National Year 9 History
अध्याय: 5
1. Church, state and society in medieval Britain 1066-1509
Medieval Britain
- मध्यकालीन इंग्लैंड, 1066–1307: राजा, बैरन और क़ानून कैसे बदले – 1066 की नॉर्मन विजय के बाद इंग्लैंड सामंती व्यवस्था से चला: वफ़ादारी और सेवा के बदले ज़मीन। हेनरी द्वितीय (1154–1189) ने गृहयुद्ध के बाद शाही शक्ति लौटाई, शाही अदालतों और जूरी से कॉमन लॉ बनाया, और आर्चबिशप थॉमस बेकेट से टकराया। रिचर्ड प्रथम ज़्यादातर विदेश में रहा। राजा जॉन ने फ़्रांस की ज़मीनें खोईं, भारी कर लगाए और 1215 में मैग्ना कार्टा मानना पड़ा, जिसने राजा को क़ानून के अधीन रखा। एडवर्ड प्रथम (1272–1307) ने कर और अधिनियमों के लिए संसद का उपयोग किया, वेल्स जीता और स्कॉटलैंड में लंबे युद्ध लड़े। ज़्यादातर लोग गाँवों में किसान थे, जागीर के लॉर्ड और चर्च के अधीन।
2. Church, state and society in Britain 1509-1745
Early modern Britain
- ट्यूडर इंग्लैंड (1485–1603) – ट्यूडर वंश ने 118 साल इंग्लैंड पर राज किया। हेनरी सप्तम ने 1485 में युद्ध जीतकर ताज लिया और उसे सुरक्षित किया: विरोधी परिवार में शादी की, ख़ज़ाना भरा और सामंतों को काबू में रखा। हेनरी अष्टम ने अपनी शादी ख़त्म करने के लिए पोप से नाता तोड़ा, ख़ुद चर्च के प्रमुख बने और मठ बंद कराए। उनके बच्चों के समय धर्म बार-बार बदला: एडवर्ड षष्ठ ने प्रोटेस्टेंट बनाया, मैरी प्रथम ने कैथोलिक पूजा लौटाई, और एलिज़ाबेथ प्रथम ने प्रोटेस्टेंट 'बीच का रास्ता' चुना। पूरी सदी में आबादी और दाम बढ़े, मज़दूरी पीछे रही, ग़रीबी बढ़ी और निर्धन क़ानून बने। स्कॉटलैंड, फ़्रांस और स्पेन से रिश्ते युद्ध और कच्ची शांति के बीच रहे, और 1588 में आर्मडा लौटा दिया गया।
3. Ideas, political power, industry and empire: Britain 1745-1901
Georgian and Victorian Britain
- औद्योगिक क्रांति: कारण, प्रभाव और सुधार (1760–1914) – लगभग 1760 से 1914 के बीच काम घर के हाथ-औज़ारों से हटकर कारख़ानों की मशीनों पर आ गया। पहली लहर (लगभग 1760–1840) ब्रिटेन में कोयला, लोहा, भाप शक्ति और सूती मिलों से शुरू हुई। दूसरी लहर (लगभग 1870–1914) में इस्पात, बिजली, रसायन और तेल आए, और उद्योग पश्चिमी यूरोप, अमेरिका, जापान और रूस तक फैला। शहर तेज़ी से बढ़े; मज़दूरों को लंबे घंटे, बाल श्रम और गंदे घर मिले। मज़दूरों ने संघ बनाए, नए विचारों (उदारवाद, समाजवाद, रूढ़िवाद) में बहस हुई, और सरकारों ने धीरे-धीरे कारख़ाना, स्वास्थ्य और मताधिकार के सुधार किए।
4. Challenges for Britain, Europe and the wider world 1901 to present
Twentieth century and after
- दोनों विश्व युद्ध: कारण, नुक़सान और नई विश्व व्यवस्था – प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) सैन्यवाद, गुटबंदी, साम्राज्यवादी होड़ और राष्ट्रवाद से पैदा हुआ, और 1914 की एक हत्या ने चिंगारी लगाई। उसकी शांति संधि, महामंदी और तानाशाहों के उदय से द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) हुआ। दोनों संपूर्ण युद्ध थे, जिनमें पूरी अर्थव्यवस्था और नई तकनीक लगी। दूसरे युद्ध में लगभग चार गुना लोग मरे, आधे से ज़्यादा आम नागरिक, जिनमें होलोकॉस्ट में मारे गए साठ लाख यहूदी भी हैं। पहले युद्ध के बाद राष्ट्र संघ असफल रहा; दूसरे के बाद संयुक्त राष्ट्र, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948) और उपनिवेशों की आज़ादी ने दुनिया बदल दी।
5. Other required studies
Local history study · British thematic study · Significant world society or issue
- स्थानीय इतिहास: अपनी जगह की कहानी खोजो – स्थानीय इतिहास किसी एक ऐसी जगह का इतिहास है जहाँ तुम जा सकते हो: गाँव, शहर, मोहल्ला, स्कूल या इमारत। तुम एक सवाल पूछते हो, इमारतों, नक्शों, अभिलेखों, फ़ोटो, स्मारकों और लोगों की यादों में सुराग़ ढूँढते हो, और स्थानीय घटनाओं को बड़ी राष्ट्रीय और विश्व घटनाओं से जोड़ते हो। इससे बदलाव और निरंतरता दिखती है, आज के स्थानीय मुद्दे समझ आते हैं और विरासत बचती है।
- इतिहास और स्मृति: हम अतीत को कैसे याद रखते हैं – स्मृति यानी लोग और समूह अतीत को कैसे याद करते हैं; इतिहास यानी सबूतों के आधार पर अतीत का सावधान अध्ययन। किसी घटना के बाद गवाह कुछ पीढ़ियों तक जीवित स्मृति रखते हैं। दस्तावेज़, फ़ोटो, वस्तुएँ और बातचीत जैसे स्रोत ज़्यादा समय तक बचे रहते हैं। समाज याद को स्मारक, संग्रहालय, सड़कों के नाम और स्मृति दिवस में बदलता है। अलग समूह एक ही घटना को अलग तरह से याद कर सकते हैं, इसलिए इतिहासकार स्रोतों की तुलना करके याद को जाँचते हैं और मिथक सुधारते हैं। पुराने अन्याय को याद रखना न्याय और मेल-मिलाप में मदद करता है।
- विश्व इतिहास: किसी समाज को कैसे समझें, और सेनाएँ कैसे बदलीं – विश्व इतिहास एक देश से आगे देखता है कि एक ही समय में अलग-अलग समाज कैसे जीते थे। किसी भी समाज को समझने के लिए पाँच सवाल पूछो: सत्ता किसके पास थी, लोग क्या काम और व्यापार करते थे, क्या मानते थे, क्या बनाते थे, और किससे मिलते थे। 1500–1950 के चार बड़े समाज (मुग़ल भारत, छिंग चीन, रूसी साम्राज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका) दिखाते हैं कि लोगों ने जीवन कितने अलग ढंग से चलाया। सेनाएँ भी बदलीं: भाला-ढाल, फिर घुड़सवार और क़िले, फिर बारूद और तोप, फिर वेतन वाली स्थायी सेना, और आख़िर में रेल और कारखानों वाला औद्योगिक युद्ध। हर बदलाव ने और बदलाव लाए, जैसे मज़बूत केंद्रीय सरकार और ज़्यादा कर।