फ़िनिश क्यों लगाते हैं?
फ़िनिश (या सतह उपचार) पदार्थ के बाहरी हिस्से पर लगाई गई परत या की गई प्रक्रिया है। इसके दो मुख्य उद्देश्य हैं:
- रक्षा: संक्षारण रोकना (जंग के लिए पानी + ऑक्सीजन चाहिए), लकड़ी में सड़न और कीड़े, पानी सोखना, धूप की UV से रंग उड़ना, खरोंच और घिसाव, दाग़ और गंदगी, और कभी-कभी आग।
- सौंदर्य: रंग, चमक या मैट रूप, बनावट, चिकना या मुलायम स्पर्श, या लकड़ी के प्राकृतिक रेशे दिखाना।
पहले सतह की तैयारी ज़रूरी है: लकड़ी को रेगमाल से घिसना, धातु से चिकनाई और जंग हटाना। गंदी सतह पर फ़िनिश जल्दी उखड़ती है।
लकड़ी और निर्मित बोर्ड की फ़िनिश
- पेंट: रंगीन, अपारदर्शी, सील करने वाला; आमतौर पर प्राइमर → अंडरकोट → टॉप कोट। रेशे छिपते हैं।
- वार्निश / लैकर: पारदर्शी, सख़्त, जलरोधी परत (चमकदार, साटन या मैट); रेशे दिखते रहते हैं। पॉलीयूरेथेन वार्निश बहुत मज़बूत।
- तेल (जैसे सागौन या अलसी का तेल) और मोम: अंदर सोखते या पतली परत बनाते, प्राकृतिक रूप; बार-बार लगाना पड़ता है।
- वुड स्टेन: रंग बदलता, रेशे दिखते; ऊपर पारदर्शी परत के बिना कम सुरक्षा।
- परिरक्षक: बाहर की लकड़ी (बाड़, शेड) में सोखकर फफूँद और कीड़ों से बचाते हैं।
- MDF और चिपबोर्ड पर विनियर और लैमिनेट: रूप और घिसाव-रोध के लिए असली लकड़ी या प्लास्टिक की पतली परत।
धातुओं की फ़िनिश
- पेंट: धातु से चिपकने वाला प्राइमर, फिर ऊपरी परतें। सस्ता, कोई भी रंग, पर टूटने पर जंग शुरू हो सकता है।
- पाउडर कोटिंग: सूखा प्लास्टिक पाउडर आवेशित धातु पर छिड़का जाता, फिर गर्म करने पर पिघलकर समान, मज़बूत परत। विलायक नहीं; साइकिल, बगीचे का फ़र्नीचर, उपकरण।
- गैल्वनीकरण: स्टील को पिघले ज़िंक में डुबोना। ज़िंक लोहे से पहले अभिक्रिया करता है (बलिदानी सुरक्षा), इसलिए खरोंच पर भी जल्दी जंग नहीं। खंभे, रेलिंग, छत की चादरें, बाल्टियाँ।
- विद्युत लेपन: बिजली से दूसरी धातु (क्रोम, निकल, ज़िंक, चाँदी, सोना) की पतली परत; चमक और संक्षारण-रोध; नल, चम्मच, गहने।
- एनोडाइज़िंग (एल्युमिनियम): विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया प्राकृतिक ऑक्साइड परत को मोटा करती है, वह सख़्त और संक्षारण-रोधी बनती है; चमकीले रंग दिए जा सकते हैं। फ़ोन, टॉर्च, बोतलें।
- औज़ारों के हैंडल पर डिप कोटिंग, पॉलिश और चमकीले स्टील पर तेल/लैकर भी विकल्प हैं। स्टेनलेस स्टील और कुछ मिश्रधातुएँ स्वयं-फ़िनिश होती हैं।
पॉलिमर, कागज़ और बोर्ड की फ़िनिश
पॉलिमर अक्सर स्वयं-फ़िनिश होते हैं: रंग पहले से मिला होता है और साँचा सतह को चमक या बनावट देता है, अलग परत नहीं चाहिए। अतिरिक्त फ़िनिश: पॉलिश (एक्रिलिक के कटे किनारे), छपाई (लोगो की स्क्रीन या पैड प्रिंटिंग), विनाइल स्टिकर और फ़्लेम पॉलिशिंग।
कागज़ और बोर्ड: लैमिनेशन (मज़बूती और जलरोध के लिए पतली प्लास्टिक फ़िल्म), UV वार्निश (चमकदार हिस्से), एम्बॉसिंग/डिबॉसिंग (उभरी या दबी आकृतियाँ), फ़ॉइल ब्लॉकिंग (धात्विक रूप)। ये पैकेजिंग और किताब के कवर को आकर्षक बनाते हैं पर पुनर्चक्रण कठिन कर सकते हैं।
वस्त्रों की फ़िनिश
कपड़े की फ़िनिश उसके रूप, स्पर्श या प्रदर्शन को बदलती है।
- यांत्रिक: ब्रशिंग/नैपिंग (मुलायम, गर्म सतह), कैलेंडरिंग (गर्म रोलरों में दबाकर चमक), पहले से सिकोड़ना (सिकुड़न-रोध)।
- रासायनिक: जल-विकर्षक परत, दाग़-रोधी, अग्नि-मंदक (बच्चों के रात के कपड़े, पर्दे), सिलवट-रोधी, जीवाणु-रोधी, कीट-रोधी।
