भोजन किससे बना है? घटक और वर्गीकरण
भोजन वह है जो हम जीने और स्वस्थ रहने के लिए खाते-पीते हैं। हर भोजन में छह घटक होते हैं: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और पानी। भोजनों में फ़र्क सिर्फ़ मात्रा का है। चावल में ज़्यादातर कार्बोहाइड्रेट है। अंडे में प्रोटीन ज़्यादा है। मक्खन में ज़्यादातर वसा है।
भोजन को कई तरह से वर्गीकृत (छाँटा) जाता है। पढ़ाई के लिए सबसे काम का तरीका है स्रोत और बदलाव के आधार पर:
- पौधों के भोजन और उनसे बने प्रसंस्कृत पदार्थ
- जानवरों के भोजन और उनसे बने प्रसंस्कृत पदार्थ
- निकाले गए घटक: भोजन से निकाला एक हिस्सा
- मसाले, मीठे पदार्थ और पेय (आनंद वाले भोजन)
दूसरे तरीके भी हैं: मुख्य पोषक तत्व से (ऊर्जा देने वाले, शरीर बनाने वाले, रक्षा करने वाले) या खराब होने की गति से।
पौधों के भोजन और उनके प्रसंस्कृत पदार्थ
पौधों के भोजन बीज, जड़, तने, पत्तों और फलों से मिलते हैं। मुख्य प्रकार:
- अनाज (चावल, गेहूँ, मक्का): ज़्यादातर स्टार्च, ऊर्जा का मुख्य भोजन।
- दालें और सोया: अच्छा पौधों वाला प्रोटीन।
- आलू और जड़ें: स्टार्च।
- सब्ज़ियाँ और फल: विटामिन, खनिज और रेशा, साथ में बहुत पानी।
- मेवे और तिलहन: वसा और प्रोटीन।
प्रसंस्कृत पौधा-भोजन पीसने, पकाने, खमीर उठाने या सुखाने से बनते हैं: गेहूँ से आटा, आटे से नूडल्स, सोया दूध से टोफू, सूखे फल, अचार।
जानवरों के भोजन और उनके प्रसंस्कृत पदार्थ
जानवरों के भोजन हैं दूध, अंडे, मांस, मुर्गी और मछली। इनसे पूर्ण प्रोटीन (शरीर के लिए ज़रूरी सारे प्रोटीन-हिस्से) मिलता है, साथ में वसा, विटामिन B12 और आयरन या कैल्शियम। दूध और अंडे जानवर को मारे बिना मिलते हैं, इसलिए जो शाकाहारी इन्हें खाते हैं उनके लिए ठीक हैं।
प्रसंस्कृत जानवर-भोजन: दूध से दही, पनीर, चीज़ और मक्खन; सुखाई या डिब्बाबंद मछली; मांस से सॉसेज और हैम। प्रसंस्करण से भोजन ज़्यादा दिन चलता है या स्वाद बदलता है।
निकाले गए घटक वाली सामग्री
कभी-कभी कारखाने किसी भोजन से सिर्फ़ एक घटक निकालकर अकेला इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण: बीजों से दबाकर निकला तेल (वसा), गन्ने से चीनी (कार्बोहाइड्रेट), मक्का या आलू से स्टार्च, दूध या सोया से प्रोटीन पाउडर, जानवरों की हड्डी-खाल से जिलेटिन, और फल के छिलके से पेक्टिन।
इन्हें सामग्री की तरह इस्तेमाल करते हैं: तेल तलने में, स्टार्च गाढ़ा करने में, पेक्टिन जैम जमाने में। ये गाढ़े होते हैं, इसलिए थोड़ा ही काफ़ी है।
मसाले, मीठे पदार्थ, सुगंध और पेय
यह समूह स्वाद और आनंद के लिए खाया जाता है, शरीर को ईंधन देने के लिए नहीं।
- मसाला या सीज़निंग स्वाद देते हैं: नमक, सिरका, सोया सॉस।
- मीठे पदार्थ: चीनी, शहद, गुड़।
- मसाले खुशबू और रंग देते हैं: हल्दी, मिर्च, काली मिर्च, जीरा।
- आनंद वाले पेय: चाय, कॉफ़ी, कोको, शीतल पेय। चाय-कॉफ़ी में कैफ़ीन होता है जो दिमाग को चौकन्ना करता है।
इन्हें थोड़ी मात्रा में लें। बहुत नमक या चीनी सेहत बिगाड़ सकती है।
करके देखें: रसोई छाँटें
किसी बड़े से कहकर रसोई की 10 चीज़ें देखें। हर चीज़ को एक डिब्बे में लिखें: पौधा, जानवर, निकाला हुआ या मसाला। फिर 3 चीज़ें चुनकर लिखें कि वे कच्ची हैं या प्रसंस्कृत। पहले अंदाज़ा लगाएँ: किस डिब्बे में सबसे ज़्यादा चीज़ें होंगी? फिर गिनकर देखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- छह घटक: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, पानी
- चार समूह (PAES): पौधा, जानवर, निकाला हुआ, मसाला व पेय
- कच्चा भोजन + प्रसंस्करण = प्रसंस्कृत भोजन (आटा, दही, टोफू, चीज़)
- निकाला गया घटक = एक हिस्सा अलग किया (तेल, चीनी, स्टार्च, प्रोटीन पाउडर)
हल किए गए उदाहरण
1. इन्हें सही समूह में रखें: गेहूँ, अंडा, चीनी, हल्दी।
गेहूँ: पौधे का भोजन। अंडा: जानवर का भोजन। चीनी: निकाला गया घटक (गन्ने से)। हल्दी: मसाला।
2. दूध जानवर का भोजन है। उससे बनी दो प्रसंस्कृत चीज़ें बताइए और उनका समूह लिखिए।
दही और पनीर (या चीज़)। ये प्रसंस्कृत जानवर-भोजन हैं क्योंकि दूध को बदलकर बने हैं।
3. खाना पकाने का तेल पौधे का भोजन है, निकाला घटक है या मसाला? समझाइए।
यह निकाला गया घटक है। कारखाने सरसों या मूँगफली जैसे बीजों से सिर्फ़ वसा दबाकर निकालते हैं।
4. चाय को आनंद वाला भोजन क्यों कहते हैं, ऊर्जा वाला क्यों नहीं?
चाय स्वाद और कैफ़ीन की ताज़गी के लिए पीते हैं। सादी चाय में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन या वसा लगभग नहीं होते, इसलिए ईंधन नहीं मिलता।
5. पैकेट पर लिखा है: गेहूँ का आटा, नमक, तेल। हर सामग्री का समूह बताइए।
गेहूँ का आटा: प्रसंस्कृत पौधा-भोजन। नमक: मसाला। तेल: निकाला गया घटक।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि प्रसंस्कृत मतलब हमेशा खराब। आटा, दही और टोफू प्रसंस्कृत हैं और सेहतमंद भी।
- चीनी या तेल को पौधों के भोजन में रखना। ये पौधों से आते हैं पर निकाले हुए अंश हैं, इसलिए इनका अलग समूह है।
- अंडे और दूध को पौधे का भोजन कहना क्योंकि जानवर को मारना नहीं पड़ता। वे फिर भी जानवर से आते हैं।
- भूल जाना कि हर भोजन में छहों घटक होते हैं। भोजन बस मात्रा में अलग होते हैं।