नॉर्मन विजय और सामंती व्यवस्था
1066 में नॉर्मंडी का ड्यूक विलियम हेस्टिंग्स की लड़ाई जीतकर राजा बना। नॉर्मनों ने किले बनाए (पहले लकड़ी के मॉट-एंड-बेली, बाद में पत्थर के) और 1086 में डोम्सडे बुक बनाई, यानी कर के लिए ज़मीन और संपत्ति का सर्वेक्षण।
समाज सामंती व्यवस्था से चलता था। सिद्धांत में सारी ज़मीन राजा की थी। वह बैरनों और बिशपों को जागीरें देता था, जो वफ़ादारी का वचन देते और नाइट भेजते थे। नाइट साल में लगभग 40 दिन की सैन्य सेवा के बदले एक जागीर रखते थे। सबसे नीचे किसान खेती करते थे। कई विलेन (कृषिदास) थे जो लॉर्ड को श्रम देते और बिना अनुमति जागीर छोड़ नहीं सकते थे। यह बंधन "होमेज" नाम की शपथ से पक्का होता था।
हेनरी द्वितीय और शाही सत्ता की बहाली, 1154–1189
हेनरी द्वितीय अराजकता (1135–1154) के बाद गद्दी पर आया, जो स्टीफ़न और माटिल्डा के बीच गृहयुद्ध था। वह फ़्रांस में भी बड़े इलाक़ों (एंजेविन साम्राज्य) का शासक था।
- सत्ता की बहाली (1154–1166): शाही किले और ज़मीनें वापस लीं, अवैध किले गिरवाए, ख़ज़ाने (एक्सचेकर) और शेरिफ़ों में सुधार किया।
- क़ानूनी सुधार: क्लेरेंडन असाइज़ (1166) ने अपराधों की सूचना देने के लिए स्थानीय लोगों की जूरी बनाई और शाही न्यायाधीश देश भर में घूमने लगे। इससे कॉमन लॉ बना, यानी पूरे राज्य के लिए एक क़ानून।
- संकट (1166–1174): हेनरी का आर्चबिशप थॉमस बेकेट से इस बात पर झगड़ा हुआ कि अपराध करने वाले पादरियों पर शाही अदालत में मुक़दमा चले या नहीं। 1170 में चार नाइटों ने कैंटरबरी कैथेड्रल में बेकेट की हत्या कर दी, और हेनरी ने सार्वजनिक प्रायश्चित किया। 1173–74 में उसके बेटों और पत्नी एलेनोर ऑफ़ एक्विटेन ने फ़्रांस और स्कॉटलैंड के राजाओं के साथ विद्रोह किया; हेनरी जीता।
- संघर्ष (1174–1189): बेटे विरासत पर फिर झगड़े; 1189 में रिचर्ड और फ़्रांसीसी राजा से लड़ते हुए हेनरी की मृत्यु हुई।
रिचर्ड प्रथम और राजा जॉन, 1189–1216
रिचर्ड प्रथम अपने दस साल के शासन में सिर्फ़ लगभग छह महीने इंग्लैंड में रहा। उसने तीसरे धर्मयुद्ध का नेतृत्व किया, लौटते हुए बंदी बना और भारी फिरौती पर छूटा, फिर फ़्रांस की ज़मीनें बचाने के लिए लड़ा। इंग्लैंड को शाही अधिकारी चलाते और भारी कर वसूलते थे।
राजा जॉन ने 1204 में नॉर्मंडी फ़्रांसीसी राजा से खो दी। उसे वापस पाने के लिए कर बढ़ाए, पद बेचे और बैरनों पर भारी जुर्माने लगाए। पोप से झगड़ा हुआ, और 1208 से 1214 तक इंग्लैंड पर निषेधाज्ञा रही (चर्च की सेवाएँ बंद)। 1214 में बूविन में हार के बाद विद्रोही बैरनों ने लंदन पर क़ब्ज़ा किया और जून 1215 में रनीमीड में जॉन से मैग्ना कार्टा पर मुहर लगवाई। मुख्य विचार: किसी स्वतंत्र व्यक्ति को क़ानूनी फ़ैसले के बिना क़ैद नहीं; न्याय न बिकेगा, न टलेगा; कर के लिए बड़ी परिषद की सहमति; चर्च स्वतंत्र रहेगा। जॉन ने जल्द ही इसे नकार दिया, गृहयुद्ध हुआ, और 1216 में उसकी मृत्यु हुई। बाद के राजाओं ने इसे फिर जारी किया और यह क़ानून के शासन का प्रतीक बन गया।
एडवर्ड प्रथम: शासन, राजा और प्रजा के अधिकार, और युद्ध, 1272–1307
एडवर्ड प्रथम बड़ा क़ानून-निर्माता था। उसने खोए शाही अधिकारों की जाँच (हंड्रेड रोल्स) करवाई और कई अधिनियम (राजा और संसद के बनाए क़ानून) पारित किए। युद्धों में पैसा लगता था, इसलिए उसने संसद बुलाई। 1295 की संसद (बाद में "मॉडल पार्लियामेंट") में लॉर्ड, बिशप, हर काउंटी से दो नाइट और हर नगर से दो नगरवासी थे। कर पर सहमति का सिद्धांत मज़बूत हुआ, और 1297 में एडवर्ड को चार्टरों की पुष्टि करनी पड़ी।
