खाद्य विज्ञान, प्रसंस्करण और प्रौद्योगिकी
खाद्य विज्ञान पढ़ता है कि भोजन किससे बना है और कैसे बदलता है। खाद्य प्रसंस्करण कच्ची फसल और पशु उत्पादों को ज़्यादा सुरक्षित, स्वादिष्ट या टिकाऊ भोजन में बदलता है: धोना, काटना, पकाना, सुखाना, पीसना, पैक करना। खाद्य प्रौद्योगिकी यही काम विज्ञान और मशीनों से बड़े पैमाने पर करती है, और खाद्य विनिर्माण कारखाने में ब्रेड, बिस्कुट, जूस, नूडल्स जैसे तैयार भोजन बनाना है।
प्रसंस्करण के स्तर
- न्यूनतम प्रसंस्कृत: साफ, कटा या ठंडा किया, लगभग ताज़ा (धुला सलाद, जमे मटर, पाश्चरीकृत दूध)।
- मध्यम प्रसंस्कृत: रूप बदला (आटा, पनीर, जैम, डिब्बाबंद राजमा)।
- अधिक प्रसंस्कृत: कई चरण और मिलाई गई चीज़ें (चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, कोल्ड ड्रिंक)।
भोजन क्यों खराब होता है और परिरक्षण क्यों ज़रूरी है
भोजन खराब होने के पाँच मुख्य कारण:
- सूक्ष्मजीव: जीवाणु, फफूँद और यीस्ट गर्म, नम भोजन में तेज़ी से बढ़ते हैं। कुछ केवल स्वाद बिगाड़ते हैं; कुछ खाद्य विषाक्तता करते हैं।
- एंज़ाइम: कटाई के बाद भी भोजन के अपने एंज़ाइम काम करते रहते हैं (कटा सेब भूरा होता है, केला ज़्यादा पक जाता है)।
- हवा: ऑक्सीजन वसा को बासी (विकृतगंधी) बनाती है।
- नमी और तापमान इन सबको तेज़ करते हैं।
- कीट और चोट: कीड़े, चूहे और दबना-कुचलना।
परिरक्षण क्यों?
- भोजन खाने के लिए सुरक्षित रहे।
- बर्बादी घटे: कई देशों में फल-सब्ज़ियों का बड़ा हिस्सा कटाई के बाद नष्ट हो जाता है।
- मौसमी भोजन साल भर मिले और दूर तक भेजा जा सके।
- बाद में बेचकर या उत्पाद बनाकर ज़्यादा कमाई हो।
खाद्य परिरक्षण की विधियाँ
| विधि | क्या हटाती या करती है | उदाहरण |
|---|---|---|
| सुखाना / निर्जलीकरण | पानी हटाती है | किशमिश, सूखी मछली, दूध पाउडर, पापड़ |
| नमक या चीनी | परासरण से सूक्ष्मजीवों का पानी खींचती है | नमकीन मछली, जैम, मुरब्बा, जेली |
| प्रशीतन (0–5 °C) | सूक्ष्मजीव और एंज़ाइम धीमे | दूध, सब्ज़ियाँ |
| हिमीकरण (−18 °C) | वृद्धि लगभग बंद; पानी बर्फ बन जाता है | जमे मटर, मांस, आइसक्रीम |
| पाश्चरीकरण | हल्की गर्मी से ज़्यादातर हानिकारक सूक्ष्मजीव मरते हैं (लगभग 72 °C पर 15 सेकंड) | दूध, जूस |
| उबालना, निर्जीवीकरण, कैनिंग | बंद डिब्बे में तेज़ गर्मी | डिब्बाबंद राजमा, UHT दूध |
| अम्ल (अचार) और किण्वन | कम pH ज़्यादातर सूक्ष्मजीव रोकता है | अचार, दही, किमची |
| धुआँ देना | सुखाता है और रोगाणुरोधी धुआँ जोड़ता है | धुएँ में पकी मछली और मांस |
| अनुमत परिरक्षक | सुरक्षित मात्रा में रसायन (सोडियम बेंज़ोएट, पोटैशियम मेटाबाइसल्फ़ाइट) | शरबत, सॉस |
| वैक्यूम / संशोधित वायु पैकिंग | ऑक्सीजन हटाती है | पैक पनीर, कॉफ़ी |
| किरणन (इरैडिएशन) | नियंत्रित विकिरण सूक्ष्मजीव मारता है, अंकुरण रोकता है | मसाले, कुछ देशों में प्याज़ |
नाशवानता के आधार पर भोजन का वर्गीकरण
- शीघ्र नाशवान: ठंडा न रखें तो कुछ दिनों में खराब: दूध, मांस, मछली, अंडे, मुलायम फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ।
- अर्ध-नाशवान: ठंडी, सूखी जगह पर हफ्तों से कुछ महीने: आलू, प्याज़, सेब, मेवे, आटा।
