं। एलिज़ाबेथ ने उन्हें 19 साल नज़रबंद रखा। कैथोलिकों ने मैरी को रानी बनाने की साज़िशें कीं: उत्तरी अर्लों का विद्रोह (1569), रिडोल्फ़ी (1571), थ्रॉकमॉर्टन (1583) और बैबिंगटन (1586)। वॉल्सिंघम के जासूसों को ऐसे पत्र मिले जिनसे साबित हुआ कि मैरी आख़िरी साज़िश में शामिल थीं; 1587 में उन्हें मृत्युदंड मिला।
स्पेन से टकराव
स्पेन अमीर और कैथोलिक देश था। झगड़े के कारण: धर्म, अमेरिका का व्यापार, अंग्रेज़ 'सी डॉग्स' का स्पेनी ख़ज़ाने के जहाज़ों पर हमला, और नीदरलैंड के प्रोटेस्टेंट विद्रोहियों को इंग्लैंड की मदद। 1588 में राजा फ़िलिप द्वितीय ने करीब 130 जहाज़ों का आर्मडा भेजा। अंग्रेज़ी जहाज़ छोटे, तेज़ और बेहतर तोपों वाले थे। कैले में आग वाले जहाज़ों ने आर्मडा की अर्धचंद्र आकार की कतार तोड़ी, ग्रेवलाइन्स की लड़ाई में नुकसान हुआ और स्कॉटलैंड-आयरलैंड से घूमकर लौटते समय तूफ़ानों ने बहुत जहाज़ डुबो दिए।
एलिज़ाबेथ के समय का जीवन
क्या यह 'स्वर्ण युग' था?
अमीरों का जीवन बेहतर हुआ। उन्होंने काँच की खिड़कियों और लंबी गैलरियों वाले बड़े घर बनाए। ग्रामर स्कूलों में पढ़ाई बढ़ी। रंगमंच ख़ूब चला: द थिएटर (1576) और ग्लोब (1599) जैसे नाट्यघरों में सरदार से लेकर कारीगर तक भीड़ लगाते। शेक्सपियर और मार्लो इसी समय लिखते थे। कुछ प्यूरिटन और शहर के अधिकारी नाटकघरों को बीमारी और आलस फैलाने वाला मानते थे।
ग़रीब
बहुत लोगों के लिए जीवन कठिन हुआ। आबादी बढ़ी, क़ीमतें मज़दूरी से तेज़ बढ़ीं और ख़राब फ़सलों (ख़ासकर 1590 के दशक में) से भूख फैली। कुछ ज़मींदारों ने भेड़ों के लिए खेत घेर लिए (बाड़ाबंदी, enclosure), जिससे काम घटा। काम ढूँढते घूमने वालों को आवारा (vagabond) कहा जाता और अक्सर कड़ी सज़ा मिलती। धीरे-धीरे क़ानून बदले: 1601 के निर्धन क़ानून ने हर पैरिश को स्थानीय टैक्स (poor rate) से बूढ़े, बीमार जैसे 'योग्य ग़रीबों' की मदद करने को कहा, पर काम न करने वालों को सज़ा जारी रही।
नाविक और खोज
बेहतर जहाज़, कंपास और नक़्शों से नाविक दूर तक गए। फ़्रांसिस ड्रेक ने 1577–1580 में पूरी दुनिया की परिक्रमा की और ख़ज़ाना लाए। वॉल्टर रैले ने 1580 के दशक में उत्तरी अमेरिका के रोआनोक में बस्ती बसाने की कोशिश की, जो नाकाम रही। 1600 में ईस्ट इंडिया कंपनी जैसी व्यापारिक कंपनियाँ बनीं।
उस दौर की किसी ऐतिहासिक जगह का अध्ययन
कई पाठ्यक्रम इस दौर की एक असली जगह पढ़ने को कहते हैं — जैसे कोई बड़ा घर (हार्डविक हॉल), नाट्यघर (ग्लोब), जहाज़ या शाही महल। किसी भी जगह के लिए ये चार सवाल पूछिए:
- कहाँ और यहीं क्यों? नदी पास (आवाजाही), अच्छी खेती की ज़मीन, या शहर (भीड़)।
- किसलिए बनी और कैसे बनी? उद्देश्य (घर, धन दिखाना, मनोरंजन, रक्षा) और बनावट (कमरे, नक़्शा, सामग्री)।
- किसने बनाई, किसने इस्तेमाल की? मालिक, डिज़ाइनर और वहाँ रहने-काम करने वाले लोग।
- यह अपने समय को कैसे दिखाती है? बड़ी काँच की खिड़कियाँ नई अमीरी दिखाती हैं; गोल खुला नाट्यघर रंगमंच का उभार; तेज़ तोपों वाला जहाज़ स्पेन से युद्ध।
खुद करो: अपने पास की कोई पुरानी इमारत चुनिए और चारों सवालों का एक-एक लाइन में जवाब लिखिए। आपने ऐतिहासिक स्थल का अध्ययन कर लिया!
