1469–1516: नए राज्य का निर्माण
1469 से पहले कास्तील गृहयुद्ध और ताक़तवर सामंतों से परेशान था। कास्तील की इसाबेला और आरागॉन के फ़र्डिनेंड के विवाह (1469) और उत्तराधिकार युद्ध में इसाबेला की जीत (1479) से दोनों राज्यों के शासक एक हो गए। यह वंशीय मेल था: कास्तील और आरागॉन के कानून, कर, सिक्के और कोर्तेस (सभाएँ) अलग रहे।
राजसत्ता की बहाली
- सांता हर्मांदाद: कानून-व्यवस्था के लिए शाही पुलिस।
- शाही परिषद में बड़े सामंतों की जगह विश्वविद्यालय से पढ़े वकील (लेत्रादो)।
- कोरेखिदोर: शहरों में तैनात शाही अधिकारी।
- अमीर सैनिक संघों और चर्च की नियुक्तियों पर नियंत्रण।
इतिहासकार बहस करते हैं कि क्या यह "नई राजशाही" थी: राजसत्ता बहुत बढ़ी, पर आरागॉन लगभग स्वशासित रहा और सामंतों की ज़मीन व रुतबा बना रहा।
धर्म, यहूदी और मोरिस्को, और अर्थव्यवस्था
- 1478: शाही नियंत्रण वाले स्पेनी इन्क्विज़िशन ने उन धर्मांतरितों (कोन्वेर्सो) की जाँच की जिन पर पुराना धर्म छिपकर मानने का आरोप था।
- 1492: इबेरिया का आख़िरी मुस्लिम राज्य ग्रेनाडा हार गया। उसी साल यहूदियों को धर्म बदलने या देश छोड़ने का आदेश मिला; हज़ारों-हज़ार लोग चले गए।
- 1499–1502: एक विद्रोह के बाद कास्तील के मुसलमानों का ज़बरन धर्मांतरण हुआ; वे मोरिस्को कहलाए। आरागॉन में 1520 के दशक में यही हुआ।
- 1492: इसाबेला की मदद से कोलंबस कैरिबियन पहुँचा, और कास्तील का अमेरिकी साम्राज्य शुरू हुआ।
अर्थव्यवस्था
कास्तील की मुख्य दौलत ऊन थी, जिस पर भेड़-पालकों के संघ (मेस्ता) का नियंत्रण था, और बुर्गोस व सेविल से व्यापार। खेती कमज़ोर थी, और यहूदी व मुस्लिम कारीगरों-व्यापारियों के जाने से कुछ धंधों को नुकसान हुआ। 1503 के बाद सेविल के व्यापार भवन (कासा दे कोन्त्रातासियोन) ने अमेरिकी व्यापार सँभाला।
1516–1556: चार्ल्स प्रथम और महाशक्ति बनने की होड़
चार्ल्स की विरासत
हैब्सबर्ग वंश के चार्ल्स को कास्तील और उसकी अमेरिकी ज़मीनें, नेपल्स-सिसिली-सार्डिनिया सहित आरागॉन, नीदरलैंड्स व बरगंडी की ज़मीनें और हैब्सबर्ग ऑस्ट्रिया मिले। 1519 में वह पवित्र रोमन सम्राट (चार्ल्स पंचम) चुना गया।
साम्राज्य कैसे चला
शुरू में कास्तील के लोग उसके फ़्लेमिश सलाहकारों और करों से नाराज़ थे: कोमुनेरोस विद्रोह (1520–21) और वालेंसिया का जेर्मानियास विद्रोह दबा दिए गए। इसके बाद चार्ल्स ने परिषद प्रणाली (कास्तील, आरागॉन, इंडीज़, वित्त, राज्य परिषद) और वायसरायों से राज किया और कास्तील के अभिजात वर्ग के साथ काम करना सीखा।
विदेश संबंध और धर्म
