वायुमंडल क्या है?
पृथ्वी के चारों ओर हवा की परत को वायुमंडल कहते हैं। गुरुत्व इसे पास रखता है। इसके बिना न साँस, न बारिश, न हानिकारक किरणों से बचाव। लगभग 97% हवा ज़मीन से 30 km के अंदर है। ऊपर हवा बहुत पतली हो जाती है।
वायुमंडल की गैसें
- नाइट्रोजन ~78% — सबसे बड़ा हिस्सा।
- ऑक्सीजन ~21% — साँस और आग के लिए ज़रूरी।
- आर्गन ~0.93% — क्रिया न करने वाली गैस।
- कार्बन डाइऑक्साइड ~0.04% — बहुत कम, पर धूप को अंदर आने देती है और बाहर जाती गर्मी रोकती है (ग्रीनहाउस गैस)। कोयला-तेल जलाने से यह बढ़ रही है।
- ओज़ोन — ज़्यादातर 10–50 km ऊपर; पराबैंगनी (UV) किरणें सोखती है।
जलवाष्प और धूलकण
जलवाष्प यानी गैस रूप में पानी। गरम-नम जगहों पर हवा का 4% तक, ठंडे-सूखे इलाकों में लगभग शून्य। यह गर्मी रोकती है और बादल बनाती है। धूलकण (समुद्री नमक, मिट्टी, धुआँ, पराग) छोटे बीज की तरह हैं (आर्द्रताग्राही नाभिक), जिन पर जलवाष्प जमकर बूँद बनती है।
वायुमंडल की संरचना (पाँच परतें)
- क्षोभमंडल (0 से लगभग 13 km; ध्रुवों पर ~8, विषुवत वृत्त पर ~18 km): सारा मौसम यहीं। हर 1 km पर तापमान लगभग 6.5 °C घटता है (सामान्य ह्रास दर)। ऊपरी सीमा = क्षोभसीमा।
- समतापमंडल (~50 km तक): ओज़ोन परत यहीं। ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है क्योंकि ओज़ोन UV सोखती है। हवा शांत।
- मध्यमंडल (50–80 km): तापमान लगभग −100 °C तक, सबसे ठंडी परत। उल्काएँ यहीं जलती हैं।
- तापमंडल (80–400 km): तापमान फिर बढ़ता है। निचला भाग आयनमंडल है, जो रेडियो तरंगों को धरती पर लौटाता है।
- बहिर्मंडल: सबसे ऊपरी परत; हवा इतनी पतली कि अंतरिक्ष में घुल जाती है।
मौसम और जलवायु के तत्व
मौसम = किसी जगह पर थोड़े समय (घंटे या दिन) की हवा की हालत। जलवायु = लंबे समय (लगभग 30 साल) के मौसम का औसत। दोनों के छह तत्व एक ही हैं:
- तापमान
- वायुदाब
- पवन
- आर्द्रता
- बादल
- वर्षण (बारिश, हिम, ओले)
उदाहरण: "आज दिल्ली गरम और सूखी है" = मौसम। "दिल्ली में गर्मी तेज़ और सर्दी ठंडी होती है" = जलवायु।
घर पर करके देखें
7 दिन की मौसम डायरी बनाइए। रोज़ सुबह लिखिए: तापमान (फ़ोन ऐप से), आसमान (साफ़/बादल), हवा (शांत/हल्की/तेज़), बारिश (हाँ/नहीं)। आखिर में अपने शहर के उस हफ़्ते के मौसम पर एक लाइन लिखिए और जलवायु से मिलाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हवा = नाइट्रोजन 78% + ऑक्सीजन 21% + आर्गन 0.93% + CO₂ 0.04% + अन्य
- परतें: क्षोभमंडल → समतापमंडल → मध्यमंडल → तापमंडल → बहिर्मंडल
- सामान्य ह्रास दर: क्षोभमंडल में हर 1 km पर ~6.5 °C तापमान कम
- मौसम = थोड़ा समय; जलवायु = ~30 साल का औसत
- तत्व: तापमान, दाब, पवन, आर्द्रता, बादल, वर्षण
हल किए गए उदाहरण
1. पहाड़ी के नीचे 30 °C है। 2 km ऊपर चोटी पर तापमान कितना होगा?
कमी = 6.5 × 2 = 13 °C। चोटी पर = 30 − 13 = 17 °C।
2. क्षोभमंडल विषुवत वृत्त पर 18 km और ध्रुवों पर 8 km क्यों है?
विषुवत पर तेज़ गर्मी से हवा बहुत ऊपर तक उठती है (संवहन), परत ऊँची हो जाती है। ध्रुवों पर ठंडी भारी हवा नीचे बैठती है, परत पतली रहती है।
3. "मुंबई में हर साल जुलाई में भारी बारिश होती है।" यह मौसम है या जलवायु?
जलवायु, क्योंकि यह कई वर्षों का सामान्य पैटर्न है, एक दिन की बात नहीं।
4. समतापमंडल में ऊपर जाने पर तापमान क्यों बढ़ता है?
ओज़ोन परत सूर्य की UV किरणें सोखकर गरम होती है। इसलिए यह परत अंदर से गरम होती है और ऊपर ज़्यादा गरम है।
आम गलतियाँ
- ऑक्सीजन को हवा की मुख्य गैस कहना। मुख्य गैस नाइट्रोजन (78%) है।
- सोचना कि ऊपर जाने पर तापमान हमेशा घटता है। समतापमंडल और तापमंडल में बढ़ता है।
- मौसम और जलवायु को एक समझना। मौसम आज का, जलवायु लंबा औसत।
- सोचना कि क्षोभमंडल की ऊँचाई हर जगह बराबर है। विषुवत पर मोटा, ध्रुवों पर पतला।