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- धार्मिक समझौता (1559): कुछ कैथोलिक परंपराओं वाला प्रोटेस्टेंट चर्च — 'बीच का रास्ता'।
- प्रिवी काउंसिल: रानी के मुख्य सलाहकारों का छोटा समूह जो रोज़ का शासन चलाता था।
- राजकीय विशेषाधिकार (royal prerogative): वे ख़ास शक्तियाँ जो सिर्फ़ राजा/रानी की थीं।
- रिक्यूज़ेंट: वह कैथोलिक जो चर्च ऑफ़ इंग्लैंड की प्रार्थना में नहीं जाता था।
- संरक्षण (patronage): वफ़ादारी के बदले पद, ज़मीन या उपाधि देना।
- पुअर रेट: हर पैरिश का स्थानीय टैक्स जिससे ग़रीबों की मदद होती थी (1601 में पूरे देश में लागू)।
हल किए गए उदाहरण
1. रानी होते हुए भी एलिज़ाबेथ को संसद की ज़रूरत क्यों थी?
नए टैक्स संसद ही मंज़ूर करती थी। युद्ध, ख़ासकर स्पेन से, बहुत महँगे थे, इसलिए पैसे के लिए संसद बुलानी पड़ती थी।
2. मैरी से जुड़ी साज़िशों को समय के क्रम में लगाइए और अंत बताइए।
उत्तरी अर्ल 1569 → रिडोल्फ़ी 1571 → थ्रॉकमॉर्टन 1583 → बैबिंगटन 1586। बैबिंगटन साज़िश के पत्रों से मैरी की सहमति साबित हुई और फ़रवरी 1587 में उन्हें मृत्युदंड मिला।
3. आर्मडा की हार के तीन कारण बताइए।
1) कैले में आग वाले जहाज़ों ने अर्धचंद्र कतार तोड़ी। 2) तेज़ अंग्रेज़ी जहाज़ों और दूर तक मार करने वाली तोपों ने ग्रेवलाइन्स पर नुकसान किया। 3) स्कॉटलैंड-आयरलैंड के लंबे रास्ते पर तूफ़ानों ने कई जहाज़ डुबोए।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि एलिज़ाबेथ ने इंग्लैंड को पूरा प्यूरिटन बना दिया। 1559 का समझौता बीच का रास्ता था; प्यूरिटन और बदलाव चाहते थे।
- यह कहना कि स्वर्ण युग सबके लिए था। फ़ायदा ज़्यादातर अमीरों को हुआ; ग़रीबों ने महँगाई और भूख झेली।
- प्रिवी काउंसिल और संसद को एक समझना। काउंसिल अक्सर मिलकर सलाह देती थी; संसद सिर्फ़ बुलाने पर क़ानून और टैक्स के लिए बैठती थी।
- यह मानना कि मैरी को आते ही मार दिया गया। उन्हें 19 साल नज़रबंद रखा गया और 1587 में बैबिंगटन साज़िश के बाद मृत्युदंड मिला।