इटली पर फ़्रांस से लंबे युद्ध (पाविया में जीत, 1525), भूमध्य सागर में ऑटोमन तुर्कों से रक्षा, और जर्मनी के प्रोटेस्टेंट राजाओं से संघर्ष। स्पेन में चर्च सुधारा गया, इन्क्विज़िशन ने प्रोटेस्टेंट विचार दबाए, और स्पेनी धर्मशास्त्रियों ने कैथोलिक सुधार (ट्रेंट परिषद) को दिशा दी।
विस्तार
कोर्तेस ने एज़्टेक साम्राज्य (1519–21) और पिज़ारो ने इंका साम्राज्य (1530 का दशक) हराया। नए कानूनों (1542) ने मूल निवासियों पर अत्याचार रोकने की कोशिश की, पर ज़्यादा सफलता नहीं मिली। पोतोसी (1545) और ज़ाकातेकास (1546) की चाँदी की खानों से सेविल में भारी धन आने लगा। 1556 में चार्ल्स ने गद्दी छोड़ी और ज़मीनें बेटे फ़िलिप (स्पेन) और भाई फ़र्डिनेंड (ऑस्ट्रिया) में बाँट दीं।
1556–1598: फ़िलिप द्वितीय, स्वर्ण युग और महाशक्ति
शासन और स्वर्ण युग
फ़िलिप द्वितीय ने दरबार मैड्रिड (1561) में बसाया और एल एस्कोरियल बनवाया। वह काग़ज़ों से राज करता था, हज़ारों रिपोर्टें पढ़ता और उन पर टिप्पणी लिखता: सावधान पर धीमा। दरबार के गुट (आल्बा बनाम एबोली) असर के लिए होड़ करते। कला और साहित्य फले-फूले: एल ग्रेको, तेरेसा ऑफ़ आविला, साहित्यिक स्वर्ण युग की शुरुआत।
धर्म और समाज
कड़ी कैथोलिक नीति; अल्पुखारास का मोरिस्को विद्रोह (1568–70) कुचला गया और मोरिस्को पूरे कास्तील में बिखेर दिए गए।
विदेश में महाशक्ति
- फ़्रांस से शांति (कातो-कांब्रेसी, 1559)।
- लेपांटो (1571) में ऑटोमन बेड़े पर जीत।
- पुर्तगाल और उसके साम्राज्य से मेल (1580): पहला साम्राज्य "जिसमें सूरज कभी नहीं डूबता"।
- डच विद्रोह (1566 से) दशकों तक पैसा खाता रहा।
- इंग्लैंड के विरुद्ध आर्मडा असफल (1588)।
पैसे की परेशानी
अमेरिकी चाँदी के बावजूद ताज ने 1557, 1560, 1575 और 1596 में दिवालियापन घोषित किया। सदी भर में कीमतें लगभग चार गुना हुईं (मूल्य क्रांति), ज़्यादातर कर कास्तील पर पड़े, और जेनोआ व जर्मनी के बैंकरों का कर्ज़ बढ़ता गया।
हिस्पैनिक राजशाही और औपनिवेशिक विरासत
हिस्पैनिक राजशाही एक मिश्रित राजशाही थी: अपने-अपने कानूनों वाले कई राज्य एक राजा के अधीन। अमेरिका में वायसरॉयल्टी (न्यू स्पेन, पेरू), इंडीज़ परिषद और आउदिएंसिया (अदालतें) शासन करती थीं।
- नुकसान: विजय, बेगार (एंकोमिएंदा, मीता) और चेचक जैसी नई बीमारियों से मूल निवासियों की आबादी भयानक रूप से घटी; बड़ी संख्या में अफ़्रीकी लोगों को ग़ुलाम बनाकर लाया गया।
- बहस: बार्तोलोमे दे लास कासास जैसे विचारकों ने मूल निवासियों के अधिकारों की वकालत की (वायादोलिद बहस, 1550–51)।