वेल्स: लिवेलिन आप ग्रुफ़ुड के ख़िलाफ़ 1277 और 1282–83 के युद्धों के बाद एडवर्ड ने वेल्स जीता। रुडलन अधिनियम (1284) से अंग्रेज़ी ढंग का शासन आया, और कैर्नार्फ़न, कॉनवी और हार्लेक जैसे विशाल पत्थर के किलों ने इलाक़ा थामा।
स्कॉटलैंड: स्कॉटिश राजा तय करने को कहे जाने पर एडवर्ड ने जॉन बैलियल को चुना पर उसे अपना अधीन माना। 1296 में युद्ध शुरू हुआ। विलियम वॉलेस स्टर्लिंग ब्रिज (1297) पर जीता और फ़ॉलकर्क (1298) में हारा। 1306 में रॉबर्ट द ब्रूस राजा बना, और 1307 में उत्तर जाते हुए एडवर्ड की मृत्यु हुई, युद्ध अधूरा रहा।
1290 में एडवर्ड ने दशकों के भारी कर और उत्पीड़न के बाद इंग्लैंड के यहूदी समुदाय को निष्कासित किया, यह याद दिलाता है कि अधिकार सबको बराबर नहीं मिले थे।
मध्यकालीन इंग्लैंड का जीवन और ऐतिहासिक परिवेश
लगभग दस में से नौ लोग गाँवों में रहते थे। गाँव जागीर के रूप में चलता था: लॉर्ड का घर, उसकी अपनी ज़मीन (डेमेस्न), और पट्टियों में बँटे खुले खेत। फ़सल चक्र से हर साल एक खेत परती रहता। पैरिश चर्च गाँव के जीवन का केंद्र था; लोग उसे दशमांश (उपज का दसवाँ भाग) देते थे। भोजन ज़्यादातर रोटी, दलिया जैसा पॉटेज और एल था। बीमारी, अकाल और कड़ी मेहनत से जीवन छोटा था।
शाही चार्टर, बाज़ार और मेलों से नगर बढ़े। गिल्ड शिल्प और व्यापार नियंत्रित करते थे, और नगरवासी आमतौर पर विलेन से ज़्यादा स्वतंत्र थे। ऊन इंग्लैंड का सबसे क़ीमती निर्यात था।
इतिहासकार ऐतिहासिक परिवेश का अध्ययन करते हैं: बचे किले, कैथेड्रल, गाँवों की बनावट, खेतों के उभार-खाँचे (रिज-एंड-फ़रो), और चार्टर, इतिवृत्त व जागीर अभिलेख जैसे लिखित स्रोत। हर स्थल से पूछिए: कब और क्यों बना, कैसे उपयोग हुआ, और यह शक्ति के बारे में क्या बताता है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1066 नॉर्मन विजय; 1086 डोम्सडे बुक
- 1135–1154 अराजकता; 1154 हेनरी द्वितीय राजा
- 1166 क्लेरेंडन असाइज़; 1170 थॉमस बेकेट की हत्या; 1173–74 महाविद्रोह
- 1189–1199 रिचर्ड प्रथम; 1199–1216 राजा जॉन; 1204 नॉर्मंडी हाथ से गई
- 1215 मैग्ना कार्टा; 1216 जॉन की मृत्यु
- 1272–1307 एडवर्ड प्रथम; 1284 रुडलन अधिनियम; 1295 'मॉडल पार्लियामेंट'
- सामंती व्यवस्था: राजा → बैरन व बिशप → नाइट → किसान
- विलेन (कृषिदास): जागीर से बँधा किसान, श्रम देने वाला
- कॉमन लॉ: पूरे राज्य के लिए एक शाही क़ानून
हल किए गए उदाहरण
1. नॉर्मन विजय और मैग्ना कार्टा के बीच कितने साल बीते?
1215 − 1066 = 149 वर्ष।
2. मैग्ना कार्टा का एक कारण और एक परिणाम बताइए।
कारण: नॉर्मंडी खोने के बाद युद्धों के लिए राजा जॉन के भारी कर और जुर्माने से बैरन नाराज़ थे। परिणाम: इसने यह विचार रखा कि राजा क़ानून के अधीन है और कर पर सहमति चाहिए, जिसने बाद में संसद को आकार दिया।
3. एडवर्ड प्रथम को संसद की ज़रूरत क्यों थी?
वेल्स और स्कॉटलैंड के युद्धों में बहुत पैसा लगता था। जब लॉर्ड, नाइट और नगरवासी संसद में सहमति देते, तो कर वसूलना आसान होता, इसलिए वह बार-बार संसद बुलाता था।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मैग्ना कार्टा ने सबको अधिकार दिए। इसने ज़्यादातर बैरनों और स्वतंत्र लोगों की रक्षा की, विलेन की नहीं।
- हेनरी द्वितीय के बेटों का क्रम उलझाना: पहले रिचर्ड प्रथम (1189), फिर जॉन (1199)।
- कहना कि एडवर्ड प्रथम ने आधुनिक संसद बनाई। उसने इसे ज़्यादा नियमित और व्यापक बनाया, पर यह सदियों तक बदलती रही।
- यह सोचना कि सब किसान एक जैसे थे। कुछ स्वतंत्र थे; कई विलेन जागीर से बँधे थे।