कार्य के तीन स्तर
वैज्ञानिक भोजन के कामों को तीन स्तरों में बाँटते हैं:
- पोषण कार्य (मुख्य): शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व देना।
- संवेदी कार्य (दूसरा): रंग, खुशबू, स्वाद, बनावट। इससे भोजन आनंददायक बनता है।
- शरीर-नियंत्रक कार्य (तीसरा): बुनियादी पोषक तत्वों से आगे बढ़कर शरीर को रक्षा करने और ठीक चलने में मदद।
पोषक तत्व भोजन का वह उपयोगी पदार्थ है जैसे प्रोटीन या विटामिन C।
पोषण कार्य: ऊर्जा, वृद्धि और सुरक्षा
पोषण कार्य के तीन भाग हैं:
- ऊर्जा देने वाले भोजन: कार्बोहाइड्रेट (चावल, गेहूँ, चीनी) और वसा (तेल, मक्खन)। वसा प्रति ग्राम लगभग 9 kcal देती है; कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन लगभग 4 kcal प्रति ग्राम।
- शरीर बनाने वाले भोजन: प्रोटीन (दाल, अंडा, दूध, मछली) बढ़ने के लिए नई कोशिकाएँ बनाते हैं और घिसी कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं। कैल्शियम हड्डियाँ बनाता है।
- रक्षक और नियंत्रक भोजन: फल, सब्ज़ियों और दूध के विटामिन और खनिज। ये कीटाणुओं से लड़ने और शरीर की क्रियाएँ चलाने में मदद करते हैं, जैसे खून के लिए आयरन और थायरॉइड के लिए आयोडीन।
पानी भी ज़रूरी है: वह पोषक तत्व पहुँचाता है और शरीर का तापमान ठीक रखता है।
संवेदी कार्य: स्वाद क्यों मायने रखता है
हम पहले आँख, नाक और जीभ से खाते हैं। चमकीला रंग, अच्छी खुशबू और कुरकुरापन खाने का मन बनाते हैं। इनसे मुँह और पेट भी तैयार होते हैं: अच्छी खुशबू आने पर लार और पाचन रस बनने लगते हैं।
अगर खाना फीका हो या बदबू आए, तो हम कम खाते हैं और पूरे पोषक तत्व नहीं मिलते। संस्कृतियों में त्योहार और मिल-बाँटकर खाना भी भोजन को आनंद बनाता है।
शरीर-नियंत्रक कार्य और कार्यात्मक भोजन
कुछ भोजन-अंश पोषक तत्व नहीं हैं, फिर भी सेहत के लिए अच्छे हैं:
- आहारी रेशा (साबुत अनाज, सब्ज़ियाँ) आँतों को चलाता है और खून में चीनी का बढ़ना धीमा करता है।
- एंटीऑक्सीडेंट (बेरी, ग्रीन टी) कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
- प्रोबायोटिक (दही) दोस्त बैक्टीरिया हैं जो आँतों की मदद करते हैं।
इन अतिरिक्त फ़ायदों के लिए बिकने वाले भोजन कार्यात्मक भोजन (functional foods) कहलाते हैं। ये दवा नहीं हैं और संतुलित आहार की जगह नहीं ले सकते।
करके देखें: टिफ़िन की जाँच
अपना टिफ़िन या रात का खाना देखें। खाने के नाम लिखें। हर नाम के आगे ऊ (ऊर्जा), ब (बढ़ना) या र (रक्षा) लिखें। कोई काम छूट रहा है? पहले अंदाज़ा लगाएँ, फिर जाँचें: ज़्यादातर भोजन में र यानी फल या सब्ज़ी कम होती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- तीन कार्य: पोषण, संवेदी, शरीर-नियंत्रक
- पोषण कार्य: ऊर्जा + वृद्धि/मरम्मत + सुरक्षा/नियंत्रण
- ऊर्जा: वसा ≈ 9 kcal/g; कार्बोहाइड्रेट ≈ 4 kcal/g; प्रोटीन ≈ 4 kcal/g
- ऊर्जा देने वाले: कार्बोहाइड्रेट, वसा; शरीर बनाने वाले: प्रोटीन; रक्षक: विटामिन, खनिज
हल किए गए उदाहरण
1. हर भोजन को उसके काम से मिलाइए: चावल, अंडा, संतरा।
चावल: ऊर्जा। अंडा: बढ़ना और मरम्मत (प्रोटीन)। संतरा: सुरक्षा (विटामिन C)।
2. ताज़ा पके खाने की खुशबू से भूख क्यों लगती है?
यह संवेदी कार्य है। खुशबू दिमाग को बताती है कि खाना अच्छा है, और मुँह में लार बनने लगती है।
3. 20 ग्राम वसा खाई गई। कितनी ऊर्जा मिलेगी?
वसा से प्रति ग्राम लगभग 9 kcal मिलती है। 20 × 9 = 180 kcal।
4. एक भोजन में 50 g कार्बोहाइड्रेट और 10 g प्रोटीन है। ऊर्जा का अंदाज़ा लगाइए।
दोनों से लगभग 4 kcal/g। कार्बोहाइड्रेट: 50 × 4 = 200 kcal। प्रोटीन: 10 × 4 = 40 kcal। कुल लगभग 240 kcal।
5. क्या दही कार्यात्मक भोजन है? क्यों?
हाँ। प्रोटीन और कैल्शियम के अलावा उसमें प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जो आँतों की मदद करते हैं। यह अतिरिक्त फ़ायदा उसे कार्यात्मक भोजन बनाता है।
आम गलतियाँ
- सोचना कि भोजन सिर्फ़ ऊर्जा के लिए है। बढ़ना, सुरक्षा और आनंद भी ज़रूरी हैं।
- रेशे को ऊर्जा देने वाला कहना। रेशा लगभग पचता नहीं, पर आँतों के लिए अच्छा है।
- कार्यात्मक भोजन को दवा समझना। ये सेहत में मदद करते हैं, बीमारी ठीक नहीं करते।
- वसा और कार्बोहाइड्रेट की ऊर्जा गड़बड़ाना: वसा से प्रति ग्राम दोगुनी से ज़्यादा कैलोरी मिलती है।