- स्थायी विरासत: स्पेनी भाषा, कैथोलिक आस्था, मिश्रित (मेस्टिज़ो) समाज, ग्रिड नक्शे पर बसे शहर, विश्वविद्यालय, दोनों ओर जाती नई फ़सलें (मक्का, आलू, टमाटर; गेहूँ, घोड़े), और चाँदी जिसने यूरोप, अमेरिका और एशिया को पहले विश्व व्यापार में जोड़ा।
करके देखें
1469 से 1598 तक एक समय-रेखा बनाइए और तीनों शासनकाल चिह्नित कीजिए। आठ घटनाओं के लिए ऊपर का तीर (ताज मज़बूत) या नीचे का तीर (ताज कमज़ोर) बनाइए। फिर आख़िरी 3D चरण के स्लाइडर से मिलाइए। किस शासक के सबसे ज़्यादा नीचे वाले तीर हैं, और क्यों?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वंशीय मेल: दो ताज, एक शासक दंपती, अलग कानून
- नई राजशाही: मज़बूत शाही सरकार, कमज़ोर सामंत
- कोन्वेर्सो: धर्मांतरित यहूदी; मोरिस्को: धर्मांतरित मुसलमान
- मिश्रित राजशाही: एक राजा के अधीन कई राज्य
- परिषद प्रणाली: परिषदों के ज़रिए शासन
- मूल्य क्रांति: चाँदी और आबादी बढ़ने से कीमतों में लंबी बढ़त
- एंकोमिएंदा / मीता: अमेरिका में बेगार की व्यवस्थाएँ
हल किए गए उदाहरण
1. समझाइए कि 1469 के विवाह से पूरी तरह एकीकृत स्पेन क्यों नहीं बना।
कास्तील और आरागॉन के शासक एक थे, पर कानून, कर, सिक्के, सभाएँ और चुंगी सीमाएँ अलग रहीं। आरागॉन की कोर्तेस राजा को सीमित करती थी। यह ताजों का मेल था, एक केंद्रीकृत राज्य नहीं।
2. कैथोलिक सम्राटों ने राजसत्ता कितनी बहाल की? एक ताक़त और एक सीमा बताइए।
ताक़त: हर्मांदाद, लेत्रादो परिषदों और कोरेखिदोर से कास्तील के शहरों में व्यवस्था और शाही नियंत्रण आया। सीमा: बड़े सामंतों की ज़मीन और स्थानीय ताक़त बनी रही, और आरागॉन में बहुत कम बदलाव हुआ।
3. अमेरिकी चाँदी के बावजूद फ़िलिप द्वितीय के पास अक्सर पैसे की कमी क्यों रहती थी?
नीदरलैंड्स, भूमध्य सागर और इंग्लैंड के युद्धों का ख़र्च चाँदी की आय से ज़्यादा था। चाँदी पहले से ही बैंकरों को गिरवी होती, कीमतें बढ़ रही थीं, और कर का बोझ ज़्यादातर कास्तील पर था, जो तेज़ी से नहीं बढ़ रहा था। इसलिए ताज चार बार दिवालिया हुआ।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि 1469 में स्पेन एक राज्य बन गया। यह अलग-अलग राज्यों वाला ताजों का मेल था।
- चार्ल्स प्रथम और चार्ल्स पंचम को अलग समझना। दोनों एक ही व्यक्ति: स्पेन का चार्ल्स प्रथम, पवित्र रोमन सम्राट के रूप में चार्ल्स पंचम।
- यह सोचना कि अमेरिकी चाँदी से स्पेन देश के अंदर अमीर हो गया। बहुत सी चाँदी विदेशी बैंकरों और युद्धों में गई, और कीमतें बढ़ीं।
- आर्मडा (1588) को स्पेन के पतन का क्षण मानना। इसके बाद भी स्पेन दशकों तक महाशक्ति रहा।