- लैमिनेटेड झिल्ली वाले कपड़े: बहुत पतली सूक्ष्म-छिद्री फ़िल्म (अक्सर PTFE या पॉलीयूरेथेन) बाहरी कपड़े और अस्तर के बीच चिपकाई जाती है। इसके छिद्र बारिश की बूँद से बहुत छोटे पर जलवाष्प के अणु से बड़े हैं, इसलिए कपड़ा जलरोधी भी और साँस लेने वाला भी। रेन जैकेट, ट्रेकिंग जूते और टेंट में।
कुछ फ़िनिश धुलाई से उतर जाती हैं और कुछ रसायन पर्यावरण को नुक़सान करते हैं, इसलिए नई फ़िनिश टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की कोशिश होती है।
फ़िनिश का चुनाव
पूछिए: (1) पदार्थ क्या है? (ज़िंक और एनोडाइज़िंग धातु के लिए; वार्निश लकड़ी के लिए)। (2) कहाँ इस्तेमाल होगा? (बाहर, गीला, खाने के संपर्क में, बच्चे)। (3) कैसा रूप चाहिए? (4) लागत और पैमाना (एक चीज़ के लिए स्प्रे पेंट, बैच के लिए पाउडर कोटिंग)। (5) टिकाऊपन और रखरखाव। (6) स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण: कम VOC वाले पानी-आधारित पेंट, ज़हरीली भारी धातुएँ नहीं, और ऐसी फ़िनिश जो पुनर्चक्रण न रोके।
करके देखें
घर या स्कूल में घूमकर पाँच अलग फ़िनिश खोजिए: पेंट की दीवार, वार्निश की मेज़, गैल्वनीकृत पाइप या खंभा (फीका धूसर, कभी-कभी क्रिस्टल जैसा पैटर्न), एनोडाइज़्ड या पाउडर-कोटेड चीज़, लैमिनेटेड कार्ड। वार्निश वाली सतह और खुली लकड़ी या गत्ते पर (पूछकर) पानी की एक बूँद डालिए। कौन सोखता है? फिर 3D का आख़िरी चरण आज़माइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- फ़िनिश = रक्षा + सौंदर्य
- जंग के लिए पानी + ऑक्सीजन चाहिए; फ़िनिश इन्हें रोकती है
- गैल्वनीकरण = स्टील पर ज़िंक की परत (बलिदानी सुरक्षा)
- एनोडाइज़िंग = विद्युत-अपघटन से एल्युमिनियम की ऑक्साइड परत मोटी करना
- पाउडर कोटिंग = छिड़का पाउडर + गर्म करना = मज़बूत समान परत
- लैमिनेटेड झिल्ली = छिद्र बूँद से छोटे, भाप से बड़े
हल किए गए उदाहरण
1. स्टील के बगीचे के गेट के लिए फ़िनिश चुनिए और कारण बताइए।
गैल्वनीकरण (या गैल्वनीकरण के बाद पाउडर कोटिंग)। ज़िंक बारिश से स्टील बचाता है और खरोंच वाली जगह भी बचाता है, इसलिए गेट बाहर कम देखभाल में सालों चलता है।
2. डिज़ाइनर चाहता है कि ओक की मेज़ के रेशे दिखें और गिरा पानी नुक़सान न करे। कौन-सी फ़िनिश?
पारदर्शी पॉलीयूरेथेन वार्निश या लैकर: पारदर्शी है तो रेशे दिखते हैं, और सख़्त जलरोधी परत बनती है।
3. फ़ोन का एल्युमिनियम केस पेंट की जगह अक्सर एनोडाइज़्ड क्यों होता है?
एनोडाइज़िंग ऑक्साइड परत को मोटा और सख़्त करती है, खरोंच और संक्षारण रोकती है, और रंगी जा सकती है। पेंट हाथ लगने से उखड़ और घिस जाता।
4. समझाइए कि लैमिनेटेड झिल्ली वाली जैकेट जलरोधी होकर भी पसीना कैसे बाहर जाने देती है।
झिल्ली में बहुत छोटे छिद्र हैं। बारिश की बूँदें छिद्रों से बहुत बड़ी हैं, अंदर नहीं आतीं। पसीने की भाप अलग-अलग अणुओं से बनी है जो छिद्रों से छोटे हैं, इसलिए बाहर निकल जाती है।
5. कई प्लास्टिक उत्पादों को अलग फ़िनिश क्यों नहीं चाहिए? एक कारण।
वे स्वयं-फ़िनिश हैं: रंग पॉलिमर में मिला है और साँचा चिकनी, चमकदार या बनावट वाली सतह देता है, जिससे समय और लागत बचती है।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि वुड स्टेन लकड़ी की अच्छी रक्षा करता है। स्टेन मुख्य रूप से रंग बदलता है; ऊपर वार्निश या तेल चाहिए।
- यह कहना कि गैल्वनीकरण में टिन या क्रोम लगता है। गैल्वनीकरण ज़िंक की परत है।
- यह मानना कि एनोडाइज़िंग स्टील पर होती है। यह मुख्यतः एल्युमिनियम (और कुछ अन्य अलौह धातुओं) के लिए है।
- सतह की तैयारी भूल जाना। चिकनी या जंग लगी धातु पर पेंट जल्दी उखड़ता है।