- अनाशवान (टिकाऊ): सूखे में कई महीने: अनाज, दालें, चीनी, नमक, सूखे मसाले, डिब्बाबंद भोजन।
भोजन में जितना ज़्यादा पानी, वह आमतौर पर उतनी जल्दी खराब होता है।
कटाई उपरांत भंडारण और मूल्य संवर्धन
भंडारण
कटाई के बाद फसल को साफ करना, श्रेणीकरण (ग्रेडिंग) करना, सुरक्षित नमी तक सुखाना (अनाज के लिए लगभग 12–14%) और भंडारित करना होता है। अच्छा भंडार पानी, कीट और चूहों को बाहर रखता है।
- अनाज: पारंपरिक कोठियाँ, धातु के साइलो, वायुरोधी थैले, धूमन (फ्यूमिगेशन) वाले गोदाम।
- फल-सब्ज़ी: शीतल कक्ष, शीत भंडार (कोल्ड स्टोरेज) और नियंत्रित वायु भंडार; शीत शृंखला (कोल्ड चेन) भोजन को खेत से दुकान तक ठंडा रखती है।
मूल्य संवर्धन
मूल्य संवर्धन का अर्थ है कच्चे उत्पाद को बदलना ताकि वह ज़्यादा दाम पर बिके: श्रेणीकरण और पैकिंग, या नया उत्पाद बनाना।
- टमाटर → प्यूरी, केचप, सॉस।
- दूध → दही, पनीर, चीज़, घी।
- गेहूँ → आटा → ब्रेड और बिस्कुट।
- आम → गूदा, जूस, अचार, आमपापड़।
इससे रोज़गार बनता है, बर्बादी घटती है और खेती की आय बढ़ती है।
करके देखिए: ब्रेड का प्रयोग
ब्रेड के तीन टुकड़े रखिए: एक बंद थैली में शेल्फ पर, एक फ्रिज में, एक धूप में सुखाकर। हर एक पर फफूँद किस दिन दिखी, लिखिए। शेल्फ वाला आमतौर पर सबसे पहले (गर्म और नम), फ्रिज वाला बाद में (ठंडा), और सूखे पर शायद फफूँद लगे ही नहीं (पानी नहीं)। आपने 'पा-ह-ग-स' के दो अक्षर जाँच लिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सूक्ष्मजीवों को चाहिए पानी + गर्मी + भोजन + समय; एक हटाओ तो भोजन बचे
- जीवाणुओं का खतरा क्षेत्र: लगभग 5 °C से 60 °C
- पाश्चरीकरण (HTST): लगभग 72 °C पर 15 सेकंड, फिर तुरंत ठंडा
- हिमीकरण: −18 °C या उससे कम; प्रशीतन: 0–5 °C
- अचार: pH लगभग 4.5 से कम होने पर ज़्यादातर हानिकारक जीवाणु रुकते हैं
- संवर्धित मूल्य = उत्पाद का विक्रय मूल्य − कच्चे माल और प्रसंस्करण की लागत
हल किए गए उदाहरण
1. कमरे के तापमान पर भी जैम जल्दी खराब क्यों नहीं होता?
जैम में बहुत ज़्यादा चीनी होती है। चीनी परासरण से सूक्ष्मजीवों की कोशिकाओं से पानी खींच लेती है, इसलिए वे नहीं बढ़ पाते। भरते समय जार गर्म करके बंद भी किया जाता है।
2. वर्गीकरण कीजिए: चावल, मछली, प्याज़, दूध, चीनी, सेब।
शीघ्र नाशवान: मछली, दूध। अर्ध-नाशवान: प्याज़, सेब। अनाशवान: चावल, चीनी।
3. एक किसान 100 kg टमाटर ₹20/kg पर बेचता है। प्रसंस्करण से 40 kg केचप बनता है जो ₹150/kg बिकता है, और प्रसंस्करण खर्च ₹2,500 है। संवर्धित मूल्य निकालिए।
कच्ची बिक्री = 100 × 20 = ₹2,000। केचप बिक्री = 40 × 150 = ₹6,000। कच्चा बेचने से ज़्यादा = 6,000 − 2,000 − 2,500 = ₹1,500।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि फ्रिज सूक्ष्मजीव मार देता है। वह केवल धीमा करता है; भोजन फिर भी खराब होता है, बस देर से।
- पाश्चरीकृत दूध को पूरी तरह रोगाणु-रहित समझना। इससे ज़्यादातर हानिकारक सूक्ष्मजीव मरते हैं, पर दूध को फिर भी फ्रिज चाहिए।
- पिघले भोजन को बार-बार जमाना। हर बार पिघलने पर सूक्ष्मजीव बढ़ते हैं।
- सभी परिरक्षकों को हानिकारक मानना। कानूनी सीमा में अनुमत परिरक्षक सुरक्षित हैं; नमक, चीनी और सिरका भी परिरक्षक हैं।