दो ऑक्साइड, एक कार्बन
कार्बन भरपूर हवा में जलता है तो कार्बन डाइऑक्साइड, CO₂ बनती है। हवा कम हो तो कार्बन मोनोऑक्साइड, CO बनती है। दोनों रंगहीन और गंधहीन हैं, इसलिए हम इन्हें महसूस नहीं कर सकते।
C + O₂ → CO₂ (भरपूर हवा)। 2C + O₂ → 2CO (कम हवा)।
कार्बन डाइऑक्साइड के गुण
- रंगहीन, गंधहीन; घुलने पर हल्का खट्टा स्वाद।
- हवा से लगभग 1.5 गुना भारी।
- न जलती है, न जलने में मदद करती है।
- पानी में थोड़ी घुलकर दुर्बल कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) बनाती है, इसलिए नीले लिटमस को हल्का लाल करती है।
- चूने के पानी को दूधिया करती है।
- दाब से द्रव बनती है; ठोस CO₂ शुष्क बर्फ़ (ड्राई आइस) है, जो लगभग −78 °C पर सीधे गैस बन जाती है (ऊर्ध्वपातन)।
कार्बन डाइऑक्साइड के उपयोग
- पौधे प्रकाश संश्लेषण में इससे भोजन बनाते हैं।
- शीतल पेय और सोडा वाटर में झाग।
- अग्निशामक: भारी गैस आग को ढक लेती है और हवा को दूर रखती है।
- ड्राई आइस आइसक्रीम और टीकों को ठंडा रखती है और मंच पर धुआँ बनाती है।
- बेकिंग में फुलाने के लिए: CO₂ के बुलबुले आटे को फुलाते हैं।
कार्बन मोनोऑक्साइड: ज़हरीली क्यों?
CO अपूर्ण दहन में बनती है: बंद गैराज में चलता इंजन, बंद कमरे में कोयले की आग, ख़राब गैस गीज़र।
लाल रक्त कोशिकाएँ हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन ले जाती हैं। CO हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कहीं ज़्यादा मज़बूती से चिपकती है और आसानी से नहीं छोड़ती। इसलिए मस्तिष्क और हृदय को कम ऑक्सीजन मिलती है। लक्षण: सिरदर्द, चक्कर, नींद। व्यक्ति को खुली हवा में ले जाओ और चिकित्सा सहायता बुलाओ।
CO नीली लौ से जलकर CO₂ बनाती है: 2CO + O₂ → 2CO₂।
अपचायक के रूप में कार्बन मोनोऑक्साइड
अपचायक वह पदार्थ है जो दूसरे पदार्थ से ऑक्सीजन छीन लेता है। CO उच्च ताप पर धातु ऑक्साइड के साथ ऐसा करती है, जैसे प्रमार्जक भट्ठी (ब्लास्ट फर्नेस) में:
Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂
लोहे का ऑक्साइड ऑक्सीजन खोता है (लोहे में अपचयित होता है)। CO ऑक्सीजन पाती है (CO₂ में उपचयित होती है)। दोनों साथ होते हैं, इसे अपचयोपचय (रेडॉक्स) अभिक्रिया कहते हैं।
ग्रीनहाउस प्रभाव
पृथ्वी को सूर्य का प्रकाश मिलता है। गर्म ज़मीन ऊष्मा बाहर भेजती है। CO₂, मीथेन और जलवाष्प जैसी गैसें उस ऊष्मा का कुछ भाग सोख लेती हैं और कुछ वापस ज़मीन की ओर भेजती हैं। यह प्राकृतिक कंबल पृथ्वी को लगभग 15 °C पर रखता है। इसके बिना तापमान लगभग −18 °C होता।
कोयला, तेल और गैस जलाने और जंगल काटने से CO₂ बढ़ती है। मोटा कंबल ज़्यादा ऊष्मा रोकता है, इसलिए दुनिया गर्म होती है। इसे वैश्विक तापन कहते हैं। पेड़ लगाना, ऊर्जा बचाना और स्वच्छ ऊर्जा अपनाना मदद करता है।
करके देखो: भारी गैस उँडेलना
ऊँचे गिलास में चुटकी भर खाने का सोडा और थोड़ा सिरका डालो। झाग बनने पर गिलास (तरल नहीं) को छोटी जलती मोमबत्ती के ऊपर ऐसे झुकाओ जैसे पानी उँडेल रहे हो। मोमबत्ती बुझ जाती है। जो गैस दिखती नहीं, वह हवा से भारी है। किसी बड़े की निगरानी में करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- C + O₂ → CO₂
- 2C + O₂ → 2CO
- 2CO + O₂ → 2CO₂
- Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂
- CO₂ + H₂O ⇌ H₂CO₃
- Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O
हल किए गए उदाहरण
1. CO₂ और CO बनने के तरीके में एक अंतर बताओ।
भरपूर हवा में कार्बन जलने पर CO₂ बनती है। कम हवा में (अपूर्ण दहन) CO बनती है।
2. CO₂ अग्निशामक आग क्यों बुझाता है?
गैस हवा से भारी है और जलती नहीं। वह आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन को दूर रखती है।
3. CO को "मूक हत्यारा" क्यों कहते हैं?
वह रंगहीन और गंधहीन है और हीमोग्लोबिन को रोककर शरीर को ऑक्सीजन से वंचित करती है, इसलिए व्यक्ति को देर से पता चलता है।
4. Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂ में अपचायक कौन है और अपचयित क्या होता है?
CO अपचायक है। Fe₂O₃ (लोहे का ऑक्साइड) लोहे में अपचयित होता है।
5. 2 मोल Fe₂O₃ के लिए कितने मोल CO चाहिए?
1 मोल Fe₂O₃ को 3 मोल CO चाहिए, अतः 2 मोल को 6 मोल।
6. 28 g CO पूरी तरह जलती है। कितनी CO₂ बनेगी? (CO = 28 g/mol, CO₂ = 44 g/mol)
28 g CO = 1 मोल। 2CO + O₂ → 2CO₂ से 1 मोल CO₂। द्रव्यमान = 44 g।
आम गलतियाँ
- CO₂ को भी CO जैसी ज़हरीली मान लेना। थोड़ी CO₂ ज़हरीली नहीं है, पर बंद जगह में बहुत ज़्यादा CO₂ ऑक्सीजन हटाकर दम घोंट सकती है।
- CO की लौ पीली बताना। वह नीली लौ से जलती है।
- "CO₂ अपचायक है" कहना। अपचायक CO है।
- ग्रीनहाउस प्रभाव को अपने-आप में बुरा मानना। प्राकृतिक प्रभाव पृथ्वी को गर्म रखता है; अतिरिक्त CO₂ समस्या है।